विराम चिह्न: परिभाषा, प्रकार, प्रयोग के नियम, उदाहरण और MCQ | Viram Chinh in Hindi

अंतिम संशोधित (Last Updated): October 21, 2026

लिखते समय हम आवाज़ का उतार-चढ़ाव, ठहराव और भाव सीधे नहीं दिखा सकते; यह काम विराम चिह्न (Viram Chinh) करते हैं। एक छोटा-सा अल्प विराम भी वाक्य का अर्थ पूरी तरह बदल सकता है। इस लेख में आप विराम चिह्न की परिभाषा, विराम चिह्न के प्रकार (कुल 17 प्रमुख चिह्न), हर चिह्न के प्रयोग के नियम और उदाहरण, हिंदी-अंग्रेज़ी नामों की तालिका और REET, CTET, TGT, पटवारी, LDC जैसी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पढ़ेंगे।

✅ विराम चिह्न किसे कहते हैं?
“विराम” का अर्थ है ठहराव या रुकना। भाषा के लिखित रूप में ठहराव, भाव और अर्थ को स्पष्ट करने के लिए जिन निश्चित संकेत-चिह्नों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें विराम चिह्न कहते हैं। जैसे: पूर्ण विराम (।), अल्प विराम (,), प्रश्नवाचक चिह्न (?), विस्मयादिबोधक चिह्न (!)। हिंदी का अपना (मौलिक) विराम चिह्न पूर्ण विराम (।) है; बाकी अधिकांश चिह्न अंग्रेज़ी से लिए गए हैं।
विराम चिह्न क्या है
विराम चिह्न क्या है

विराम चिह्न क्या है? परिभाषा और महत्व

Table of Contents

बोलते समय कोई व्यक्ति अपनी बात समझाने, किसी कथन पर बल देने या आश्चर्य, दुःख, प्रसन्नता जैसे भाव प्रकट करने के लिए कहीं कम और कहीं अधिक समय के लिए रुकता है। लिखते समय इन्हीं ठहरावों को दिखाने के लिए जो चिह्न लगाए जाते हैं, उन्हें विराम चिह्न कहते हैं।

विराम चिह्न का महत्व:

  • इनसे वाक्य का सही अर्थ समझ में आता है और भाषा स्पष्ट, सुंदर और भावपूर्ण बनती है।
  • सही जगह पर सही चिह्न न लगाने से अर्थ का अनर्थ हो सकता है।
  • पढ़ने वाला वाक्य के भाव (प्रश्न, आश्चर्य, आदेश) को तुरंत पहचान लेता है।

उदाहरण: एक अल्प विराम से बदलता अर्थ

रोको, मत जाने दो। (अर्थ: उसे रोक लो, जाने मत दो)
रोको मत, जाने दो। (अर्थ: उसे मत रोको, जाने दो)
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विराम चिह्न के प्रकार: विराम चिह्न कितने होते हैं?

विराम चिह्नों की संख्या को किसी निश्चित सीमा में नहीं बाँधा जा सकता; अलग-अलग व्याकरण-पुस्तकों में इनकी संख्या थोड़ी अलग मिलती है। हिंदी में प्रचलित 17 प्रमुख विराम चिह्न ये हैं:

क्रमविराम चिह्न का नामचिह्न
1अल्प विराम( , )
2अर्ध विराम( ; )
3पूर्ण विराम( । )
4उपविराम (अपूर्ण विराम)( : )
5प्रश्नवाचक चिह्न( ? )
6विस्मयादिबोधक चिह्न( ! )
7उद्धरण / अवतरण चिह्नइकहरा ( ‘ ‘ ), दुहरा ( ” ” )
8योजक चिह्न( – )
9कोष्ठक चिह्न( ), { }, [ ]
10विवरण चिह्न( :– )
11लोप सूचक चिह्न( … )
12विस्मरण चिह्न / हंसपद( ^ )
13संक्षेप / लाघव चिह्न( ० ) या ( . )
14निर्देशक चिह्न (डैश)( – )
15तुल्यतासूचक चिह्न( = )
16संकेत चिह्न( * )
17समाप्ति सूचक चिह्न( –०– )
विशेष: हिंदी का मौलिक विराम चिह्न पूर्ण विराम ( । ) है।

विराम चिह्नों का प्रयोग: नियम और उदाहरण

1. अल्प विराम ( , ) किसे कहते हैं?

