हिंदी साहित्य सुपर 100 सीरीज़ 2: आदिकाल महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (प्रश्न 100 से 200)

अंतिम संशोधित (Last Updated): September 6, 2026

हिंदी साहित्य सुपर 100 सीरीज़ – 2: आदिकाल महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (प्रश्न 100 से 200)

यदि आप UGC NET, TGT, PGT, LT ग्रेड या विभिन्न राज्य स्तरीय हिंदी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी साहित्य के आदिकाल के इन चुनिंदा महत्वपूर्ण प्रश्नों पर पकड़ मजबूत करना बेहद जरूरी है। इस लेख में हम आपके लिए लेकर आए हैं हिंदी साहित्य एमसीक्यू (Hindi Sahitya MCQ) की विशेष सीरीज, जिसमें आदिकाल (प्रश्न 100 से 200 तक) के अति महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ और वन-लाइनर प्रश्न उत्तर सहित शामिल हैं। परीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण इन प्रश्नों का अभ्यास करके आप अपनी तैयारी को परख सकते हैं। यदि आप आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक के संपूर्ण 5000+ हिंदी साहित्य MCQs की पीडीएफ चाहते हैं, तो हमारे मुख्य पिलर आर्टिकल और स्टोर पर विजिट कर सकते हैं।

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आदिकाल सुपर 100 सीरीज़ – 2 (प्रश्न 100 से 200)

  • प्रश्न 100. ‘तज़किरा-ई-शुअराई हिंदी’ किसके द्वारा रचित इतिहास ग्रंथ है?

    • उत्तर: मौलवी करीमुद्दीन

  • प्रश्न 101. शिव सिंह सेंगर तथा ग्रियर्सन के इतिहास ग्रंथों को ‘वृत्त संग्रह’ किसने कहा?

    • उत्तर: आचार्य शुक्ल

  • प्रश्न 102. हिंदी साहित्य के इतिहास का इतिवृत्तात्मक और तुलनात्मक लेखन किस ग्रंथ में हुआ है?

    • उत्तर: मिश्रबंधु विनोद में

  • प्रश्न 103. हिंदी साहित्य के विकास क्रम का निर्धारण चारण काव्य, धार्मिक काव्य, प्रेमकाव्य और दरबारी काव्य के रूप में किसने किया?

    • उत्तर: ग्रियर्सन ने

  • प्रश्न 104. ‘हिंदी साहित्य का इतिहास दर्शन’ के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: नलिन विलोचन शर्मा

  • प्रश्न 105. ‘हिंदी के विधेयवादी साहित्य इतिहास के आदम प्रवर्तक शुक्ल जी नहीं ग्रियर्सन है’ – यह कथन किसका है?

    • उत्तर: नलिन विलोचन शर्मा

  • प्रश्न 106. ग्रियर्सन ने हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन में सर्वाधिक सहायता किससे ली है?

    • उत्तर: ‘शिवसिंह सरोज’ से

  • प्रश्न 107. हिंदी साहित्य के इतिहास का प्रस्थान बिंदु कौन सा ग्रंथ है?

    • उत्तर: शिव सिंह सेंगर कृत ‘शिवसिंह सरोज’

  • प्रश्न 108. ‘इस्तवार द ला लितरेव्यूर ऐंदुई ए ऐन्दुस्तानी’ के प्रथम भाग में कुल 738 कवि और लेखक हैं, इनमें हिंदी कवियों की संख्या कितनी है?

    • उत्तर: 72

  • प्रश्न 109. हिंदी साहित्य के इतिहास के सर्वप्रथम लेखक कौन हैं?

    • उत्तर: गार्सा द तासी

  • प्रश्न 110. ‘कालिदास हजारा’ किसकी रचना है?

    • उत्तर: कालिदास त्रिवेदी

  • प्रश्न 111. स्वयंभू (693 ईस्वी) को हिंदी का प्रथम कवि किसने माना है?

    • उत्तर: डॉ. रामकुमार वर्मा

  • प्रश्न 112. सरहपा को हिंदी का प्रथम कवि किसने माना है?

    • उत्तर: राहुल सांकृत्यायन व डॉ. नगेंद्र

  • प्रश्न 113. डॉ. नगेंद्र ने ‘हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास’ को कितने भागों में संकलित किया है?

