मनोविज्ञान महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज़ 2

मनोविज्ञान महत्वपूर्ण टेस्ट 2 50 शब्द समान तत्व निम्न से गहन सम्बन्ध रखता है (1) समान परीक्षा प्रश्न (2) सहयोगियों से ईष्र्या (3) अधिगम स्थानान्तरण (4) समूह निर्देशन√  51 सीखने की प्रक्रिया में विद्यार्थी द्वारा की गई त्रुटियों के सम्बन्ध में आपकी दृष्टि से निम्नलिखित में से कौनसा कथन सर्वोतम है (1) विद्यार्थी को

काव्य गुण परिचय

काव्य गुण(kaavy gun) आइए दोस्तों आज काव्य गुणों के बारे में जानते है ⇒ जिस प्रकार मनुष्य के शरीर में शूरवीरता, सच्चरित्रता, उदारता, करुणा, परोपकार आदि मानवीय गुण होते हैं, ठीक उसी प्रकार काव्य में भी प्रसाद, ओज, माधुर्य आदि गुण होते हैं। अतएव जैसे चारित्रिक गणों के कारण मनुष्य की शोभा बढ़ती है वैसे

आदिकाल प्रश्नोतरी 251 से 300

आदिकाल प्रश्नोतरी 251 से 300 251.उलटवासियों का पूर्व रूप हमें किन की भाषा में मिलता है~~ सिद्धों के 252.गेय पदों की परंपरा किसने प्रचलित की थी~~ सिद्धों ने 253.आचार्य शुक्ल ने विद्यापति को किस प्रकार का कवि माना है~~ शुद्ध श्रंगारी 254.रास परंपरा की प्रथम रचना~~ भरतेश्वर बाहुबली रास 255.हिंदी रास परंपरा की प्रथम ऐतिहासिक

हिंदी आलोचना विकास प्रश्नोतरी

हिंदी आलोचना विकास प्रश्नोतरी हिन्दी साहित्य के बेहतरीन वीडियो के लिए यहाँ क्लिक करें  हिंदी आलोचना का विकास 1. हिंदी आलोचना की पहली पुस्तक कौन सी मानी जाती है 1. नाटक ✔ 2. हिंदी में कालिदास की आलोचना 3.लेवी प्राण लेवी 4.बंग विजेता 2. हिंदी आलोचना के प्रथम इतिहासकार हैं- 1. भारतेंदु 2.हजारी प्रसाद द्विवेदी

शब्दशक्ति प्रश्नोतरी -1

शब्दशक्ति प्रश्नोतरी 1. जब वाक्य या कविता में कोई शब्द अपने मुख्य अर्थ यह शब्दकोशीय अर्थ प्रकट करता है तो वहां कौन सी शब्दशक्ति होती है A. अभिधा√√ B. लक्षणा C. व्यंजना D. कोई नहीं 2. जब किसी पद्य में यमक अलंकार हो तब प्रायः कौनसी शब्दशक्ति होती है A. अभिधा√√ B. लक्षणा C. व्यंजना

अलंकार और उनके उदाहरण

आइए दोस्तों आज हम कुछ अलंकार और उनके उदाहरण से रूबरू करवाते है अलंकार और उनके उदाहरण अलंकार शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है- आभूषण। काव्य रूपी काया की शोभा बढ़ाने वाले अवयव को अलंकार कहते हैं। दुसरे शब्दों में जिस प्रकार आभूषण शरीर की शोभा बढ़ते हैं, उसी प्रकार अलंकार साहित्य या काव्य को

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय परिचय

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय आइए दोस्तों हम आज जाने- सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय जी की रचनाओं के बारे में अज्ञेय महान व्यक्तितव के धनी थे जन्म : 7 मार्च, 1911 कुशीनगर – मृत्यु : 4 अप्रैल, 1987 नई दिल्ली नाम- सच्चिदानंद वात्स्यायन जन्म- कुशीनगर (कसया) जिला देवरिया (उ.प्र.) में। बचपन का नाम – सच्चा ललित
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