हिंदी साहित्य

हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण लेख, नोट्स और प्रश्नोत्तर: कविता, नाटक, उपन्यास, कहानी, निबंध, रिपोर्ताज, एकांकी और साहित्यिक ट्रिक्स। हिंदी साहित्य का इतिहास पढ़ने वाले और UGC NET, RPSC, REET जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए।

मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी भावना -Hindi sahitya

मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी भावना

आज की पोस्ट में हम चर्चित कवि मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी भावना के प्रति उनका क्या दृष्टिकोण था ,इसके बारे में चर्चा करेंगे | गुप्त जी की नारी भावना(Maithilisharan gupt) मैथिलीशरण गुप्त जी द्विवेदी युग के कवियों में उच्च स्थान रखते हैं। उनकी रचनाओं में राष्ट्रीयता समाज सुधार युग बोध के साथ-साथ भारतीय […]

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हिन्दी में निबंधों के प्रकार और स्वरूप | Types of Essays in Hindi

हिन्दी में निबन्धों के प्रकार

हिन्दी में निबंधों के प्रकार: स्वरूप, भेद और महत्वपूर्ण तथ्य (Types of Essays in Hindi Notes) हिंदी गद्य साहित्य और व्याकरण में निबंध लेखन का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे REET, RPSC, TGT, PGT, और अन्य हिंदी साहित्य से जुड़ी परीक्षाओं) की दृष्टि से निबंध के प्रकार और उनके प्रमुख रचनाकारों का यह

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संध्या के बाद – Sandhya ke baad || कविता व्याख्या – सुमित्रानन्दन पंत

संध्या के बाद(Sandhya ke baad)

आज की पोस्ट में हम सुमित्रानन्दन पंत की चर्चित कविता संध्या के बाद (Sandhya ke baad) की व्याख्या को समझेंगे। संध्या के बाद – Sandhya ke baad  (सुमित्रानन्दन पंत) ’संध्या के बाद’ कविता में कवि ने संध्या के बाद ग्रामीण परिवेश में होने वाले परिवर्तनों के साथ रात्रिकालीन ग्रामीण परिवेश का सुन्दर चित्रण प्रस्तुत किया

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यह दंतुरित मुस्कान – Yah Danturit Muskan || नागार्जुन || सम्पूर्ण व्याख्या

यह दंतुरित मुस्कान

‘यह दंतुरित मुस्कान’: नागार्जुन की प्रसिद्ध कविता का परिचय और संपूर्ण अध्ययन हिंदी साहित्य में प्रगतिवादी चेतना, शोषितों के प्रति अगाध संवेदना और जनजीवन के यथार्थ को अपनी कविताओं का मुख्य स्वर बनाने वाले यशस्वी कवि नागार्जुन का आधुनिक हिंदी साहित्य में अत्यंत विशिष्ट स्थान है। उनकी रचनाओं में जहाँ एक ओर सामाजिक विषमता के

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हिंदी सतसई परंपरा क्या है – Hindi Sahitya

मुक्तक काव्य की एक विशिष्ट विधा है। इसके अंतर्गत कविगण सात सौ या सात सौ से अधिक दोहे लिखकर एक ग्रंथ के रूप में संकलित करते हैं। “सतसई” शब्द “सत” और “सई” से बना है, “सत” का अर्थ सात और सई का अर्थ “सौ” है। इस प्रकार सतसई काव्य वह काव्य है जिसमें सात सौ

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net hindi solved paper december 2018

Net jrf hindi solved paper december 2018 हिन्दी नेट पेपर solved दिसम्बर 2018 हिन्दी साहित्य के बेहतरीन वीडियो के लिए यहाँ क्लिक करें  तपेदिक की मरीज’मन्नो’ की कथा किस कहानी में चित्रित है? . (1)     मैं हार गई (2) बादलों के घेरे (3) सुहागिनें (4) ज़िन्दगी और गुलाब     हरिदासीसम्प्रदाय के राधा-कृष्ण हैं : . (1) आत्मनिष्ठ  (2) लोकनिरपेक्ष (3) जीवनसापेक्ष   (4) लोकहितरक्षक        

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शेखर एक जीवनी – अज्ञेय

शेखर एक जीवनी - अज्ञेय

आज के आर्टिकल में हम अज्ञेय द्वारा लिखित उपन्यास शेखर एक जीवनी के बारे में चर्चा करेंगे ,इसकी विषयवस्तु को समझेंगे | ⇒ शेखर: एक जीवनी आतंकवाद की छाया में लिखा हुआ एक ऐसा उपन्यास है, जिस पर मनोविश्लेषण शास्त्र के प्रभाव के साथ समाज के परिप्रेक्ष्य में व्यक्ति और उसके विचारों को देखा गया

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भीष्म साहनी के महत्वपूर्ण उपन्यास ट्रिक || हिंदी साहित्य || hindi sahitya

bhishm sahani upnyas tricks

दोस्तों आज की पोस्ट में भीष्म साहनी के महत्वपूर्ण उपन्यास ट्रिक को समझाया गया है , हम आशा करते है कि  हमारी ये कोशिस आपको जरूर पसंद आएगी भीष्म साहनी के महत्वपूर्ण उपन्यास ट्रिक  उपन्यास वर्ष  विषयवस्तु झरोखा 1967 ई. आर्य समाजी मध्यवर्गीय परिवार का अंकन कङियाँ 1970 ई. दाम्पत्य जीवन की कटुता और स्त्री

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Bhikshuk Kavita -भिक्षुक कविता | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | व्याख्या सहित

bhikshuk kavita

‘भिक्षुक’: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की मार्मिक कविता का परिचय और अध्ययन हिंदी साहित्य में प्रगतिवादी चेतना, शोषितों के प्रति अगाध संवेदना और मानवीय पीड़ा को अपनी कविताओं का मुख्य स्वर बनाने वाले यशस्वी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का आधुनिक हिंदी साहित्य में अत्यंत विशिष्ट और गौरवशाली स्थान है। उनकी रचनाओं में जहाँ एक ओर सामाजिक

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हिंदी भाषा: उद्भव, विकास, बोलियाँ, लिपि और भाषा विज्ञान के 96 प्रश्न-उत्तर

हिंदी भाषा - उद्भव, विकास, बोलियाँ, लिपि और भाषा विज्ञान के 96 प्रश्न-उत्तर

हिंदी भाषा का उद्भव और विकास, 5 उपभाषाएँ और 17 बोलियाँ, देवनागरी लिपि, तथा भाषा विज्ञान (ध्वनि, पद, अर्थ, भाषा परिवार) के 96 विषयवार प्रश्न-उत्तर।

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