अंतिम संशोधित (Last Updated): October 21, 2026
“ममता विद्यालय जाती है। ममता वहाँ पढ़ती है। ममता को पढ़ना अच्छा लगता है।” बार-बार “ममता” सुनना अटपटा लगता है। हम स्वाभाविक रूप से कहते हैं: “ममता विद्यालय जाती है। वह वहाँ पढ़ती है।” संज्ञा के स्थान पर आने वाले ऐसे ही शब्द सर्वनाम कहलाते हैं। इस लेख में आप सर्वनाम की परिभाषा, सर्वनाम के भेद (6 भेद और उनके उपभेद) उदाहरण सहित, “आप” के तीन प्रयोग, कारक के अनुसार सर्वनाम के रूप, सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण का अंतर और REET, CTET, TGT, पटवारी जैसी परीक्षाओं के 50 प्रश्न पढ़ेंगे।
संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं, जैसे: मैं, तुम, आप, वह, यह, कोई, कौन। “सर्वनाम” = सर्व (सब) + नाम, अर्थात् जो सभी नामों (संज्ञाओं) के स्थान पर आ सके। प्रयोग के आधार पर सर्वनाम के 6 भेद हैं: (1) पुरुषवाचक, (2) निजवाचक, (3) निश्चयवाचक, (4) अनिश्चयवाचक, (5) संबंधवाचक और (6) प्रश्नवाचक।
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सर्वनाम क्या है? सर्वनाम का अर्थ और परिभाषा
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“सर्वनाम” दो शब्दों से मिलकर बना है: सर्व + नाम। अर्थात् ऐसा शब्द जो सभी नामों, यानी संज्ञा शब्दों के स्थान पर आ सके। सर्वनाम आठ प्रकार के शब्द भेदों में से एक है और यह एक विकारी शब्द है, क्योंकि वचन और कारक के अनुसार इसका रूप बदलता है।
परिभाषा: सर्वनाम उस विकारी शब्द को कहते हैं, जो पूर्वापर संबंध से किसी भी संज्ञा के बदले आता है। जैसे: मैं, तुम, वह, यह, कोई, कुछ, कौन।
संज्ञा और सर्वनाम का मुख्य अंतर यह है कि संज्ञा से केवल उसी वस्तु का बोध होता है जिसका वह नाम है, जबकि सर्वनाम से प्रसंग (पूर्वापर संबंध) के अनुसार किसी भी वस्तु या व्यक्ति का बोध हो सकता है। “वह” शब्द राम, सीता, पुस्तक, किसी के लिए भी आ सकता है।
यहाँ “वह” (ममता के स्थान पर) सर्वनाम है।

सर्वनाम के उदाहरण वाक्य सहित
| वाक्य | सर्वनाम | व्याख्या |
|---|---|---|
| राम मेरा भाई है। वह बहुत बुद्धिमान है। | वह | “राम” के स्थान पर; अन्य पुरुषवाचक |
| मोहन का घर यह है। उसकी माताजी अध्यापिका हैं। | उसकी | “मोहन” के स्थान पर (वह का संबंध कारक रूप) |
| गीता ने आम तोड़े। वे बहुत मीठे थे। | वे | “आम” के स्थान पर; सर्वनाम निर्जीव वस्तुओं के लिए भी आता है |
| श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण को विदा किया और आप चलने का विचार करने लगे। | आप | “स्वयं” के अर्थ में; निजवाचक |
| सो ताको सागर जहाँ जाकी प्यास बुझाय। | सो, जाकी | संबंधवाचक (जो-सो का पुराना रूप) |
| देव! तू दयालु, दीन हौं; तू दानी, हौं भिखारी। (तुलसीदास) | तू, हौं | “तू” मध्यम पुरुष, “हौं” (मैं) उत्तम पुरुष |
हिंदी के 11 मूल सर्वनाम
आचार्य कामताप्रसाद गुरु (“हिंदी व्याकरण”) के अनुसार हिंदी में कुल 11 मूल सर्वनाम हैं। बाकी सभी सर्वनाम (मुझे, उसका, किसने, अपना आदि) इन्हीं के रूप हैं:
| क्रम | मूल सर्वनाम | भेद |
|---|---|---|
| 1-2 | मैं, तू | पुरुषवाचक |
| 3 | आप | पुरुषवाचक (आदरसूचक) / निजवाचक |
| 4-5 | यह, वह | निश्चयवाचक (अन्य पुरुष भी) |
| 6-7 | जो, सो | संबंधवाचक |
| 8-9 | कोई, कुछ | अनिश्चयवाचक |
| 10-11 | कौन, क्या | प्रश्नवाचक |

सर्वनाम के भेद: सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?

