अंतिम संशोधित (Last Updated): October 21, 2026
लिखते समय हम आवाज़ का उतार-चढ़ाव, ठहराव और भाव सीधे नहीं दिखा सकते; यह काम विराम चिह्न (Viram Chinh) करते हैं। एक छोटा-सा अल्प विराम भी वाक्य का अर्थ पूरी तरह बदल सकता है। इस लेख में आप विराम चिह्न की परिभाषा, विराम चिह्न के प्रकार (कुल 17 प्रमुख चिह्न), हर चिह्न के प्रयोग के नियम और उदाहरण, हिंदी-अंग्रेज़ी नामों की तालिका और REET, CTET, TGT, पटवारी, LDC जैसी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पढ़ेंगे।
“विराम” का अर्थ है ठहराव या रुकना। भाषा के लिखित रूप में ठहराव, भाव और अर्थ को स्पष्ट करने के लिए जिन निश्चित संकेत-चिह्नों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें विराम चिह्न कहते हैं। जैसे: पूर्ण विराम (।), अल्प विराम (,), प्रश्नवाचक चिह्न (?), विस्मयादिबोधक चिह्न (!)। हिंदी का अपना (मौलिक) विराम चिह्न पूर्ण विराम (।) है; बाकी अधिकांश चिह्न अंग्रेज़ी से लिए गए हैं।

📑 विषय-सूची
विराम चिह्न क्या है? परिभाषा और महत्व
Table of Contents
बोलते समय कोई व्यक्ति अपनी बात समझाने, किसी कथन पर बल देने या आश्चर्य, दुःख, प्रसन्नता जैसे भाव प्रकट करने के लिए कहीं कम और कहीं अधिक समय के लिए रुकता है। लिखते समय इन्हीं ठहरावों को दिखाने के लिए जो चिह्न लगाए जाते हैं, उन्हें विराम चिह्न कहते हैं।
विराम चिह्न का महत्व:
- इनसे वाक्य का सही अर्थ समझ में आता है और भाषा स्पष्ट, सुंदर और भावपूर्ण बनती है।
- सही जगह पर सही चिह्न न लगाने से अर्थ का अनर्थ हो सकता है।
- पढ़ने वाला वाक्य के भाव (प्रश्न, आश्चर्य, आदेश) को तुरंत पहचान लेता है।
उदाहरण: एक अल्प विराम से बदलता अर्थ
रोको मत, जाने दो। (अर्थ: उसे मत रोको, जाने दो)

विराम चिह्न के प्रकार: विराम चिह्न कितने होते हैं?
विराम चिह्नों की संख्या को किसी निश्चित सीमा में नहीं बाँधा जा सकता; अलग-अलग व्याकरण-पुस्तकों में इनकी संख्या थोड़ी अलग मिलती है। हिंदी में प्रचलित 17 प्रमुख विराम चिह्न ये हैं:
| क्रम | विराम चिह्न का नाम | चिह्न |
|---|---|---|
| 1 | अल्प विराम | ( , ) |
| 2 | अर्ध विराम | ( ; ) |
| 3 | पूर्ण विराम | ( । ) |
| 4 | उपविराम (अपूर्ण विराम) | ( : ) |
| 5 | प्रश्नवाचक चिह्न | ( ? ) |
| 6 | विस्मयादिबोधक चिह्न | ( ! ) |
| 7 | उद्धरण / अवतरण चिह्न | इकहरा ( ‘ ‘ ), दुहरा ( ” ” ) |
| 8 | योजक चिह्न | ( – ) |
| 9 | कोष्ठक चिह्न | ( ), { }, [ ] |
| 10 | विवरण चिह्न | ( :– ) |
| 11 | लोप सूचक चिह्न | ( … ) |
| 12 | विस्मरण चिह्न / हंसपद | ( ^ ) |
| 13 | संक्षेप / लाघव चिह्न | ( ० ) या ( . ) |
| 14 | निर्देशक चिह्न (डैश) | ( – ) |
| 15 | तुल्यतासूचक चिह्न | ( = ) |
| 16 | संकेत चिह्न | ( * ) |
| 17 | समाप्ति सूचक चिह्न | ( –०– ) |
विराम चिह्नों का प्रयोग: नियम और उदाहरण
1. अल्प विराम ( , ) किसे कहते हैं?

