कृष्णकाव्य धारा और रामकाव्य धारा important question || hindi sahitya

भक्तिकाल के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर 

कृष्णकाव्य धारा और रामकाव्य धारा प्रश्नोतरी

*रामकाव्य और कृष्णकाव्य*

पोस्ट के अंत में अन्य प्रश्नोतरी भी पढ़ें 

महत्वपूर्ण पंक्तियाँ

1.गोद लिए हुलसी फिरे तुलसी सो सुत होय,
पंक्ति किसकी हे?
~~~रहीम~~~
2~ज्ञान भक्ति का विसद् विवेचन रामचरितमानस
के किस कांड में हे?
~~~उत्तर कांड~~
3~तुलसी की भक्ति किस प्रकार की है?
~~~दास्य भाव~~~
4~वृंदावन में मीरा बाई जी की भेंट किस
कृष्ण भक्त से हुई?
~~~जीव् गोस्वामी
5.तुलसीदास ने सबसे पहले रामचरितमानस
किसको सुनाया?
~~~रसखान~~~
6~सर्वाधिक तर्कशील गोपिया किस कवि की है?
~~~नन्ददास~~~
7~सूरदास ने कृष्ण के किस रूप का
चित्रण किया?
~~~लोकरंजक~~~
8~इन मुसलमान हरिजन पै कोटिन हिन्दू वारिए,
भारतेंदु जी ने यह पंक्ति किस कवि के लिए की?
~~~रसखान~~~
9~सूरसागर का काव्य रूप क्या है?
~~~प्रबन्ध काव्य~~~~
10~ मोरपखा सिर ऊपर राखिहो गूंज की माल
गरे पहिरोगी, यह पंक्ति किस कवि की है?
~~~रसखान~~~

रामायण से सम्बंधित रचनाएं:-

  • रवै रामायण- तुलसीदास
  • रामायण महानाटक-प्राणचंद चौहान
  • अध्यात्म रामायण-माधवदास चारण
  • पौरुषेय रामायण- नरहरि बारहट
  • सूर रामायण-सूरदास
  • कृष्ण रामायण-धनारंग दुबे

दृष्टकूट पद क्या होते है ?

ऐसी कविता को कहते हैं जिसका अर्थ केवल शब्दों के वाचकार्थ से न समझा जा सके बल्कि प्रसंग या रूढ़ अर्थों से जान जाय।

*उदाहरण*
-हरिसुत पावक प्रगट भयो री।मारुत सुत भ्राता पितु प्रोहित ता प्रतिपालन छाँड़ि गयो री।हरसुत वाहन ता रिपु भोजन सों लागत अँग अनल भयो री।मृगमद स्वाद मोद नहिं भावत दधिसुत भानु समान भयो री।वारिधि सुतपति क्रोध कियो सखि मेटि धकार सकार लयो री।सूरदास प्रभु सिंधुसुता बिनु कोपि समर कर चाप लयो री। — (सूरदास)

पहेली को भी दृष्टकूट कहा जाता है।

व्याख्या

शब्द, संस्कृत के “दृष्ट’ तथा “कूट’ शब्दों से बना है, जिसका साहित्यिक अर्थ है ‘जो सहज रूप से देखने सुनने पर समझा न जा सके’। तिल की ओट पहाड़, दृष्टिछलन इत्यादि, अर्थात्‌ साहित्य के समर्थक अंग श्लेषादि शब्दालंकारों से आवृत ऐसे अनेकार्थवाची शब्दों की योजना, जिनका अर्थ उसके शब्दों की अपेक्षा रूढ़ि वा प्रसंग से जाना जा सके। वस्तुत: इस यौगिक शब्द “दृष्टकूट’ की अर्थगूढ़ता तथा जटिलता ही उसकी विशेषता है, जो अक्षरों में उलझी होने के कारण दुर्बोध तथा तद्गत शब्दों की भूलभुलइयों में छिपी रहती है।

भक्तिकाल प्रश्नोत्तरी 

1.अवध विलास रचना है
👉लालदास
2. सत्यनारायण कविरत्न की किस रचना में माता यशोदा को भारत माता के रूप में चित्रित किया गया है?
👉 भ्रमरदूत
3.तुलसी चरित किसकी रचना है?
👉रघुवरदास
4. रामचरितमानस की सबसे बड़ी विशेषता है
👉कवि द्वारा कथा के मार्मिक स्थलों की पहचान करना
5. “भारतीय जनता का प्रतिनिधि कवि यदि किसी को कह सकते हैं तो तुलसीदास को यह कथन किसका है?
👉आचार्य रामचंद्र शुक्ल
6. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने तुलसीदास का जन्म स्थान माना है?
👉राजापुर
7.पौरुषेय रामायण किसकी रचना है?
👉नरहरि वापट
8.”जा पर दीनानाथ ढरै” पंक्ति किसकी है?
👉सूरदास
9. सूरदास के काव्य की मौलिक विशेषता है
👉नवीन प्रसंगों की उद्भावना
10.गोविंद भाष्य की रचना किसने की ?

