आधुनिक काल साहित्य

हिंदी साहित्य के आधुनिक काल का संग्रह: भारतेन्दु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता और हालावाद। कवि, कृतियाँ, प्रवृत्तियाँ और परीक्षा के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर।

हरिवंश राय बच्चन – जीवन परिचय | Harivansh Rai Bachchan ka Jeevan Parichay

Harivansh Rai Bachchan

आज के आर्टिकल में हम साहित्य के चर्चित कवि हालावाद के जनक हरिवंश राय बच्चन जी (Harivansh rai Bachchan ka Jeevan Parichay) के सम्पूर्ण जीवन परिचय को पढेंगे ,इनसे जुड़ें महत्त्वपूर्ण तथ्यों का अध्ययन करेंगे । हरिवंश राय बच्चन – Harivansh Rai Bachchan ka Jeevan Parichay   हरिवंश राय बच्चन: संपूर्ण जीवन परिचय, रचनाएँ और […]

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भारतेन्दु युग और द्विवेदी युग प्रश्नोत्तरी: 100 MCQ उत्तर सहित

Hindi sahitya objective question quiz 10

संक्षिप्त उत्तर: इस पेज पर आधुनिक काल के भारतेन्दु युग और द्विवेदी युग के 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं (दो क्विज़, हर एक में 50 प्रश्न)। हर प्रश्न का उत्तर ‘उत्तर देखें’ पर क्लिक करने से खुलेगा। पहले खुद हल कीजिए, फिर मिलान कीजिए। UGC NET, RPSC स्कूल/कॉलेज लेक्चरर, REET और अन्य हिंदी साहित्य परीक्षाओं के

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मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी भावना -Hindi sahitya

मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी भावना

आज की पोस्ट में हम चर्चित कवि मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी भावना के प्रति उनका क्या दृष्टिकोण था ,इसके बारे में चर्चा करेंगे | गुप्त जी की नारी भावना(Maithilisharan gupt) मैथिलीशरण गुप्त जी द्विवेदी युग के कवियों में उच्च स्थान रखते हैं। उनकी रचनाओं में राष्ट्रीयता समाज सुधार युग बोध के साथ-साथ भारतीय

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जयशंकर प्रसाद का प्रथम काव्य संग्रह चित्राधार: परिचय एवं विशेषताएँ | Chitradhar Notes

चित्राधार जयशंकर प्रसाद

आज के इस आलेख में हम हिंदी साहित्य के महान छायावादी कवि जयशंकर प्रसाद (Jaishankar Prasad) द्वारा रचित उनके प्रथम महत्वपूर्ण काव्य-संग्रह ‘चित्राधार’ (Chitradhar) के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। चित्राधार – Chitradhar का परिचय जयशंकर प्रसाद जी का प्रथम काव्य-संग्रह ‘चित्राधार’ है, जिससे उनकी बहुमुखी प्रतिभा का अनूठा परिचय मिलता है। इस कविता-संग्रह

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सरोज स्मृति – व्याख्या | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | Saroj Smriti

saroj_smriti_nirala

आज की पोस्ट में कवि निराला की चर्चित कविता सरोज स्मृति(Saroj Smriti) को व्याख्या सहित समझाया गया है , साथ में महत्वपूर्ण प्रश्न भी दिए गए है ,जो किसी भी परीक्षा के लिए उपयोगी साबित होंगे सरोज स्मृति – Saroj Smriti ’सरोज स्मृति’ हिंदी में अपने ढंग का एकमात्र शोक काव्य है। कवि निराला द्वारा

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प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताएँ – Prayogvad ki Visheshta

प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताएँ

आज के आर्टिकल में हम हिंदी साहित्य में आधुनिक काल के अंतर्गत प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताएँ (Prayogvad ki Visheshta) पढेंगे। प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताएँ – Prayogvad ki Visheshta भावुकता तथा बौद्धिकता का संश्लेषणः- प्रयोगवादी कविता में न तो छायावादी काव्य के जैसी वायवीयता, अति भावुकता एवं कल्पना है और न ही प्रगतिवाद की तरह किसी

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प्रियप्रवास (Priyapravaas): कथावस्तु, 17 सर्ग और विशेषताएँ | हिंदी साहित्य

प्रियप्रवास (Priyapravaas): हिंदी का प्रथम महाकाव्य – परिभाषा, कथावस्तु, सर्ग और विशेषताएँ यदि आप हिंदी साहित्य और प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UGC NET, TGT, PGT, और बोर्ड परीक्षाएँ) के अंतर्गत अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की रचना प्रियप्रवास की संपूर्ण और प्रामाणिक जानकारी ढूंढ रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी है। आधुनिक हिंदी साहित्य के

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भारतेन्दु युग पार्ट 1

भारतेन्दु युग(bhartendu yug)   आज हम भारतेन्दु युग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी ले कर आए है  1. भारतेंदु की राजभक्ति परक कविता *भारत शिक्षा* है 2.सर सैयद अहमद खां ने हिंदी को गंवारू बोली कहकर उर्दू की हिमायत की 3.रीतिकाल का अंतिम चरण सन 1843 ईस्वी और भारतेन्दु के आगमन 1868 ईस्वी के बीच

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छायावाद युग की प्रमुख रचनाएँ और कवि | Chhayawad Yug Pramukh Rachanaen Notes

छायावाद युग और हिंदी कविता: प्रमुख रचनाएँ एवं रचनाकार हिंदी साहित्य के इतिहास में छायावाद युग (लगभग 1918 से 1936 ई.) का समय व्यक्तिगत प्रेम, सौंदर्य, प्रकृति के मानवीकरण और राष्ट्रीय-सांस्कृतिक चेतना का स्वर्णकाल माना जाता है। जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा को इस युग के चार प्रमुख स्तंभ कहा

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नई कविता के प्रमुख कवि एवं उनकी कृतियां || Hindi Sahiya || Adhunik Kaal

NAYI KAVITA KE PRMUKH KAVI

आज की पोस्ट में हिंदी साहित्य के अंतर्गत आधुनिक काल में नई कविता के प्रमुख कवि (Nayi kavita ke Prmukh kavi)  के बारे में जानेगें | नई कविता के प्रमुख कवि एवं उनकी कृतियां सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन ’अज्ञेय’ (1911-1987 ई.) रचनाएँ : सम्पादन – दिनमान, प्रतीक, एव्रीमेंस, नवभारत टाइम्स, तार सप्तक, दूसरा सप्तक, तीसरा सप्तक।

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