केवल कृष्ण घोड़ेला

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राजा शिवप्रसाद सितारे हिंद का जीवन परिचय और रचनाएँ | Sitare Hind

राजा शिवप्रसाद सितारे हिंद

राजा शिवप्रसाद ‘सितारे हिंद’ का जीवन परिचय, रचनाएँ और साहित्यिक योगदान (Raja Shiv Prasad Sitare Hind Jivan Parichay) हिंदी गद्य साहित्य के विकास, प्रारंभिक खड़ी बोली के उत्थान और नागरी लिपि के अस्तित्व की रक्षा के लिए जिन मनीषियों ने संघर्ष किया, उनमें राजा शिवप्रसाद ‘सितारे हिंद’ का नाम अत्यंत आदर के साथ लिया जाता […]

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भारतेन्दु हरिश्चंद्र का जीवन परिचय, रचनाएँ और नाटक | Bhartendu Harishchandra

Bhartendu Harishchandra ka Jeevan Parichay

भारतेन्दु हरिश्चंद्र का जीवन परिचय, रचनाएँ और साहित्यिक योगदान (Bhartendu Harishchandra Jivan Parichay) आधुनिक हिंदी गद्य साहित्य के जन्मदाता और युग-प्रवर्तक साहित्यकार भारतेन्दु हरिश्चंद्र का हिंदी जगत में अत्यंत गौरवशाली स्थान है। उनके नाम पर ही हिंदी साहित्य के एक संपूर्ण युग का नाम ‘भारतेंदु युग’ पड़ा है। मात्र 35 वर्ष के अल्पकालिक जीवन में

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डॉ. नगेन्द्र का जीवन परिचय, रचनाएँ और आलोचना | Dr. Nagendra Jivan Parichay

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डॉ. नगेन्द्र का जीवन परिचय (Dr. Nagendra Jivan Parichay) हिंदी आलोचना जगत के शिखर पुरुष, महान रसवादी आलोचक और इतिहासकार डॉ. नगेन्द्र का आधुनिक हिंदी साहित्य में अत्यंत गौरवशाली स्थान है। उन्होंने अपनी निष्पक्ष, वैज्ञानिक और शोधपरक दृष्टि से हिंदी आलोचना और इतिहास-लेखन को एक नई मजबूती प्रदान की। UGC NET/JRF, KVS, NVS, EMRS, UP/MP

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मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय – Munshi Premchand ka Jeevan Parichay

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आज के आर्टिकल में हम हिंदी के विद्वान् मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय (Munshi Premchand ka Jeevan Parichay) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी पढेंगे। premchand,prem chand,munsi prem chand,munshi premchand,prem chandra ka jivan parichay मुंशी प्रेमचन्द का जीवन परिचय – Munshi Premchand ka Jeevan Parichay प्रेमचंद जी उर्दू में ’नवाब राय’ के नाम से लिखते थे

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आधुनिक काल प्रश्नोत्तरी: सम्पूर्ण आधुनिक काल, प्रगतिवाद व प्रयोगवाद 100 MCQ

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संक्षिप्त उत्तर: इस पेज पर आधुनिक काल के 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं: सम्पूर्ण आधुनिक काल के 50 प्रश्न और प्रगतिवाद व प्रयोगवाद के 50 प्रश्न। हर प्रश्न का उत्तर ‘उत्तर देखें’ पर क्लिक करने से खुलेगा। पहले खुद हल कीजिए, फिर मिलान कीजिए। UGC NET, RPSC स्कूल/कॉलेज लेक्चरर, REET और अन्य हिंदी साहित्य परीक्षाओं के

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Kamayani || कामायनी जयशंकर प्रसाद

Kamayani

आज की पोस्ट में हम जयशंकर प्रसाद की चर्चित रचना कामायनी(Kamayani) के महत्त्वपूर्ण तथ्यों को पढेंगे ,आप इसे अच्छे से पढ़ें | कामायनी विशेष जयशंकर प्रसाद(Kamayani) कामायनी पर विशेष : जयशंकर प्रसाद प्रकाशन वर्ष – 1935 कुल सर्ग – 15 कामायनी 15 सर्ग (अध्यायों) का क्रम चिन्ता आशा श्रद्धा काम वासना लज्जा कर्म ईर्ष्या इडा

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सर्वनाम के भेद: परिभाषा, 6 भेद उदाहरण सहित, कारक रूप और 50 MCQ | Sarvanam ke Bhed

सर्वनाम के भेद - पुरुषवाचक, निजवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक और प्रश्नवाचक सर्वनाम

सर्वनाम किसे कहते हैं और सर्वनाम के कितने भेद होते हैं: 6 भेद उदाहरण सहित, 11 मूल सर्वनाम, “आप” के तीन प्रयोग, कारक रूप तालिका, सार्वनामिक विशेषण से अंतर और 50 MCQ।

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आंचलिक उपन्यास क्या है? अर्थ, विशेषता, विषय-क्षेत्र और प्रमुख परिभाषाएँ

Anchalik Upanyas

आंचलिक उपन्यास (Anchalik Upanyas): अर्थ, उत्पत्ति, विषय-क्षेत्र और प्रमुख परिभाषाएँ हिंदी साहित्य के क्षेत्र में आंचलिक प्रवृत्ति आधुनिकतम प्रवृत्ति के रूप में मान्य है। व्यक्तिवादी साहित्य के विरोध में उपन्यासों में विशिष्ट आंचलिकता नवीन चेतना की परिचायक है। आधुनिक युग में उपन्यास वैयक्तिक कुंठाओं एवं मान्यताओं से पृथक् उस प्राकृतिक वातावरण की ओर उन्मुख हो

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उपमा अलंकार – परिभाषा, भेद, पूर्णोपमा, लुप्तोपमा, मालोपमा, उपमेयोपमा, रशनोपमा | पहचान | 10 उदाहरण | Upma Alankar

Upma Alankar

उपमा अलंकार: उपमा में किसी एक वस्तु को दूसरी वस्तु के समान बताया जाता है, या दूसरे शब्दों में कहें तो एक वस्तु की तुलना किसी दूसरी वस्तु से की जाती है। जैसे – ’मुख कमल के समान सुन्दर है’ – कथन में ’मुख’ (एक वस्तु) की समानता (तुलना) दूसरी वस्तु ’कमल’ से की गयी

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Letter Writing in Hindi || हिंदी पत्र लेखन

Letter Writing in Hindi

आज की पोस्ट में हम हिंदी लेखन में हिंदी पत्र लेखन(Letter Writing in Hindi) के बारे में जानेंगे और पत्रों के प्रकारों के बारे में भी जानेंगे । पत्र लेखन – Patra Lekhan How many letters in hindi पत्रों के प्रकार(Type of Letter) सामान्यतः विषय के अनुसार पत्रों को अनेक श्रेणियों में विभाजित किया जाता

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