प्रयोग के आधार पर सर्वनाम के 6 भेद हैं। पहले एक नज़र में देख लें, फिर हर भेद विस्तार से:
| भेद | पहचान | उदाहरण शब्द |
|---|---|---|
| 1. पुरुषवाचक | बोलने वाले, सुनने वाले या किसी अन्य के लिए | मैं, हम, तू, तुम, आप, वह, वे |
| 2. निजवाचक | कर्ता स्वयं के लिए (“खुद” के अर्थ में) | आप, अपना, स्वयं, खुद, स्वतः, अपने आप |
| 3. निश्चयवाचक | पास या दूर की निश्चित वस्तु / व्यक्ति | यह, ये, वह, वे |
| 4. अनिश्चयवाचक | अनिश्चित वस्तु / व्यक्ति | कोई, कुछ, किसी |
| 5. संबंधवाचक | दो उपवाक्यों में संबंध जोड़ने वाले | जो-सो, जो-वह, जिसकी-उसकी |
| 6. प्रश्नवाचक | प्रश्न पूछने के लिए | कौन, क्या, किसने, किसे |
1. पुरुषवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं?
जिन सर्वनामों का प्रयोग बोलने वाले, सुनने वाले या किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर होता है, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। (व्याकरण में “पुरुष” का अर्थ व्यक्ति है; स्त्री और पुरुष दोनों के लिए।) इसके तीन भेद हैं: (विस्तार से पढ़ें: पुरुषवाचक सर्वनाम के भेद और उदाहरण)
| भेद | किसके लिए | सर्वनाम | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| उत्तम पुरुष (First Person) | बोलने / लिखने वाला स्वयं | मैं, हम, मुझे, मेरा, हमें, हमारा | मैं पढ़ता हूँ। हम फ़ुटबॉल खेलेंगे। |
| मध्यम पुरुष (Second Person) | सुनने / पढ़ने वाला | तू, तुम, आप, तुझे, तुम्हें, तेरा, तुम्हारा, आपका | तुम खेल रहे हो। आप कब आए? |
| अन्य पुरुष (Third Person) | किसी तीसरे व्यक्ति / वस्तु के लिए | वह, वे, यह, ये, उसे, उन्हें, उसका, इसका | वह पढ़ता है। वे नाच रहे हैं। |
2. निजवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं?
जो सर्वनाम कर्ता के स्वयं के लिए प्रयुक्त होते हैं, उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहते हैं। आप, अपना, स्वयं, खुद, स्वतः, अपने आप निजवाचक सर्वनाम हैं। निजवाचक “आप” दोनों वचनों और तीनों पुरुषों में एक-सा रहता है। (निजवाचक सर्वनाम विस्तार से)
तुम स्वयं वहाँ चले जाना।
मैं अपने आप बाज़ार चला जाऊँगा।
वह स्वतः समझ जाएगा।
निजवाचक “आप” के विशेष प्रयोग:
- अवधारण (निश्चय) के लिए: मैं आप वही कार्य कर रहा हूँ। (“आप ही” भी: वह काम आप ही हो गया।)
- दूसरे व्यक्ति के निराकरण के लिए: उन्होंने मुझे रुकने को कहा और आप चलते बने।
- सर्वसाधारण के अर्थ में: आप भला तो जग भला।
3. निश्चयवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं?
जिस सर्वनाम से पास या दूर की किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध हो, उसे निश्चयवाचक सर्वनाम (संकेतवाचक) कहते हैं। इसके दो उपभेद हैं: (निश्चयवाचक सर्वनाम के 50 उदाहरण)
| उपभेद | सर्वनाम | उदाहरण |
|---|---|---|
| निकटवर्ती (पास की वस्तु) | यह, ये | यह मेरा घर है। ये मेरी पुस्तकें हैं। |
| दूरवर्ती (दूर की वस्तु) | वह, वे | वह आपकी घड़ी है। रोटी मत खाओ, वह जली है। |
4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं?
जिस सर्वनाम से किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध न हो, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: कोई, कुछ, किसी। (अनिश्चयवाचक सर्वनाम विस्तार से)
| उपभेद | सर्वनाम | उदाहरण |
|---|---|---|
| व्यक्तिबोधक (प्राणियों के लिए) | कोई, किसी | कोई जा रहा है। किसी ने कहा था। मुझे कोई बुला रहा है। |
| वस्तुबोधक (वस्तुओं के लिए) | कुछ | वह कुछ खा रहा है। अब कुछ तो बोलो। उसने कुछ नहीं खाया। |
5. संबंधवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं?