अल्पविराम
अल्पविराम

अल्प विराम का अर्थ है थोड़ी देर रुकना। अंग्रेज़ी में इसे कॉमा (Comma) कहते हैं। पूर्ण विराम वाक्य के अंत में लगता है, जबकि अल्प विराम वाक्य के बीच में। जहाँ दो या अधिक समान पदों, पदबंधों या वाक्यों के बीच “और” की संभावना हो, वहाँ अल्प विराम लगता है। हिंदी में सबसे अधिक नियम इसी के हैं:

✔️ समान पदों या वाक्यों को अलग करने के लिए (अंतिम दो के बीच “और” आता है)

दिनेश, लक्ष्मण, मुकेश और मोहन ने विद्यालय में प्रवेश किया।
सोहन घर आया, खाना खाया और वापस दफ़्तर चला गया।
मोहन ने सेब, जामुन, केले आदि खरीदे।

✔️ दो उपवाक्यों का अलगाव दिखाने के लिए (क्योंकि, इसलिए, किंतु, पर आदि से पहले)

वह काम करता है, क्योंकि वह गरीब है।
आज मैं बहुत थका हूँ, इसलिए जल्दी सो जाऊँगा।

✔️ भावों पर बल देने के लिए दोहराए गए शब्दों के बीच

सुनो, सुनो, वह गा रही है।

✔️ शब्द-युग्मों (जोड़ों) को अलग करने के लिए

सुख-दुःख, हानि-लाभ, रोना-हँसना, जीवन के अंग हैं।

✔️ बीच में आए वाक्यांश या क्रिया-विशेषण वाक्यांश के दोनों ओर

यह बात, यदि सच पूछो तो, मैं भूल ही गया था।

✔️ मिश्र वाक्य में प्रधान और आश्रित उपवाक्य के बीच (संज्ञा उपवाक्य को छोड़कर)

यह वही पेन है, जिसकी मुझे ज़रूरत है।
चिंता चाहे कैसी भी हो, मनुष्य को जला देती है।

✔️ उद्धरण चिह्न से पहले

वह बोला, “मैं तुम्हें नहीं जानता।”

✔️ तिथि और समय सूचक शब्दों को अलग करने के लिए

कल शुक्रवार, 25 मार्च से परीक्षाएँ प्रारंभ होंगी।

✔️ पत्र में संबोधन, अभिवादन और समापन के बाद

पूज्य पिताजी,
भवदीय,

✔️ संबोधित व्यक्ति के नाम या संबोधन के बाद

मित्रो, आज मैं विद्यालय से विदा हो रहा हूँ।
मोहन, यहाँ आओ।

✔️ हाँ, नहीं, जी हाँ, बस, अच्छा, अतः जैसे शब्दों से शुरू होने वाले वाक्यों में इनके बाद

जी हाँ, अब मैं ठीक हूँ।
नहीं, यह हमें अच्छा नहीं लगता।

2. अर्ध विराम ( ; ) किसे कहते हैं?

जहाँ अल्प विराम से अधिक और पूर्ण विराम से कम ठहरना हो, वहाँ अर्ध विराम लगता है। अंग्रेज़ी में इसे सेमीकोलन (Semicolon) कहते हैं। इसका प्रयोग अपेक्षाकृत कम होता है।

✔️ संयुक्त वाक्य के ऐसे उपवाक्यों के बीच, जो अर्थ में जुड़े हों पर स्वतंत्र हों (विशेषकर विरोध दिखाने के लिए)

बिजली चमकी; फिर भी वर्षा नहीं हुई।
शिक्षा के क्षेत्र में छात्राएँ आगे बढ़ती गईं; छात्र पिछड़ते गए।

✔️ एक प्रधान उपवाक्य पर आश्रित अनेक उपवाक्यों के बीच

जब तक हम गरीब हैं; बलहीन हैं; दूसरों पर आश्रित हैं; तब तक हमारा उद्धार नहीं हो सकता।

✔️ उपाधियों या ऐसे समूहों को अलग करने के लिए, जिनके भीतर पहले से अल्प विराम हों

एम.ए.; बी.एड.; पीएच.डी.

3. पूर्ण विराम ( । ) किसे कहते हैं?

