रीतिकाल महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी – संपूर्ण संग्रह (Ritikaal Objective Questions Hub) | Ritikaal MCQ in Hindi

अंतिम संशोधित (Last Updated): October 22, 2026

संक्षिप्त उत्तर: इस पेज पर रीतिकाल के 51 प्रश्न-उत्तर सात खंडों में दिए गए हैं: रचनाएँ-रचनाकार, आचार्य और परंपरा, प्रसिद्ध पंक्तियाँ और MCQ। हर प्रश्न का उत्तर ‘उत्तर देखें’ पर क्लिक करने से खुलेगा। पहले खुद सोचिए, फिर मिलान कीजिए।

हिंदी साहित्य के इतिहास में रीतिकाल (आचार्य शुक्ल के अनुसार संवत 1700 से 1900) रीतिकवियों, आचार्य कवियों और उनकी शृंगारिक व वीररसात्मक रचनाओं के लिए जाना जाता है। UGC NET, TGT, PGT, RPSC, KVS और NVS जैसी परीक्षाओं में रीतिकाल से वस्तुनिष्ठ प्रश्न बहुतायत से पूछे जाते हैं। यह पेज रीतिकाल के महत्वपूर्ण वन-लाइनर प्रश्न-उत्तर, प्रसिद्ध पंक्तियों के रचनाकार और कुछ MCQ एक जगह देता है।

🔗 रीतिकाल की पूरी MCQ प्रश्नोत्तरी (दो भाग)

भागक्या हैलिंक
रीतिकाल प्रश्नोत्तरी भाग 1क्विज़ 1 से 7 (175 MCQ)क्लिक करके पढ़ें
रीतिकाल प्रश्नोत्तरी भाग 2क्विज़ 8 से 14क्लिक करके पढ़ें
✅ रीतिकाल के वन-लाइनर और MCQ कहाँ से हल करें?
नीचे 51 प्रश्न-उत्तर खंड-वार दिए हैं। अपना उत्तर पहले सोचें, फिर “✅ उत्तर देखें” दबाकर मिलान करें।

सीधे खंड पर जाएँ:

खंड 1 खंड 2 खंड 3 खंड 4 खंड 5 खंड 6 खंड 7

रीतिकाल प्रश्नोत्तरी: एक नज़र में

खंडविषयप्रश्न
खंड 1रीतिकाल विशेष: रचनाएँ और रचनाकार10
खंड 2परंपरा, आचार्य और प्रमुख तथ्य10
खंड 3प्रसिद्ध पंक्तियाँ और अन्य तथ्य8
खंड 4रीतिकाल से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य8
खंड 5इन पंक्तियों के रचनाकार5
खंड 6विविध प्रश्न5
खंड 7रीतिकाल वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)5

अपना स्कोर कैसे जाँचें: हर खंड हल करते समय सही उत्तरों की गिनती रखें। 80% से ज़्यादा सही हों, तो वह खंड परीक्षा के लिए तैयार है। 60% से कम हों, तो नीचे दिए नोट्स वाले लेख पढ़कर दोबारा हल करें।

रीतिकाल विशेष: रचनाएँ और रचनाकार

नगेन्द्र ने कवि देव की किस रचना को नायिका भेद का विश्वकोश माना है?
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उत्तर: सुखसागर तरंग
पद्माकर की कौन-सी रचना वाल्मीकि के रामायण का छायानुवाद है?
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उत्तर: राम रसायन
यमुना लहरी किसकी रचना है?
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उत्तर: ग्वाल कवि
बिहारी सतसई के प्रथम टीकाकार कौन थे?
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उत्तर: कृष्णलाल कवि (कृष्ण कवि)
बिहारी को ‘पीयूषवर्षी मेघ’ किसने कहा?
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उत्तर: राधाचरण गोस्वामी
‘ककहरा’ रचना किसकी है?
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उत्तर: रामसहाय भगत
‘ऋतु वर्णनों में इनके हृदय का उल्लास उमड़ पड़ता है’—यह कथन शुक्ल जी ने किसके लिए कहा?
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उत्तर: द्विजदेव
‘इश्कनामा’ किसकी रचना है?
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उत्तर: बोधा
‘तुलसीभूषण’ रचना किसकी है?
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उत्तर: रसरूप
‘अंगदर्पण’ रचना किसकी है?
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उत्तर: रसलीन

