UGC NET, JRF, TGT, PGT, RPSC कॉलेज लेक्चरर या किसी भी हिंदी परीक्षा में हिंदी साहित्य का आदिकाल सबसे ज़्यादा उलझाने वाला खंड माना जाता है। नामकरण पर मतभेद, रासो ग्रंथों की प्रामाणिकता, सिद्धों-नाथों की लंबी सूची, और आचार्यों के एक-जैसे लगने वाले कथन। इन्हें बार-बार हल करके ही याद रखा जा सकता है। इसी के लिए इस पेज पर आदिकाल के वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Adikal MCQ) उत्तर सहित, विषय के हिसाब से पाँच खंडों में दिए गए हैं। हर प्रश्न के नीचे बटन दबाते ही सही उत्तर के साथ एक पंक्ति में कारण भी खुलता है, ताकि यह आदिकाल क्विज़ सिर्फ़ रटने का नहीं, समझने का अभ्यास बने।
✅ आदिकाल के वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) कहाँ से हल करें?
इस पेज पर आदिकाल की प्रश्नोत्तरी के 161 चुने हुए MCQ हैं: भाषा का उद्भव, इतिहास-लेखन और नामकरण, सिद्ध-नाथ-जैन साहित्य, रासो साहित्य, और अपभ्रंश व लौकिक साहित्य। हर प्रश्न के चार विकल्पों में से अपना उत्तर सोचें, फिर “✅ उत्तर देखें” दबाकर मिलान करें। सभी उत्तर मानक इतिहास-ग्रंथों से जाँचे गए हैं।
सीधे खंड पर जाएँ:
खंड 1 खंड 2 खंड 3 खंड 4 खंड 5
आदिकाल प्रश्नोत्तरी: एक नज़र में
| खंड | विषय | प्रश्न |
| खंड 1 | हिंदी भाषा का उद्भव और बोलियाँ | 12 |
| खंड 2 | इतिहास-लेखन, नामकरण और काल-विभाजन | 32 |
| खंड 3 | सिद्ध, नाथ और जैन साहित्य | 55 |
| खंड 4 | रासो साहित्य | 33 |
| खंड 5 | अपभ्रंश, लौकिक साहित्य, अमीर खुसरो और विद्यापति | 29 |
अपना स्कोर कैसे जाँचें: हर खंड हल करते समय सही उत्तरों की गिनती रखें। 80% से ज़्यादा सही हों, तो वह खंड परीक्षा के लिए तैयार है। 60% से कम हों, तो नीचे दिए नोट्स वाले लेख पढ़कर दोबारा हल करें।
खंड 1: हिंदी भाषा का उद्भव और बोलियाँ
प्रश्न 1. प्राकृत प्रथम के नाम से कौनसी भाषा जानी जाती है?
(अ) प्राकृत
(ब) पालि
(स) अपभ्रंश
(द) संस्कृत
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) पालि
📝 कारण: पालि को “प्रथम प्राकृत” कहा जाता है।
प्रश्न 2. पश्चिमी हिंदी का विकास किस अपभ्रंश से हुआ है?
(अ) शौरसेनी
(ब) गुर्जरा अपभ्रंश
(स) मागधी
(द) अर्द्धमागधी
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (अ) शौरसेनी
📝 कारण: पश्चिमी हिंदी (ब्रज, खड़ी बोली आदि) शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित हुई।
प्रश्न 3. पूर्वी हिन्दी की बोली कौनसी नहीं है?
(अ) अवधी
(ब) बघेली
(स) छत्तीसगढ़ी
(द) बांगरू
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (द) बांगरू
📝 कारण: बांगरू (हरियाणवी) पश्चिमी हिंदी की बोली है; अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी पूर्वी हिंदी की।
प्रश्न 4. मेरठ, दिल्ली, सहारनपुर आदि क्षेत्रों में बोली जाने वाली वह बोली कौनसी है जो कौरवी के नाम से जानी जाती है?