पूर्णविराम
पूर्ण विराम

पूर्ण विराम का अर्थ है पूरी तरह रुकना। जब वाक्य अपना अर्थ पूरी तरह स्पष्ट कर देता है, तो उसके अंत में पूर्ण विराम लगता है। हिंदी में इसका प्रयोग सबसे अधिक होता है और यही हिंदी का मौलिक विराम चिह्न है (अंग्रेज़ी में इसके स्थान पर फ़ुल स्टॉप “.” लगता है)।

✔️ साधारण, मिश्र या संयुक्त वाक्य के अंत में

राम स्कूल जाता है।
प्रयाग में गंगा-यमुना का संगम है।
यदि सुरेश पढ़ता, तो अवश्य पास होता।

✔️ अप्रत्यक्ष (परोक्ष) प्रश्नवाचक वाक्य के अंत में

उसने मुझे नहीं बताया कि वह कहाँ जा रहा है।

✔️ दोहे-चौपाई में पहले चरण-युग्म के बाद एक (।) और छंद के अंत में दो (॥) पूर्ण विराम

अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम।
दास मलूका कह गए, सबके दाता राम॥
💡 ध्यान दें: शीर्षक के अंत में पूर्ण विराम नहीं लगाया जाता। जैसे: “नारी और वर्तमान भारतीय समाज” (पूर्ण विराम के बिना)।

4. उपविराम या अपूर्ण विराम ( : ) किसे कहते हैं?

जहाँ वाक्य पूरा न हुआ हो, पर आगे उसकी व्याख्या, शीर्षक का उपशीर्षक या उदाहरण आने वाला हो, वहाँ उपविराम लगता है। अंग्रेज़ी में इसे कोलन (Colon) कहते हैं।

✔️ शीर्षक और उपशीर्षक के बीच

कंप्यूटर: आज के युग की अनिवार्यता
प्रदूषण: समस्या और समाधान

✔️ किसी बात को स्पष्ट करने से पहले

सफलता का एक ही मंत्र है: निरंतर परिश्रम।

5. प्रश्नवाचक चिह्न ( ? ) का प्रयोग

प्रश्नवाचक चिह्न
प्रश्नवाचक चिह्न

प्रश्न पूछने वाले वाक्यों के अंत में पूर्ण विराम के स्थान पर प्रश्नवाचक चिह्न लगता है। अंग्रेज़ी में इसे Question Mark कहते हैं।

✔️ प्रत्यक्ष प्रश्नवाचक वाक्यों के अंत में

क्या वे घर पर नहीं हैं?
कल आप कहाँ थे?
इतने लड़के कैसे आ पाएँगे?

✔️ संदेह या व्यंग्य प्रकट करने के लिए

आप शायद उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं?
जहाँ भ्रष्टाचार है, वहाँ ईमानदारी कैसे रहेगी?
💡 अप्रत्यक्ष प्रश्न (जैसे “उसने पूछा कि तुम कहाँ जा रहे हो।”) के अंत में प्रश्नवाचक चिह्न नहीं, पूर्ण विराम लगता है।

6. विस्मयादिबोधक चिह्न ( ! ) का प्रयोग

विस्मयादिबोधक चिह्न
विस्मयादिबोधक
चिह्न

हर्ष, शोक (विषाद), आश्चर्य, घृणा, करुणा, भय जैसे भाव प्रकट करने वाले शब्दों या वाक्यों के बाद तथा भावपूर्ण संबोधन के बाद यह चिह्न लगता है। अंग्रेज़ी में इसे Exclamation Mark कहते हैं।

भावउदाहरण
हर्षवाह! कितना सुंदर दृश्य है।
शाबाश! तुमने गाँव का नाम रोशन कर दिया।
शोक / विषादहाय! अब क्या होगा।
हाय राम! यह क्या हो गया।
आश्चर्य (विस्मय)अरे! तुम कब आए?
ओह! इतनी बड़ी इमारत।
घृणाछिः! कितनी गंदगी है।
धिक्कार है ऐसे जीवन पर!
करुणा / प्रार्थनाहे प्रभु! मेरी रक्षा करो।
हे भगवान! अब तो तुम्हारा ही आसरा है।
शुभकामना / आशीर्वादतुम्हारा कल्याण हो!
ईश्वर तुम्हें लंबी आयु दे!

7. उद्धरण या अवतरण चिह्न ( ‘ ‘ और ” ” ) का प्रयोग

उद्धरण या अवतरण चिह्न
उद्धरण या अवतरण
चिह्न

जब किसी कथन, नाम या शीर्षक को ज्यों-का-त्यों लिखा जाता है, तो उसके दोनों ओर उद्धरण चिह्न लगाते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Inverted Commas कहते हैं। इसके दो रूप हैं:

(क) इकहरा उद्धरण चिह्न ( ‘ ‘ ): कवि का उपनाम, पुस्तक, पत्र-पत्रिका, लेख या कविता का शीर्षक और कहावत लिखने के लिए।