    • उत्तर: 10 भागों में

  • प्रश्न 114. ‘हिंदी साहित्य का आधुनिक इतिहास’ के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: अज्ञेय

  • प्रश्न 115. ‘हिंदी साहित्य की कहानी’ के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: प्रभाकर माचवे

  • प्रश्न 116. ‘हिंदी साहित्य का वैज्ञानिक इतिहास’ किसने लिखा है?

    • उत्तर: गणपतिचन्द्र गुप्त

  • प्रश्न 117. पुष्य या पुण्ड (613 ईस्वी) को हिंदी का प्रथम कवि किसने माना है?

    • उत्तर: डॉ. शिवसिंह सेंगर

  • प्रश्न 118. राजा मुंज (993 ईस्वी) को हिंदी का प्रथम कवि किसने माना है?

    • उत्तर: चंद्रधर शर्मा गुलेरी और आचार्य शुक्ल ने

  • प्रश्न 119. अब्दुल रहमान (12वीं शती) को हिंदी का प्रथम कवि किसने माना है?

    • उत्तर: हजारी प्रसाद द्विवेदी

  • प्रश्न 120. आदिकाल का ‘चारण काल’ नामकरण किसने किया?

    • उत्तर: ग्रियर्सन ने

  • प्रश्न 121. शालिभद्र सूरि (1184 ईस्वी) को हिंदी का प्रथम कवि किसने माना है?

    • उत्तर: डॉ. गणपति चंद्र गुप्त

  • प्रश्न 122. विद्यापति को हिंदी का प्रथम कवि किसने माना है?

    • उत्तर: डॉ. बच्चन सिंह

  • प्रश्न 123. वीरगाथा काल को ‘आदिकाल’ नाम किसने दिया?

    • उत्तर: हजारी प्रसाद द्विवेदी (शुक्ल जी ने वीरगाथा काल कहा)

  • प्रश्न 124. आदिकाल को ‘शून्यकाल’ किसने कहा है?

    • उत्तर: डॉ. गणपति चंद्र गुप्त

  • प्रश्न 125. गार्सा द तासी ने ‘इस्तवार द ला लितरव्यूर ऐंदुई ऐन्दुस्तानी’ किस भाषा में लिखा है?

    • उत्तर: फ्रेंच भाषा में

  • प्रश्न 126. हिंदी भाषा में लिखा गया हिंदी साहित्य के इतिहास का प्रथम ग्रंथ कौन सा है?

    • उत्तर: शिवसिंह सरोज

  • प्रश्न 127. काल विभाजन और नामकरण का प्रथम प्रयास किसने किया?

    • उत्तर: ग्रियर्सन

  • प्रश्न 128. आदिकाल को ‘आदिकाल’ नाम किसने दिया?

    • उत्तर: हजारी प्रसाद द्विवेदी

  • प्रश्न 129. आदिकाल को ‘बीजवपन काल’ किसने कहा है?

    • उत्तर: महावीर प्रसाद द्विवेदी

  • प्रश्न 130. ‘हिंदी काव्यधारा’ की रचना किसने की है?

    • उत्तर: राहुल सांकृत्यायन

  • प्रश्न 131. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र द्वारा रचित ग्रंथ ‘हिंदी साहित्य का अतीत’ के कितने भाग हैं?

    • उत्तर: 2 भाग

  • प्रश्न 132. आदिकाल को ‘अंधकार काल’ किसने कहा है?

    • उत्तर: डॉ. कमल कुलश्रेष्ठ

  • प्रश्न 133. आदिकाल का नामकरण ‘सिद्ध सामंत काल’ किसने किया?

    • उत्तर: राहुल सांकृत्यायन

  • प्रश्न 134. आदिकाल को ‘वीरकाल’ की संज्ञा किसने दी?

    • उत्तर: विश्वनाथ प्रसाद मिश्र

  • प्रश्न 135. ‘मिश्रबंधु विनोद’ इतिहास ग्रंथ के कितने भाग हैं?

    • उत्तर: 4 भाग

  • प्रश्न 136. ‘छप्पय का राजा’ किसे कहा गया है?

    • उत्तर: चंद्रबरदाई को

  • प्रश्न 137. देवसेन द्वारा रचित ‘श्रावकाचार’ रचना का समय क्या है और इसमें क्या वर्णित है?

    • उत्तर: रचनाकाल 933 ईस्वी, इसमें 250 दोहे व गृहस्थ धर्म का वर्णन है।

  • प्रश्न 138. क्या बीसलदेव रासो पूर्णतः प्रामाणिक या प्रबंध काव्य है?