अल्प विराम का अर्थ है थोड़ी देर रुकना। अंग्रेज़ी में इसे कॉमा (Comma) कहते हैं। पूर्ण विराम वाक्य के अंत में लगता है, जबकि अल्प विराम वाक्य के बीच में। जहाँ दो या अधिक समान पदों, पदबंधों या वाक्यों के बीच “और” की संभावना हो, वहाँ अल्प विराम लगता है। हिंदी में सबसे अधिक नियम इसी के हैं:
✔️ समान पदों या वाक्यों को अलग करने के लिए (अंतिम दो के बीच “और” आता है)
सोहन घर आया, खाना खाया और वापस दफ़्तर चला गया।
मोहन ने सेब, जामुन, केले आदि खरीदे।
✔️ दो उपवाक्यों का अलगाव दिखाने के लिए (क्योंकि, इसलिए, किंतु, पर आदि से पहले)
आज मैं बहुत थका हूँ, इसलिए जल्दी सो जाऊँगा।
✔️ भावों पर बल देने के लिए दोहराए गए शब्दों के बीच
✔️ शब्द-युग्मों (जोड़ों) को अलग करने के लिए
✔️ बीच में आए वाक्यांश या क्रिया-विशेषण वाक्यांश के दोनों ओर
✔️ मिश्र वाक्य में प्रधान और आश्रित उपवाक्य के बीच (संज्ञा उपवाक्य को छोड़कर)
चिंता चाहे कैसी भी हो, मनुष्य को जला देती है।
✔️ उद्धरण चिह्न से पहले
✔️ तिथि और समय सूचक शब्दों को अलग करने के लिए
✔️ पत्र में संबोधन, अभिवादन और समापन के बाद
भवदीय,
✔️ संबोधित व्यक्ति के नाम या संबोधन के बाद
मोहन, यहाँ आओ।
✔️ हाँ, नहीं, जी हाँ, बस, अच्छा, अतः जैसे शब्दों से शुरू होने वाले वाक्यों में इनके बाद
नहीं, यह हमें अच्छा नहीं लगता।
2. अर्ध विराम ( ; ) किसे कहते हैं?
जहाँ अल्प विराम से अधिक और पूर्ण विराम से कम ठहरना हो, वहाँ अर्ध विराम लगता है। अंग्रेज़ी में इसे सेमीकोलन (Semicolon) कहते हैं। इसका प्रयोग अपेक्षाकृत कम होता है।
✔️ संयुक्त वाक्य के ऐसे उपवाक्यों के बीच, जो अर्थ में जुड़े हों पर स्वतंत्र हों (विशेषकर विरोध दिखाने के लिए)
शिक्षा के क्षेत्र में छात्राएँ आगे बढ़ती गईं; छात्र पिछड़ते गए।
✔️ एक प्रधान उपवाक्य पर आश्रित अनेक उपवाक्यों के बीच
✔️ उपाधियों या ऐसे समूहों को अलग करने के लिए, जिनके भीतर पहले से अल्प विराम हों
3. पूर्ण विराम ( । ) किसे कहते हैं?

