हिंदी साहित्य

हिंदी साहित्य की रचनाओं पर बनी हिंदी फिल्में

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हिंदी साहित्य की रचनाओं पर बनी हिंदी फिल्में “प्रमुख रचनाओं पर बनी फिल्में” हिंदी साहित्य की रचनाओं पर बनी हिंदी फिल्में ======================= * फणीश्वर नाथ रेणु की कौन सी कहानी पर फिल्म बनी ? — मारे गए गुलफाम * फणीश्वर नाथ रेणु की प्रसिद्ध कहानी ‘मारे गए गुलफाम’ पर कौन सी हिन्दी फिल्म बनी ? […]

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हिंदी कहानियों की प्रमुख शैलियाँ और उनका स्वरूप | Hindi Kahaniyon ki Pramukh Shailiyan

हिंदी कहानियों की प्रमुख शैलियाँ

आज की पोस्ट में हम हिंदी कहानियों की प्रमुख शैलियाँ (Genre of Story) को विस्तार से समझेंगे। हम आशा करते हैं कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। जिस प्रकार कहानी की भाषा के कई रूप हो सकते हैं, उसी प्रकार कहानी की शैली के भी कई रूप हो सकते हैं। वर्तमान आलोच्य युग

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Bhasha aur Boli me Antar – भाषा और बोली में अंतर

Bhasha aur Boli me Antar

आज की पोस्ट में हम भाषा और बोली (Bhasha aur Boli me Antar) के बारे में विस्तार से जानेंगे। इस विषय से जुङे महत्त्वपूर्ण तथ्यों को पढ़ेंगे।   भाषा और बोली – Bhasha aur Boli वैसे तो बोली और भाषा में कोई खास मौलिक अंतर नहीं है, क्योंकि अंतर दोनों के व्यवहार-क्षेत्र के विस्तार पर

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Braj Bhasha Ka Vikas – ब्रजभाषा का विकास || हिंदी साहित्य

ब्रजभाषा का विकास

आज के आर्टिकल में हम ’ब्रजभाषा’(Braj Bhasha Ka Vikas) के बारे में विस्तार से जानेंगे और परोक्षोपयोगी महत्त्वपूर्ण तथ्यों को भी पढ़ेंगे। ब्रजभाषा का विकास -Braj Bhasha Ka Vikas पश्चिमी हिन्दी की सर्वाधिक प्रमुख बोली “ब्रजभाषा” है जो इसलिए इतनी महत्त्वपूर्ण हो गई, क्योंकि इसका प्रयोग 600 वर्षों तक साहित्य में होता रहा। यही कारण

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हिंदी संस्मरण का विकास

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हिंदी संस्मरण का विकास 1955 मुझे याद है -रामवृक्ष बेनीपुरी 1955 मैं भूल नहीं सकता- कैलाश नाथ काटजू 1955 बचपन की स्मृतियां -राहुल सांकृत्यायन 1956 जिनका मैं कृतज्ञ रहा, मेरे असहयोग के साथी –राहुल सांकृत्यायन 1956 मंटो मेरा दुश्मन या मेरा दोस्त मेरा दुश्मन -उपेंद्रनाथ अश्क 1957 जंजीरें और दीवारें -रामवृक्ष बेनीपूरी 1957 वे कैसे

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खङी बोली का विकास – Khadi Boli Ka Vikas

Khadi Boli Ka Vikas

आज के आर्टिकल में हम ’खङी बोली’ (Khadi Boli Ka Vikas) के बारे में विस्तार से जानेंगे और परीक्षोपयोगी महत्त्वपूर्ण तथ्य भी पढ़ेंगे। खङी बोली (Khadi Boli Ka Vikas) खङी बोली की गणना पश्चिमी हिन्दी की महत्त्वपूर्ण बोली के रूप में की जाती है। इस बोली का विशेष महत्त्व इस कारण से भी है, क्योंकि

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कृष्णकाव्य धारा और रामकाव्य धारा important question || hindi sahitya

कृष्णकाव्य धारा और रामकाव्य धारा

आज की पोस्ट में हम कृष्णकाव्य धारा और रामकाव्य धारा के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। जो परीक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। भक्तिकाल के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर  कृष्णकाव्य धारा और रामकाव्य धारा से जुड़े महत्त्वपूर्ण तथ्य  रामकाव्य और कृष्णकाव्य पोस्ट के अंत में अन्य प्रश्नोतरी भी पढ़ें  महत्वपूर्ण पंक्तियाँ 1.गोद लिए हुलसी फिरे

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आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के प्रमुख कथन और रचनाएँ | Hajari Prasad Dwivedi Quotes

Hajari Prasad Dwivedi

हजारी प्रसाद द्विवेदी के प्रमुख कथन, रचनाएँ और साहित्यिक योगदान (Hajari Prasad Dwivedi Ke Pramukh Kathan) हिंदी आलोचना, निबंध, उपन्यास और सांस्कृतिक इतिहास के क्षेत्र में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का नाम एक स्तंभ के रूप में लिया जाता है। उन्होंने साहित्य, संस्कृति, समाज और मनुष्यता को लेकर जो मौलिक और क्रांतिकारी विचार दिए, वे

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Class 12 Hindi literature || कक्षा 12 हिंदी साहित्य मॉडल पेपर

Class 12 Hindi literature

कक्षा XII विषय- हिंदी साहित्य                                                                             मॉडल पेपर  तैयारकर्ता- अभिनव सरोवा (व्याख्याता हिंदी राउमावि-पीथूसर, झुंझुनूं) राकेश कुमार (व्याख्याता हिंदी

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Kamayani || कामायनी जयशंकर प्रसाद

Kamayani

आज की पोस्ट में हम जयशंकर प्रसाद की चर्चित रचना कामायनी(Kamayani) के महत्त्वपूर्ण तथ्यों को पढेंगे ,आप इसे अच्छे से पढ़ें | कामायनी विशेष जयशंकर प्रसाद(Kamayani) कामायनी पर विशेष : जयशंकर प्रसाद प्रकाशन वर्ष – 1935 कुल सर्ग – 15 कामायनी 15 सर्ग (अध्यायों) का क्रम चिन्ता आशा श्रद्धा काम वासना लज्जा कर्म ईर्ष्या इडा

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