(अ) अवधी
(ब) ब्रज
(स) खड़ी बोली
(द) कन्नौजी
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) खड़ी बोली
📝 कारण: मेरठ, दिल्ली, सहारनपुर क्षेत्र की खड़ी बोली को “कौरवी” भी कहते हैं।
प्रश्न 5. पूर्वी हिन्दी का विकास निम्न में से किस अपभ्रंश की देन है?
(अ) मागधी
(ब) अर्द्धमागधी
(स) महाराष्ट्र
(द) गुर्जरा
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) अर्द्धमागधी
📝 कारण: पूर्वी हिंदी (अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी) अर्धमागधी अपभ्रंश से विकसित हुई।
प्रश्न 6. हिन्दी भाषा का प्रारंभ कब से माना जाता है?
(अ) 1000 ई. से
(ब) ईसा की छठी शताब्दी पूर्व
(स) वैदिक युग से
(द) हड़प्पा काल से
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (अ) 1000 ई. से
📝 कारण: सामान्यतः हिंदी का आरंभ लगभग 1000 ई. के आसपास माना जाता है।
प्रश्न 7. भोजपुरी का विकास किस अपभ्रंश से हुआ है?
(अ) शौरसेनी
(ब) मागधी
(स) अर्द्धमागधी
(द) ब्राचड़
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) मागधी
📝 कारण: भोजपुरी, मगही, मैथिली (बिहारी हिंदी) मागधी अपभ्रंश से विकसित हुईं।
प्रश्न 8. निम्नलिखित में से कौनसा विषम संयोजन है?
(अ) छत्तीसगढ़ी – पूर्वी हिन्दी
(ब) मगही – बिहारी हिन्दी
(स) मालवी – राजस्थानी हिन्दी
(द) बघेली – पश्चिमी हिन्दी
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (द) बघेली – पश्चिमी हिन्दी
📝 कारण: बघेली पूर्वी हिंदी की बोली है, पश्चिमी हिंदी की नहीं।
प्रश्न 9. ‘बैसवाड़ी’ किस प्रमुख बोली के निकट हैं?
(अ) छत्तीसगढ़ी
(ब) अवधी
(स) ब्रज
(द) कन्नौजी
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) अवधी
📝 कारण: बैसवाड़ी अवधी की उपबोली मानी जाती है।
प्रश्न 10. निम्नलिखित में राजस्थानी हिन्दी की कौन-सी बोली नहीं है?
(अ) मारवाड़ी
(ब) जयपुरी
(स) मेवाती
(द) बुन्देली
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (द) बुन्देली
📝 कारण: बुंदेली पश्चिमी हिंदी की बोली है, राजस्थानी की नहीं।
प्रश्न 11. प्रादेशिक बोलियों के साथ देश भाषा ब्रज के संयोग से बनी अपभ्रंश भाषा का नाम क्या हैं?
(अ) डिंगल
(ब) पिंगल
(स) भोजपुरी
(द) मैथिली
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) पिंगल
📝 कारण: ब्रज के मेल से बनी काव्य-भाषा “पिंगल” कहलाई, राजस्थानी वाली “डिंगल”।
प्रश्न 12. आचार्य शुक्ल ने हिन्दी का आविर्भाव कब से माना है?
(अ) प्राकृत से
(ब) संस्कृत से
(स) प्राकृत की अंतिम अपभ्रंश अवस्था से
(द) पालि से
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) प्राकृत की अंतिम अपभ्रंश अवस्था से
📝 कारण: शुक्ल ने हिंदी का आविर्भाव प्राकृत की अंतिम अपभ्रंश अवस्था से माना।
अगला खंड ⬇️
खंड 2: इतिहास-लेखन, नामकरण और काल-विभाजन
प्रश्न 1. हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन की परम्परा का सूत्रपात किसने किया?
(अ) रामचन्द्र शुक्ल
(ब) जार्ज ग्रियर्सन
(स) गार्सा-द-तासी
(द) तेसीटोरी
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) गार्सा-द-तासी
📝 कारण: फ़्रांसीसी विद्वान गार्सां द तासी के ग्रंथ “इस्त्वार द ला लितेरात्यूर ऐंदूई ऐ ऐंदूस्तानी” से इतिहास-लेखन की परंपरा शुरू मानी जाती है।
प्रश्न 2. निम्न में से कौनसा सुमेलित नहीं है?
