केवल कृष्ण घोड़ेला

आप सभी का हिंदी साहित्य की इस वेबसाइट पर स्वागत है l यहाँ पर आपको हिंदी से सम्बंधित सभी जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी l हम अपने विद्यार्थियों के पठन हेतु सतर्क है l और हम आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते है l धन्यवाद !

Visheshan – विशेषण : परिभाषा ,भेद , 500+ Top उदाहरण

विशेषण

आज की पोस्ट में हम हिंदी व्याकरण में विशेषण(Visheshan)को पढने वाले है। इसके अंतर्गत हम विशेष टॉपिक विशेषण की परिभाषा(Visheshan ki Paribhasha) , विशेषण किसे कहते है(Visheshan kise kahate Hain), विशेषण के भेद(Visheshan ke Bhed), विशेषण के उदाहरण(Visheshan ke Udaharan), adjective meaning in hindi,आदि को विस्तार से समझेंगे । इस आर्टिकल के अंत में परीक्षा […]

Visheshan – विशेषण : परिभाषा ,भेद , 500+ Top उदाहरण Read More »

Best Hindi Grammar – हिंदी व्याकरण – Hindi Vyakaran No.1 PDF

Hindi Grammar

इस आर्टिकल में हम सभी एग्जाम के लिए महत्त्वपूर्ण विषय हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar) पर चर्चा करेंगे। अगर आप हिंदी व्याकरण के अच्छे नोट्स चाहते है, तो आप इस आर्टिकल में बिल्कुल सही हो ।आर्टिकल को पूरा ध्यान से पढ़ें सभी व्याकरण के सभी टॉपिक दिए गए है। सबसे पहले आपके दिमाग में यहीं प्रश्न

Best Hindi Grammar – हिंदी व्याकरण – Hindi Vyakaran No.1 PDF Read More »

hindi sahitya || हिन्दी कहानी महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर || Hindi Story Important question

hindi kahani important question hindi sahitya

हिन्दी कहानी महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर(Hindi Story Important question)||hindi sahitya ka itihas||hindi sahitya दोस्तो आज की पोस्ट में हिन्दी कहानी के टॉपिक से संबन्धित 200+ प्रश्नों का संकलन तैयार किया गया है जिसमे से आपको हर exam में question मिलेंगे .. अगर आपको हमारे द्वारा किया गया प्रयास अच्छा लगे तो इस पोस्ट को शेयर जरूर कीजिएगा 

hindi sahitya || हिन्दी कहानी महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर || Hindi Story Important question Read More »

अलंकार उदाहरण – Alankar Ke Udaharan || Hindi Sahitya

अलंकार और उनके उदाहरण

आइए दोस्तों आज हम कुछ अलंकार और उनके उदाहरण से रूबरू करवाते है अलंकार – Alankar अलंकार शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है- आभूषण। काव्य रूपी काया की शोभा बढ़ाने वाले अवयव को अलंकार कहते हैं। दुसरे शब्दों में जिस प्रकार आभूषण शरीर की शोभा बढ़ते हैं, उसी प्रकार अलंकार साहित्य या काव्य को सुंदर

अलंकार उदाहरण – Alankar Ke Udaharan || Hindi Sahitya Read More »

प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताएँ – Prayogvad ki Visheshta

प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताएँ

आज के आर्टिकल में हम हिंदी साहित्य में आधुनिक काल के अंतर्गत प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताएँ (Prayogvad ki Visheshta) पढेंगे। प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताएँ – Prayogvad ki Visheshta भावुकता तथा बौद्धिकता का संश्लेषणः- प्रयोगवादी कविता में न तो छायावादी काव्य के जैसी वायवीयता, अति भावुकता एवं कल्पना है और न ही प्रगतिवाद की तरह किसी

प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताएँ – Prayogvad ki Visheshta Read More »

वर्ड्सवर्थ का काव्यभाषा सिद्धान्त: अर्थ, विशेषताएँ और निष्कर्ष | Wordsworth Theory of Poetic Diction

