रीतिमुक्त काव्य की विशेषताएँ और प्रमुख प्रवृत्तियाँ | Reetimukt Kavya ki Visheshtayen
रीतिमुक्त काव्यधारा की सामान्य विशेषताएँ (Reetimukt Kavyadhara ki Visheshtayen) हिंदी साहित्य के रीतिकाल के अंतर्गत ‘रीतिमुक्त काव्यधारा’ का अपना एक विशिष्ट और स्वतंत्र स्थान है। इस धारा के कवियों ने परंपरा और शास्त्रीय बंधनों से मुक्त होकर हृदय की स्वतंत्र वृत्तियों, वैयक्तिक अनुभूतियों और सच्चे प्रेम का अंकन किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे REET, RPSC, […]
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