हिंदी साहित्‍य अकादमी पुरस्‍कार

-साहित्‍य के क्षेत्र में हो रहे सृजनात्‍मक कार्यों को प्रोत्‍साहित करने के लिए भारत सरकार ने साहित्‍य अकादमी

संस्‍था की स्‍थापना की। 12 मार्च 1954 में स्‍थापित इस संस्‍था की ओर से 22 भाषाओं में पुरस्‍कार दिया जाता है। 1955 में हिंदी साहित्‍य अकादमी पुरस्‍कारों की शुरुआत हुई थी। 1955 में माखनलाल चतुर्वेदी को उनकी कविता ‘हिम-तरंगिनी के लिए  हिंदी साहित्‍य अकादमी दिया गया था। 2005 में मनोहर श्‍याम जोशी को ‘क्‍याप’उपन्‍यास के लिए पुरस्‍कार मिला था।

हिंदी साहित्य पुरस्कार

 

वर्ष 1955 से अब तक हिन्दी साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेताओं की सूची:
वर्ष साहित्यकार का नाम रचना
2017 रमेश कुंतल मेघ >विश्वमिथकसरित्सागर (पुस्तक)
2016 नासिरा शर्मा >पारिजात (उपन्‍यास)
2015 रामदरश मिश्र >आग की हंसी (कविता-संग्रह)
2014 रमेशचन्‍द्र शाह> विनायक (उपन्‍यास)
2013 मृदुला गर्ग> मिलजुल मन (उपन्‍यास)
2012 चंद्रकांत देवताले> पत्थर फेंक रहा हूँ (कविता-संग्रह)
2011 काशीनाथ सिंह> रेहन पर रग्घू (उपन्यास)
2010 उदय प्रकाश> मोहन दास (लघु उपन्यास)
2009 कैलाश वाजपेयी >हवा में हस्ताक्षर (कविता-संग्रह)
2008 गोविन्द मिश्र >कोहरे में कैद रंग (उपन्यास)
2007 अमरकान्त> इन्हीं हथियारों से (उपन्यास)
2006 ज्ञानेन्द्रपति >संशयात्मा (कविता-संग्रह)
2005 मनोहर श्याम जोशी >क्याप (उपन्यास)
2004 वीरेन डंगवाल> दुश्चक्र में स्रष्टा (कविता-संग्रह)
2003 कमलेश्वर >कितने पाकिस्तान (उपन्यास)
2002 राजेश जोशी >दो पंक्तियों के बीच (कविता-संग्रह)
2001 अलका सरावगी >कलि–कथा: वाया बाइपास (उपन्यास)
2000 मंगलेश डबराल >हम जो देखते हैं (कविता-संग्रह)
1999 विनोद कुमार शुक्ल >दीवार में एक खिड़की रहती थी (उपन्यास)
1998 अरुण कमल >नए इलाक़े में (कविता-संग्रह)
1997 लीलाधर जगूड़ी >अनुभव के आकाश में चाँद (कविता-संग्रह)
1996 सुरेन्द्र वर्मा >मुझे चाँद चाहिए (उपन्यास)
1995 कुँवर नारायण> कोई दूसरा नहीं (कविता-संग्रह)
1994 अशोक वाजपेयी >कहीं नहीं वहीं (कविता-संग्रह)
1993 विष्णु प्रभाकर> अर्द्धनारीश्वर (उपन्यास)
1992 गिरिराज किशोर> ढाई घर (उपन्यास)
1991 गिरिजाकुमार माथुर >मैं वक़्त के हूँ सामने (कविता-संग्रह)
1990 शिवप्रसाद सिंह> नीला चाँद (उपन्यास)
1989 केदारनाथ सिंह> अकाल में सारस (कविता-संग्रह)
1988 नरेश मेहता >अरण्या (कविता-संग्रह)
1987 श्रीकांत वर्मा (मरणोपरांत) >मगध (कविता-संग्रह)
1986 केदारनाथ अग्रवाल> अपूर्वा (कविता-संग्रह)
1985 निर्मल वर्मा >कव्वे और काला पानी (कहानी–संग्रह)
1984 रघुवीर सहाय >लोग भूल गए हैं (कविता-संग्रह)
1983 सर्वेश्वरदयाल सक्सेना >खूँटियों पर टँगे लोग (कविता-संग्रह)
1982 हरिशंकर परसाई >विकलांग श्रद्धा का दौर (व्यंग्य)
1981 त्रिलोचन >ताप के ताये हुए दिन (कविता-संग्रह)
1980 कृष्णा सोबती >ज़िन्दगीनामा–जिन्दाय रुख़ (उपन्यास)
1979 धूमिल (मरणोपरांत) >कल सुनना मुझे (कविता-संग्रह)
1978 भारत भूषण अग्रवाल >उतना वह सूरज है (कविता-संग्रह)
1977 शमशेर बहादुर सिंह >चुका भी हूँ नहीं मैं (कविता-संग्रह)
1976 यशपाल> मेरी तेरी उसकी बात (उपन्यास)
1975 भीष्म साहनी >तमस (उपन्यास)
1974 शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ >मिट्टी की बारात (कविता-संग्रह)
1973 हज़ारीप्रसाद द्विवेदी> आलोक पर्व (निबंध–संग्रह)
1972 भवानीप्रसाद मिश्र >बुनी हुई रस्सी (कविता-संग्रह)
1971 नामवर सिंह >कविता के नए प्रतिमान (समालोचना)
1970 रामविलास शर्मा निराला की साहित्य साधना (जीवनी)
1969 श्रीलाल शुक्ल >रागदरबारी (उपन्यास)
1968 हरिवंश राय ‘बच्चन’ >दो चट्टानें (कविता-संग्रह)
1967 अमृतलाल नागर >अमृत और विष (उपन्यास)
1966 जैनेन्द्र कुमार> मुक्तिबोध (उपन्यास)
1965 नगेन्द्र >रस–सिद्धांत (काव्यशास्त्र)
1964 अज्ञेय >आँगन के पार द्वार (कविता-संग्रह)
1963 अमृत राय> प्रेमचंद: क़लम का सिपाही (जीवनी)
1961 भगवतीचरण वर्मा> भूले बिसरे चित्र (उपन्यास)
1960 सुमित्रानंदन पंत >कला और बूढ़ा चाँद (कविता-संग्रह)
1959 रामधारी सिंह ‘दिनकर’ >संस्कृति के चार अध्याय
1958 राहुल सांकृत्यायन> मध्य एशिया का इतिहास (इतिहास)
1957 आचार्य नरेन्द्र देव (मरणोपरांत) >बुद्ध धर्म–दर्शन (दर्शन)
1956 वासुदेवशरण अग्रवाल> पद्मावत: संजीवनी व्याख्या (टीका)
1955 माखनलाल चतुर्वेदी> हिमतरंगिनी (कविता-संग्रह)