जो सर्वनाम वाक्य में प्रयुक्त किसी दूसरी संज्ञा या सर्वनाम से संबंध जोड़ता है, उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। ये प्रायः जोड़ों में आते हैं और दो उपवाक्यों को जोड़ते हैं: जो-सो, जो-वह, जिसकी-उसकी, जिसे-उसे। (संबंधवाचक सर्वनाम विस्तार से)
जिसकी लाठी, उसकी भैंस।
बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछिताय।
जो सोएगा, वह खोएगा।
6. प्रश्नवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं?
प्रश्न पूछने के लिए जिन सर्वनामों का प्रयोग होता है, उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं। “कौन” प्रायः प्राणियों के लिए और “क्या” वस्तुओं या भावों के लिए आता है। (प्रश्नवाचक सर्वनाम विस्तार से)
बाज़ार से क्या लाए हो?
किसकी पुस्तक पड़ी है?
किसने दरवाज़ा खोला?

“आप” सर्वनाम के तीन प्रयोग
“आप” शब्द परीक्षाओं का सबसे प्रिय विषय है, क्योंकि यह तीन अलग भेदों में आता है:
| प्रयोग | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| आदरसूचक मध्यम पुरुष | सुनने वाले के लिए आदर से (“तुम” के स्थान पर) | आप कहाँ जा रहे हैं? आप क्या राय देते हैं? |
| आदरसूचक अन्य पुरुष | किसी तीसरे सम्मानित व्यक्ति के लिए | गांधीजी महान नेता थे; आप सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। |
| निजवाचक | “स्वयं / खुद” के अर्थ में, कर्ता के लिए | मैं आप ही चला जाऊँगा। आप भला तो जग भला। |
संयुक्त सर्वनाम क्या होते हैं?
रूसी हिंदी-वैयाकरण डॉ. दीमशित्स ने एक से अधिक शब्दों से बने सर्वनामों को संयुक्त सर्वनाम नाम दिया है। ये स्वतंत्र रूप से या संज्ञा के साथ प्रयुक्त होते हैं:
सर्वनाम के रूपांतर और कारक रूप तालिका
सर्वनाम का रूप वचन और कारक के अनुसार बदलता है, लिंग के अनुसार नहीं। लिंग का पता क्रिया से चलता है:
- संज्ञा की तरह सर्वनाम के भी दो वचन होते हैं: एकवचन और बहुवचन।
- सर्वनाम में संबोधन कारक नहीं होता, इसलिए इसके केवल सात कारक रूप होते हैं।
- विभक्ति लगने पर सर्वनाम का रूप बदल जाता है: मैं + को = मुझको / मुझे, वह + ने = उसने।
| कारक | मैं (एक / बहु) | तू (एक / बहु) | वह (एक / बहु) |
|---|---|---|---|
| कर्ता | मैं, मैंने / हम, हमने | तू, तूने / तुम, तुमने | वह, उसने / वे, उन्होंने |
| कर्म | मुझे, मुझको / हमें, हमको | तुझे, तुझको / तुम्हें, तुमको | उसे, उसको / उन्हें, उनको |
| करण | मुझसे / हमसे | तुझसे / तुमसे | उससे / उनसे |
| संप्रदान | मुझे, मेरे लिए / हमें, हमारे लिए | तुझे, तेरे लिए / तुम्हें, तुम्हारे लिए | उसे, उसके लिए / उन्हें, उनके लिए |
| अपादान | मुझसे / हमसे | तुझसे / तुमसे | उससे / उनसे |
| संबंध | मेरा, मेरे, मेरी / हमारा, हमारे, हमारी | तेरा, तेरे, तेरी / तुम्हारा, तुम्हारे, तुम्हारी | उसका, उसके, उसकी / उनका, उनके, उनकी |
| अधिकरण | मुझमें, मुझ पर / हममें, हम पर | तुझमें, तुझ पर / तुममें, तुम पर | उसमें, उस पर / उनमें, उन पर |
इसी तरह: यह → इसने, इसे, इससे, इसका, इसमें; कौन → किसने, किसे, किससे, किसका; कोई → किसी ने, किसी को; जो → जिसने, जिसे, जिसका।
सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में अंतर
