हिंदी साहित्य

फोर्ट विलियम कॉलेज: स्थापना, संस्थापक, भाषा मुंशी व महत्वपूर्ण तथ्य | Fort William College

फोर्ट विलियम कॉलेज(Fort William College)

फोर्ट विलियम कॉलेज (Fort William College): इसकी स्थापना कोलकाता में 10 जुलाई, 1800 ई. को हुई। इसकी स्थापना गवर्नर लॉर्ड वेलेजली ने करवाई। इस संस्था का पूर्व नाम ऑरिएंटल सेमिनरी था। इसके पहले हिंदी विभाग के प्रोफ़ेसर जॉन गिलक्राइस्ट थे। यहाँ भाषा मुंशी के पद पर लल्लूलाल जी व सदल मिश्र थे। फोर्ट विलियम कॉलेज […]

फोर्ट विलियम कॉलेज: स्थापना, संस्थापक, भाषा मुंशी व महत्वपूर्ण तथ्य | Fort William College Read More »

सरस्वती पत्रिका | सम्पूर्ण जानकारी | द्विवेदी युग | Saraswati Patrika

सरस्वती पत्रिका

इस आर्टिकल में द्विवेदी युग की चर्चित पत्रिका सरस्वती पत्रिका(Saraswati Patrika) के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले है सरस्वती पत्रिका – Saraswati Patrika हिन्दी की पहली मासिक पत्रिका। जनवरी माह 1900 ई० में इंडियन प्रेस के संस्थापक बाबू चिंतामणी घोष द्वारा स्थापित और मई 1976 में अंतिम अंक प्रकाशित हुआ। सम्पादक: श्यामसुन्दर दास

सरस्वती पत्रिका | सम्पूर्ण जानकारी | द्विवेदी युग | Saraswati Patrika Read More »

हिंदी संस्मरण का विकास और प्रमुख संस्मरण ग्रंथ | Hindi Sansmaran Vikas

हिन्दी संस्मरण विकास

हिंदी संस्मरण का विकास और प्रमुख संस्मरण ग्रंथ (Hindi Sansmaran ka Vikas) हिंदी गद्य विधाओं में ‘संस्मरण’ (Memoir) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय है। जब लेखक अपने जीवन में घटित किसी घटना, विशिष्ट व्यक्ति या अनुभव को अपनी स्मृति के आधार पर कलात्मक ढंग से प्रस्तुत करता है, तो उसे संस्मरण कहते हैं। प्रतियोगी

हिंदी संस्मरण का विकास और प्रमुख संस्मरण ग्रंथ | Hindi Sansmaran Vikas Read More »

हिंदी साहित्य नोट्स-1

हिंदी साहित्य नोट्स काव्य रचनाओं सम्बन्धी विशेष जानकारी जायसी ( पदमावत—56 -57 खंड) नरपति नाल्ह ( बीसलदेव रासो—4 खंड) चंदबरदाई ( पृथ्वीराज रासो— 69 समय) सूरदास (सूरसागर —12 स्कन्ध) ज्योतिरीश्वर ठाकुर ( वर्ण रत्नाकर—8 कल्लोल) तुलसीदास ( रामचरितमानस —7 कांड ) केशवदास ( रामचन्द्रिका —39 प्रकाश ) बिहारी (बिहारी सतसई—713 दोहे) सेनापति (कवित्त रत्नाकर—5 तरंग

हिंदी साहित्य नोट्स-1 Read More »

राम की शक्ति पूजा का सारांश | Ram ki Shakti Puja ka Saransh

राम की शक्ति पूजा का सारांश और कथा के पाँच सोपान

राम की शक्ति पूजा का सारांश | Ram ki Shakti Puja ka Saransh क्या आप जानते हैं कि महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की यह अमर रचना महज़ एक कविता नहीं, बल्कि घोर निराशा के बीच असफलता से जूझते हुए एक मनुष्य (या राष्ट्र) के भीतर जागृत होने वाली अदम्य जिजीविषा और शक्ति का महाकाव्य है?

राम की शक्ति पूजा का सारांश | Ram ki Shakti Puja ka Saransh Read More »

मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी भावना -Hindi sahitya

मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी भावना

आज की पोस्ट में हम चर्चित कवि मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी भावना के प्रति उनका क्या दृष्टिकोण था ,इसके बारे में चर्चा करेंगे | गुप्त जी की नारी भावना(Maithilisharan gupt) मैथिलीशरण गुप्त जी द्विवेदी युग के कवियों में उच्च स्थान रखते हैं। उनकी रचनाओं में राष्ट्रीयता समाज सुधार युग बोध के साथ-साथ भारतीय

मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी भावना -Hindi sahitya Read More »

net hindi solved paper december 2018

Net jrf hindi solved paper december 2018 हिन्दी नेट पेपर solved दिसम्बर 2018 हिन्दी साहित्य के बेहतरीन वीडियो के लिए यहाँ क्लिक करें  तपेदिक की मरीज’मन्नो’ की कथा किस कहानी में चित्रित है? . (1)     मैं हार गई (2) बादलों के घेरे (3) सुहागिनें (4) ज़िन्दगी और गुलाब     हरिदासीसम्प्रदाय के राधा-कृष्ण हैं : . (1) आत्मनिष्ठ  (2) लोकनिरपेक्ष (3) जीवनसापेक्ष   (4) लोकहितरक्षक        

net hindi solved paper december 2018 Read More »

शेखर एक जीवनी – अज्ञेय

शेखर एक जीवनी - अज्ञेय

आज के आर्टिकल में हम अज्ञेय द्वारा लिखित उपन्यास शेखर एक जीवनी के बारे में चर्चा करेंगे ,इसकी विषयवस्तु को समझेंगे | ⇒ शेखर: एक जीवनी आतंकवाद की छाया में लिखा हुआ एक ऐसा उपन्यास है, जिस पर मनोविश्लेषण शास्त्र के प्रभाव के साथ समाज के परिप्रेक्ष्य में व्यक्ति और उसके विचारों को देखा गया

शेखर एक जीवनी – अज्ञेय Read More »

हिंदी सतसई परंपरा क्या है – Hindi Sahitya

मुक्तक काव्य की एक विशिष्ट विधा है। इसके अंतर्गत कविगण सात सौ या सात सौ से अधिक दोहे लिखकर एक ग्रंथ के रूप में संकलित करते हैं। “सतसई” शब्द “सत” और “सई” से बना है, “सत” का अर्थ सात और सई का अर्थ “सौ” है। इस प्रकार सतसई काव्य वह काव्य है जिसमें सात सौ

हिंदी सतसई परंपरा क्या है – Hindi Sahitya Read More »

हिंदी भाषा और इतिहास: 100+ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर | Hindi Bhasha Notes

हिंदी भाषा का विकास

हिंदी भाषा का इतिहास, उसकी उत्पत्ति, विकास यात्रा और व्याकरणिक संरचना का अध्ययन करना हर हिंदी प्रेमी और प्रतियोगी परीक्षा के विद्यार्थी के लिए अत्यंत आवश्यक है। भाषा की परिभाषा, उसके विविध रूपों, बोलियों, और भाषा-विज्ञान के सिद्धांतों को जाने बिना हिंदी साहित्य की पूर्ण समझ अधूरी मानी जाती है। यदि आप UGC NET/JRF, TGT,

हिंदी भाषा और इतिहास: 100+ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर | Hindi Bhasha Notes Read More »

Scroll to Top