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ओज के कवि हैं।
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’
‘रामचरितमानस’ के रचयिता तुलसीदास हैं।
‘राजस्थान पत्रिका’ एक प्रमुख समाचार-पत्र है।
कहावत सही है कि ‘उलटा चोर कोतवाल को डाँटे’।

(ख) दुहरा उद्धरण चिह्न ( ” ” ): किसी व्यक्ति, विद्वान या पुस्तक के कथन को ज्यों-का-त्यों उद्धृत करने के लिए।

“स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है।” — बाल गंगाधर तिलक
“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा।” — सुभाष चंद्र बोस
तुलसीदास ने कहा है, “सिय राममय सब जग जानी। करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी॥”

8. योजक चिह्न ( – ) का प्रयोग

योजक चिह्न
योजक चिह्न

यह चिह्न दो शब्दों को जोड़ता है, पर दोनों शब्दों का अलग अस्तित्व बना रहता है। अंग्रेज़ी में इसे हाइफ़न (Hyphen) कहते हैं; इसे समास चिह्न भी कहा जाता है।

✔️ द्वंद्व समास के पदों के बीच

माता-पिता, सुख-दुःख, रात-दिन, भाई-बहन

✔️ पुनरुक्त (दोहराए गए) शब्दों के बीच

धीरे-धीरे, घर-घर, कभी-कभी, खेलते-खेलते

✔️ तुलनावाचक सा, सी, से से पहले

भरत-सा भाई, कमल-से पैर, कली-सी कोमलता

✔️ शब्दों में लिखी संख्याओं के बीच

एक-चौथाई, दो-तिहाई

9. कोष्ठक चिह्न ( ) का प्रयोग

कोष्ठक चिह्न
कोष्ठक चिह्न

वाक्य में आए किसी शब्द का अर्थ या अतिरिक्त जानकारी देने के लिए कोष्ठक का प्रयोग होता है। अंग्रेज़ी में इसे Bracket कहते हैं। कोष्ठक में लिखी बात मुख्य वाक्य का अंग नहीं होती; उसे हटाने पर भी वाक्य पूरा रहता है।

✔️ किसी शब्द का अर्थ या स्पष्टीकरण देने के लिए

आपकी ताकत (शक्ति) को मैं जानता हूँ।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद (भारत के प्रथम राष्ट्रपति) बेहद सादगी पसंद थे।

✔️ नाटक या एकांकी में पात्र के अभिनय या भाव का निर्देश देने के लिए

राम: (हँसते हुए) अच्छा, जाइए।

✔️ क्रम सूचक अंकों या अक्षरों के साथ

(1), (2), (क), (ख)

10. विवरण चिह्न ( :– ) का प्रयोग

विवरण चिह्न
विवरण चिह्न

जब किसी बात के बाद उसका विवरण या सूची दी जाती है, तो उससे पहले विवरण चिह्न लगता है। अंग्रेज़ी में इसे Colon-Dash कहते हैं।

सर्वनाम छह प्रकार के होते हैं:– पुरुषवाचक, निजवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक और प्रश्नवाचक।
वेद चार हैं:– ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद।
पुरुषार्थ चार हैं:– धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष।

11. लोप सूचक चिह्न ( … ) का प्रयोग

लोप सूचक चिह्न
लोप सूचक चिह्न

जहाँ किसी वाक्य या कथन का कुछ अंश जानबूझकर छोड़ दिया जाए, वहाँ लोप सूचक चिह्न लगता है।

तुम मान जाओ, वरना…
मैं तो परिणाम भोग रहा हूँ, कहीं आप भी…

12. विस्मरण चिह्न या हंसपद ( ^ ) का प्रयोग

विस्मरण चिह्न
विस्मरण चिह्न

इसे हंसपद या त्रुटिपूरक चिह्न भी कहते हैं। लिखते समय कोई शब्द छूट जाए, तो छूटे स्थान के नीचे यह चिह्न लगाकर छूटा हुआ शब्द ऊपर लिख देते हैं।

मेरा भारत ^ देश है। (ऊपर “महान” लिखा जाएगा)
मुझे आपसे ^ परामर्श लेना है। (ऊपर “कुछ” लिखा जाएगा)

