Category: कविता

बात सीधी थी पर || कविता व्याख्या सहित || कुवंर नारायण

आज के इस आर्टिकल में कुंवर नारायण जी की कविता बात सीधी थी पर(Baat seedhi thi par) की व्याख्या को समझाया गया है | बात सीधी थी पर (Baat seedhi thi par) रचना-परिचय- इस कविता में कथ्य के माध्यम से द्वन्द्व...

कैमरे में बन्द अपाहिज || व्याख्या सहित || रघुवीर सहाय

आज के आर्टिकल में रघुवीर सहाय की चर्चित कविता कैमरे में बन्द अपाहिज(kaimare mein band apaahij) की व्याख्या को समझाया गया है  कैमरे में बन्द अपाहिज(रघुवीर सहाय) रचना परिचय- रघुवीर सहाय की ’कैमरे में बन्द अपाहिज’ कविता उनके ’लोग भूल गये...

भारत माता-कविता व्याख्या || सुमित्रानंदन पन्त

आज की पोस्ट में हम सुमित्रानंदन पन्त(Sumitranandan Pant) की चर्चित कविता भारत माता (Bhart mata ) की व्याख्या पढेंगे | सुमित्रानन्दन पंत(Sumitranandan Pant) भारत माता  ग्रामवासिनी! खेतों में फैला है श्यामल, धूल भरा मैला सा आँचल, गंगा यमुना में आँसू जल,...

संध्या के बाद- कविता व्याख्या-सुमित्रानन्दन पंत

आज की पोस्ट में हम सुमित्रानन्दन पंत की चर्चित कविता संध्या के बाद (Sandhya ke baad) की व्याख्या को समझेंगे | संध्या के बाद  (सुमित्रानन्दन पंत) ’संध्या के बाद’ कविता में कवि ने संध्या के बाद ग्रामीण परिवेश में होने वाले...