अंतिम संशोधित (Last Updated): October 21, 2026
हम जो कुछ बोलते या लिखते हैं, वह शब्दों के ढेर के रूप में नहीं, वाक्यों के रूप में होता है। “सत्य कड़वा होता है” एक वाक्य है, पर “सत्य होता कड़वा” वाक्य नहीं, क्योंकि उसका क्रम बिगड़ा है। इस लेख में आप जानेंगे कि वाक्य किसे कहते हैं, वाक्य के अंग (उद्देश्य और विधेय), वाक्य के आवश्यक तत्व, वाक्य के कितने भेद होते हैं (रचना के आधार पर 3 और अर्थ के आधार पर 8), मिश्र वाक्य के उपवाक्य, वाक्य-रूपांतरण के नियम और REET, CTET, TGT, पटवारी जैसी परीक्षाओं के 50 प्रश्न।
सार्थक पदों के ऐसे व्यवस्थित समूह को, जिससे वक्ता का भाव पूरी तरह स्पष्ट हो जाए, वाक्य कहते हैं। वाक्य के भेद दो आधारों पर किए जाते हैं: रचना के आधार पर 3 भेद (सरल, संयुक्त, मिश्र) और अर्थ के आधार पर 8 भेद (विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, विस्मयादिबोधक, इच्छावाचक, संकेतवाचक, संदेहवाचक)।
📑 विषय-सूची
वाक्य किसे कहते हैं? वाक्य की परिभाषा
Table of Contents
परिभाषा: सार्थक शब्दों (पदों) का वह व्यवस्थित समूह, जिससे पूरा अर्थ प्रकट हो, वाक्य कहलाता है। वाक्य में प्रयुक्त शब्द “पद” कहलाते हैं, क्योंकि वाक्य में आकर वे कारक, लिंग और वचन के अनुसार अपना रूप ग्रहण कर लेते हैं।
✖️ सत्य होता कड़वा। (वाक्य नहीं: क्रम बिगड़ने से अर्थ स्पष्ट नहीं)
भाषा की इकाइयों का क्रम है: वर्ण → शब्द → पद → पदबंध → उपवाक्य → वाक्य। वाक्य भाषा की सबसे पूर्ण इकाई है।


वाक्य के अंग: उद्देश्य और विधेय
हर वाक्य के दो अंग होते हैं: उद्देश्य और विधेय।
| अंग | अर्थ | इसमें आते हैं |
|---|---|---|
| उद्देश्य | जिसके बारे में कुछ कहा जाए (प्रायः कर्ता) | कर्ता (संज्ञा या सर्वनाम) और उसका विस्तार (विशेषण आदि) |
| विधेय | उद्देश्य के बारे में जो कहा जाए | कर्म, कर्म का विस्तार, क्रिया, क्रिया का विस्तार, पूरक और सहायक क्रिया |
उदाहरण से समझें: “मेरा भाई मोहन हिंदी साहित्य की पुस्तकें अधिक पढ़ता है।”
| भाग | शब्द | भूमिका |
|---|---|---|
| उद्देश्य | मोहन | कर्ता |
| उद्देश्य | मेरा भाई | कर्ता का विस्तार (उद्देश्य-विस्तारक) |
| विधेय | पुस्तकें | कर्म |
| विधेय | हिंदी साहित्य की | कर्म का विस्तार |
| विधेय | अधिक | क्रिया का विस्तार |
| विधेय | पढ़ता है | क्रिया (है = सहायक क्रिया) |
उद्देश्य: मेरी सहेली पूजा | विधेय: बहुत सुंदर लेख लिखती है।
वाक्य के आवश्यक तत्व
शब्दों को केवल जोड़ देने से वाक्य नहीं बनता। आचार्यों ने एक सार्थक वाक्य के लिए ये तत्व आवश्यक माने हैं:
| तत्व | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| सार्थकता | वाक्य के सभी शब्द सार्थक हों | “राम पुस्तक पढ़ता है” ✔️ |
| योग्यता | शब्दों में प्रसंग के अनुसार अर्थ देने की क्षमता हो | “वह आग से सींचता है” ✖️ (आग से सींचना संभव नहीं) |
| आकांक्षा | एक पद सुनकर अगला सुनने की जिज्ञासा पूरी हो | केवल “राम” कहने से बात अधूरी रहती है |
| आसत्ति (निकटता) | पद बोलने-लिखने में पास-पास हों, बहुत अंतराल न हो | शब्दों को घंटों के अंतर पर बोलने से वाक्य नहीं बनता |
| पदक्रम | पद व्याकरण-सम्मत क्रम में हों (कर्ता → कर्म → क्रिया) | “सत्य होता कड़वा” ✖️ |
| अन्वय (अन्विति) | पदों में लिंग, वचन, पुरुष, कारक का मेल हो | “मीठा चाय” ✖️ → “मीठी चाय” ✔️ |
वाक्य के कितने भेद होते हैं?

