Category: काव्यशास्त्र

फैण्टेसी | हिंदी साहित्य | काव्यशास्त्र | hindi sahitya

काव्यशास्त्र में प्रचलित ’फैण्टेसी’(Fantasy) शब्द एक अंग्रेजी शब्द है जो यूनानी शब्द ’फैण्टेसिया’ से निर्मित है। यूनानी शब्द कैण्टेसिया का अभिप्राय है मनुष्य की वह क्षमता जो संभाव्य संसार की सर्जना करती है। फैण्टेसी – Fantasy इस प्रकार फैण्टेसी का अर्थ...

प्रतीक क्या होता है || हिंदी साहित्य || काव्यशास्त्र

दोस्तों आज की पोस्ट में हम प्रतीक क्या होता है(Pratik kya hota hai) इसके बारे में पढेंगे |  प्रतीक ऐसा शब्द चिह्न है जो किसी वस्तु का बोध कराता है। प्रतीक  प्रतीक किसी सूक्ष्म भाव, विचार या अगोचर तत्त्व को साकार...

अरस्तू का अनुकरण सिद्धान्त || kavya shastra || काव्य शास्त्र

दोस्तो आज की पोस्ट में हम काव्यशास्त्र विषय के अंतर्गत अरस्तू का अनुकरण सिद्धान्त अच्छे से समझेंगे । अरस्तू का अनुकरण सिद्धान्त(Arstu ka Anukaran Sidhant) अरस्तू महान् यूनानी दार्शनिक प्लेटो (427 ई.पू. से 347 ई.पू.) का शिष्य माना जाता है। इनका...

रस का अर्थ | रस के भेद | उदाहरण सहित सम्पूर्ण परिचय || Ras in Hindi

सबसे पहले हम रस के  बारें में और रस के भेद (Ras in Hindi)  सामान्य जानकारी प्राप्त करते है ,इस पोस्ट के बाद हम आज तक हुई  परीक्षाओं में आए हुए प्रश्नों को भी पढेंगे । रस का अर्थ (ras ka...