13. संक्षेप या लाघव चिह्न ( ० ) का प्रयोग

संक्षेप चिह्न या लाघव चिह्न
संक्षेप चिह्न या लाघव चिह्न

किसी बड़े शब्द को संक्षेप में लिखने के लिए उसका पहला अक्षर लिखकर उसके आगे यह चिह्न लगाते हैं। हिंदी में इसके लिए शून्य ( ० ) और अंग्रेज़ी की तरह बिंदु ( . ), दोनों प्रचलित हैं। इसे Mark of Abbreviation कहते हैं।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय = रा०उ०मा०वि०
मास्टर ऑफ़ आर्ट्स = एम०ए० / एम.ए.
डॉक्टर = डॉ०, पंडित = पं०, प्राध्यापक = प्रा०

14. निर्देशक चिह्न ( – ) का प्रयोग

निर्देशक चिह्न
निर्देशक चिह्न

यह योजक चिह्न (-) से बड़ा होता है। अंग्रेज़ी में इसे डैश (Dash) कहते हैं।

✔️ नाटक के संवादों में पात्र के नाम के बाद

महाराज – द्वारपाल! जाओ।
द्वारपाल – जो आज्ञा, स्वामी!

✔️ किसी कथन के बाद उसके लेखक या वक्ता का नाम लिखने में

“स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है।” – तिलक

✔️ किसी शब्द या वाक्यांश का स्पष्टीकरण बीच में देने के लिए

आँगन में ज्योत्स्ना – चाँदनी – छिटकी हुई थी।

15. तुल्यतासूचक चिह्न ( = ) का प्रयोग

तुल्यतासूचक चिह्न
तुल्यतासूचक चिह्न

समानता, बराबरी, मूल्य या शब्द का अर्थ बताने के लिए यह चिह्न लगाया जाता है।

1 लीटर = 1000 मिलीलीटर
वायु = समीर, पवन
राम + ईश्वर = रामेश्वर

16. संकेत चिह्न ( * ) का प्रयोग

संकेत चिह्न
संकेत चिह्न

किसी महत्वपूर्ण बात की ओर ध्यान दिलाने या पाद-टिप्पणी (फ़ुटनोट) का संकेत करने के लिए यह चिह्न लगाते हैं।

स्वास्थ्य संबंधी निम्न बातों का ध्यान रखें:
* प्रातःकाल जल्दी उठें।
* प्रतिदिन भ्रमण के लिए जाएँ।

17. समाप्ति सूचक चिह्न या इतिश्री चिह्न ( –०– ) का प्रयोग

समाप्ति सूचक चिह्न
समाप्ति सूचक चिह्न

किसी अध्याय, लेख या ग्रंथ की समाप्ति पर यह चिह्न लगाया जाता है। इसके कई रूप प्रचलित हैं।

–०–, –::–, —x—x—

विराम चिह्न तालिका: हिंदी और अंग्रेज़ी नाम

हिंदी नामअंग्रेज़ी नामचिह्न
अल्प विरामComma,
अर्ध विरामSemicolon;
पूर्ण विरामFull Stop (हिंदी में खड़ी पाई)।
उपविरामColon:
प्रश्नवाचक चिह्नQuestion Mark?
विस्मयादिबोधक चिह्नExclamation Mark!
उद्धरण चिह्नInverted Commas‘ ‘ / ” “
योजक चिह्नHyphen–
कोष्ठक चिह्नBrackets( ) { } [ ]
विवरण चिह्नColon-Dash:–
लोप सूचक चिह्नEllipsis / Mark of Omission…
विस्मरण चिह्न (हंसपद)Caret^
लाघव चिह्नMark of Abbreviation० / .
निर्देशक चिह्नDash–
तुल्यतासूचक चिह्नEqual Sign=
संकेत चिह्नAsterisk*
पुनरुक्ति चिह्नDitto Mark„

विराम चिह्नों के प्रयोग में होने वाली सामान्य गलतियाँ

गलतसहीकारण
उसने पूछा कि तुम कहाँ जा रहे हो?उसने पूछा कि तुम कहाँ जा रहे हो।अप्रत्यक्ष प्रश्न में पूर्ण विराम लगता है।
अध्यक्ष महोदय, हमारी बात सुनिए?अध्यक्ष महोदय, हमारी बात सुनिए।यह अनुरोध है, प्रश्न नहीं।
वाह, आपने तो कमाल कर दिया?वाह! आपने तो कमाल कर दिया।“वाह” हर्ष का भाव है।
हाँ! मैं यह काम करूँगा।हाँ, मैं यह काम करूँगा।हाँ/नहीं के बाद अल्प विराम लगता है।
नारी और समाज।नारी और समाजशीर्षक के अंत में पूर्ण विराम नहीं लगता।

विराम चिह्न के वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर सहित

REET, CTET, TGT, पटवारी, LDC और कक्षा 9-10 की परीक्षाओं में पूछे जाने वाले 20 महत्वपूर्ण प्रश्न। पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर मिलान करें।