वाक्य के भेद दो आधारों पर किए जाते हैं:
| आधार | भेदों की संख्या | भेद |
|---|---|---|
| रचना के आधार पर | 3 | सरल, संयुक्त, मिश्र |
| अर्थ के आधार पर | 8 | विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, विस्मयादिबोधक, इच्छावाचक, संकेतवाचक, संदेहवाचक |
रचना के आधार पर वाक्य के भेद
1. सरल वाक्य (साधारण वाक्य) किसे कहते हैं?

जिस वाक्य में एक उद्देश्य और एक विधेय हो, यानी एक ही मुख्य (समापिका) क्रिया हो, उसे सरल वाक्य कहते हैं। (सरल वाक्य विस्तार से)
राकेश ने भोजन किया।
राहुल धीरे-धीरे लिखता है।
सूर्य पूर्व से उदय होता है।
2. संयुक्त वाक्य किसे कहते हैं?

जिस वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र (प्रधान) उपवाक्य समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्ययों (और, तथा, एवं, या, अथवा, पर, परंतु, किंतु, लेकिन, इसलिए, अतः) से जुड़े हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं। इसके दोनों उपवाक्य अलग करने पर भी अपने-आप में पूरे वाक्य रहते हैं। (संयुक्त वाक्य विस्तार से)
करो या मरो।
शेर घायल हुआ, परंतु मारा नहीं गया।
मनोहर या तो स्वयं आएगा या तार भेजेगा।
मैं उसे चुप रहने को कहता रहा, पर उसने एक नहीं सुनी।
काम पूरा कर डालो, नहीं तो जुर्माना होगा।
वह विद्वान बनना चाहता था, इसलिए बड़े-बड़े ग्रंथ पढ़ता था।
पोत नष्ट हो गया, पर यात्रियों को बचा लिया गया।
इस समय सर्दी है, इसलिए कोट पहन लो।
मैंने पुकारा परंतु वह चुप रहा।
उसे तार मिला और वह तुरंत घर से चल पड़ा।
प्रिय बोलो पर असत्य नहीं।
3. मिश्र वाक्य (मिश्रित वाक्य) किसे कहते हैं?

जिस वाक्य में एक प्रधान (मुख्य) उपवाक्य हो और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य उस पर निर्भर हों, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं। आश्रित उपवाक्य प्रायः कि, जो, जिसे, जब-तब, जहाँ-वहाँ, यदि-तो, यद्यपि-तथापि, क्योंकि, ताकि जैसे व्यधिकरण शब्दों से शुरू होते हैं। (मिश्र वाक्य विस्तार से)
यदि परिश्रम करोगे तो उत्तीर्ण हो जाओगे।
मैं जानता हूँ कि तुम्हारे अक्षर अच्छे नहीं बनते।
यह वही बच्चा है जिसको बैल ने सींग मारा था।
जो गरीबों की सहायता करते हैं, वे धर्मात्मा होते हैं।
उसने परिश्रम किया ताकि परीक्षा उत्तीर्ण कर सके।
यद्यपि उसके पास बहुत धन है, तथापि वह सुखी नहीं है।
जब काम खत्म हुआ तब हम सैर करने निकल पड़े।
मैंने एक पक्षी देखा जो घायल था।
उसके मौन से प्रमाणित होता है कि वह अपराधी है।
जब तक मैं न आऊँ तब तक यहीं बैठे रहना।
रावण, जो राम का शत्रु था, मारा गया।
जो जैसा बोएगा, वैसा ही काटेगा।
तीनों में अंतर एक नज़र में:
| आधार | सरल वाक्य | संयुक्त वाक्य | मिश्र वाक्य |
|---|---|---|---|
| उपवाक्य | एक ही | दो या अधिक, सभी स्वतंत्र | एक प्रधान + एक या अधिक आश्रित |
| जोड़ने वाले शब्द | नहीं | और, या, पर, किंतु, इसलिए | कि, जो, जब-तब, यदि-तो, क्योंकि |
| पहचान | एक समापिका क्रिया | उपवाक्य अलग करने पर भी पूरे | आश्रित उपवाक्य अकेला अधूरा |
| उदाहरण | वह घर गया। | वह घर गया और सो गया। | जब वह घर गया तब सो गया। |
मिश्र वाक्य के आश्रित उपवाक्य के भेद
परीक्षाओं में मिश्र वाक्य के आश्रित उपवाक्य की पहचान पर बहुत प्रश्न आते हैं। ये तीन प्रकार के होते हैं:
| उपवाक्य | पहचान | उदाहरण (आश्रित उपवाक्य मोटे अक्षरों में) |
|---|---|---|
| संज्ञा उपवाक्य | प्रधान उपवाक्य की क्रिया का कर्म या कर्ता बनता है; प्रायः “कि” से शुरू | राम ने कहा कि मैं कल आऊँगा। मैंने सुना है कि नीना पास हो गई। |