यह, वह, कोई, कुछ, कौन जैसे शब्द कभी सर्वनाम होते हैं और कभी विशेषण। नियम सीधा है: अगर शब्द संज्ञा के स्थान पर अकेला आए, तो सर्वनाम; अगर संज्ञा से ठीक पहले आकर उसकी विशेषता बताए, तो सार्वनामिक विशेषण। (विस्तार से: विशेषण के भेद)
| सर्वनाम (संज्ञा के स्थान पर) | सार्वनामिक विशेषण (संज्ञा से पहले) |
|---|---|
| यह मेरी किताब है। | यह किताब मेरी है। |
| वह अच्छा है। | वह घोड़ा अच्छा है। |
| कोई आया है। | कोई लड़का आया है। |
| कुछ खा लो। | कुछ फल खा लो। |
| कौन आया? | कौन व्यक्ति आया? |
सर्वनाम के प्रयोग के नियम
- आदर के लिए एक व्यक्ति के लिए भी बहुवचन सर्वनाम (आप, वे, ये, हम) का प्रयोग होता है: “पिताजी आ गए, वे थके हुए हैं।”
- “तू” का प्रयोग अत्यंत आत्मीयता (माँ, ईश्वर, घनिष्ठ मित्र) या अनादर के लिए होता है: “हे ईश्वर! तू ही सहारा है।”
- संपादक, लेखक या वक्ता कभी-कभी अपने लिए “हम” का प्रयोग करते हैं: “हम इस विषय पर पहले लिख चुके हैं।”
- संबंधवाचक सर्वनाम “जो” के साथ प्रायः “सो” या “वह” जोड़ा जाता है।
- सर्वनाम के साथ संबोधन कारक का प्रयोग नहीं होता।
- “कोई” का प्रयोग प्रायः एकवचन में होता है: “कोई आया है।”
सर्वनाम के प्रश्न (MCQ) उत्तर सहित
REET, CTET, TGT, पटवारी, LDC और स्कूल परीक्षाओं में पूछे जाने वाले 50 प्रश्न। पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर मिलान करें।
(अ) निजवाचक
(ब) अनिश्चयवाचक
(स) पुरुषवाचक
(द) निश्चयवाचक
(अ) प्रश्नवाचक सर्वनाम
(ब) संबंधवाचक सर्वनाम
(स) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
(द) निजवाचक सर्वनाम
(अ) कौन
(ब) किसे
(स) तुम
(द) क्या
(अ) संबंध पुरुष
(ब) उत्तम पुरुष
(स) मध्यम पुरुष
(द) अन्य पुरुष
(अ) मुझे
(ब) तुम्हें
(स) उन्हें
(द) हमें
(अ) पुरुषवाचक सर्वनाम
(ब) निजवाचक सर्वनाम
(स) संबंधवाचक सर्वनाम
(द) अस्तित्ववाचक सर्वनाम
(अ) हम, तुम, ये, वे, मैं
(ब) आप, कुछ, जो, यह
(स) जो, कोई, वह, स्वयं
(द) मैं, तुम, आप, किसी
(अ) संबंधवाचक सर्वनाम
(ब) पुरुषवाचक सर्वनाम
(स) प्रश्नवाचक सर्वनाम
(द) निश्चयवाचक सर्वनाम
(अ) वह
(ब) स्वतः
(स) ही
(द) जान
(अ) वह अपने आप ही विद्यालय गया।
(ब) मैं अपना काम स्वयं करता हूँ।
(स) किन-किन का नाम सूची में नहीं आया?
(द) वह स्वतः समझ जाएगा।
(अ) वह, उसकी, हम
(ब) किसी, तुम, क्या
(स) जिसे, जैसा, हमारा
(द) कौन, किसे, क्या
(अ) हम किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
(ब) हमें अपना काम स्वयं करना चाहिए।
(स) जैसा करोगे, वैसा भरोगे।
(द) तुम्हारा घर यह नहीं है।
(अ) कौन, क्या, किसने
(ब) जो, कोई, वह
(स) जिनका, जो, किनका
(द) जिन्होंने, उन पर, उसको
(अ) किन-किन
(ब) सूची
(स) का
(द) नाम
(अ) मैं अपना काम स्वयं करता हूँ।
(ब) कोई कुछ भी कहे, हमें क्या।
(स) जिसे भी देखता हूँ, वही व्यस्त है।
(द) वह स्वतः सँभल गया।
(अ) समीपता
(ब) आत्मीयता
(स) अनादर
(द) संबंध बताने
(अ) संबंधवाचक
(ब) पुरुषवाचक
(स) निजवाचक
(द) निश्चयवाचक
(अ) मैं
(ब) वह
(स) कोई
(द) कौन
(अ) अनिश्चयवाचक
(ब) निश्चयवाचक
(स) पुरुषवाचक
(द) निजवाचक
(अ) जो सोएगा, वह खोएगा।
(ब) यह अच्छा है, वह नहीं।
(स) आप क्या कर रहे हैं?
