प्रमुख नाटक सारांश

1. अन्धेर नगरी अन्धेर नगरी भारतेन्दु द्वारा 1881 ई. में रचित नाट्यकृति है जिसकी रचना उन्होंने एक रात में की थी। इसमें छः दृश्य हैं। आलोच्य कृति में भारतेन्दु जी ने ’अन्धेर नगरी चैपट राजा’ की लोककथा को लेकर समकालीन राजनीतिक चेतना को अभिव्यक्ति दी है। जब राजा मूर्ख होता है तो उसकी मूर्खतापूर्ण नीति […]

hindi grammar book pdf

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रस का अर्थ |रस के भेद |उदाहरण सहित सम्पूर्ण परिचय

रस का अर्थ (ras ka arth) सबसे पहले हम रस के बारें में सामान्य जानकारी प्राप्त करते है  ⇒ भारतीय काव्यशास्त्र के विभिन्न सम्प्रदायों में रस सिद्धान्त सबसे प्राचीन सिद्धान्त है। रस सिद्धान्त का विशद एवं प्रामाणिक विवेचन भरत मुनि के नाट्यशास्त्र में ही सर्वप्रथम उपलब्ध होता है। ⇒ आचार्य विश्वनाथ – ’वाक्यं रसात्मकं काव्यम्’ […]

भारतेन्दु काल पार्ट 1

*भारतेन्दु युग* 👇👇👇👇 1. भारतेंदु की राजभक्ति परक कविता *भारत शिक्षा* है 2.सर सैयद अहमद खां ने हिंदी को गंवारू बोली कहकर उर्दू की हिमायत की 3.रीतिकाल का अंतिम चरण सन 1843 ईस्वी और भारतेन्दु के आगमन 1868 ईस्वी के बीच 25 वर्ष के समय को *सक्रांति काल* कहा गया । महत्वपूर्ण 1. “हमारे मत […]

शिक्षण कौशल#Teaching Skills

                                  शिक्षण कौशल(Teaching Skills) शिक्षण कौशल क्या है  शिक्षण कौशल – प्रत्यक्ष रूप से अध्यापक अधिगम को सरल एवं सहज बनाने के उद्देश्य से किये जाने वाले शिक्षण कार्यों का व्यवहारों का समूह शिक्षण कौशल या अध्यापन कौशल कहलाता […]

उपन्यास के अंग

दोस्तो आज की पोस्ट में हम उपन्यास के अंगो के बारे में विस्तार से जानेंगे  उपन्यास के अंग (Novel parts) उपन्यास के छः प्रमुख अंग माने जाते हैं- 1. कथानक 2. चरित्र-चित्रण 3. कथोपकथन 4. देशकाल या वातावरण 5. शैली  6. उद्देश्य   कथानक(Plot) यद्यपि आधुनिक काल में कथानक का महत्त्व कम समझा जाता है, […]

अभिक्रमित अनुदेशन शिक्षण विधि

अभिक्रमित अनुदेशन शिक्षण विधि (PROGRAMMED INSTRUCTION  Teaching method)    अभिक्रमित अनुदेशन शिक्षण विधि ⇒ अभिक्रमित अध्ययन विधि को अभिक्रमित अनुदेशन अथवा ’अभिक्रमित अधिगम’ भी कहते हैं। यह शिक्षण की आधुनिक तकनीक कहलाती है। यद्यपि इसका प्रयोग प्राचीनकाल में सुकरात ने अपनी प्रश्नोत्तर प्रणाली में किया था। इस विधि के प्रणेता बी .एफ. स्किनर(B.F.Skinner) हैं जिन्होंने […]

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