    • उत्तर: यह एक मुक्तक/गेय काव्य है।

  • प्रश्न 139. हम्मीर रासो के बारे में क्या स्थिति है?

    • उत्तर: यह अभी तक उपलब्ध नहीं है, केवल प्राकृत पैंगलम में इसके छंद मिलते हैं।

  • प्रश्न 140. बीसलदेव रासो की नायिका कौन है?

    • उत्तर: राजमती

  • प्रश्न 141. ‘आल्हखंड’ को सर्वप्रथम सन 1865 में किसने प्रकाशित करवाया?

    • उत्तर: फर्रुखाबाद के कलेक्टर चार्ल्स इलियट ने

  • प्रश्न 142. परमाल रासो किस रस प्रधान रचना है?

    • उत्तर: वीर रस प्रधान

  • प्रश्न 143. पृथ्वीराज रासो का प्रधान रस और सहयोगी रस कौन सा है?

    • उत्तर: प्रधान रस ‘वीर’ तथा सहयोगी रस ‘शृंगार’ है।

  • प्रश्न 144. आदिकाल की प्रधान साहित्यिक प्रवृत्ति क्या है?

    • उत्तर: वीरगाथात्मक

  • प्रश्न 145. रासो ग्रंथों में सर्वाधिक विवादित ग्रंथ कौन सा है?

    • उत्तर: पृथ्वीराज रासो

  • प्रश्न 146. डॉ. वूलर ने सर्वप्रथम पृथ्वीराज रासो को कब विवादास्पद घोषित किया?

    • उत्तर: 1893 ईस्वी में इसके प्रकाशन पर रोक लगाते हुए

  • प्रश्न 147. आचार्य शुक्ल के अनुसार हिंदी का प्रथम महाकाव्य और प्रथम महाकवि कौन हैं?

    • उत्तर: महाकाव्य – पृथ्वीराज रासो, महाकवि – चंदबरदाई

  • प्रश्न 148. अंतस्साधनात्मक अनुभूतियों का संकेत करने वाली भाषा को क्या कहा गया है?

    • उत्तर: संध्या भाषा

  • प्रश्न 149. सहजयान का प्रवर्तक किसे कहा जाता है?

    • उत्तर: सरहपा को

  • प्रश्न 150. धनपाल कृत ‘भविष्यत कहा’ को विंटरनित्ज महोदय ने क्या माना है?

    • उत्तर: रोमांटिक महाकाव्य

  • प्रश्न 151. आदिकालीन साहित्य में गद्य का प्राचीनतम ग्रंथ कौन सा है?

    • उत्तर: उद्योतन सूरी कृत ‘कुवलयमालाकहा’

  • प्रश्न 152. बीसलदेव रासो किस प्रकार का काव्य है?

    • उत्तर: मुक्तक काव्य

  • प्रश्न 153. राहुल सांकृत्यायन ने हम्मीर रासो کے छंदों को किस कवि की रचना घोषित किया है?

    • उत्तर: जज्जल नामक कवि की

  • प्रश्न 154. भारतीय भाषा में रचित इस्लाम धर्मावलंबी कवि की प्रथम रचना कौन सी है?

    • उत्तर: ‘संदेशरासक’

  • प्रश्न 155. ‘संदेशरासक’ के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: अब्दुल रहमान

  • प्रश्न 156. आचार्य शुक्ल ने आदिकाल के किस प्रकरण को वीरगाथाकाल कहा है?

    • उत्तर: तृतीय प्रकरण को

  • प्रश्न 157. चंदबरदाई का मूल नाम क्या था?

    • उत्तर: बलिद्य (या बलदायक)

  • प्रश्न 158. ‘चर्यापद’ के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: शबरपा

  • प्रश्न 159. आदिकाल के अंतिम चरण के सर्वाधिक प्रसिद्ध कवि कौन हैं?

    • उत्तर: अमीर खुसरो

  • प्रश्न 160. अमीर खुसरो को क्या कहा गया है?

    • उत्तर: ‘हिन्द का तोता’ (तूतिया-ए-हिन्द)

  • प्रश्न 161. ‘वसंत-विलास’ में किसका चित्रण हुआ है?

    • उत्तर: बसंत और स्त्रियों पर उसके विलासपूर्ण प्रभाव का मनोहारी चित्रण

  • प्रश्न 162. ‘वसंत-विलास’ किस प्रकार का काव्य है?