पूर्ण विराम का अर्थ है पूरी तरह रुकना। जब वाक्य अपना अर्थ पूरी तरह स्पष्ट कर देता है, तो उसके अंत में पूर्ण विराम लगता है। हिंदी में इसका प्रयोग सबसे अधिक होता है और यही हिंदी का मौलिक विराम चिह्न है (अंग्रेज़ी में इसके स्थान पर फ़ुल स्टॉप “.” लगता है)।
✔️ साधारण, मिश्र या संयुक्त वाक्य के अंत में
प्रयाग में गंगा-यमुना का संगम है।
यदि सुरेश पढ़ता, तो अवश्य पास होता।
✔️ अप्रत्यक्ष (परोक्ष) प्रश्नवाचक वाक्य के अंत में
✔️ दोहे-चौपाई में पहले चरण-युग्म के बाद एक (।) और छंद के अंत में दो (॥) पूर्ण विराम
दास मलूका कह गए, सबके दाता राम॥
4. उपविराम या अपूर्ण विराम ( : ) किसे कहते हैं?
जहाँ वाक्य पूरा न हुआ हो, पर आगे उसकी व्याख्या, शीर्षक का उपशीर्षक या उदाहरण आने वाला हो, वहाँ उपविराम लगता है। अंग्रेज़ी में इसे कोलन (Colon) कहते हैं।
✔️ शीर्षक और उपशीर्षक के बीच
प्रदूषण: समस्या और समाधान
✔️ किसी बात को स्पष्ट करने से पहले
5. प्रश्नवाचक चिह्न ( ? ) का प्रयोग

प्रश्न पूछने वाले वाक्यों के अंत में पूर्ण विराम के स्थान पर प्रश्नवाचक चिह्न लगता है। अंग्रेज़ी में इसे Question Mark कहते हैं।
✔️ प्रत्यक्ष प्रश्नवाचक वाक्यों के अंत में
कल आप कहाँ थे?
इतने लड़के कैसे आ पाएँगे?
✔️ संदेह या व्यंग्य प्रकट करने के लिए
जहाँ भ्रष्टाचार है, वहाँ ईमानदारी कैसे रहेगी?
6. विस्मयादिबोधक चिह्न ( ! ) का प्रयोग

चिह्न
हर्ष, शोक (विषाद), आश्चर्य, घृणा, करुणा, भय जैसे भाव प्रकट करने वाले शब्दों या वाक्यों के बाद तथा भावपूर्ण संबोधन के बाद यह चिह्न लगता है। अंग्रेज़ी में इसे Exclamation Mark कहते हैं।
| भाव | उदाहरण |
|---|---|
| हर्ष | वाह! कितना सुंदर दृश्य है। शाबाश! तुमने गाँव का नाम रोशन कर दिया। |
| शोक / विषाद | हाय! अब क्या होगा। हाय राम! यह क्या हो गया। |
| आश्चर्य (विस्मय) | अरे! तुम कब आए? ओह! इतनी बड़ी इमारत। |
| घृणा | छिः! कितनी गंदगी है। धिक्कार है ऐसे जीवन पर! |
| करुणा / प्रार्थना | हे प्रभु! मेरी रक्षा करो। हे भगवान! अब तो तुम्हारा ही आसरा है। |
| शुभकामना / आशीर्वाद | तुम्हारा कल्याण हो! ईश्वर तुम्हें लंबी आयु दे! |
7. उद्धरण या अवतरण चिह्न ( ‘ ‘ और ” ” ) का प्रयोग

चिह्न
जब किसी कथन, नाम या शीर्षक को ज्यों-का-त्यों लिखा जाता है, तो उसके दोनों ओर उद्धरण चिह्न लगाते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Inverted Commas कहते हैं। इसके दो रूप हैं:
(क) इकहरा उद्धरण चिह्न ( ‘ ‘ ): कवि का उपनाम, पुस्तक, पत्र-पत्रिका, लेख या कविता का शीर्षक और कहावत लिखने के लिए।
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’
‘रामचरितमानस’ के रचयिता तुलसीदास हैं।
‘राजस्थान पत्रिका’ एक प्रमुख समाचार-पत्र है।
कहावत सही है कि ‘उलटा चोर कोतवाल को डाँटे’।
(ख) दुहरा उद्धरण चिह्न ( ” ” ): किसी व्यक्ति, विद्वान या पुस्तक के कथन को ज्यों-का-त्यों उद्धृत करने के लिए।
“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा।” — सुभाष चंद्र बोस
तुलसीदास ने कहा है, “सिय राममय सब जग जानी। करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी॥”
8. योजक चिह्न ( – ) का प्रयोग