| विशेषण उपवाक्य | प्रधान उपवाक्य की किसी संज्ञा की विशेषता बताता है; जो, जिसे, जिसका, जिसने से शुरू | मैंने एक व्यक्ति देखा जो विकलांग था। लखनऊ, जो उत्तर प्रदेश की राजधानी है, ऐतिहासिक नगर है। |
| क्रियाविशेषण उपवाक्य | क्रिया का समय, स्थान, कारण, शर्त या उद्देश्य बताता है; जब, जहाँ, जिधर, यदि, क्योंकि, ताकि से शुरू | जब बारिश हो रही थी तब मैं घर में था। जिधर देखो, उधर ही भ्रष्टाचार फैला है। |
अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद
अर्थ (भाव) के आधार पर वाक्य के 8 भेद हैं:
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. विधानवाचक (विधानार्थक) | किसी बात का होना या करना सामान्य रूप से बताए | मेरा भारत महान है। गंगा भारत की पवित्र नदी है। |
| 2. निषेधवाचक (नकारात्मक) | किसी कार्य के न होने का बोध कराए | मैंने चाय नहीं पी। राम मेरा मित्र नहीं है। |
| 3. प्रश्नवाचक | प्रश्न पूछा जाए | भारत का क्षेत्रफल कितना है? दशरथ कहाँ के राजा थे? |
| 4. आज्ञावाचक (विधिवाचक) | आज्ञा, आदेश, अनुरोध या प्रार्थना | कृपया बैठ जाइए। एक गिलास पानी लाओ। |
| 5. विस्मयादिबोधक | आश्चर्य, हर्ष, शोक, घृणा आदि गहरे भाव | अहा! कितना सुंदर उपवन है। ओह! कितनी ठंडी रात है। |
| 6. इच्छावाचक (इच्छार्थक) | इच्छा, कामना, शुभकामना या आशीर्वाद | भगवान तुम्हें दीर्घायु करे। नववर्ष मंगलमय हो। |
| 7. संकेतवाचक (शर्तवाचक) | एक कार्य का होना दूसरे कार्य पर निर्भर हो (शर्त) | यदि वर्षा होती तो फसल अच्छी होती। तुम आओ तो मैं चलूँ। |
| 8. संदेहवाचक | कार्य के होने में संदेह या संभावना | वह आ गया होगा। शायद आज बारिश हो। |
वाक्य रूपांतरण: सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य में बदलना
वाक्य का अर्थ बदले बिना उसकी रचना बदलना वाक्य रूपांतरण कहलाता है:
| सरल वाक्य | संयुक्त वाक्य | मिश्र वाक्य |
|---|---|---|
| सूर्योदय होते ही अँधेरा जाता रहा। | सूर्योदय हुआ और अँधेरा जाता रहा। | जैसे ही सूर्योदय हुआ, अँधेरा जाता रहा। |
| परिश्रम करने वाले छात्र उत्तीर्ण हो गए। | छात्रों ने परिश्रम किया और वे उत्तीर्ण हो गए। | जिन छात्रों ने परिश्रम किया, वे उत्तीर्ण हो गए। |
| शोर मचाने वाला बालक पकड़ा गया। | बालक ने शोर मचाया और वह पकड़ा गया। | जिस बालक ने शोर मचाया था, वह पकड़ा गया। |
| मयंक सुंदर और हँसमुख है। | मयंक सुंदर है और हँसमुख भी है। | मयंक, जो सुंदर है, हँसमुख भी है। |
अर्थ के आधार पर भी रूपांतरण होता है, जैसे “मनीषा दसवीं में पढ़ती है” (विधानवाचक) → “मनीषा दसवीं में पढ़ती होगी” (संदेहवाचक) → “क्या मनीषा दसवीं में पढ़ती है?” (प्रश्नवाचक)। वाक्य की गलतियाँ सुधारने के लिए वाक्य शुद्धि और शब्दों के सही क्रम के लिए वाक्य रचना में अन्वय भी पढ़ें।
वाक्य के 50 प्रश्न (MCQ) उत्तर सहित
REET, CTET, TGT, पटवारी, LDC और कक्षा 9-10 के स्तर के प्रश्न। पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर मिलान करें।
(अ) चार
(ब) तीन
(स) पाँच
(द) दो
(अ) अन्विति का
(ब) पदक्रम का
(स) क्रिया का
(द) सर्वनाम का
(अ) पद शब्द के प्रारंभ में लगते हैं
(ब) वाक्य में प्रयुक्त शब्द पद कहलाते हैं
(स) पद उपसर्ग होते हैं
(द) विदेशी शब्द पद कहलाते हैं
(अ) इस कक्षा का सर्वश्रेष्ठ धावक
(ब) धर्मेंद्र
(स) सर्वश्रेष्ठ धावक धर्मेंद्र
(द) प्रतियोगिता में भाग लेगा
(अ) इच्छावाचक
(ब) संदेहवाचक
(स) संकेतवाचक
(द) प्रश्नवाचक
(अ) रोहन आम खा रहा है।
(ब) वह पंडित है, किंतु हठी है।
(स) आकाश में बादल गरजते हैं।
(द) वह कौन-सा व्यक्ति है, जिसने महात्मा गांधी का नाम न सुना हो?
