नवगीत परंपरा || हिन्दी साहित्य || आधुनिक काल
नवगीत परंपरा (navgeet parmpra) हिन्दी में नवगीत की विशुद्ध चर्चा पहली बार राजेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा संपादित गीतांगिनी (1950) में हुई। इन्हें ही ’नवगीत’ की संज्ञा दी जानी चाहिए। गीतांगिनी के संपादकीय को नवगीत का घोषणा-पत्र माना जाना चाहिए। केदारनाथ अग्रवाल तथा ठाकुर प्रसाद सिंह को नवगीत के आरंभकर्ता का श्रेय दिया जाता है। नवगीत […]






