केवल कृष्ण घोड़ेला

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रीतिमुक्त काव्य की विशेषताएँ और प्रमुख प्रवृत्तियाँ | Reetimukt Kavya ki Visheshtayen

रीतिमुक्त काव्यधारा की सामान्य विशेषताएँ (Reetimukt Kavyadhara ki Visheshtayen) हिंदी साहित्य के रीतिकाल के अंतर्गत ‘रीतिमुक्त काव्यधारा’ का अपना एक विशिष्ट और स्वतंत्र स्थान है। इस धारा के कवियों ने परंपरा और शास्त्रीय बंधनों से मुक्त होकर हृदय की स्वतंत्र वृत्तियों, वैयक्तिक अनुभूतियों और सच्चे प्रेम का अंकन किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे REET, RPSC, […]

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महावीर प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय, रचनाएँ और निबंध | Mahavir Prasad Dwivedi

महावीर प्रसाद द्विवेदी

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी का संपूर्ण जीवन परिचय, रचनाएँ और साहित्यिक योगदान (Mahavir Prasad Dwivedi ka Jivan Parichay) हिंदी साहित्य के ‘द्विवेदी युग’ के प्रणेता, महान संपादक, भाषा-परिमार्जनकर्ता, आलोचक और युग-निर्माता आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी का आधुनिक हिंदी साहित्य में अत्यंत स्वर्णिम और सर्वोच्च स्थान है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे REET, RPSC, TGT, PGT, कॉलेज लेक्चरर

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कैमरे में बन्द अपाहिज – Kaimare Mein Band Apaahij || व्याख्या सहित || रघुवीर सहाय

कैमरे में बन्द अपाहिज

‘कैमरे में बंद अपाहिज’: रघुवीर सहाय की प्रसिद्ध कविता का परिचय और संपूर्ण अध्ययन हिंदी साहित्य में समकालीन कविता के क्षेत्र में मानवीय संवेदनाओं, मीडिया की संवेदनहीनता, सामाजिक विडंबनाओं और व्यवस्था की क्रूरता को अपनी कविताओं का मुख्य स्वर बनाने वाले यशस्वी कवि रघुवीर सहाय का आधुनिक हिंदी साहित्य में अत्यंत विशिष्ट और गौरवशाली स्थान

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Hindi Matra – हिंदी मात्रा सीखें || हिंदी व्याकरण || क से ज्ञ तक बारहखड़ी

Hindi Matra

आज के आर्टिकल में हम हिंदी मात्रा(Hindi Matra) के बारे में चर्चा करेंगे ,इसके अंतर्गत हम हिंदी मात्रा क्या है(Hindi Matra kya Hain), हिंदी मात्रा का निर्माण (Hindi Matra ka Nirman) और हिंदी मात्रा का प्रयोग (Hindi Matra ka Pryog) सीखेंगे। हिंदी मात्रा – Hindi Matra दोस्तो मात्राएँ कभी-भी व्यंजन की नहीं होती है, वह

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रसखान के सवैये  – व्याख्या सहित – हिंदी साहित्य

रसखान

आज की पोस्ट में हम ’रसखान के सवैये’ (Raskhan ke Savaiye) को पढेंगे। रसखान के  उन महत्त्वपूूर्ण सवैयों  को पढ़ेंगे, जो परीक्षा में अक्सर पूछे जाते है। एक बार अभ्यास जरुर करें । रसखान के सवैये मानुष हौं तो वही रसखानि बसौं ब्रज गोकुल गाँव के ग्वारन। जो पसु हौं तो कहा बस मेरो, चरौं

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नयी कविता || Nayi Kavita || Hindi Sahitya || hindi sahitya ka itihas

नयी कविता

दोस्तो आज की पोस्ट में हम हिन्दी साहित्य (hindi sahitya) में आधुनिक काल के अंतर्गत नयी कविता के बारे में विस्तार से जानेंगे नयी कविता – 1953 ई. नयी कविता अनेक अर्थों में प्रयोगवाद का विकास मानी जाती है। उसने प्रयोग की अनेक उपलब्धियों को आत्मसात् किया है। ऐतिहासिक दृष्टि से नयी कविता ’दूसरा सप्तक’

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पूस की रात : मुंशी प्रेमचंद की कहानी || सारांश || प्रश्नोत्तर

Poos ki Raat

आज के आर्टिकल में हम प्रेमचंद की चर्चित कहानी पूस की रात (Poos ki Raat) को पढेंगे और इससे जुड़े महत्त्वपूर्ण तथ्यों को जानेंगे। पूस की रात – Poos ki Raat महत्वपूर्ण तथ्य: पूस की रात पूस की रात कहानी यथार्थवादी कहानी है। प्रेमचंद द्वारा यह कहानी 1930 ई. में लिखी गई। पूस की रात

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खून का टीका – उपन्यास || यादवेन्द्र शर्मा

खून का टीका

आज के आर्टिकल में हम यादवेन्द्र शर्मा  जी के उपन्यास खून का टीका (Khun ka Teeka) का मूल पाठ पढेंगे और इससे जुड़ें महत्त्वपूर्ण तथ्य जानेंगे खून का टीका – उपन्यास यह उपन्यास चित्तौड़ के राणा हम्मीर के जीवन पर आधारित है। राणा हम्मीर के जीवन की कुछ घटनाएँ बड़ी विवादास्पद है। यादवेन्द्र शर्मा  जी के

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भ्रांतिमान अलंकार || Bhrantiman Alankar || हिंदी काव्यशास्त्र

Bhrantiman Alankar

दोस्तो आज के आर्टिकल में हम काव्यशास्त्र के अंतर्गत भ्रांतिमान अलंकार (Bhrantiman Alankar) को अच्छे से पढेंगे और परीक्षोपयोगी उदाहरणों को भी समझेंगे । भ्रांतिमान अलंकार – Bhrantiman Alankar भ्रांतिमान अलंकार किसे कहते हैं ? परिभाषा – जब किसी पद में किसी सादृश्य विशेष के कारण उपमेय (जिसकी तुलना की जाए) में उपमान (जिससे तुलना

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प्रमुख आलोचक – हिंदी साहित्य

प्रमुख आलोचक

आज के आर्टिकल में हम आलोचना विधा में प्रमुख आलोचक व इनके बारे में महत्त्वपूर्ण तथ्यों को जानेंगे ,आप इन्हें अच्छे से तैयार करें प्रमुख आलोचक रामचन्द्र शुक्ल – हिन्दी आलोचना को गम्भीर और तर्क विश्लेषण से युक्त कर समृद्ध करने का सर्वप्रथम श्रेय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल को जाता है, शुक्लजी की आलोचना पद्धति वैज्ञानिक

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