यह चिह्न दो शब्दों को जोड़ता है, पर दोनों शब्दों का अलग अस्तित्व बना रहता है। अंग्रेज़ी में इसे हाइफ़न (Hyphen) कहते हैं; इसे समास चिह्न भी कहा जाता है।
✔️ द्वंद्व समास के पदों के बीच
✔️ पुनरुक्त (दोहराए गए) शब्दों के बीच
✔️ तुलनावाचक सा, सी, से से पहले
✔️ शब्दों में लिखी संख्याओं के बीच
9. कोष्ठक चिह्न ( ) का प्रयोग

वाक्य में आए किसी शब्द का अर्थ या अतिरिक्त जानकारी देने के लिए कोष्ठक का प्रयोग होता है। अंग्रेज़ी में इसे Bracket कहते हैं। कोष्ठक में लिखी बात मुख्य वाक्य का अंग नहीं होती; उसे हटाने पर भी वाक्य पूरा रहता है।
✔️ किसी शब्द का अर्थ या स्पष्टीकरण देने के लिए
डॉ. राजेंद्र प्रसाद (भारत के प्रथम राष्ट्रपति) बेहद सादगी पसंद थे।
✔️ नाटक या एकांकी में पात्र के अभिनय या भाव का निर्देश देने के लिए
✔️ क्रम सूचक अंकों या अक्षरों के साथ
10. विवरण चिह्न ( :– ) का प्रयोग

जब किसी बात के बाद उसका विवरण या सूची दी जाती है, तो उससे पहले विवरण चिह्न लगता है। अंग्रेज़ी में इसे Colon-Dash कहते हैं।
वेद चार हैं:– ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद।
पुरुषार्थ चार हैं:– धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष।
11. लोप सूचक चिह्न ( … ) का प्रयोग

जहाँ किसी वाक्य या कथन का कुछ अंश जानबूझकर छोड़ दिया जाए, वहाँ लोप सूचक चिह्न लगता है।
मैं तो परिणाम भोग रहा हूँ, कहीं आप भी…
12. विस्मरण चिह्न या हंसपद ( ^ ) का प्रयोग

इसे हंसपद या त्रुटिपूरक चिह्न भी कहते हैं। लिखते समय कोई शब्द छूट जाए, तो छूटे स्थान के नीचे यह चिह्न लगाकर छूटा हुआ शब्द ऊपर लिख देते हैं।
मुझे आपसे ^ परामर्श लेना है। (ऊपर “कुछ” लिखा जाएगा)
13. संक्षेप या लाघव चिह्न ( ० ) का प्रयोग

किसी बड़े शब्द को संक्षेप में लिखने के लिए उसका पहला अक्षर लिखकर उसके आगे यह चिह्न लगाते हैं। हिंदी में इसके लिए शून्य ( ० ) और अंग्रेज़ी की तरह बिंदु ( . ), दोनों प्रचलित हैं। इसे Mark of Abbreviation कहते हैं।
मास्टर ऑफ़ आर्ट्स = एम०ए० / एम.ए.
डॉक्टर = डॉ०, पंडित = पं०, प्राध्यापक = प्रा०
14. निर्देशक चिह्न ( – ) का प्रयोग

यह योजक चिह्न (-) से बड़ा होता है। अंग्रेज़ी में इसे डैश (Dash) कहते हैं।
✔️ नाटक के संवादों में पात्र के नाम के बाद
द्वारपाल – जो आज्ञा, स्वामी!
✔️ किसी कथन के बाद उसके लेखक या वक्ता का नाम लिखने में
✔️ किसी शब्द या वाक्यांश का स्पष्टीकरण बीच में देने के लिए
15. तुल्यतासूचक चिह्न ( = ) का प्रयोग

समानता, बराबरी, मूल्य या शब्द का अर्थ बताने के लिए यह चिह्न लगाया जाता है।
वायु = समीर, पवन
राम + ईश्वर = रामेश्वर
16. संकेत चिह्न ( * ) का प्रयोग

किसी महत्वपूर्ण बात की ओर ध्यान दिलाने या पाद-टिप्पणी (फ़ुटनोट) का संकेत करने के लिए यह चिह्न लगाते हैं।
* प्रातःकाल जल्दी उठें।
* प्रतिदिन भ्रमण के लिए जाएँ।
17. समाप्ति सूचक चिह्न या इतिश्री चिह्न ( –०– ) का प्रयोग