(द) मैं स्वयं आ जाऊँगा।
(अ) उत्तम पुरुष
(ब) प्रथम पुरुष
(स) निजवाचक
(द) संबंधवाचक
(अ) हम किसी से कुछ नहीं कह सकते।
(ब) हम खुद ही इधर आ गए।
(स) मेरा भाई, जो तुम्हें मिला था, आगे जा रहा है।
(द) तुम कॉलेज कब जाओगे?
(अ) 3
(ब) 4
(स) 5
(द) 6
(अ) अरे नालायक! तू इधर क्या कर रहा है?
(ब) इस पुस्तक को देखो, यह कितनी उपयोगी है।
(स) कोई कुछ भी कहे, हमें क्या।
(द) आपका शुभ नाम क्या है?
(अ) पुरुषवाचक
(ब) निजवाचक
(स) निश्चयवाचक
(द) संबंधवाचक
(अ) उत्तम पुरुष
(ब) अन्य पुरुष
(स) मध्यम पुरुष
(द) इनमें से कोई नहीं
(अ) कुछ
(ब) कौन
(स) क्या
(द) इधर
(अ) कारक
(ब) सर्वनाम
(स) विशेषण
(द) क्रिया
(अ) जो
(ब) वे
(स) कौन
(द) आप
(अ) उस
(ब) मैं
(स) तुम
(द) सड़क
(अ) वही
(ब) पुस्तक
(स) मेरे
(द) यह
(अ) संज्ञा
(ब) सर्वनाम
(स) सार्वनामिक विशेषण
(द) अव्यय
(अ) वह
(ब) आप
(स) तुम
(द) तुम्हारा
(अ) संबंधवाचक
(ब) पुरुषवाचक
(स) निश्चयवाचक
(द) निजवाचक
(अ) विशेषण
(ब) क्रिया
(स) सर्वनाम
(द) अव्यय
(अ) पुरुषवाचक
(ब) प्रश्नवाचक
(स) निश्चयवाचक
(द) संबंधवाचक
(अ) उत्तम पुरुष
(ब) मध्यम पुरुष
(स) अन्य पुरुष
(द) उपर्युक्त सभी
(अ) कोई पढ़ रहा है।
(ब) आप चले गए।
(स) यहाँ क्या रखा है?
(द) जो करेगा, सो भरेगा।
(अ) जो करेगा सो भरेगा।
(ब) वहाँ कौन खड़ा है?
(स) यह पवित्र पुस्तक है।
(द) कोई द्वार पर खड़ा है।
(अ) विशेषण
(ब) क्रिया
(स) सर्वनाम
(द) संज्ञा
(अ) प्रश्नवाचक
(ब) पुरुषवाचक
(स) निश्चयवाचक
(द) निजवाचक
(अ) अनिश्चयवाचक
(ब) निश्चयवाचक
(स) संबंधवाचक
(द) निजवाचक
(अ) हम
(ब) आप
(स) वह
(द) मैं
(अ) मैं, हम
(ब) तुम, आप
(स) कौन, क्या
(द) वह, वे
(अ) लिंग के आधार पर
(ब) केवल वचन के आधार पर
(स) केवल कारक के आधार पर
(द) वचन और कारक के आधार पर
(अ) दो वाक्यों (उपवाक्यों) के बीच
(ब) दो वर्णों के बीच
(स) दो शब्दों के बीच
(द) दो पदों के बीच
(अ) संबोधन
(ब) अधिकरण
(स) संबंध
(द) करण
(अ) हमारे
(ब) अपना
(स) कोई
(द) यह
(अ) मैंने अपना काम कर लिया है।
(ब) आप गाँव से कब आए?
(स) आपकाज महाकाज।
(द) वह अपने आप चला जाएगा।
(अ) 6
(ब) 8
(स) 11
(द) 12
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
निष्कर्ष
सर्वनाम भाषा को दोहराव से बचाकर सहज बनाते हैं। परीक्षा के लिए सर्वनाम के 6 भेद और पुरुषवाचक के 3 भेद, “आप” के तीनों प्रयोग, कोई-कुछ का अंतर, सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण की पहचान तथा “सर्वनाम में संबोधन कारक नहीं होता”, ये बातें सबसे अधिक पूछी जाती हैं।
📚 हिंदी व्याकरण के अन्य लेख
| लेख | लेख |
|---|---|
| 👉 संज्ञा: परिभाषा और भेद | 👉 विशेषण: परिभाषा और भेद |
| 👉 सार्वनामिक विशेषण | 👉 कारक |
| 👉 वचन | 👉 लिंग |
| 👉 अव्यय | 👉 विराम चिह्न |
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