👉बलदेव विद्याभूषण

 

बृजभूषण जी
👇👇👇👇
11. विरहणी बावरी सी भाई- 👉मीरा बाई
12 .तुलसीदास ने सर्वप्रथम राम चरित मानस रसखान जी को सुनाई ऐसा – मुल गोसाई चरित मैं विदित है
13.शुक्ल जी के अनुसार, मीरा के पूछने पर तुलसीदास जी ने मीरा को विनयपत्रिका का एक पद भेजा था- जाके प्रिय न राम वेदेही , तजहिं ताहि कोटि वेरी सम जदिप परम सनेही।
14. ब्रज काव्य मैं सूरदास के बाद नंबर 2 कवि –
👉नंददास
15 सूरदास ने श्रृंगारी एवं कूट पदों की रचना की
👉विद्यापति की पद्यति पर की।
16. राधा कृष्ण को माली न मलिन के रूप में किस बुक मैं – 👉प्रेम वाटिका
17. सुर ने खुद को चंद्रवरदाई का वंसज किस में माना?
👉 साहित्य लहरी
18. कृष्ण भक्त कवियों मैं किसके सबसे अधिक ग्रन्थ-
👉 ध्रुवदास
19. तत्त्वदीप निबंध रचना किसकी है?
👉 बल्लभाचार्य
20. तुलसी से पूर्व राम भक्त कवियों मैं प्रमुख है
👉 विष्णुदास।

 

कृष्णकाव्य धारा और रामकाव्य धारा प्रश्नोतरी

डॉ मीनाक्षी दुबे – – –
👇👇👇
21 तुलसी की प्रथम रचना –
👉वैराग्य संदीपनी
22 तुलसी की अंतिम रचना –
👉कवितावली
23-रामचरित मानस की रचना
👉2साल 7महीने26दिन
24-तुलसी के समकालीन कवि – 👉रहीम , रसखान , नाभादास
25 द्वादशयश रचना – ‘
👉चतुर्भुज दास

प्रियंका जी खण्डेलवाल
👇👇👇
26.🌞विनय पत्रिका- अंतिम पत्रिका (तुलसी दास जी)
27.🌞 अकबर के शासन काल के समकालीन कहे जाते है
28.🌞रामबोला से तुलसीराम नाम …अंनतानंद ने रखा
29.🌞एनसाइकलोपिडिया ऑफ रिलीजन एंड एंथिस में ग्रियर्सन ने तुलसी जी की 12 रचनाओ का उल्लेख किया है
30.🌞रामचरितमानस मे राम को विष्णु का अवतार माना गया है
31🌞राजापुर के मंदिर में अयोध्याकांड की प्रति लिखी थी
प्रवीण कुमार द्विवेदी
👇👇👇👇

32 सूरसागर रचना शिल्प की दृष्टि से किस प्रकार का काव्य है
👉गेय मुक्तक काव्य
33 रामायण महानाटक ‘ के रचनाकार
👉प्राणचंद चौहान
34 रामचरितमानस’ के पहले टीकाकार
👉 रामचरण दास
35 भरत मिलाप और अंगद फैज के रचनाकार
👉 ईश्वरदास
36 श्याम सगाई, सिद्धांत पंचाध्यायी के रचनाकार
👉 नंददास

कृष्णकाव्य धारा और रामकाव्य धारा प्रश्नोतरी
मनोज कुमार जी
👇👇👇

37.  भक्ति काल में गीति काव्य परंपरा की शुरुआत की गयी
👉 जयदेव और विद्यापति

38. कृष्ण-काव्य-धारा के मुख्य प्रवर्तक हैं
👉 वल्लभाचार्य

39.  पुष्टिमार्ग का प्रचार-प्रसार किया
👉 वल्लभाचार्य ने

40. पुष्टिमार्ग का अर्थ
👉 भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से उनकी कृपा और अनुग्रह की प्राप्ति करना।

41. बल्लभ सम्प्रदाय का सिद्धांत पक्ष शुद्धाव्दैत और साधना पक्ष को ‘पुष्ट मार्ग’ कहा जाता है | पुष्ट शब्द भागवत पुराण के ‘पोषणम् तद्नुग्रह’ से लिया गया है | भगवत या अनुग्रह कृपा को पुष्ट कहा जाता है |

**********
गोपी जी
👇👇👇👇
_*रामभक्ति शाखा से जुड़े विशेष तथ्य*_

42.कलिकाल का वाल्मीकि *नाभादास* ने तुलसीदास को कहा

43.महात्मा बुद्ध के बाद सबसे बड़ा लोकनायक :- *जॉर्ज ग्रियर्सन*

44.मुगल काल का सबसे बड़ा आदमी :- *विंसेंट स्मिथ*

45.लोकनायक वही हो सकता है जो समन्वय की विराट चेष्टा लेकर आया हो :- *हजारी प्रसाद द्विवेदी*

46.हिंदी साहित्य के इतिहास में सबसे बड़ा और शिरोमणि कवि तुलसीदास है :- *आचार्य रामचंद्र शुक्ल*