(अ) राजस्थानी भाषा और साहित्य – मोतीलाल मेनारिया
(ब) हिन्दी साहित्य का वैज्ञानिक इतिहास – डॉ. गणपति चन्द्र गुप्त
(स) हिन्दी साहित्य का वैज्ञानिक इतिहास – सर जार्ज ग्रियर्सन
(द) शिवसिंह सरोज – शिवसिंह सेंगर
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) हिन्दी साहित्य का वैज्ञानिक इतिहास – सर जार्ज ग्रियर्सन
📝 कारण: “हिंदी साहित्य का वैज्ञानिक इतिहास” डॉ. गणपतिचंद्र गुप्त का है, ग्रियर्सन का नहीं।
प्रश्न 3. इनमें से असत्य कथन कौन सा हैं?
(अ) शुक्ल जी का इतिहास ग्रन्थ सन् 1929 ई. में प्रकाशित हुआ
(ब) गार्सा-द-तासी हिन्दी साहित्य के इतिहास के प्रथम लेखक है
(स) शिवसिंह सरोज में लगभग 1000 कवियों का विवरण है
(द) हिन्दी साहित्य का आदिकाल डॉ. नगेन्द्र की रचना है
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (द) हिन्दी साहित्य का आदिकाल डॉ. नगेन्द्र की रचना है
📝 कारण: “हिंदी साहित्य का आदिकाल” आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की रचना है।
प्रश्न 4. उस इतिहास ग्रन्थ का नाम बताइए जिसमें लगभग 5000 कवियों का विवरण संकलित है?
(अ) मिश्रबन्धु विनोद
(ब) शिवसिंह सरोज
(स) हिन्दी साहित्य की भूमिका
(द) हिन्दी साहित्य का इतिहास
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (अ) मिश्रबन्धु विनोद
📝 कारण: “मिश्रबंधु विनोद” में लगभग 5000 कवियों का विवरण है।
प्रश्न 5. हिन्दी वीर काव्य के रचयिता कौन हैं?
(अ) रामनरेश त्रिपाठी
(ब) आचार्य चतुरसेन
(स) टीकम सिंह
(द) रामविलास शर्मा
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) टीकम सिंह
📝 कारण: “हिंदी वीरकाव्य” टीकम सिंह तोमर का शोध-ग्रंथ है।
प्रश्न 6. शुक्ल जी ने आधुनिक काल का नाम क्या रखा है?
(अ) वर्तमान काल
(ब) आधुनिक काल
(स) गद्यकाल
(द) जागरण सुधार काल
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) गद्यकाल
📝 कारण: आचार्य शुक्ल ने आधुनिक काल को “गद्यकाल” कहा।
प्रश्न 7. पूर्व मध्यकाल के लिए शुक्ल जी ने क्या नाम दिया है?
(अ) भक्तिकाल
(ब) पूर्व माध्यमिक काल
(स) रीतिकाल
(द) कोई नहीं
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (अ) भक्तिकाल
📝 कारण: शुक्ल के काल-विभाजन में पूर्व मध्यकाल = भक्तिकाल, उत्तर मध्यकाल = रीतिकाल।
प्रश्न 8. किस इतिहास लेखक ने हिन्दी साहित्य का प्रारम्भ 1050 वि. से स्वीकार किया है?
(अ) हजारी प्रसाद
(ब) रामचन्द्र शुक्ल
(स) डॉ. नगेन्द्र
(द) मिश्रबन्धु
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) रामचन्द्र शुक्ल
📝 कारण: शुक्ल ने वीरगाथा काल संवत 1050 से 1375 तक माना।
प्रश्न 9. डॉ. रामकुमार वर्मा के काल विभाजन में हिन्दी साहित्य का प्रारम्भ कब से माना गया है?
(अ) 700 वि.
(ब) 750 वि.
(स) 1000 वि.
(द) 1050 वि.
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) 750 वि.
📝 कारण: डॉ. रामकुमार वर्मा ने “संधिकाल” संवत 750 से 1000 तक माना।
प्रश्न 10. जॉर्ज ग्रियर्सन की रचना का हिन्दी में अनुवाद किसने किया?