परंपरा, आचार्य और प्रमुख तथ्य

रीति काव्य परंपरा का प्रथम ग्रंथ किसे माना जाता है?
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उत्तर: हिततरंगिणी (कृपाराम)
रीतिबद्ध अंतिम प्रसिद्ध आचार्य किसे माना जाता है?
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उत्तर: पद्माकर
हिन्दी में पिंगल निरूपण का विधिवत प्रारंभ किससे माना जाता है?
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उत्तर: केशवदास से
‘गंगालहरी’ के रचनाकार कौन हैं?
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उत्तर: पद्माकर
“बिहारी अकेले कवि हैं जिन्होंने ग्रामीण संस्कृति के प्रति घृणा व्यक्त की है”—यह कथन किसका है?
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उत्तर: डॉ. बच्चन सिंह
युगलोपासना या सखी संप्रदाय का प्रमुख केन्द्र कहाँ था?
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उत्तर: वृंदावन
घनानंद का कौन सा ग्रंथ फ़ारसी के छंद में है?
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उत्तर: विरहलीला (वियोगबेली)
“कोऊ कितेक उपाय करो, कहुँ होत है आपुने पीव पराये…”—यह पंक्ति किसकी है?
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उत्तर: मतिराम
चिंतामणि का सर्वाधिक प्रसिद्ध ग्रंथ कौन सा है?
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उत्तर: कविकुल कल्पतरु
‘रीति’ से तात्पर्य क्या है?
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उत्तर: विशिष्ट पद रचना (काव्यांग निरूपण)

प्रसिद्ध पंक्तियाँ और अन्य तथ्य

“तुलसी गंग दुवौ भए, सुकविन के सरदार”
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उत्तर: भिखारीदास
“नेन नचाई कहौ मुस्काई, लला फिर आइयो खेलन होली”
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उत्तर: पद्माकर
“अमिय हलाहल मद भरे, श्वेत श्याम रतनार”
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उत्तर: रसलीन
“ब्रजभाषा हेतु ब्रजवास हीन अनुमानों”
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उत्तर: भिखारीदास
रीतिकाल किस राजनीतिक शक्ति के समय पल्लवित हुआ?
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उत्तर: मुग़ल वंश
केशव को ‘भाषा का मिल्टन’ किसने कहा?
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उत्तर: मिश्रबंधु
बीरबल से मित्रता और अकबर से अनबन किस रीतिकालीन कवि की थी?
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उत्तर: केशवदास
केशव की मुक्तक काव्य रचनाएँ कौन-सी हैं?
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उत्तर: नखशिख वर्णन, रसिकप्रिया, कविप्रिया (सूत्र: नरक से मुक्ति — नखशिख, रसिकप्रिया, कविप्रिया). (नोट: केशव की बाकी सभी रचनाएँ प्रबंध काव्य के अंतर्गत आती हैं।)

महाकवि केशवदास की प्रमुख रचनाएँ (वर्षानुसार)

  • रसिकप्रिया (1591 ई.)
  • कविप्रिया (1601 ई.)
  • रामचंद्रिका (1601 ई.)
  • रतनबावनी (1607 ई.)
  • वीरदेवसिंह चरित (1607 ई.)
  • विज्ञान गीता (1610 ई.)
  • जहाँगीर जस चंद्रिका (1612 ई.)

रीतिकाल से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

रामचंद्रिका का मूलाधार
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उत्तर: वाल्मीकि रामायण
बिहारी सतसई के अनुकरण पर रसनिधि ने किस ग्रंथ की रचना की?
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उत्तर: रतनहजारा
बिहारी की प्रसिद्धि का मुख्य कारण
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उत्तर: कल्पना की समाहार शक्ति एवं भाषा की सामासिक शक्ति
रीतिकाल को ‘कलाकाल’ किसने कहा?
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उत्तर: रमाशंकर शुक्ल ‘रसाल’
छंदों का वैविध्य किस रचना में मिलता है?
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उत्तर: रामचंद्रिका
‘श्री राधासुधाशतक’ के रचयिता कौन हैं?
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उत्तर: हठी जी
खड़ी बोली में रचित ‘भाषा योगावासिष्ठ’ (भाषायोग वसिष्ठ) के रचनाकार कौन हैं?
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उत्तर: रामप्रसाद निरंजनी
‘ठाकुर’ नाम के रीतिकाल में कुल कितने कवि हुए?
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उत्तर: तीन

घनानंद की कृतियों के पद/छंद संख्या:

  • कवित्त सवैया: 752
  • पद: 1057
  • दोहे-चौपाई: 2354

इन पंक्तियों के रचनाकार

“हम कविराज हैं, पै चाकर चतुर के”
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उत्तर: ठाकुर
“कुक भरी मुक्ता बुलाए आप बोलिहे”
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उत्तर: घनानंद
“नैनन में जे सदा रहते तिनकी अब कान कहानी सुन्यो करें”
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उत्तर: आलम
“सघनकुंज छाया सुखद शीतल मंद समीर”
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उत्तर: बिहारी
“भाषा बोली न जानहि जिनके कुल के दास”
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उत्तर: केशवदास