श्‍लाका सम्‍मान-हिन्‍दी अकादमी की ओर से हर वर्ष श्‍लाका सम्‍मान भाषा,साहित्‍य और संस्‍कृति के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। दिल्‍ली सरकार की ओर से प्रदान किए जाने वाले इस पुरस्‍कार की राशि 51,000 रुपए है।

भारत-भारती-साहित्‍य के क्षेत्र में प्रदान किया जाने वाले भारत-भारती पुरस्‍कार के तहत 1 लाख रुपए की राशि,शॉल और स्‍मृति चिह्न भेंट किया जाता है। यह पुरस्‍कार हिन्‍दी के उन साहित्‍यकारों को प्रदान किया जाता है,जिन्होंने हिन्‍दी को नई दिशा और नई ऊँचाइयाँ प्रदान की।

व्‍यास सस्‍मान-के.के. बिरड़ा फाउंडेशन की ओर से प्रति वर्ष व्‍यास सम्‍मान प्रदान किया जाता है, जिसके तहत डेढ़ लाख रुपए की राशिऔर शॉल दी जाती है।

भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्‍कार-यह पुरस्‍कार उर्दू शायरफिराक गोरखपुरी के सम्‍मान में शुरू किया गया था। साहित्‍य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए इसे प्रदान किया जाता है। विभिन्‍न भारतीय भाषाओं में उत्‍कृष्‍ट रचना के लिए इसके तहत 5 लाख रुपए की राशि दी जाती है। 1968 में सुमित्रानंदन पंत को चिदंबरा के लिए यह पुरस्‍कार प्रदान किया गया था।

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