(अ) किशोरीलाल गुप्त
(ब) रामचन्द्र शुक्ल
(स) राहुल सांकृत्यायन
(द) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (अ) किशोरीलाल गुप्त
📝 कारण: ग्रियर्सन के ग्रंथ का हिंदी अनुवाद किशोरीलाल गुप्त ने “हिंदी साहित्य का प्रथम इतिहास” नाम से किया।
📖 इस खंड के नोट्स पढ़ें: आदिकाल साहित्य: संपूर्ण इतिहास और नामकरण अगला खंड ⬇️
खंड 3: सिद्ध, नाथ और जैन साहित्य
प्रश्न 1. सिद्धों का सम्बन्ध किससे हैं?
(अ) बौद्धमत
(ब) नाथपंथ
(स) जैनमत
(द) शैवमत
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (अ) बौद्धमत
📝 कारण: सिद्ध बौद्ध धर्म की वज्रयान शाखा से जुड़े थे।
प्रश्न 2. बौद्धमत की महायान शाखा के साधना पक्ष में किस प्रमुख तत्व के प्रवेश से ‘वज्रयान’ का उदय हुआ?
(अ) मैथुन
(ब) हठयोग
(स) मूर्ति पूजा
(द) तांत्रिक साधना
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (द) तांत्रिक साधना
📝 कारण: महायान में तांत्रिक साधना के प्रवेश से वज्रयान का उदय हुआ।
प्रश्न 3. सिद्धमत में ‘पाँच मकार’ कौनसे हैं?
(अ) मद्य, मोहिनी, मत्स्य, महाकाल, मुद्रा
(ब) मद्य, मांस, मत्स्य, मैथुन, मुद्रा
(स) मद्य, मांस, मत्स्य, महाकाल, मुद्रा
(द) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) मद्य, मांस, मत्स्य, मैथुन, मुद्रा
📝 कारण: वामाचारी तांत्रिक साधना के “पंच मकार”: मद्य, मांस, मत्स्य, मुद्रा, मैथुन।
प्रश्न 4. ‘चर्यापद’ का सम्बन्ध किससे हैं?
(अ) सिद्धमत
(ब) नाथपंथ
(स) रासो साहित्य
(द) जैनमत
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (अ) सिद्धमत
📝 कारण: चर्यापद सिद्धों के गीत हैं।
प्रश्न 5. डिंगल शैली का प्रयोग किसमें मिलता हैं?
(अ) सिद्ध साहित्य
(ब) जैन साहित्य
(स) रासो साहित्य
(द) लौकिक साहित्य
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) रासो साहित्य
📝 कारण: डिंगल (राजस्थानी साहित्यिक शैली) का प्रयोग रासो साहित्य में मिलता है।
प्रश्न 6. ‘गुह्यसमाज’ या ‘श्रीसमाज’ का सम्बन्ध किससे हैं?
(अ) सहजयान
(ब) वज्रयान
(स) हीनयान
(द) महायान
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) वज्रयान
📝 कारण: “गुह्यसमाज तंत्र” वज्रयान का प्रमुख ग्रंथ है।
प्रश्न 7. सिद्धों की बानियों की भाषा को क्या कहा जाता हैं?
(अ) सन्ध्या भाषा
(ब) खिचड़ी भाषा
(स) कूट भाषा
(द) रहस्य भाषा
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (अ) सन्ध्या भाषा
📝 कारण: सिद्धों की बानियों की प्रतीकात्मक भाषा को “संध्या भाषा” कहा जाता है।
प्रश्न 8. सिद्ध साधना में ‘डोमिनी’ या ‘भैरवी’ का अर्थ हैं?
(अ) हठयोग की एक मुद्रा
(ब) चर्यापद का विशेष गीत
(स) वामाचार में सहयोगी प्रायः नीच जाति की स्त्री
(द) तांत्रिक साधना
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) वामाचार में सहयोगी प्रायः नीच जाति की स्त्री
📝 कारण: वामाचार साधना में सहयोगी स्त्री को “डोमिनी” या “भैरवी” कहा गया।
प्रश्न 9. निम्नलिखित में सिद्ध साहित्य की कौनसी विशेषता नहीं हैं?