47.निर्गुण धारा के संतों की वाणी में किस प्रकार लोग धर्म की अवहेलना हुई हैं सगुण धारा में कबीर दादू आदि के लोग धर्म विरोधी स्वरूप को आदि किसी ने पहचाना तो गोस्वामी जी ने *आचार्य रामचंद्र शुक्ल*
******************

48.*राम काव्य धारा और कृष्ण काव्य धारा में अंतर*
👉🏻👉🏻
1⃣राम काव्यधारा
प्रबंधात्मक धारा
1⃣कृष्ण काव्यधारा
मुक्तक काव्यधारा

1⃣राम काव्यधारा
अवधी भाषा की प्रधानता
1⃣कृष्ण काव्यधारा
ब्रजभाषा की प्रधानता

1⃣राम काव्यधारा
राम भक्ति सवर्णो को स्थान प्रदान करती है
1⃣कृष्ण काव्यधारा
कृष्ण काव्यधारा अवर्णों को स्थान प्रदान करती है

1⃣राम काव्यधारा
राम का रूप लोकहितकारी है
1⃣कृष्ण काव्यधारा
कृष्ण का रूप लोकरंजनकारी है

_48.कृष्ण का सर्वप्रथम उल्लेख ऋग्वेद के आठवें मंडल के आठवें सूक्त के रचयिता के रूप में मिलता हैं_

_49.संस्कृत काव्य धारा में कृष्ण लीला का उल्लेख अश्वघोष की ब्रह्मचरित्र में हैं_

_50.षट्ट संदर्भ ग्रंथ :- इसमें सनातन गोस्वामी ने श्री कृष्ण लीलाओं को साहित्यशास्त्र की रस परिपाटी में प्रतिष्ठित किया गया_

*पुष्टिमार्ग (वल्लभाचार्य )*

_51.*वल्लभाचार्य के अनुसार पुष्टि के तीन मार्ग हैं*_

1 मर्यादा मार्ग (भक्ति के विधि निषेध का पालन करना)

2 प्रवाह मार्ग (ग्रहस्थ होता है सांसारिक कार्यों के साथ-साथ भक्ति)

3 पुष्टिमार्ग (सर्वस्व भगवान पर निर्भर)

52.*वल्लभ संप्रदाय में कृष्ण लीलाओं का वर्णन करने का प्रयोजन क्या था*

स्वयं लीला ही कृष्ण लीला का प्रयोजन था

सवांत सुखाय हेतु भक्ति करना

53.पुष्टिमार्ग को रागानुराग भक्ति कहा जाता है

*********
हेमसिंह जी
👇👇👇
तुलसीदास जी के बारे में कथन
54.भक्तिकाल का सुमेरु -👉नाभादास
54.कलिकाल का वाल्मीकि -👉नाभादास
55.मानस का हंस –
👉अमृतलाल नागर
56.जातीय कवि -रामविलास शर्मा
57.कविता करके तुलसी न लसे, कविता ही लसी पा तुलसी की कला –
👉हरिऔध

रामकाव्य
58.खेती न किसान को भिखारी को न भीख –
👉कवितावली
59.जाके प्रिय न राम वैदेही
👉-विनयपत्रिका
60.बंदउ गुरू पद पदुम परागा -👉रामचरितमानस
61.गोरख जगायो जोग ,भगति भगायो भोग –
👉कवितावली
62.नाम रूप दुइ ईस उपाधी
👉-रामचरितमानस
63.रामराम भयो सगुन, राजा राम जगत् विजयी हैं –
👉विनयपत्रिका
64.ईश्वर अंश जीव अविनासी
👉-रामचरितमानस

विशेष*****

⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡

ट्रिक :
20 रामलला , 64 पर्वत चढ़े ।
216 जानकी , 69 बरै।
कृष्ण गीता में 61 पद रचे।
330 गीत 7खंडों में बजे।
44 हनुमान पर 183 कविता बने।

  • तुलसी के ग्रंथों में छंदों की संख्या
  • रामलाल नहछू – 20 छंद
  • पार्वती मंगल – 64 छंद
  • जानकी मंगल – 216छंद
  • बरवै रामायण — 69 छंद
  • कृष्ण गीतावली –61 छंद
  • गीतावली — 330 छंद (7)खंड
  • कवितावली – 183 छंद
  • हनुमान बाहुक — 44 छंद

कुछ प्रश्नोत्तरी से मूल्यांकन भी करें 

1. राजस्थान से सम्बंधित अष्टछाप कवि माने जाते हैं
A परमानन्द दास
B कृष्ण दास
C गोविन्द स्वामी √
D सावंत दास
2. डॉ.दीनदयालगुप्त के अनुसार सूरदास के द्वारा रचित पुस्तको की संख्या है
A 25√
B 26
C 27
D 28
3. सूरदास के समय श्रीकृष्ण की सुबह से शाम तक जो सेवा विधि थी उसमे सामिल नही है
A उत्थापन
B राजभोग
C चरण-सेवा√
D मंगलाचरण
4. निम्बाचार्य जी किस भक्ति सर्वश्रेष्ठ मानते है
A दास्य भाव
B सख्य भाव
C दाम्पत्य भाव √
D भ्रात भाव की