विविध प्रश्न

द्रोणपर्व किसकी रचना है?
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उत्तर: कुलपति मिश्र
अंगदर्पण के रचयिता कौन हैं?
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उत्तर: रसलीन
बूंदी नरेश भावसिंह के दरबारी कवि कौन थे?
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उत्तर: मतिराम
रीतिकालीन काव्य की सर्वप्रमुख भाषा कौन-सी है?
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उत्तर: ब्रजभाषा
बिहारी सतसई में लगभग कितने दोहे शृंगारिक हैं?
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
उत्तर: लगभग 600

रीतिकाल वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. बिहारी सतसई का संपादन जगन्नाथदास ने किस नाम से किया है?
(A) बिहारी वैभव
(B) बिहारी बोधिनी
(C) बिहारी रत्नाकर
(D) बिहारी का शिल्प
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (C) बिहारी रत्नाकर
प्रश्न 2. इनमें से केशव द्वारा लिखित महाकाव्य कौन सा है?
(A) रसिकप्रिया
(B) कविप्रिया
(C) जहांगीर जसचंद्रिका
(D) रामचंद्रिका
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (D) रामचंद्रिका
प्रश्न 3. केशव को ‘कठिन काव्य का प्रेत’ क्यों कहा जाता है?
(A) अलंकार बहुलता के कारण
(B) चमत्कार प्रदर्शन के कारण
(C) काव्य में क्लिष्टता के कारण
(D) पांडित्य प्रदर्शन के कारण
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (C) काव्य में क्लिष्टता के कारण
प्रश्न 4. आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार, हिंदी के अधिकांश अलंकार ग्रंथ किनके अनुकरण पर लिखे गए?
(A) काव्यप्रकाश
(B) काव्यालंकार
(C) चंद्रालोक
(D) चंद्रालोक एवं कुवलयानंद
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (D) चंद्रालोक एवं कुवलयानंद
प्रश्न 5. इनमें से ‘सर्वांग निरूपक कवि’ कौन है?
(A) भिखारीदास
(B) नागरीदास
(C) भूषण
(D) वेनी प्रवीण
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (A) भिखारीदास

💡 रीतिकाल की तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स (Study Tips)

  1. आचार्य रामचंद्र शुक्ल का इतिहास: रीतिकाल को ‘रीतिकाल’ नाम शुक्ल जी ने ही दिया है, इस काल के प्रवर्तक को लेकर केशवदास और चिंतामणि पर विशेष ध्यान दें।
  2. काव्यधाराओं का वर्गीकरण: रीतिकाल को मुख्य रूप से तीन धाराओं (रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त) में बाँटा गया है, इन्हें अच्छे से तैयार करें।
  3. प्रमुख पंक्तियाँ: बिहारी, घनानंद और पद्माकर की प्रसिद्ध पंक्तियों से परीक्षा में सीधे प्रश्न बनते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

❓ रीतिकाल का नामकरण किसने किया?
“रीतिकाल” नाम आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने दिया। मिश्रबंधुओं ने इसे “अलंकृत काल” और विश्वनाथप्रसाद मिश्र ने “शृंगार काल” कहा।
❓ रीतिकाल की तीन काव्यधाराएँ कौन-सी हैं?
रीतिबद्ध (जैसे केशवदास, चिंतामणि, देव), रीतिसिद्ध (जैसे बिहारी) और रीतिमुक्त (जैसे घनानंद, बोधा, आलम, ठाकुर)।
❓ रीतिकाल का प्रवर्तक या प्रथम आचार्य किसे माना जाता है?
इस पर मतभेद है। केशवदास को कई विद्वान रीति-परंपरा का आरंभकर्ता मानते हैं, जबकि आचार्य शुक्ल ने चिंतामणि त्रिपाठी को रीतिकाल का प्रवर्तक माना है।
❓ रीतिकाल की प्रमुख भाषा कौन-सी है?
रीतिकालीन काव्य की सर्वप्रमुख भाषा ब्रजभाषा है।
❓ रीतिकाल की प्रश्नोत्तरी कैसे हल करें?
पहले तीनों काव्यधाराओं के कवि और उनकी रचनाएँ समझें। फिर इस पेज के खंड एक-एक करके हल करें और ग़लत प्रश्नों को दोहराएँ। MCQ के लिए ऊपर दिए भाग 1 और भाग 2 के क्विज़ भी हल करें।
❓ इस पेज पर कितने प्रश्न हैं?
इस पेज पर रीतिकाल के 51 प्रश्न-उत्तर सात खंडों में दिए गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर खुलता है।

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केवल कृष्ण घोड़ेला

✍️ लेखक परिचय
केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी) • कॉलेज व्याख्याता
📍 श्रीगंगानगर (राजस्थान)
हिंदी साहित्य चैनल (hindisahity.com) के संचालक। NET/JRF और प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य की तैयारी करवाते हैं।

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