    • उत्तर: फागु काव्य

  • प्रश्न 163. रोडा कृत ‘राउरवेलि’ से किस परंपरा का आरंभ माना जाता है?

    • उत्तर: नखशिख वर्णन के श्रृंगार परंपरा का

  • प्रश्न 164. गद्य-पद्य मिश्रित चंपू काव्य की प्राचीनतम कृति कौन सी है?

    • उत्तर: रोडा कवि कृत ‘राउरवेलि’

  • प्रश्न 165. ‘राउरवेलि’ में कितनी बोलियों के शब्द मिलते हैं?

    • उत्तर: सात बोलियों के (जिसमें राजस्थानी प्रधान है)

  • प्रश्न 166. विद्यापति की लोक प्रसिद्धि का सबसे प्रमुख आधार ग्रंथ कौन सा है?

    • उत्तर: ‘पदावली’

  • प्रश्न 167. विद्यापति की ‘पदावली’ की भाषा क्या है?

    • उत्तर: मैथिली

  • प्रश्न 168. विद्यापति ने अपनी कृति ‘कीर्तिलता’ को क्या कहा है?

    • उत्तर: कहाणी

  • प्रश्न 169. विद्यापति मूलतः किस प्रकार के कवि हैं?

    • उत्तर: शृंगारी कवि

  • प्रश्न 170. हिंदी खड़ी बोली का प्रथम कवि किसे माना गया है?

    • उत्तर: अमीर खुसरो को

  • प्रश्न 171. हिंदी साहित्य में पहेलियों और मुकरियों को प्रचलित करने का श्रेय किसे है?

    • उत्तर: अमीर खुसरो को

  • प्रश्न 172. ब्रज और अवधी को मिलाकर काव्य रचना करने का आरंभ किसने किया?

    • उत्तर: अमीर खुसरो ने

  • प्रश्न 173. किसे ‘अभिमान मेरु’ कहा गया है?

    • उत्तर: मेरुतुंग को (और पुष्पदंत को भी कहा जाता है)

  • प्रश्न 174. ‘हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास’ में अवधी का प्रथम कवि अमीर खुसरो को किसने माना है?

    • उत्तर: डॉ. रामकुमार वर्मा ने

  • प्रश्न 175. अमीर खुसरो ने अपनी किस पुस्तक में भारतीय बोलियों के संबंध में विस्तार से लिखा है?

    • उत्तर: ‘नुहसिपहर’ (नूहर सिपहर) में

  • प्रश्न 176. अपभ्रंश में दोहा काव्य का आरंभ किससे माना जाता है?

    • उत्तर: जोइंदु कृत ‘परमात्म प्रकाश’ तथा ‘योगसार’ से

  • प्रश्न 177. हजारी प्रसाद द्विवेदी ने ‘ढोला मारु रा दुहा’ के दोहों को किसके बीच की कड़ी माना है?

    • उत्तर: हेमचन्द्र तथा बिहारी के दोहों के बीच की

  • प्रश्न 178. अदयवज्र और मुनिदत्त ने सिद्धों की भाषा को क्या कहा था?

    • उत्तर: संधा या संध्या भाषा

  • प्रश्न 179. चौरासी सिद्धों में किसका स्थान सर्वोच्च माना गया है?

    • उत्तर: लुइपा का

  • प्रश्न 180. वारकरी संप्रदाय का संबंध किससे माना जाता है?

    • उत्तर: सिद्ध साहित्य से

  • प्रश्न 181. फागु काव्य में सबसे प्राचीन रचना कौन सी है?

    • उत्तर: जिनचन्द्रसुरि फागु

  • प्रश्न 182. ‘जयचंद प्रकाश’ और ‘जयमयंक जसचंद्रिका’ का उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है?

    • उत्तर: ‘राठौड़ा री ख्यात’ में

  • प्रश्न 183. पृथ्वीराज रासो किस शैली में लिखा गया है?

    • उत्तर: पिंगल शैली में

  • प्रश्न 184. डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी ने पृथ्वीराज रासो को कैसा ग्रंथ माना है?

    • उत्तर: अर्धप्रमाणिक ग्रंथ

  • प्रश्न 185. पृथ्वीराज रासो की प्राचीनता किससे प्रमाणित होती है?

    • उत्तर: इसके कुछ पदों के ‘पुरातन प्रबंध संग्रह’ में संग्रहित होने से

  • प्रश्न 186. ‘खुमाण रासो’ की भाषा क्या है?