5. कोनसा क्रम सही है
A रामानुजाचार्य,मध्वाचार्य,विष्णु स्वामी,वल्लभाचार्य√
B मध्वाचार्य,विष्णु स्वामी,वल्लभाचार्य,रामानुजाचार्य
C विष्णु स्वामी,मध्वाचार्य,वल्लभाचार्य,रामानुजाचार्य
Dरामानुजाचार्य,वल्लभाचार्य,मध्वाचार्य,विष्णु स्वामी

6. कोनसा युग्म सही सुमेलित नही है
A अणुभाष्य-वल्लभाचार्य
B श्रीभाष्य -रामानन्द√
C शुद्धाद्वेत-विष्णु स्वामी
D अद्वेतवाद -शंकराचार्य

7. नन्द दास की रचना नही है
A अनेकार्थ मंजरी
B अलंकार मंजरी√
C मान मंजरी
D विरह मंजरी
8. केलिमाल के रचनाकार –
A ध्रुवदास
B हितहरिवंश
C स्वामी हरिदास√
D रसखान
9. नंददास की कोनसी कृति में कृष्ण की रास लीला की आध्यात्मक व्याख्या की है
A रास पंचाध्यायी
B रसमंजरी
C सिद्धान्त पंचाध्य्यायी√
D गोवर्धन लीला
10.पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक आचार्य कोन है?
A निम्बार्क
B हरिदास
C वल्लभ√
D विट्ठलनाथ

11. कृष्ण भक्ति शाखा की दार्शनिक पाठिका का तैयार करने वाले कवि कौन माने जाते हैं
1 नंददास
2 विद्यापति
3 सूरदास
4 कुंभन दास√
12 सूरदास की भक्ति पद्धति का मेरुदंड पुष्टिमार्ग है किसका कथन है
1 चंद्रगुप्त
2 हजारी प्रसाद द्विवेदी
3 डॉक्टर नगेंद्र
4 रामचंद्र शुक्ल√
13.निम्न में से किस कवि ने पहले राम भक्ति को स्वीकार किया था
1 परमानंद दास
2 चतुर्भुज दास
3 कुंभन दास
4 नंददास दास√
14.किसी संप्रदाय में कृष्ण रस और राधा को रति के नाम से पुकारा गया
1 रसिक संप्रदाय
2 तत सूखी संप्रदाय
3 बाबा लाली संप्रदाय
4 सहजिया संप्रदाय√

15. अब में पूर्ण यौवन को प्राप्त हूं और स्वामी कृष्ण के अतिरिक्त और किसी को अपना पति नहीं बना सकती।इस भाव की व्यंजना की है-
A. राधा
B.मीरा
C. अंदाल√
D. गोपियां
16. इन कृष्ण भक्त आचार्य पर सूफीयों का सर्वाधिक प्रभाव पड़ा है-
A. निंबार्क हरिदास
B.चैतन्य महाप्रभु
C.वल्लभाचार्य
D.हरिदास√
17. सुमेलित करें-
रचना
1.जुगल चरित्र
2.राधाष्टक
3.हित श्रंगार लीला
4.हित जू को मंगल
रचनाकार
अ. नेही नागरीदास
ब. ध्रुव दास
स. कृष्ण दास
द. चतुर्भुज दास
A. 1-ब 2-द 3-अ 4-स
B.1-अ 2-स 3-ब 4-द
C.1-स 2-अ 3-द 4-ब
D.1-स 2-अ 3-ब 4-द√
18. यह रीति तत्वों से ओतप्रोत साहित्य क्रीड़ा का ग्रंथ है-
A. भंवर गीत
B. भ्रमरगीत
C. साहित्य लहरी√
D. सूरसागर
19. अष्टछाप के कौन से कवि कान्यकुब्ज ब्राह्मण थे?
A. कृष्ण दास
B. सूरदास
C. नंददास
D. परमानंद दास√
20.वार्ता साहित्य में इनके प्रेत होने की कल्पना की गई है-
A. सूरदास
B. कृष्ण दास√
C. नंददास
D. चतुर्भुज दास
21. अष्टछाप के ये कवि एकमात्र है जिनका जन्म राजस्थान में हुआ-
A. छीत स्वामी
B. कुंभन दास
C. परमानंद दास
D. गोविंद स्वामी√
22. ‘ध्रुवचरित’ के रचनाकार माने जाते हैं
A.आलम
B. मीराबाई
C. नरोत्तम दास √
D. नरहरि बन्दीजन
23. ‘बड़ो अभाग्य अनन्य सभा को उठि गयौ ठाठ सिंगार’-किस कवि के देहांत पर यह मार्मिक पद लिखा गया?
A. हितहरिवंश√
B. स्वामी हरिदास
C. सूरदास
D.वल्लभाचार्य
24. भक्तिकालीन किस शाखा को विवेचित की करते हुए आचार्य शुक्ल ने सबसे अंत में लिखा है “दु:खवाद की छाया आ आकर भी टिकने न पाएगी। इन भक्तों का हमारे साहित्य पर पड़ा भारी उपकार है।”
A.रामभक्ति शाखा
B.कृष्ण भक्ति शाखा√
C. संत मार्गी शाखा
D. प्रेम मार्गी शाखा

