संतकाव्य धारा की विशेषताएं

  संतकाव्य धारा की विशेषताएं 1. हिंदी सन्त काव्य का प्रारम्भ निर्गुण काव्य धारा से होता है | 2. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने नामदेव और कबीर द्वारा प्रवर्तित भक्ति धारा को ‘निर्गुण ज्ञानाश्रयी धारा’ की संज्ञा प्रदान की है | 3. डा. रामकुमार वर्मा ने इसे ‘सन्त काव्य परम्परा’ जैसे Read more…

error: कॉपी करना मना है