प्रश्न 1. किस वाक्य में विराम चिह्नों का सही प्रयोग हुआ है?
(अ) जो परिश्रमी होते हैं, वही सफलता प्राप्त करते हैं।
(ब) पानी हमारा जीवन है: हवा प्राण है, और अन्न हमारी शक्ति है।
(स) मित्रो आज, मैं आ रहा हूँ।
(द) हाँ! मैं यह काम अवश्य करूँगा।
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (अ) जो परिश्रमी होते हैं, वही सफलता प्राप्त करते हैं।
📝 “हाँ” के बाद अल्प विराम आता है, विस्मयादिबोधक नहीं; विकल्प (अ) में अल्प विराम और पूर्ण विराम दोनों सही हैं।
प्रश्न 2. किस वाक्य में विराम चिह्न का सही प्रयोग नहीं हुआ है?
(अ) हाँ, मैं यह काम अवश्य करूँगा
(ब) वह हाथ जोड़ती रही, ससुराल वाले उसे पीटते रहे।
(स) रामचरितमानस एक धार्मिक ग्रंथ है।
(द) काश! वह जीवित होता।
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (अ) हाँ, मैं यह काम अवश्य करूँगा
📝 विकल्प (अ) के अंत में पूर्ण विराम नहीं है।
प्रश्न 3. उद्धरण चिह्न का प्रयोग कब होता है?
(अ) क्रम संख्या दर्शाने के लिए
(ब) वाक्य की त्रुटि दूर करने के लिए
(स) किसी की बात को ज्यों-का-त्यों लिखने के लिए
(द) वाक्य में विषय की सूचना देने के लिए
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (स) किसी की बात को ज्यों-का-त्यों लिखने के लिए
📝 किसी कथन को ज्यों-का-त्यों लिखने के लिए उद्धरण चिह्न लगाया जाता है।
प्रश्न 4. किस वाक्य में विराम चिह्न का सही प्रयोग नहीं हुआ है?
(अ) जब मेरा मित्र आया, मैं सो रहा था।
(ब) अध्यक्ष महोदय, हमारी बात सुनिए?
(स) क्या कोई तारे गिन सकता है?
(द) मद्यपान शरीर और आत्मा का नाश करता है।
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (ब) अध्यक्ष महोदय, हमारी बात सुनिए?
📝 “हमारी बात सुनिए” अनुरोध है, प्रश्न नहीं; इसलिए प्रश्नवाचक चिह्न गलत है।
प्रश्न 5. ( ^ ) चिह्न किसका है?
(अ) योजक चिह्न
(ब) लाघव चिह्न
(स) निर्देशक चिह्न
(द) हंसपद या त्रुटिपूरक चिह्न
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (द) हंसपद या त्रुटिपूरक चिह्न
📝 ( ^ ) को हंसपद, विस्मरण चिह्न या त्रुटिपूरक चिह्न कहते हैं।
प्रश्न 6. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
(अ) किसी पद का अर्थ स्पष्ट करने के लिए योजक चिह्न लगाया जाता है।
(ब) दूसरे की उक्ति को ज्यों-का-त्यों उद्धृत करने के लिए उद्धरण चिह्न लगाया जाता है।
(स) विस्मय, हर्ष, घृणा, शोक आदि भाव प्रकट करने के लिए विस्मयादिबोधक चिह्न लगाया जाता है।
(द) जहाँ वाक्य पूरा होता है, वहाँ पूर्ण विराम लगाया जाता है।
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (अ) किसी पद का अर्थ स्पष्ट करने के लिए योजक चिह्न लगाया जाता है।
📝 किसी पद का अर्थ स्पष्ट करने के लिए कोष्ठक का प्रयोग होता है, योजक चिह्न का नहीं।
प्रश्न 7. किस वाक्य में विराम चिह्न का गलत प्रयोग हुआ है?
(अ) बुद्ध ने घर-घर जाकर उपदेश दिया।
(ब) उसके पास कपड़ा-लत्ता कुछ है भी या नहीं?
(स) विराम चिह्नों का प्रयोग सही नहीं हुआ है?
(द) पिता-पुत्र में झगड़ा हो गया है।
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (स) विराम चिह्नों का प्रयोग सही नहीं हुआ है?
📝 विकल्प (स) एक सामान्य कथन है, प्रश्न नहीं; उसके अंत में पूर्ण विराम लगना चाहिए।
प्रश्न 8. ( ० ) चिह्न किसे इंगित करता है?
(अ) विवरण चिह्न
(ब) लाघव चिह्न
(स) योजक चिह्न
(द) लोप सूचक चिह्न
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (ब) लाघव चिह्न
📝 शब्दों को संक्षेप में लिखने के लिए लाघव चिह्न ( ० ) लगाया जाता है, जैसे डॉ०, पं०।
प्रश्न 9. किसी के कथन को उद्धृत करते समय किस विराम चिह्न का प्रयोग किया जाता है?
(अ) विस्मयादिबोधक चिह्न
(ब) अवतरण या उद्धरण चिह्न
(स) प्रश्नवाचक चिह्न
(द) निर्देशक चिह्न
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (ब) अवतरण या उद्धरण चिह्न
📝 किसी का कथन उद्धृत करने के लिए अवतरण (उद्धरण) चिह्न लगाया जाता है।
प्रश्न 10. ( … ) चिह्न का प्रयोग कब किया जाता है?
(अ) वाक्य में छोड़े गए अंश के स्थान पर
