Category: हिंदी साहित्य

असाध्य वीणा अज्ञेय

दोस्तो आज की पोस्ट में हम अज्ञेय जी की चर्चित रचना असाध्य वीणा के बारे  जानेंगे असाध्य_वीणा : अज्ञेय प्रयोगवाद और नयी कविता के प्रवर्तक “अज्ञेय” जी ने सभी विधाओं में अपनी अदभुत प्रयोगात्मक प्रगति का परिचय दिया है अज्ञेय स्वभाव से ही विद्रोही थे उनकी यह विद्रोही भावना उनके द्वारा रचे साहित्य में भी […]

net hindi solved paper december 2018

net jrf hindi solved paper december 2018 हिन्दी नेट पेपर solved दिसम्बर 2018 हिन्दी साहित्य के बेहतरीन वीडियो के लिए यहाँ क्लिक करें  तपेदिक की मरीज’मन्नो’ की कथा किस कहानी में चित्रित है? . (1)     मैं हार गई (2) बादलों के घेरे (3) सुहागिनें (4) ज़िन्दगी और गुलाब     हरिदासीसम्प्रदाय के राधा-कृष्ण हैं : . (1) आत्मनिष्ठ  (2) लोकनिरपेक्ष (3) जीवनसापेक्ष   (4) लोकहितरक्षक         […]

हिन्दी रिपोर्तार्ज

दोस्तो आज की पोस्ट मे हम कुछ रिपोर्तार्ज की चर्चा करेंगे रिपोर्ताज विधा 1. रिपोर्ताज फ्रांसीसी शब्द हैं। 2. विश्व में रिपोर्ताज के जनक-रुसी साहित्यकार इलिया एहरेनवर्ग है  3. हिन्दी में रिपोर्ताज के जनक शिवदान सिंह चौहान को माना जाता है रुपाभ(पन्त की) पत्रिका मे 1938 में प्रकाशित “लक्ष्मीपुरा” को हिन्दी का प्रथम रिपोर्ताज माना […]

स्त्री विमर्श महत्वपूर्ण रचनाएँ

दोस्तों आज की पोस्ट में हम स्त्री विमर्श रचनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे 👉स्त्री-विमर्श से सम्बन्धित पुस्तक- देह की राजनीति से देश की राजनीति तक – मृणाल पांडे 👉परिधि पर स्त्री – मृणाल पांडे दुर्ग द्वार पर दस्तक – कात्यायनी स्त्री का समय – क्षमा शर्मा 👉स्त्रीत्व का मानचित्र – अनामिका हौवा की […]

पृथ्वीराज रासो के बारे में मत

पृथ्वीराज रासो के विषय में विभिन्न मत : Hpd ने शुक शुकी संवाद कहा  शुक्ल ने पूरा जाली ग्रंथ नरोत्तम ने मुक्तक रचना नगेंद्र ने घटनाकोष डॉ बच्चन ने राजनीतिक महाकाव्य कर्नल ने एतिहासिक ग्रंथ श्याम ने विशाल वीर काव्य गुलाब ने स्वाभाविक विकासशील महाकाव्य

हिन्दी सतसई परंपरा क्या है

दोस्तो आज हम सतसई परंपरा के बारे मे जानेंगे मुक्तक काव्य की एक विशिष्ट विधा है। इसके अंतर्गत कविगण सात सौ या सात सौ से अधिक दोहे लिखकर एक ग्रंथ के रूप में संकलित करते हैं। “सतसई” शब्द “सत” और “सई” से बना है, “सत” का अर्थ सात और सई का अर्थ “सौ” है। इस […]

हिन्दी रेखाचित्र

अंग्रेजी में ’स्केच का हिन्दी पर्याय ’रेखाचित्र’ है। ’स्केच’ की ही तरह ’रेखाचित्र’ में भी कम से कम शब्दों में कलात्मक ढंग से किसी वस्तु, व्यक्ति या दृश्य का अंकन किया जाता है। इसमे साधन शब्द होते है, रेखाएँ नहीं। इसीलिए इसे ’शब्दचित्र’ भी कहते हैं। ’रेखाचित्र’ यद्यपि एक नवीन साहित्यिक विधा के रूप में […]

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