25. कृष्ण काव्य का आधार या उप जीवित ग्रंथ कौन सा है
A श्रीमद्भागवत पुराण√
B रामायण
C महाभारत
D कृष्ण सागर

26. श्रीमद्भागवत पुराण में कृष्ण किस रूप में वर्णित है
A लोक रक्षक रूप
B लोक रंजक रूप√
C राधा का विशेष उल्लेख है
D A B दोनों
27. आधुनिक भारतीय भाषाओं में सर्वप्रथम किसने राधा कृष्ण की प्रेम लीलाओं का चित्रण किया है
A विद्यापति ने √
B अमृत लाल चतुर्वेदी ने
C जगन्नाथ सहाय ने
D नंद दास ने
28. नंद दास कृत रास पञ्चाध्यायी को हिंदी का गीत गोविंद किसने कहा है
A आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने
B डॉक्टर हजारी प्रसाद द्विवेदी ने
C वियोगी हरि ने √
D रामकुमार वर्मा ने

29. मीराबाई से सम्बंधित कौन सा कथन सही नही है।
A उन्होंने मुक्त भाव से सभी भक्ति सम्प्रदायों का प्रभाव ग्रहण किया√
B उन्होंने लोकजीवन में रची बसी भाषा पा प्रयोग किया
C अपने अधिकांश पदों में कृष्ण को बंशीधर,नन्दनन्दन,श्यामसुंदर, गोपाल आदि नामों से याद किया
D उनकी भक्ति माधुर्य भाव की है
30. “सूरसागर में जगह-जगह दृष्टिकुट वाले पद मिलते है।” यह भी विद्यापति का अनुकरण है। सूरदास से सम्बंधित उक्त विचार किस आलोचक का है।
A हजारी प्रसाद द्विवेदी
B बृजेश्वर शर्मा
C रामचन्द्र शुक्ल√
D हरवंशलाल शर्मा
31. “सखी हौ स्याम रंग रंगी।
देखी बिकाय गई वह मूरति, सूरत मांहि पगी।।” ये काव्य पंक्तिया किसकी है।
A हितहरिवंश
B गदाधर भट्ट√
C मीराबाई
D जीवगोस्वामी
32. सूरदास जब अपने प्रिय विषय का वर्णन शुरू करते है तो मानो अलंकारशास्त्र हाथ जोड़कर उनके पीछे पीछे दौड़ा करता है। उपमाओं की बाढ़ आ जाती है,रूपको की वर्षा होने लगती है। उपर्युक्त कथन किस आलोचक का है
A हजारी प्रसाद द्विवेदी√
B रामचन्द्र शुक्ल
C नन्ददुलारे वाजपेयी
D हरवंशलाल शर्मा
33. हितचोरासी के रचयिता है।
A नन्ददास
B हितहरिवंश√
C छीतस्वामी
D स्वामी हरिदास
34. तुम नीके दुहि जानत गैया।
चलिए कुंवर रसिक मनमोहन लागौ तिहारे पैयां। इन काव्य पंक्तियों के रचनाकार है।
A सूरदास
B कुम्भनदास√
C नन्ददास
D परमानन्ददास
35. भेजे मनभावन के उद्धव के आवन की सुधि ब्रज-गांवन मै पावन जबै लगी। उपर्युक्त पंक्तिया किस काव्य कृति की है।

A रसकलश
B गंगावतरण
C उध्वशतक√
D भृमरगीत
36. भारत मे कृष्ण भक्ति को देश व्यापी बनाने वाले
A वल्लभाचार्य
B विट्ठलनाथ√
C सूरदास
D छीतस्वामी
37. रासलीला को जीवनोत्सव किसने कहा
A हजारीप्रसाद द्विवेदी
B रामचन्द्र शुक्ल√
C नन्ददुलारे वाजपेयी
D हरवंशलाल शर्मा

38. कृष्ण भक्ति को शास्त्रीय आधार प्रदान करने का श्रेय दिया जाता है??
(अ) वल्लभाचार्य
(ब) जीव गोस्वामी√
(स) हित हरिवंश
(द)छीतस्वामी
39.हिन्दी के कृष्ण काव्य के प्रवर्तक का श्रेय किसको जाता है??
(अ) सूरदास
(ब)विद्यापति√
(स) हाल कवि
(द) जयदेव

40. कृष्ण काव्य के किस कवि ने नवीन प्रसंगो की उद्भावना की??
(अ) छीत स्वामी
(ब) नन्द दास
(स) सूरदास √
(द) मीरा बाई

 

हिंदी साहित्य योजना से जुड़ें 

 