किसी अध्याय, लेख या ग्रंथ की समाप्ति पर यह चिह्न लगाया जाता है। इसके कई रूप प्रचलित हैं।
विराम चिह्न तालिका: हिंदी और अंग्रेज़ी नाम
| हिंदी नाम | अंग्रेज़ी नाम | चिह्न |
|---|---|---|
| अल्प विराम | Comma | , |
| अर्ध विराम | Semicolon | ; |
| पूर्ण विराम | Full Stop (हिंदी में खड़ी पाई) | । |
| उपविराम | Colon | : |
| प्रश्नवाचक चिह्न | Question Mark | ? |
| विस्मयादिबोधक चिह्न | Exclamation Mark | ! |
| उद्धरण चिह्न | Inverted Commas | ‘ ‘ / ” “ |
| योजक चिह्न | Hyphen | – |
| कोष्ठक चिह्न | Brackets | ( ) { } [ ] |
| विवरण चिह्न | Colon-Dash | :– |
| लोप सूचक चिह्न | Ellipsis / Mark of Omission | … |
| विस्मरण चिह्न (हंसपद) | Caret | ^ |
| लाघव चिह्न | Mark of Abbreviation | ० / . |
| निर्देशक चिह्न | Dash | – |
| तुल्यतासूचक चिह्न | Equal Sign | = |
| संकेत चिह्न | Asterisk | * |
| पुनरुक्ति चिह्न | Ditto Mark | „ |
विराम चिह्नों के प्रयोग में होने वाली सामान्य गलतियाँ
| गलत | सही | कारण |
|---|---|---|
| उसने पूछा कि तुम कहाँ जा रहे हो? | उसने पूछा कि तुम कहाँ जा रहे हो। | अप्रत्यक्ष प्रश्न में पूर्ण विराम लगता है। |
| अध्यक्ष महोदय, हमारी बात सुनिए? | अध्यक्ष महोदय, हमारी बात सुनिए। | यह अनुरोध है, प्रश्न नहीं। |
| वाह, आपने तो कमाल कर दिया? | वाह! आपने तो कमाल कर दिया। | “वाह” हर्ष का भाव है। |
| हाँ! मैं यह काम करूँगा। | हाँ, मैं यह काम करूँगा। | हाँ/नहीं के बाद अल्प विराम लगता है। |
| नारी और समाज। | नारी और समाज | शीर्षक के अंत में पूर्ण विराम नहीं लगता। |
विराम चिह्न के वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर सहित
REET, CTET, TGT, पटवारी, LDC और कक्षा 9-10 की परीक्षाओं में पूछे जाने वाले 20 महत्वपूर्ण प्रश्न। पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर मिलान करें।
(अ) जो परिश्रमी होते हैं, वही सफलता प्राप्त करते हैं।
(ब) पानी हमारा जीवन है: हवा प्राण है, और अन्न हमारी शक्ति है।
(स) मित्रो आज, मैं आ रहा हूँ।
(द) हाँ! मैं यह काम अवश्य करूँगा।
(अ) हाँ, मैं यह काम अवश्य करूँगा
(ब) वह हाथ जोड़ती रही, ससुराल वाले उसे पीटते रहे।
(स) रामचरितमानस एक धार्मिक ग्रंथ है।
(द) काश! वह जीवित होता।
(अ) क्रम संख्या दर्शाने के लिए
(ब) वाक्य की त्रुटि दूर करने के लिए
(स) किसी की बात को ज्यों-का-त्यों लिखने के लिए
(द) वाक्य में विषय की सूचना देने के लिए
(अ) जब मेरा मित्र आया, मैं सो रहा था।
(ब) अध्यक्ष महोदय, हमारी बात सुनिए?
(स) क्या कोई तारे गिन सकता है?
(द) मद्यपान शरीर और आत्मा का नाश करता है।
(अ) योजक चिह्न
(ब) लाघव चिह्न
(स) निर्देशक चिह्न
(द) हंसपद या त्रुटिपूरक चिह्न