(ब) दूसरे की उक्ति को उद्धृत करने के लिए
(स) जहाँ वाक्य पूरा होता है
(द) पढ़ते समय थोड़ी देर रुकने के लिए
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (अ) वाक्य में छोड़े गए अंश के स्थान पर
📝 यह लोप सूचक चिह्न है, जो छोड़े गए अंश को दिखाता है।
प्रश्न 11. सही विराम चिह्नों वाला वाक्य कौन-सा है?
(अ) जो पत्र आज आया है, वह कहाँ है?
(ब) जो पत्र आज आया है, वह कहाँ हैं?
(स) जो पत्र आज आया है, वह कहाँ है.
(द) जो पत्र, आज आया है, वह कहाँ है.
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (अ) जो पत्र आज आया है, वह कहाँ है?
📝 प्रश्नवाचक वाक्य के अंत में (?) लगता है और हिंदी में (.) के स्थान पर (।) लगता है।
प्रश्न 12. किस वाक्य में विराम चिह्न का ठीक प्रयोग नहीं हुआ है?
(अ) जी हाँ, मैं भी आपके साथ चलूँगा।
(ब) कंप्यूटर: आज के युग की अनिवार्यता
(स) सैनिक – (प्रणाम करते हुए) महाराज की जय हो!
(द) वाह, आपने तो कमाल कर दिया?
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (द) वाह, आपने तो कमाल कर दिया?
📝 “वाह” हर्ष सूचक है; सही रूप होगा: “वाह! आपने तो कमाल कर दिया।”
प्रश्न 13. सही विराम चिह्नों वाला वाक्य कौन-सा है?
(अ) छिः तुमने तो, नाम ही डुबो दिया?
(ब) छिः तुमने! तो नाम ही डुबो दिया।
(स) छिः! तुमने तो नाम ही डुबो दिया।
(द) छिः तुमने तो नाम ही, डुबो दिया.
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (स) छिः! तुमने तो नाम ही डुबो दिया।
📝 घृणा सूचक “छिः” के बाद विस्मयादिबोधक चिह्न और वाक्य के अंत में पूर्ण विराम।
प्रश्न 14. ( ” ” ) चिह्न किसे इंगित करता है?
(अ) योजक चिह्न
(ब) उद्धरण चिह्न
(स) निर्देशक चिह्न
(द) लाघव चिह्न
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (ब) उद्धरण चिह्न
📝 यह दुहरा उद्धरण चिह्न है।
प्रश्न 15. ( ; ) विराम चिह्न का नाम क्या है?
(अ) अर्ध विराम
(ब) पूर्ण विराम
(स) अल्प विराम
(द) हंसपद
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (अ) अर्ध विराम
📝 ( ; ) अर्ध विराम (Semicolon) है।
प्रश्न 16. अर्ध विराम ( ; ) के प्रयोग के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
(अ) अर्ध विराम समानाधिकरण वाक्यों के बीच प्रयुक्त होता है।
(ब) अर्ध विराम संयुक्त वाक्यों में विरोधी अर्थ वाले उपवाक्यों के बीच प्रयुक्त होता है।
(स) शब्द-युग्मों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए अर्ध विराम प्रयुक्त होता है।
(द) एक प्रधान उपवाक्य पर आश्रित अनेक उपवाक्यों के बीच अर्ध विराम लगता है।
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (स) शब्द-युग्मों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए अर्ध विराम प्रयुक्त होता है।
📝 शब्द-युग्मों को अलग करने के लिए अल्प विराम लगता है, अर्ध विराम नहीं।
प्रश्न 17. किसी कठिन शब्द को स्पष्ट करने के लिए किस चिह्न का प्रयोग होता है?
(अ) विवरण चिह्न
(ब) निर्देशक चिह्न
(स) कोष्ठक
(द) अल्प विराम
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (स) कोष्ठक
📝 कठिन शब्द का अर्थ कोष्ठक में दिया जाता है, जैसे “ताकत (शक्ति)”।
प्रश्न 18. द्वंद्व समास के दोनों पदों के बीच किस चिह्न का प्रयोग होता है?
(अ) निर्देशक चिह्न
(ब) योजक चिह्न
(स) अर्ध विराम
(द) अल्प विराम
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (ब) योजक चिह्न
📝 जैसे माता-पिता, सुख-दुःख: इनमें योजक चिह्न लगता है।
प्रश्न 19. योजक चिह्न कौन-सा है?
(अ) –
(ब) ।
(स) :
(द) ;
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (अ) –
📝 ( – ) योजक चिह्न (Hyphen) है।
प्रश्न 20. लाघव चिह्न का प्रयोग किसलिए होता है?
(अ) उद्धरण के लिए
(ब) बड़े शब्द का संक्षिप्त रूप लिखने के लिए
(स) त्रुटि सुधार के लिए
(द) अभिवादन के लिए
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (ब) बड़े शब्द का संक्षिप्त रूप लिखने के लिए
📝 लाघव चिह्न से बड़े शब्दों को संक्षेप में लिखा जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