(अ) मनीषा दसवीं में नहीं पढ़ती है।
(ब) मनीषा दसवीं में पढ़ती होगी।
(स) क्या मनीषा दसवीं में पढ़ती है?
(द) काश! मनीषा दसवीं में पढ़ती।
(अ) सरल वाक्य
(ब) संयुक्त वाक्य
(स) मिश्र वाक्य
(द) इनमें से कोई नहीं
(अ) मैं कहता हूँ कि तुम भोपाल जाओ।
(ब) लखनऊ, जो उत्तर प्रदेश की राजधानी है, एक ऐतिहासिक नगर है।
(स) जब मैं स्टेशन पहुँचा, तभी ट्रेन आई।
(द) मैं चाहता हूँ कि आप यहीं रहें।
(अ) निषेधार्थक वाक्य
(ब) विधानार्थक वाक्य
(स) आज्ञार्थक वाक्य
(द) संकेतार्थक वाक्य
(अ) उसने कहा कि कार्यालय बंद हो गया।
(ब) सुबह हुई और वह आ गया।
(स) राहुल धीरे-धीरे लिखता है।
(द) जो बड़े हैं, उन्हें सम्मान दो।
(अ) आज्ञार्थक
(ब) संकेतवाचक
(स) संदेहवाचक
(द) इच्छार्थक
(अ) राहुल पढ़ रहा है।
(ब) सुरेश नदी में डूबने लगा।
(स) मैंने सुना है कि सुरैया ने निकाह कर लिया है।
(द) वह आया, थोड़ी देर बैठा और तुरंत लौट गया।
(अ) इच्छावाचक
(ब) संकेतवाचक
(स) संदेहवाचक
(द) आज्ञार्थक
(अ) संज्ञा पदबंध
(ब) क्रिया पदबंध
(स) क्रियाविशेषण पदबंध
(द) समुच्चयबोधक पदबंध
(अ) इच्छावाचक
(ब) प्रश्नवाचक
(स) संकेतवाचक
(द) विधानार्थक
(अ) संदेश
(ब) निषेध
(स) आज्ञा
(द) प्रश्न
(अ) सरल
(ब) मिश्र
(स) संयुक्त
(द) इनमें से कोई नहीं
(अ) वर्ण, शब्द, पद, वाक्य
(ब) शब्द, पद, वाक्य, निबंध
(स) वर्ण, अनुच्छेद, निबंध, ग्रंथ
(द) वर्ण, शब्द, अनुच्छेद, निबंध
(अ) सरल
(ब) मिश्र
(स) संयुक्त
(द) इनमें से कोई नहीं
(अ) मिश्र वाक्य
(ब) संयुक्त वाक्य
(स) सरल वाक्य
(द) इनमें से कोई नहीं
(अ) अन्वय
(ब) पदक्रम
(स) योग्यता
(द) आकांक्षा
(अ) जो छोटा हो
(ब) जिसका अर्थ सरलता से समझ में आ जाए
(स) जिसमें एक कर्ता और अनेक क्रियाएँ हों
(द) जिसमें एक उद्देश्य, एक विधेय और एक ही मुख्य क्रिया हो
(अ) संज्ञा
(ब) सर्वनाम
(स) विशेषण
(द) क्रियाविशेषण
(अ) मोहन
(ब) खरीदारी
(स) घूमना
(द) बाज़ार
(अ) संज्ञा
(ब) सर्वनाम
(स) विशेषण
(द) क्रियाविशेषण
(अ) वर्षा हो रही है।
(ब) मैं पढ़ता हूँ और वह खेलता है।
(स) मैंने सुना है कि नीना पास हो गई।
(द) सुधीर पढ़ता है।
(अ) संज्ञा
(ब) सर्वनाम
(स) विशेषण
(द) क्रियाविशेषण
(अ) विधानार्थक
(ब) निषेधार्थक
(स) प्रश्नवाचक
(द) आज्ञावाचक
(अ) मिश्र वाक्य
(ब) संयुक्त वाक्य
(स) सरल वाक्य
(द) जटिल वाक्य
(अ) सरल
