केवल कृष्ण घोड़ेला

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रस के प्रकार – हिंदी काव्यशास्त्र

रस के प्रकार

आज के आर्टिकल में हम काव्यशास्त्र के अंतर्गत हम रस के प्रकार (Ras ke Parkar) विषय पर चर्चा करेंगे ,आप इस टॉपिक को अच्छे से तैयार करें । वीर रस दोस्तो वीर रस सभी रसों में प्रधान माना जाता है। इस रस का देवता महेन्द्र माना गया है और इसका वर्ण, सोने के समान गौर […]

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Tatsam Tadbhav Shabd – तत्सम व तद्भव शब्द -परिभाषा, उदाहरण, प्रश्नोत्तर

Tatsam Tadbhav

आज के आर्टिकल में हम तत्सम तद्भव (Tatsam Tadbhav Shabd) शब्दों के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे , इस विषयवस्तु से सम्बन्धित महत्त्वपूर्ण प्रश्न आर्टिकल के अंत में पढेंगे । तत्सम व तद्भव शब्द – Tatsam Tadbhav अगर हम शब्दों की बात करें तो हिन्दी के शब्दों का वर्गीकरण चार आधारों पर किया जाता

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रीतिकाल प्रश्नोत्तरी भाग 2: 175 MCQ उत्तर सहित (Ritikaal Objective Questions)

Ritikaal Objective Questions-8

संक्षिप्त उत्तर: इस पेज पर रीतिकाल (रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त काव्यधारा) के 175 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं, यानी क्विज़ 8 से 14 तक हर क्विज़ में 25 प्रश्न। हर प्रश्न का उत्तर ‘उत्तर देखें’ पर क्लिक करने से खुलेगा। पहले खुद हल कीजिए, फिर मिलान कीजिए। UGC NET, RPSC स्कूल/कॉलेज लेक्चरर, REET और अन्य हिंदी साहित्य

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रीतिकाल प्रश्नोत्तरी भाग 1: 175 MCQ उत्तर सहित (Ritikaal Objective Questions)

Ritikaal Objective Questions-1

संक्षिप्त उत्तर: इस पेज पर रीतिकाल (रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त काव्यधारा) के 175 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं, यानी क्विज़ 1 से 7 तक हर क्विज़ में 25 प्रश्न। हर प्रश्न का उत्तर ‘उत्तर देखें’ पर क्लिक करने से खुलेगा। पहले खुद हल कीजिए, फिर मिलान कीजिए। UGC NET, RPSC स्कूल/कॉलेज लेक्चरर, REET और अन्य हिंदी साहित्य

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Aadhe Adhoore Natak – आधे-अधूरे नाटक || सारांश || मोहन राकेश

आज के आर्टिकल में आधे-अधूरे नाटक ( Aadhe Adhoore Natak) का परीक्षापयोगी सारांश दिया गया है ,आप इसे अच्छे से पढ़ें  आधे-अधूरे(Aadhe Adhoore Natak) ’आषाढ़ का एक दिन’ (1958) ’लहरों के राजहंस’ (1963) के बाद ’आधे-अधूरे’ (1969) मोहन राकेश का तीसरा नाटक है, इस नाटक को समकालीन जिन्दगी का पहला सार्थक नाटक कहा गया है

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छाया मत छूना || गिरिजा कुमार माथुर || सम्पूर्ण व्याख्या

छाया मत छूना

‘छाया मत छूना’: गिरिजा कुमार माथुर की प्रसिद्ध कविता का परिचय और संपूर्ण अध्ययन हिंदी साहित्य में नई कविता आंदोलन के प्रमुख हस्ताक्षर, वैचारिक गहराई, रूमानी चेतना और जीवन के यथार्थ को अपनी कविताओं का मुख्य स्वर बनाने वाले प्रख्यात कवि गिरिजा कुमार माथुर का आधुनिक हिंदी साहित्य में अत्यंत विशिष्ट और गौरवशाली स्थान है।

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मेघ आए || सर्वेश्वर दयाल सक्सेना || सम्पूर्ण व्याख्या

मेघ आए

‘मेघ आए’: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की प्रसिद्ध कविता का परिचय और संपूर्ण अध्ययन हिंदी साहित्य में नई कविता आंदोलन के प्रमुख हस्ताक्षर, जनजीवन के यथार्थ, प्रकृति के विविध रूपों और मानवीय सरोकारों को अपनी कविताओं का मुख्य स्वर बनाने वाले प्रख्यात कवि और साहित्यकार सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का आधुनिक हिंदी साहित्य में अत्यंत विशिष्ट और

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राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जीवन परिचय, रचनाएँ और साकेत | Maithili Sharan Gupt

Maithili Sharan Gupt ka Jeevan Parichay

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जीवन परिचय, रचनाएँ और काव्यगत विशेषताएँ (Maithili Sharan Gupt ka Jivan Parichay) हिंदी साहित्य के द्विवेदी युग के सर्वाधिक लोकप्रिय, राष्ट्रीय चेतना के अमर गायक और ‘राष्ट्रकवि’ की उपाधि से विभूषित मैथिलीशरण गुप्त (Maithili Sharan Gupt) का हिंदी कविता के इतिहास में अत्यंत गौरवशाली स्थान है। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने जिन्हें

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जैनेन्द्र कुमार का जीवन परिचय, रचनाएँ और उपन्यास | Jainendra Kumar Jivan Parichay

Jainendra Kumar

मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार जैनेन्द्र कुमार का जीवन परिचय, रचनाएँ और काव्यगत विशेषताएँ (Jainendra Kumar ka Jivan Parichay) हिंदी साहित्य के द्विवेदी युग और छायावादोत्तर काल में हिंदी उपन्यास और कहानी को मनोवैज्ञानिक आधार प्रदान करने वाले सशक्त हस्ताक्षर जैनेन्द्र कुमार (Jainendra Kumar) का हिंदी गद्य साहित्य में अत्यंत गौरवशाली स्थान है। उन्हें हिंदी का ‘प्रथम मनोविश्लेषणात्मक

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PADBANDH – पदबंध क्या है | हिंदी व्याकरण

पदबंध क्या है

आज की पोस्ट में हम हिंदी व्याकरण में पदबंध(Padbandh) के बारे में पढेंगे इसके अंतर्गत हम पदबंध की परिभाषा(Padbandh ki paribhasha), पदबंध किसे कहते है(Padbandh kise kahate hain) , पदबंध के कितने भेद होते है(Padbandh ke kitne bhed hote hain), Padbandh in hindi – इन बिन्दुओं पर हम चर्चा करेंगे   पदबंध क्या है ,इस पर

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