Category: काव्यशास्त्र

रस का अर्थ |रस के भेद |उदाहरण सहित सम्पूर्ण परिचय

रस का अर्थ (ras ka arth) सबसे पहले हम रस के बारें में सामान्य जानकारी प्राप्त करते है  ⇒ भारतीय काव्यशास्त्र के विभिन्न सम्प्रदायों में रस सिद्धान्त सबसे प्राचीन सिद्धान्त है। रस सिद्धान्त का विशद एवं प्रामाणिक विवेचन भरत मुनि के नाट्यशास्त्र में ही सर्वप्रथम उपलब्ध होता है। ⇒ आचार्य विश्वनाथ – ’वाक्यं रसात्मकं काव्यम्’ […]

kaavy riti #काव्य रीति

                               काव्य रीति दोस्तो आज हम काव्य शास्त्र के महत्वपूर्ण विषयवस्तु काव्य रीति को अच्छे से समझेंगे  ⇒ ‘रीति’ शब्द की व्युत्पत्ति– ‘रीति’ शब्द संस्कृत की ’रीङ्’ धातु में ’क्तिन्’ प्रत्यय के योग से बना है, जिसका मूल अर्थ होता हैं-‘मार्ग’ […]

काव्य प्रयोजन काव्य शास्त्र

दोस्तो आज की पोस्ट में हम काव्यशास्त्र के महत्वपूर्ण विषय काव्य प्रयोजन के बारे में जानेंगे हिन्दी साहित्य के बेहतरीन वीडियो के लिए यहाँ क्लिक करें  काव्य प्रयोजन काव्य प्रयोजन का तात्पर्य है-’काव्य रचना का उद्देश्य’। काव्य किस उद्देश्य से लिखा जाता है और किस उद्देश्य से काव्य पढ़ा जाता है इसे दृष्टिगत रखकर काव्य […]

काव्य लक्षण kavya lakshan

दोस्तो आज की पोस्ट में हम काव्यशास्त्र के महत्वपूर्ण विषयवस्तु काव्य लक्षण को अच्छे से पढ़ेंगे  काव्य के लक्षण हिन्दी साहित्य के बेहतरीन वीडियो के लिए यहाँ क्लिक करें  संस्कृत आचार्यों द्वारा निर्दिष्ट काव्य लक्षण भामह (छठी शताब्दी) भामह ने अपने ग्रन्थ ’काव्यालंकार’ में काव्य की परिभाषा देते हुए लिखा है ’’शब्दार्थों सहितौ काव्यम्।’’ अर्थात् […]

रस व उसके भेद #काव्य शास्त्र

रस का अर्थ व भेद दोस्तो आज पोस्ट मे रस का अर्थ व उसके भेद को सविस्तार  पढ़ेंगे  & भारतीय काव्यशास्त्र के विभिन्न सम्प्रदायों में रस सिद्धान्त सबसे प्राचीन सिद्धान्त है। रस सिद्धान्त का विशद एवं प्रामाणिक विवेचन भरत मुनि के नाट्यशास्त्र में ही सर्वप्रथम उपलब्ध होता है। -आचार्य विश्वनाथ – ’वाक्यं रसात्मकं काव्यम्’ – […]

काव्य हेतु काव्यशास्त्र

                       काव्य हेतु ’हेतु’ का शाब्दिक अर्थ है कारण, अतः ’काव्य हेतु’ का अर्थ हुआ काव्य की उत्पत्ति का कारण। किसी व्यक्ति में काव्य रचना की सामर्थ्य उत्पन्न कर देने वाले कारण काव्य हेतु कहलाते हैं। चलो थोड़ा और समझते है  दूसरे शब्दों में यह […]

शब्द शक्ति सम्पूर्ण परिचय

दोस्तो आज हम शब्द शक्ति के बारे मे विस्तार से जानेंगे  हिंदी साहित्य वीडियो के लिए यहाँ क्लिक करें शब्द तीन प्रकार के होते है – (1) वाचक (2) लक्षक (3) व्यंजक अर्थ – (1) वाच्यार्थ (2) लक्ष्यार्थ (3) व्यंग्यार्थ शक्ति/व्यापार – (1) अभिधा (2) लक्षणा (3) व्यंजना महत्वपूर्ण:- शक्ति शब्द का प्रयोग – विश्वनाथ […]

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