अगर हमारे द्वारा दी गयी जानकारी आपको अच्छी लगी तो पोस्ट को शेयर जरुर करें 

भक्तिकाल के अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न 

1. उत्तर भारत में भक्ति का प्रसार करने का श्रेय किसे प्राप्त है?
(A) शंकराचार्य (B) रामानुजाचार्य (C) रामानन्द (D) मध्वाचार्य
2. ‘भक्तमाल के अनुसार रामानन्द के कितने शिष्य थे?
(A) आठ (B) नौ (C) दस (D) बारह
3. वल्लभाचार्य किस सम्प्रदाय के संस्थापक हैं?
(A) अद्वैत (B) द्वैताद्वैत (C) शुद्धाद्वैत (D) विशिष्टाद्वैत
4. मध्वाचार्य किस सम्प्रदाय के संस्थापक हैं?
(A) अद्वैत (B) द्वैत (C) शुद्धाद्वैत (D) विशिष्टाद्वैत
5. सखी सम्प्रदाय के संस्थापक हैं :
(A) हित हरिवंश (B) वल्लभाचार्य (C) स्वामी हरिदास (D) मध्वाचार्य
6. पुष्टिमार्ग के संस्थापक हैं :
(A) हित हरिवंश (B) वल्लभाचार्य (C) स्वामी हरिदास (D) मध्वाचार्य
7. पुष्टिमार्ग का जहाज़ किसको कहा जाता है ?
(A) सूरदास (B) वल्लभाचार्य (C) स्वामी हरिदास (D) तुलसीदास
8. सखी सम्प्रदाय को कहा जाता है :
(A) राधावल्लभ सम्प्रदाय (B) हरिदासी सम्प्रदाय (C) चिंत्याचिंत्य सम्प्रदाय (D) अष्टछाप सम्प्रदाय
9. निम्नलिखित में से कौन ब्रह्म सम्प्रदाय का प्रवर्तक है?
(A) विष्णुस्वामी (B) निम्बार्काचार्य (C) हित हरिवंश (D) मध्वाचार्य
10. निम्नलिखित में से कौन श्री सम्प्रदाय का प्रवर्तक है?
(A) विष्णुस्वामी (B) निम्बार्काचार्य (C) हित हरिवंश (D) रामानुजाचार्य
11. निम्नलिखित में से कौन माध्वसम्प्रदाय का प्रवर्तक है?
(A) विष्णुस्वामी (B) निम्बार्काचार्य (C) हित हरिवंश (D) मध्वाचार्य
12. विशिष्टाद्वैत की स्थापना किसने की ?
(A) विष्णुस्वामी (B) निम्बार्काचार्य (C) रामानुजाचार्य (D) मध्वाचार्य
13. विशिष्टाद्वैत में किस वाद का खंडन किया गया है ?
(A) राधावल्लभ सम्प्रदाय (B) हरिदासी सम्प्रदाय (C) चिंत्याचिंत्य सम्प्रदाय (D) अद्वैतवाद
14. द्वैताद्वैतवाद की स्थापना किसने की ?
(A) विष्णुस्वामी (B) निम्बार्काचार्य (C) रामानुजाचार्य (D) मध्वाचार्य
15. निम्नलिखित में से कौन रुद्र सम्प्रदाय का प्रवर्तक है?
(A) विष्णुस्वामी (B) निम्बार्काचार्य (C) हित हरिवंश (D) मध्वाचार्य
16. निम्नलिखित में से कौन रामावत सम्प्रदाय का प्रवर्तक है?
(A) वल्लभाचार्य (B) रामानन्द (C) स्वामी (D) छीतस्वामी
17. निम्नलिखित में से कौन राधावल्लभ सम्प्रदाय का प्रवर्तक है?
(A) वल्लभाचार्य (B) हित हरिवंश (C) स्वामी (D) छीतस्वामी
18. निम्नलिखित में से कौन साध सम्प्रदाय का प्रवर्तक है?
(A) वल्लभाचार्य (B) वीरभान (C) स्वामी (D) छीतस्वामी
19. लालपंथ का प्रवर्तक कौन है?
(A) संत लालदास (B) कबीरदास (C) संत पीपा (D) छीतस्वामी
20. दादूपंथ का प्रवर्तक कौन है?
(A) संत लालदास (B) कबीरदास (C) संत दादूदयाल (D) स्वामी हरिदास
21. विश्नोई सम्प्रदाय का प्रवर्तक कौन है?
(A) संत कवि जम्भनाथ (B) कबीरदास (C) संत दादूदयाल (D) स्वामी हरिदास
22. तत्सुखी शाखा का प्रवर्तक कौन है?
(A) राधाचरणदास (B) जीवारामजी (C) भगवानदास (D) अग्रदास
23. सखी सम्प्रदाय के स्वसुखी शाखा का प्रवर्तक कौन है?
(A) राधाचरणदास (B) हरिदास (C) भगवानदास (D) अग्रदास
24. निरंजनी सम्प्रदाय का प्रवर्तक कौन है?
(A) निपट निरंजन (B) हरिदास निरंजनी (C) भगवानदास निरंजनी (D) स्वामी हरिदास
25. राजस्थान के सलेमाबाद में किस सम्प्रदाय गोविन्द की गद्दी है?