    • उत्तर: राजस्थानी

  • प्रश्न 187. पृथ्वीराज रासो के उत्तरार्द्ध भाग के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: चंदबरदाई के पुत्र जल्हण

  • प्रश्न 188. पृथ्वीराज रासो किस श्रेणी में आता है?

    • उत्तर: विकासशील महाकाव्य की श्रेणी में

  • प्रश्न 189. अपभ्रंश चरित्र काव्यों की परंपरा से भिन्न रास परंपरा का आरंभ किससे माना जाता है?

    • उत्तर: जिनदत्त सुरि कृत ‘उपदेश रसायन रास’ से

  • प्रश्न 190. ‘वर्णरत्नाकर’ के रचयिता कौन हैं और इसमें किसका चित्रण है?

    • उत्तर: ज्योतिरीश्वर ठाकुर, इसमें हिन्दू दरबार और भारतीय जीवन पद्धति का यथार्थ चित्रण है।

  • प्रश्न 191. ‘साहित्य का इतिहास जनता की चित्तवृत्ति का इतिहास है’ – यह कथन किसका है?

    • उत्तर: आचार्य शुक्ल

  • प्रश्न 192. ‘हिंदी साहित्य: उद्भव और विकास’ किसका इतिहास ग्रंथ है?

    • उत्तर: हजारी प्रसाद द्विवेदी

  • प्रश्न 193. ‘शिवसिंह सरोज’ कब प्रकाशित हुआ?

    • उत्तर: 1883 ईस्वी में

  • प्रश्न 194. इतिहास ग्रंथों में से किसे सही अर्थों में हिंदी साहित्य का पहला इतिहास कहा जाता है?

    • उत्तर: ‘द मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान’

  • प्रश्न 195. डॉ. रामकुमार वर्मा ने अपने साहित्य इतिहास की समय सीमा क्या रखी है?

    • उत्तर: 693-1693 ईस्वी

  • प्रश्न 196. शुक्ल जी ने आधुनिक काल का नाम क्या रखा है?

    • उत्तर: गद्य काल

  • प्रश्न 197. आदिकाल को ‘प्रारंभिक काल’ की संज्ञा किसने दी है?

    • उत्तर: मिश्रबंधु ने

  • प्रश्न 198. हिंदी का पहला ग्रंथ कौन सा माना जाता है?

    • उत्तर: ‘श्रावकाचार’ (देवसेन, 933 ईस्वी)

  • प्रश्न 199. ‘आल्हाखंड’ किस रचना का लोकप्रिय नाम है?

    • उत्तर: परमाल रासो

  • प्रश्न 200. पृथ्वीराज रासो के विषय में कौन सी धारणा सबसे अधिक उपयुक्त है?

    • उत्तर: अर्द्धप्रामाणिक

निष्कर्ष (Conclusion)

समापन के तौर पर कहा जा सकता है कि हिंदी साहित्य के आदिकाल के इन महत्वपूर्ण प्रश्नों (100 से 200) का यह अभ्यास टेस्ट आपकी परीक्षा की तैयारी में बेहद मददगार साबित होगा। ऐसे ही अन्य महत्वपूर्ण टेस्ट और हिंदी साहित्य MCQ PDF के लिए हमारी वेबसाइट के साथ जुड़े रहें।

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7 thoughts on “हिंदी साहित्य सुपर 100 सीरीज़ 2: आदिकाल महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (प्रश्न 100 से 200)”

  1. बहुत अच्छा है मेरी राय है कि आप अन्य कालो पर भी ऐसे ही नोट्स तैयार करे जल्द ही जिससे विद्यार्थियों को लरीक्षा की तैयारी के लिए सहयाता मिल सके।

    1. Gajendra singh

      ati sundr sir ji agr ap raj topice by topic krwate to jada acha hota me ap ki class online join krna chahta hu jise roj study kr sakhu plz mera wattap no 8057823135 h

  2. बहुत अच्छा है।
    मेरे विचार मे यह सुपर नोटस प्रत्येक परीक्षा की तैयारी मे बहुत उपयोगी हैं।
    आप हिन्दी साहित्य के इतिहास से लेकर आधुनिक समय तक के प्रत्येक काल के नोटस तैयार करे जिससे विधार्थीयों को हिन्दी साहित्य पढने मे सहुलियत हो सकती हैं।

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