Tag: आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के महत्वपूर्ण कथन

रामचन्द्र शुक्ल महत्वपूर्ण कथन

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के महत्वपूर्ण कथन ​आचार्य रामचंद्र शुक्ल के रीतिकालीन कवियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण कथन- “इनकी भाषा ललित और सानुप्रास होती थी”- चिंतामणि त्रिपाठी के लिए “भाषा चलती होने पर भी अनुप्रासयुक्त होती थी”- बेनी के लिए “इस ग्रंथ को इन्होंने वास्तव में आचार्य के रूप में लिखा है, कवि के रुप में […]

error: कॉपी करना मना है