(अ) किसी पद का अर्थ स्पष्ट करने के लिए योजक चिह्न लगाया जाता है।
(ब) दूसरे की उक्ति को ज्यों-का-त्यों उद्धृत करने के लिए उद्धरण चिह्न लगाया जाता है।
(स) विस्मय, हर्ष, घृणा, शोक आदि भाव प्रकट करने के लिए विस्मयादिबोधक चिह्न लगाया जाता है।
(द) जहाँ वाक्य पूरा होता है, वहाँ पूर्ण विराम लगाया जाता है।
(अ) बुद्ध ने घर-घर जाकर उपदेश दिया।
(ब) उसके पास कपड़ा-लत्ता कुछ है भी या नहीं?
(स) विराम चिह्नों का प्रयोग सही नहीं हुआ है?
(द) पिता-पुत्र में झगड़ा हो गया है।
(अ) विवरण चिह्न
(ब) लाघव चिह्न
(स) योजक चिह्न
(द) लोप सूचक चिह्न
(अ) विस्मयादिबोधक चिह्न
(ब) अवतरण या उद्धरण चिह्न
(स) प्रश्नवाचक चिह्न
(द) निर्देशक चिह्न
(अ) वाक्य में छोड़े गए अंश के स्थान पर
(ब) दूसरे की उक्ति को उद्धृत करने के लिए
(स) जहाँ वाक्य पूरा होता है
(द) पढ़ते समय थोड़ी देर रुकने के लिए
(अ) जो पत्र आज आया है, वह कहाँ है?
(ब) जो पत्र आज आया है, वह कहाँ हैं?
(स) जो पत्र आज आया है, वह कहाँ है.
(द) जो पत्र, आज आया है, वह कहाँ है.
(अ) जी हाँ, मैं भी आपके साथ चलूँगा।
(ब) कंप्यूटर: आज के युग की अनिवार्यता
(स) सैनिक – (प्रणाम करते हुए) महाराज की जय हो!
(द) वाह, आपने तो कमाल कर दिया?
(अ) छिः तुमने तो, नाम ही डुबो दिया?
(ब) छिः तुमने! तो नाम ही डुबो दिया।
(स) छिः! तुमने तो नाम ही डुबो दिया।
(द) छिः तुमने तो नाम ही, डुबो दिया.
(अ) योजक चिह्न
(ब) उद्धरण चिह्न
(स) निर्देशक चिह्न
(द) लाघव चिह्न
(अ) अर्ध विराम
(ब) पूर्ण विराम
(स) अल्प विराम
(द) हंसपद
(अ) अर्ध विराम समानाधिकरण वाक्यों के बीच प्रयुक्त होता है।
(ब) अर्ध विराम संयुक्त वाक्यों में विरोधी अर्थ वाले उपवाक्यों के बीच प्रयुक्त होता है।
(स) शब्द-युग्मों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए अर्ध विराम प्रयुक्त होता है।
(द) एक प्रधान उपवाक्य पर आश्रित अनेक उपवाक्यों के बीच अर्ध विराम लगता है।
(अ) विवरण चिह्न
(ब) निर्देशक चिह्न
(स) कोष्ठक
(द) अल्प विराम
(अ) निर्देशक चिह्न
(ब) योजक चिह्न
(स) अर्ध विराम
(द) अल्प विराम
(अ) –
(ब) ।
(स) :
(द) ;
(अ) उद्धरण के लिए
(ब) बड़े शब्द का संक्षिप्त रूप लिखने के लिए
(स) त्रुटि सुधार के लिए
(द) अभिवादन के लिए
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
निष्कर्ष
विराम चिह्न छोटे दिखते हैं, पर लिखित भाषा का पूरा अर्थ इन्हीं पर टिका होता है। परीक्षा की दृष्टि से अल्प विराम के नियम, पूर्ण विराम और प्रश्नवाचक चिह्न का अंतर, उद्धरण चिह्न के दोनों रूप, योजक और निर्देशक चिह्न का अंतर तथा हंसपद और लाघव चिह्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं।
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