वर्ड्सवर्थ का काव्यभाषा सिद्धान्त

वर्ड्सवर्थ का काव्यभाषा सिद्धान्त: परिचय, प्रमुख मान्यताएँ और निष्कर्ष 19वीं शताब्दी के प्रमुख समीक्षकों में गिने जाने वाले विलियम वर्ड्सवर्थ (William Wordsworth) ने अपने समय के साहित्य को कृत्रिम और परंपरावादी पाकर उसमें सुधार के लिए कुछ बुनियादी सिद्धांत प्रस्तुत किए। उनका मानना था कि कविता के द्वारा हमारे भावों को शक्ति मिलनी चाहिए और

वर्ड्सवर्थ का काव्यभाषा सिद्धान्त: अर्थ, विशेषताएँ और निष्कर्ष | Wordsworth Theory of Poetic Diction Read More »

सरोज स्मृति – व्याख्या | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | Saroj Smriti

saroj_smriti_nirala

आज की पोस्ट में कवि निराला की चर्चित कविता सरोज स्मृति(Saroj Smriti) को व्याख्या सहित समझाया गया है , साथ में महत्वपूर्ण प्रश्न भी दिए गए है ,जो किसी भी परीक्षा के लिए उपयोगी साबित होंगे सरोज स्मृति – Saroj Smriti ’सरोज स्मृति’ हिंदी में अपने ढंग का एकमात्र शोक काव्य है। कवि निराला द्वारा

सरोज स्मृति – व्याख्या | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | Saroj Smriti Read More »

हिंदी आलोचना प्रमुख कथन || Hindi Sahitya || परीक्षापयोगी

आज की पोस्ट में परीक्षापयोगी तथ्य हिंदी आलोचना से लिए गए है हिंदी आलोचना से जुड़े महत्वपूर्ण कथन दिए गए है   हिंदी आलोचना(Hindi Aalochna)से संबंधित प्रमुख कथन ⇒ ’’चीटीं से लेकर हाथी पर्यन्त पशु, भिक्षुक से लेकर राजा पर्यन्त मनुष्य, बिन्दु से लेकर समुद्र पर्यन्त जल, अनन्त आकाश, अनन्त पृथ्वी, अनन्त पर्वत सभी पर कविता

हिंदी आलोचना प्रमुख कथन || Hindi Sahitya || परीक्षापयोगी Read More »

पाश्चात्य काव्यशास्त्र पार्ट 2: Pashchatya Kavya Shastra MCQ & Notes

पाश्चात्य काव्यशास्त्र (Pashchatya Kavya Shastra Part 2) – महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर एवं वस्तुनिष्ठ नोट्स एक नजर में (Quick Overview): क्या आप पाश्चात्य काव्यशास्त्र (Pashchatya Kavya Shastra) के महत्वपूर्ण सिद्धांतों, विचारकों और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की तलाश में हैं? यदि आप UGC NET, TGT, PGT, RPSC या हिंदी साहित्य से जुड़ी किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर

पाश्चात्य काव्यशास्त्र पार्ट 2: Pashchatya Kavya Shastra MCQ & Notes Read More »

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का जीवन परिचय, रचनाएँ और नाटक ‘बकरी’ | Sarveshwar Dayal Saxena

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना: जीवन परिचय, रचनाएँ और साहित्यिक योगदान (Sarveshwar Dayal Saxena ka Jivan Parichay) हिंदी साहित्य के प्रगतिशील और प्रयोगवादी-नई कविता आंदोलन के सशक्त हस्ताक्षर, बाल-साहित्य के मर्मज्ञ तथा सहज लोकभाषा के चितेरे सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का आधुनिक हिंदी साहित्य में अत्यंत महत्वपूर्ण और आदरणीय स्थान है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे REET, RPSC, TGT, PGT,

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का जीवन परिचय, रचनाएँ और नाटक ‘बकरी’ | Sarveshwar Dayal Saxena Read More »

Scroll to Top