(ब) मिश्र
(स) संयुक्त
(द) इनमें से कोई नहीं
(अ) वाक्य
(ब) रचना
(स) शब्द
(द) अर्थ
(अ) संज्ञा
(ब) सर्वनाम
(स) विशेषण
(द) क्रिया
(अ) छक्के
(ब) तेंदुलकर
(स) ओवर
(द) पाँच
(अ) मेरे पास एक गुड़िया है जो नाचती है।
(ब) मेरी इच्छा है कि मैं एक उपन्यास लिखूँ।
(स) जब बारिश हो रही थी तब मैं घर में था।
(द) कविता ने कहा कि सुनीता ने शादी कर ली।
(अ) अर्जुन
(ब) इतना वीर था
(स) कि उसे कोई
(द) हरा नहीं सका
(अ) सौरभ को बुलाओ।
(ब) तुम्हारा मंगल हो।
(स) आज महाविद्यालय में अवकाश है।
(द) तुमने सुना होगा।
(अ) जो शोर मचाने वाला बालक था, उसे पकड़ लिया।
(ब) शोर मचाने वाला जो बालक था, उसे पकड़ लिया।
(स) बालक ने शोर मचाया और पकड़ा गया।
(द) जिस बालक ने शोर मचाया था, वह पकड़ा गया।
(अ) मयंक सुंदर है तथा हँसमुख भी है।
(ब) मयंक सुंदर है लेकिन हँसमुख है।
(स) मयंक सुंदर और हँसमुख है।
(द) मयंक सुंदर भी है और हँसमुख भी।
(अ) सूर्योदय हुआ जिससे अँधेरा जाता रहा।
(ब) सूर्योदय होने से अँधेरा जाता रहा।
(स) सूर्योदय हुआ और अँधेरा जाता रहा।
(द) जैसे ही सूर्योदय हुआ, अँधेरा जाता रहा।
(अ) छात्रों ने परिश्रम किया और उत्तीर्ण हो गए।
(ब) परिश्रम करने वाले छात्र उत्तीर्ण हो गए।
(स) जिन छात्रों ने परिश्रम किया, वे उत्तीर्ण हो गए।
(द) छात्र परिश्रम करके उत्तीर्ण हो गए।
(अ) निषेधवाचक
(ब) आज्ञावाचक
(स) इच्छावाचक
(द) संदेहवाचक
(अ) विशेषण का
(ब) क्रिया का
(स) परसर्ग का
(द) क्रियाविशेषण का
(अ) आज्ञावाचक
(ब) इच्छावाचक
(स) संदेहवाचक
(द) संकेतवाचक
(अ) 3
(ब) 6
(स) 8
(द) 10
(अ) सरल
(ब) संयुक्त
(स) मिश्र
(द) इनमें से कोई नहीं
(अ) योग्यता
(ब) आकांक्षा
(स) आसत्ति
(द) पदक्रम
(अ) इच्छावाचक
(ब) संदेहवाचक
(स) विधानवाचक
(द) प्रश्नवाचक
(अ) आकांक्षा
(ब) आसत्ति
(स) योग्यता
(द) पदक्रम
(अ) प्रश्नवाचक
(ब) विधानवाचक
(स) विस्मयादिबोधक
(द) इच्छावाचक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
निष्कर्ष
वाक्य भाषा की सबसे पूर्ण इकाई है। परीक्षा के लिए उद्देश्य-विधेय की पहचान, रचना के आधार पर 3 और अर्थ के आधार पर 8 भेद, संयुक्त और मिश्र का अंतर, आश्रित उपवाक्य के तीन भेद और वाक्य रूपांतरण सबसे अधिक पूछे जाते हैं।
व्याकरण के महत्त्वपूर्ण टॉपिक
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