❓ विराम चिह्न किसे कहते हैं?
भाषा के लिखित रूप में ठहराव, भाव और अर्थ को स्पष्ट करने के लिए जिन संकेत-चिह्नों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें विराम चिह्न कहते हैं।
❓ विराम चिह्न कितने प्रकार के होते हैं?
विराम चिह्नों की संख्या निश्चित नहीं है, पर हिंदी में सामान्यतः 17 प्रमुख विराम चिह्न माने जाते हैं, जैसे पूर्ण विराम, अल्प विराम, अर्ध विराम, प्रश्नवाचक, विस्मयादिबोधक, उद्धरण और योजक चिह्न।
❓ हिंदी का मौलिक विराम चिह्न कौन-सा है?
हिंदी का मौलिक (अपना) विराम चिह्न पूर्ण विराम ( । ) है।
❓ अल्प विराम और अर्ध विराम में क्या अंतर है?
अल्प विराम ( , ) में सबसे कम ठहराव होता है, जबकि अर्ध विराम ( ; ) में अल्प विराम से अधिक और पूर्ण विराम से कम ठहराव होता है।
❓ हंसपद चिह्न किसे कहते हैं?
( ^ ) को हंसपद या विस्मरण चिह्न कहते हैं; लिखते समय छूटा हुआ शब्द जोड़ने के लिए इसका प्रयोग होता है।
❓ योजक चिह्न और निर्देशक चिह्न में क्या अंतर है?
योजक चिह्न ( – ) छोटा होता है और दो शब्दों को जोड़ता है (माता-पिता); निर्देशक चिह्न ( – ) बड़ा होता है और संवाद या स्पष्टीकरण के लिए प्रयुक्त होता है।
❓ विराम चिह्न का प्रयोग क्यों किया जाता है?
वाक्य का सही अर्थ और भाव स्पष्ट करने के लिए; गलत प्रयोग से अर्थ का अनर्थ हो सकता है, जैसे “रोको, मत जाने दो” और “रोको मत, जाने दो”।

निष्कर्ष

विराम चिह्न छोटे दिखते हैं, पर लिखित भाषा का पूरा अर्थ इन्हीं पर टिका होता है। परीक्षा की दृष्टि से अल्प विराम के नियम, पूर्ण विराम और प्रश्नवाचक चिह्न का अंतर, उद्धरण चिह्न के दोनों रूप, योजक और निर्देशक चिह्न का अंतर तथा हंसपद और लाघव चिह्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं।

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केवल कृष्ण घोड़ेला
✍️ लेखक परिचय
केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी) • कॉलेज व्याख्याता
📍 श्रीगंगानगर (राजस्थान)
यह लेख केवल कृष्ण घोड़ेला की देखरेख में तैयार किया गया है और उन्होंने ही इसकी जाँच की है। वे hindisahity.com, store.hindisahity.com और यूट्यूब चैनल Hindi Sahitya Channel के ज़रिए NET/JRF और प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य की तैयारी करवाते हैं।

 

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