हिंदी संस्मरणों का विकास 1955 मुझे याद है -रामवृक्ष बेनीपुरी 1955 मैं भूल नहीं सकता- कैलाश नाथ काटजू 1955 बचपन की स्मृतियां -राहुल सांकृत्यायन 1956 जिनका मैं कृतज्ञ रहा, मेरे असहयोग के साथी –राहुल सांकृत्यायन 1956 मंटो मेरा दुश्मन या मेरा दोस्त मेरा दुश्मन -उपेंद्रनाथ अश्क 19 57 जंजीरें और दीवारें -रामवृक्ष बेनीपूरी 1957 वे