(A) हरिदास सम्प्रदाय (B) राधावल्लभ सम्प्रदाय (C) गौड़ीय सम्प्रदाय (D) निम्बार्क सम्प्रदाय
26. बावरी पंथ का आदिप्रवर्तक कौन है?
(A) संत लालदास (B) संत रामानन्द (C) संत दादूदयाल (D) स्वामी हरिदास
27. कौन-सा पंथ बावरी साहिबा के नाम पर है?
(A) बावरी पंथ (B) कबीरपंथ (C) विश्नोई सम्प्रदाय (D) दादूपंथ
28. मध्वाचार्य किस सम्प्रदाय के संस्थापक हैं?
(A) द्वैत (B) अद्वैत (C) शुद्धाद्वैत (D) विशिष्टाद्वैत
29. इनमें से कौन वैष्णव भक्ति का आचार्य नहीं है?
(A) वल्लभाचार्य (B) मध्वाचार्य (C) शंकराचार्य (D) रामानुजाचार्य
30. गौड़ीय संप्रदाय के संस्थापक हैं :
(A) हरिदास निरंजनी (B) लालदास (C) हितहरिवंश (D) चैतन्य महाप्रभु
31.¯ शुद्धाद्वैतवाद का प्रधान मूल ग्रंथ है
(A) अणुभाष्य (B) सुबोधिनी टाका (C) सूरसागर (D) रामचरितमानस
32. महाप्रभु वल्लभाचार्य के शिष्यों का वृत्तान्त इस ग्रंथ में है :
(A) दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता (B) भक्तमाल (C) चौरासी वैष्णवन की वार्ता (D) वचनामृत
33. वल्लभाचार्य का वेदान्त सूत्र पर लिखा प्रसिद्ध ग्रंथ है :
(A) पुष्टिमार्ग रहस्य (B) आनन्द भाष्य (C) अणु भाष्य (D) सृष्टि रहस्य
34. पुष्टिमार्ग का आधार ग्रंथ कौन-सा है?
(A) भगवत् गीता (B) महाभारत (C) श्रीमदभागत् (D) रामायण
35. सूरदास ने किस आचार्य से दीक्षा ली थी :
(A) वल्लभाचार्य (B) स्वामी रामानन्द (C) मध्वाचार्य6(D) स्वामी विट्ठलनाथ
36. निम्नलिखित सम्प्रदायों को उनके प्रवर्तकों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) श्री सम्प्रदाय (i) रामानुजाचार्य
(B) रुद्र सम्प्रदाय (ii) मध्वाचार्य
(C) हंस या सनकादि सम्प्रदाय (iii) विश्णुस्वामी
(D) राधावल्लभी सम्प्रदाय (iv) निम्बार्काचार्य (v) श्री हितजी
कूट :
a b c d
(A) (ii) (iv) (i) (iii)
(B) (i) (iii) (iv) (v)
(C) (iii) (iv) (i) (ii)
(D) (iv) (i) (ii) (iii)
37. निम्नलिखित सम्प्रदायों को उनके प्रवर्तकों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) विश्नोई सम्प्रदाय (i) अलाउद्दीन हुसैन शाह
(B) सत्य पीर सम्प्रदाय (ii) लालदास
(C) लालपंथ (iii) जम्भनाथ
(D) राधावल्लभी सम्प्रदाय (iv) निम्बार्काचार्य (v) श्री हितजी
कूट :
a b c d
(A) (ii) (iv) (i) (iii)
(B) (iii) (i) (ii) (v)
(C) (iii) (iv) (i) (ii)
(D) (iv) (i) (ii) (iii)
38. निम्नलिखित सम्प्रदायों को उनके प्रवर्तकों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) रसिक सम्प्रदाय (i) चक्रधर
(B) महानुभाव सम्प्रदाय (ii) पुंडलिक
(C) हंस या सनकादि सम्प्रदाय (iii) रामानन्द
(D) वारकरी सम्प्रदाय (iv) निम्बार्काचार्य (v) अग्रदास
कूट :
a b c d
(A) (ii) (iv) (i) (iii)
(B) (i) (iii) (iv) (v)
(C) (v) (i) (iv) (ii)
(D) (iv) (i) (ii) (iii)
39. निम्नलिखित सम्प्रदायों को उनके प्रवर्तकों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) सिख सम्प्रदाय (i) हितuरिवंश
(B) टट्टी सम्प्रदाय (ii) गुरु नानक
(C) योगदर्शन (iii) हरिदास
(D) राधावल्लभी सम्प्रदाय (iv) निम्बार्काचार्य (v) पतंजलि
कूट :
a b c d
(A) (ii) (iii) (v) (i)
(B) (i) (iii) (iv) (v)
(C) (iii) (iv) (i) (ii)
(D) (iv) (i) (ii) (iii)
40. निम्नलिखित आचार्यों को उनके सिद्धान्तों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) वल्लभाचार्य (i) विशिष्टाद्वैतवाद
(B) निम्बार्काचार्य (ii) अद्वैतवाद
(C) रामानुजाचार्य (iii) द्वैतवाद
