रस व उसके भेद

रस व उसके भेद #काव्य शास्त्र

रस का अर्थ व भेद दोस्तो आज पोस्ट मे रस का अर्थ व उसके भेद को सविस्तार  पढ़ेंगे  & भारतीय काव्यशास्त्र के विभिन्न सम्प्रदायों में रस सिद्धान्त सबसे प्राचीन सिद्धान्त है। रस सिद्धान्त का विशद एवं प्रामाणिक विवेचन भरत मुनि के नाट्यशास्त्र में ही सर्वप्रथम उपलब्ध होता है। -आचार्य विश्वनाथ Read more…

काव्य हेतु (काव्यशास्त्र)

काव्य हेतु काव्यशास्त्र

                       काव्य हेतु ’हेतु’ का शाब्दिक अर्थ है कारण, अतः ’काव्य हेतु’ का अर्थ हुआ काव्य की उत्पत्ति का कारण। किसी व्यक्ति में काव्य रचना की सामर्थ्य उत्पन्न कर देने वाले कारण काव्य हेतु कहलाते हैं। चलो थोड़ा और समझते Read more…

शब्द शक्ति

शब्द शक्ति सम्पूर्ण परिचय

दोस्तो आज हम शब्द शक्ति के बारे मे विस्तार से जानेंगे  शब्द तीन प्रकार के होते है – (1) वाचक (2) लक्षक (3) व्यंजक अर्थ – (1) वाच्यार्थ (2) लक्ष्यार्थ (3) व्यंग्यार्थ शक्ति/व्यापार – (1) अभिधा (2) लक्षणा (3) व्यंजना महत्वपूर्ण:- शक्ति शब्द का प्रयोग – विश्वनाथ ’व्यापार’ शब्द का Read more…

अलंकार

अलंकार सम्पूर्ण परिचय

अलंकार सम्पूर्ण परिचय ⇓⇓⇓ अलंकार का अर्थ एवं परिभाषा- अलंकार शब्द दो शब्दों के योग से मिलकर बना है- ‘अलम्’ एवं ‘कार’ , जिसका अर्थ है- आभूषण या विभूषित करने वाला। काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व को अलंकार कहते हैं। दूसरे शब्दों में जिन उपकरणों या शैलियों से काव्य की Read more…

पाश्चात्य काव्यशास्त्र पार्ट 2 

पाश्चात्य काव्यशास्त्र पार्ट 2 _______________________ विखंडनवाद का प्रवर्तक किसको माना जाता है? ➤➤जाक  देरिदा को जाक देरिदा का समय है? ➤➤1930-2004ई• (जन्म-अल्जीरिया में) ऑफ ग्रेमेटोलॉजी और राइट एंड डिफरेंस(1978) प्रसिद्ध पुस्तके किसने लिखी ➤➤जाक देरिदा ने राजनीतिक दृष्टि से स्वच्छंदतावाद का उदय किस देश ने हुआ? ➤➤फ्रांस ने 1789 ई• Read more…

काव्य गुण परिचय

काव्य गुण आइए दोस्तों आज काव्य गुणों के बारे में जानते है  जिस प्रकार मनुष्य के शरीर में शूरवीरता, सच्चरित्रता, उदारता, करुणा, परोपकार आदि मानवीय गुण होते हैं, ठीक उसी प्रकार काव्य में भी प्रसाद, ओज, माधुर्य आदि गुण होते हैं। अतएव जैसे चारित्रिक गणों के कारण मनुष्य की Read more…

अलंकार और उनके उदाहरण

अलंकार और उनके उदाहरण

अलंकार और उनके उदाहरण आइए दोस्तों आज हम कुछ अलंकारों से रूबरू करवाते है अलंकार शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है- आभूषण। काव्य रूपी काया की शोभा बढ़ाने वाले अवयव को अलंकार कहते हैं। दुसरे शब्दों में जिस प्रकार आभूषण शरीर की शोभा बढ़ते हैं, उसी प्रकार अलंकार साहित्य या Read more…

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