(अ) गुरु महिमा
(ब) नारी का निषेध
(स) योग साधना
(द) तन्त्र सिद्धि
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) नारी का निषेध
📝 कारण: सिद्ध साधना में स्त्री का निषेध नहीं था; नारी-निषेध नाथ-पंथ की विशेषता है। (पुराने लेख का उत्तर “गुरु महिमा” ग़लत था।)
प्रश्न 10. गोरखनाथ के गुरु कौन थे?
(अ) चौरंगीनाथ
(ब) आदिनाथ
(स) मत्स्येन्द्रनाथ
(द) चर्पटीनाथ
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) मत्स्येन्द्रनाथ
📝 कारण: गोरखनाथ के गुरु मत्स्येंद्रनाथ (मछंदरनाथ) थे।
📖 इस खंड के नोट्स पढ़ें: सिद्ध साहित्य • नाथ साहित्य • चर्यापद क्या है अगला खंड ⬇️
खंड 4: रासो साहित्य
प्रश्न 1. रासो ग्रन्थकारों में निम्नलिखित में से कौन-सी प्रवृत्ति नहीं थी?
(अ) आश्रयदाताओं की अतिशयोक्तिपूर्ण प्रशंसा
(ब) डिंगल-पिंगल भाषा
(स) जैन-बौद्ध धर्म से सम्बन्धित रचनाएँ
(द) वीर एवं शृंगार रस का प्रयोग
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) जैन-बौद्ध धर्म से सम्बन्धित रचनाएँ
📝 कारण: जैन-बौद्ध धार्मिक रचनाएँ रासो-काव्य की प्रवृत्ति नहीं, अलग धारा हैं।
प्रश्न 2. ‘कयमास वध’ किस आदिकालीन रचना का अंश है?
(अ) हम्मीररासो
(ब) परमालरासो
(स) पृथ्वीराजरासो
(द) खुमाणमलरासो
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) पृथ्वीराजरासो
📝 कारण: “कयमास वध” पृथ्वीराज रासो का प्रसिद्ध प्रसंग है।
प्रश्न 3. ‘पृथ्वीराजरासो’ में कितने प्रकार के छन्दों का प्रयोग हुआ?
(अ) पचास
(ब) चालीस
(स) अड़सठ
(द) सत्तर
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) अड़सठ
📝 कारण: पृथ्वीराज रासो में 68 प्रकार के छंदों का प्रयोग माना जाता है।
प्रश्न 4. पृथ्वीराज रासो के विषय में कौनसी धारणा अधिक उपयुक्त है?
(अ) प्रामाणिक
(ब) अप्रामाणिक
(स) अर्द्ध प्रामाणिक
(द) जाली ग्रंथ
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) अर्द्ध प्रामाणिक
📝 कारण: हजारीप्रसाद द्विवेदी आदि विद्वान रासो को अर्धप्रामाणिक मानते हैं; यही मत अधिक मान्य है।
प्रश्न 5. बीसलदेव रासो का प्रधान रस क्या है?
(अ) वीर रस
(ब) शान्त रस
(स) शृंगार रस
(द) करुण रस
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) शृंगार रस
📝 कारण: बीसलदेव रासो विरह-प्रधान रचना है, इसलिए इसका प्रधान रस श्रृंगार है।
प्रश्न 6. पृथ्वीराज रासो में सर्वाधिक विवादित पक्ष है –
(अ) भाषिक संरचना
(ब) ऐतिहासिकता
(स) चरित्रांकन
(द) प्रबंधात्मकता
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) ऐतिहासिकता
📝 कारण: पृथ्वीराज रासो की ऐतिहासिकता सबसे अधिक विवाद का विषय रही है।
प्रश्न 7. निम्नलिखित में से ‘बीसलदेव रासो’ के रचयिता कौन हैं?
(अ) जगनिक
(ब) चन्दबरदाई
(स) नरपति नाल्ह
(द) भट्ट केदार
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) नरपति नाल्ह
📝 कारण: बीसलदेव रासो की रचना नरपति नाल्ह ने की।
प्रश्न 8. ऐसे रासो ग्रंथ के रचनाकार का नाम बताइए जिसकी रचना अजमेर के शासक से सम्बन्धित है?
(अ) दलपति विजय
(ब) नरपति नाल्ह
(स) नल्ल सिंह
(द) मधुकर भट्ट
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) नरपति नाल्ह
📝 कारण: बीसलदेव रासो अजमेर के चौहान राजा विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) से संबंधित है।
प्रश्न 9. आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी रासो शब्द की व्युत्पत्ति किस शब्द से मानते हैं?
(अ) रसायण
(ब) रासक
(स) रास
(द) रसिक
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) रासक
📝 कारण: द्विवेदी “रासो” शब्द की व्युत्पत्ति “रासक” से मानते हैं।
प्रश्न 10. खुमाण रासो की प्रामाणिक प्रति कहाँ संग्रहीत की गई है?
(अ) पुणे संग्रहालय
(ब) मथुरा संग्रहालय
(स) जयपुर संग्रहालय
(द) ग्वालियर संग्रहालय
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (अ) पुणे संग्रहालय
📝 कारण: खुमाण रासो की प्रति पुणे (पूना) संग्रहालय में सुरक्षित बताई जाती है।
📖 इस खंड के नोट्स पढ़ें: रासो काव्य: अर्थ, प्रमुख ग्रंथ और विशेषताएँ • रेवा तट: पृथ्वीराज रासो अगला खंड ⬇️
खंड 5: अपभ्रंश, लौकिक साहित्य, अमीर खुसरो और विद्यापति
प्रश्न 1. खीर पकाई जतन से चरखा दिया चला… अमीर खुसरो की यह रचना निम्नलिखित में किसके अन्तर्गत आती हैं?
(अ) पहेली
(ब) ढकोसला
(स) मुकरी
(द) दोसखुन
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) ढकोसला
📝 कारण: “खीर पकाई जतन से…” खुसरो का “ढकोसला” है, यानी बेतुकी बातों वाली रचना।
प्रश्न 2. “सखी पिया को जो न देखूँ…” यह पंक्ति किस कवि की हैं?
(अ) नन्ददास
(ब) घनानन्द
(स) अमीर खुसरो
(द) बिहारी
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) अमीर खुसरो
📝 कारण: यह पंक्ति अमीर खुसरो की है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में किस कवि को ‘अभिनव जयदेव’ की उपाधि मिली?
(अ) घनानन्द
(ब) नन्ददास
(स) पुष्पदंत
(द) विद्यापति
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (द) विद्यापति
📝 कारण: विद्यापति को “अभिनव जयदेव” और “मैथिल कोकिल” कहा जाता है।
प्रश्न 4. ‘देशीनाममाला’ के रचनाकार है –
(अ) धनपाल
(ब) स्वयंभू
(स) हेमचन्द
(द) दामोदर शर्मा
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) हेमचन्द
📝 कारण: “देशीनाममाला” आचार्य हेमचंद्र की रचना है।
प्रश्न 5. ‘पुरुषपरीक्षा’ के रचनाकार है –
(अ) विद्यापति
(ब) दामोदरन
(स) विद्याधर
(द) जज्जल
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (अ) विद्यापति
📝 कारण: “पुरुष परीक्षा” (संस्कृत) विद्यापति की रचना है।
प्रश्न 6. “वयः सन्धि” में ईश्वर से सन्धि कहाँ… डॉ. रामकुमार वर्मा का यह कथन किस कवि के सन्दर्भ में हैं?
(अ) अमीर खुसरो
(ब) धनपाल
(स) विद्यापति
(द) अब्दुल रहमान
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) विद्यापति
📝 कारण: रामकुमार वर्मा ने विद्यापति के श्रृंगार पर टिप्पणी करते हुए यह कहा।
प्रश्न 7. अमीर खुसरो की रचना ‘खालिकबारी’ है –
(अ) कहानी
(ब) उपन्यास
(स) शब्दकोश
(द) नाटक
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (स) शब्दकोश
📝 कारण: “खालिकबारी” खुसरो का फ़ारसी-हिंदी पर्याय शब्दकोश है।
प्रश्न 8. संस्कृत के भवभूति की अपभ्रंश के किस कवि से तुलना की गई?
(अ) स्वयंभू
(ब) पुष्पदंत
(स) रामसिंह
(द) धनपाल
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) पुष्पदंत
📝 कारण: पुष्पदंत को “अपभ्रंश का भवभूति” कहा जाता है।
प्रश्न 9. अमीर खुसरो के गुरु थे –
(अ) कबीर
(ब) हजरत निजामुद्दीन औलिया
(स) रामानन्द
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) हजरत निजामुद्दीन औलिया
📝 कारण: अमीर खुसरो हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के शिष्य थे।
प्रश्न 10. स्वयंभू रचित ‘रिट्ठणेमि चरिउ’ में किसका वर्णन हैं?
(अ) राम
(ब) कृष्ण
(स) शिव
(द) ब्रह्मा
✅ उत्तर देखें (क्लिक करें)
सही उत्तर: (ब) कृष्ण
📝 कारण: “रिट्ठणेमि चरिउ” में नेमिनाथ और कृष्ण (हरिवंश) की कथा है।
📖 इस खंड के नोट्स पढ़ें: अपभ्रंश साहित्य • अमीर खुसरो • विद्यापति
📚 आदिकाल के 1000 प्रश्न एक PDF में
NET/JRF, PGT और कॉलेज लेक्चरर परीक्षा के लिए आदिकाल के 1000 चुने हुए वस्तुनिष्ठ प्रश्न, उत्तर सहित।
👉 आदिकाल 1000 प्रश्न PDF देखें अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
❓ आदिकाल का नामकरण किसने किया?
“आदिकाल” नाम आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने दिया। आचार्य शुक्ल ने इसे “वीरगाथा काल”, मिश्रबंधुओं ने “प्रारंभिक काल”, डॉ. रामकुमार वर्मा ने “संधिकाल एवं चारणकाल”, राहुल सांकृत्यायन ने “सिद्ध-सामंत युग” और ग्रियर्सन ने “चारण काल” कहा।
❓ आचार्य शुक्ल के अनुसार आदिकाल की समय-सीमा क्या है?
आचार्य शुक्ल ने वीरगाथा काल संवत 1050 से 1375 तक माना, जो ईसवी में लगभग 993 से 1318 ई. बैठता है।
❓ हिंदी का पहला कवि किसे माना जाता है?
इस पर मतभेद है। राहुल सांकृत्यायन ने सरहपा को, शिवसिंह सेंगर ने पुष्य (पुंड) को और डॉ. गणपतिचंद्र गुप्त ने शालिभद्र सूरि को हिंदी का पहला कवि माना।
❓ हिंदी का प्रथम महाकाव्य कौन-सा है?
आचार्य शुक्ल के अनुसार चंदबरदाई का “पृथ्वीराज रासो” हिंदी का प्रथम महाकाव्य है।
❓ सिद्धों और नाथों की संख्या कितनी मानी जाती है?
परंपरा में 84 सिद्ध और 9 नाथ माने जाते हैं।
❓ आदिकाल MCQ की तैयारी कैसे करें?
पहले आदिकाल के नोट्स से नामकरण, रासो ग्रंथ और सिद्ध-नाथ-जैन साहित्य समझें। फिर इस पेज के खंड एक-एक करके हल करें, और जिन प्रश्नों में ग़लती हो, उनका कारण वाला हिस्सा ज़रूर पढ़ें। आचार्यों के कथन वाले प्रश्न परीक्षा में सबसे ज़्यादा पूछे जाते हैं, उन्हें बार-बार दोहराएँ।
❓ इस आदिकाल क्विज़ में कितने प्रश्न हैं?
इस पेज पर आदिकाल के 161 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पाँच खंडों में दिए गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर और उसका कारण है।
📚 आदिकाल की पूरी तैयारी के लिए ये लेख भी पढ़ें
✍️ लेखक परिचय
केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी) • कॉलेज व्याख्याता
📍 श्रीगंगानगर (राजस्थान)