(D) मध्वाचार्य (iv) द्वैताद्वैतवाद (v) शुद्धाद्वैतवाद
कूट :
a b c d
(A) (v) (iv) (i) (iii)
(B) (i) (ii) (iv) (iii)
(C) (iii) (iv) (i) (ii)
(D) (ii) (i) (iv) (v)
41. निम्नलिखित सम्प्रदायों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) राधावल्लभ सम्प्रदाय (i) शेख फरीद
(B) खालसा सम्प्रदाय (ii) प्राणनाथ
(C) सूफ़ी सम्प्रदाय (iii) गुरु गोविन्द सिंह
(D) प्रणामी सम्प्रदाय (iv) बिहारी (v) सुन्दरदास
कूट :
a b c d
(A) (ii) (i) (iii) (iv)
(B) (iv) (iii) (i) (ii)
(C) (iii) (ii) (iv) (i)
(D) (v) (iv) (ii) (iii)
42. निम्नलिखित सम्प्रदायों को उनके अनुयायियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) वल्लभसम्प्रदाय (i) हरिव्यास देव
(B) निम्बार्क सम्प्रदाय (ii) दामोदरदास
(C) राधावल्लभ सम्प्रदाय (iii) गदाधर भट्ट
(D) चैतन्य सम्प्रदाय (iv) जगन्नाथ गोस्वामी (v) गोविन्द स्वामी
कूट :
a b c d
(A) (v) (i) (ii) (iii)
(B) (iv) (i) (iii) (v)
(C) (ii) (i) (v) (iv)
(D) (v) (iv) (ii) (iii)
43. कवियों को उनके अवतारों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) कबीर (i) वाल्मीकि
(B) सूरदास (ii) मुरली
(C) तुलसीदास (iii) उद्धव
(D) हितहरिवंश (iv) ज्ञानी जी (v) हंस
कूट :
a b c d
(A) (iv) (iii) (i) (ii)
(B) (iv) (ii) (iii) (i)
(C) (iii) (iv) (v) (i)
(D) (ii) (iii) (iv) (v)
44. निम्नलिखित आचार्यों को उनके सिद्धान्तों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) शंकराचार्य (i) उद्धति सम्प्रदाय
(B) बाबा श्रीचन्द (ii) परब्रह्म सम्प्रदाय
(C) स्वामी सहजानन्द (iii) उदासीन सम्प्रदाय
(D) दादू दयाल (iv) स्मार्त सम्प्रदाय (v) वल्लभसम्प्रदाय
कूट :
a b c d
(A) (v) (iv) (i) (iii)
(B) (i) (ii) (iv) (iii)
(C) (iii) (iv) (i) (ii)
(D) (iv) (iii) (i) (ii)
45. निम्नलिखित संस्थाओं को उनके संस्थापकांे साथ सुमेलित कीजिए:
(A) ब्रह्म समाज (i) एनी बेसेंट
(B) प्रार्थना समाज (ii) विवेकानन्द
(C) आर्य समाज (iii) दयानन्द सरस्वती
(D) रामकृष्ण मिशन (iv) राजा राममोहन राय (v) केशवचन्द्र सेन
कूट :
a b c d
(A) (iv) (i) (ii) (iii)
(B) (iv) (ii) (i) (v)
(C) (v) (ii) (ii) (iv)
(D) (iv) (v) (iii) (ii)
46. भक्तमाल में दिए गए रामानन्द के प्रथम चार शिष्यों का सही अनुक्रम है :
(A) सुखानन्द, नरहर्यानन्द, अनंतानन्द, सुरसुरानन्द
(B) अनंतानन्द, सुखानन्द, सुरसुरानन्द, नरहर्यानन्द
(C) सुरसुरानन्द, अनंतानन्द, नरहर्यानन्द, सुखानन्द
(D) सुखानन्द, सुरसुरानन्द, नरहर्यानन्द, अनंतानन्द
47. आचार्य हजारी प्रसाद के अनुसार निम्नलिखित सम्प्रदायों का सही अनुक्रम है:
(A) ब्राह्म सम्प्रदाय, सनकादि सम्प्रदाय, श्री सम्प्रदाय, रुद्र सम्प्रदाय
(B) सनकादि सम्प्रदाय, ब्राह्म सम्प्रदाय, रुद्र सम्प्रदाय, श्री सम्प्रदाय
(C) श्री सम्प्रदाय, ब्राह्म सम्प्रदाय, रुद्र सम्प्रदाय, सनकदि सम्प्रदाय
(D) रुद्र सम्प्रदाय, श्री सम्प्रदाय, ब्राह्म सम्प्रदाय, सनकादि सम्प्रदाय

उत्तरमाला 

1. C 2. D 3. C 4. B 5. C 6. B 7. A 8. B 9. D 10. D 11. D
12. C 13. D 14. B 15. A 16. B 17. B 18. B 19. A 20. C 21. A 22. B
23. A 24. B 25. D 26. B 27. A 28. A 29. C 30. D 31. A 32. A 33. C
34. C 35. A 36. B 37. B 38. C 39. A 40. A 41. B 42. A 43. A 44. D
45. D 46. B 47. C

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *