अंतिम संशोधित (Last Updated): August 27, 2026
इकाई योजना क्या है? अर्थ, परिभाषा, प्रकार, सोपान, गुण और दोष (Unit Plan in Hindi)
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शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सुगम, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का निर्माण किया जाता है। इनमें ‘इकाई योजना’ (Unit Plan) का एक अत्यंत विशिष्ट स्थान है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे CTET, REET, UPTET, TGT, PGT आदि) और शिक्षा मनोविज्ञान की दृष्टि से यह एक बेहद महत्वपूर्ण टॉपिक है। आइए इस आलेख में इकाई योजना का विस्तार से अध्ययन करते हैं।
इकाई योजना – Ikai Yojna

📌 इकाई योजना का अर्थ एवं परिचय (Meaning of Unit Plan)
वर्तमान समय में इकाई योजना को शिक्षण की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आधुनिक विधि माना जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में सामान्य रूप से इस विधि का प्रयोग 1920 ई. से प्रारंभ हुआ।
प्रवर्त्तक: हेनरी सी. मॉरीसन (H.C. Morrison) ने सन 1956 में सर्वप्रथम पाठ योजना तैयार करने के लिए ‘इकाई विधि’ दी थी, जो बाद में एक स्वतंत्र शिक्षण विधि के रूप में स्थापित हुई। इसलिए इसके प्रवर्तक एच.सी. मॉरीसन माने जाते हैं।
अवधारणा: इससे पहले हरबर्ट ने इकाई योजना की अवधारणा प्रस्तुत की थी, जिसे ‘हरबर्ट की पंचपदी’ कहा जाता है।
अर्थ: इस विधि में संपूर्ण पाठ्यक्रम को कुछ खंडों में बाँटकर ‘यूनिट्स’ बना ली जाती हैं और प्रत्येक यूनिट से संबंधित उपलब्धियों का समावेश कर छात्रों को अध्ययन कराया जाता है। इकाई योजना, दैनिक पाठ योजना का एक व्यापक रूप होती है।
मॉरीसन ने अपनी पुस्तक “Secondary School Teaching” में इकाई योजना की व्याख्या की है और इसे एक मनोवैज्ञानिक पद्धति बताया है जिसके केंद्र में छात्र होता है।
📖 इकाई योजना की प्रमुख परिभाषाएँ (Definitions)
मॉरीसन के अनुसार:
“इकाई वातावरण, संगठित विज्ञान, कला या आचरण का एक व्यापक एवं महत्वपूर्ण अंग होती है, जिसे सीखने के फलस्वरूप व्यक्ति में सामंजस्य आ जाता है।”
थॉमस एम. रिस्क के अनुसार:
“इकाई किसी समस्या या योजना से संबंध जोड़ने वाली क्रियाओं का अध्ययन करती है।”
प्रेस्टोन के अनुसार:
“एक जैसी वस्तुओं का समूह जो कि अधिकांश द्वारा बोधगम्य हो, इकाई कहलाती है।”
बासिंग के अनुसार:
“इकाई अर्थपूर्ण एवं एक-दूसरे से संबंधित क्रियाओं की एक व्यापक श्रृंखला है जो विकसित होने पर बालकों के उद्देश्यों की पूर्ति करती है और उन्हें महत्वपूर्ण शैक्षिक अनुभव प्रदान करती है।”
NCERT के अनुसार:
“इकाई एक निर्देशात्मक युक्ति है जो छात्रों को समवेत रूप में ज्ञान प्रदान करती है।”
🗂️ इकाई योजना के प्रकार (Types of Unit Plan)
अमेरिकी शिक्षा-शास्त्री कासबैल तथा कॉम्बेल ने इकाई के मुख्य रूप से दो प्रकार बताए हैं:
1. पाठ्य-विषय संबंधी इकाइयाँ (Content Units)
इसका अभिप्राय उस विषय-वस्तु और उसके प्रकरण से है जो पाठ्यक्रम पर आधारित होती हैं। इन्हें तीन रूपों में बाँटा जा सकता है:
प्रकरण पर आधारित इकाई: इसमें इकाइयों का निर्माण प्रकरण के सहयोग से किया जाता है (जैसे— महाराणा प्रताप के जीवन को जन्म, राज्याभिषेक और युद्ध जैसी छोटी इकाइयों में बाँटना)।
अनुभव आधारित इकाई: यह सामान्यीकरण पर आधारित होती है, जो विज्ञान, गणित तथा व्याकरण शिक्षण में अधिक उपयोगी है।
वातावरण पर आधारित इकाई: इनका आधार सामाजिक, भौतिक और सांस्कृतिक वातावरण होता है।
2. अनुभव से संबंधित इकाइयाँ (Experience Units)
इनका संबंध बच्चों के प्रत्यक्ष अनुभवों, रुचियों, अभिरुचियों और संवेगों से होता है। इन्हें भी तीन भागों में विभाजित किया जाता है:
अनुभव व रुचि पर आधारित
उद्देश्य या लक्ष्य पर आधारित
आवश्यकता पर आधारित
अन्य वर्गीकरण:
साधनात्मक इकाई (Resource Unit): यह किसी बड़े पाठ से संबंधित शैक्षणिक सामग्री तथा क्रियाओं का संग्रह है, जिसे शिक्षक-समूह और शिक्षा-विशेषज्ञों द्वारा संपूर्ण विद्यालयों के लिए मुद्रित कराया जाता है।
अध्यापनात्मक इकाई (Teaching Unit): इसका निर्माण किसी विशिष्ट कक्षा या वर्ग के लिए संबंधित अध्यापक द्वारा साधनात्मक इकाई की सहायता से किया जाता है।
🪜 इकाई योजना के सोपान या शिक्षण पद (Steps of Unit Plan)
डॉ. मॉरीसन ने इकाई विधि के अंतर्गत शिक्षण के निम्नलिखित 7 (मुख्यतः 5) पदों का वर्णन किया है:
जाँच (Exploration): इस शिक्षण पद में अध्यापक द्वारा विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान की जाँच की जाती है (चर्चा, मौखिक या लिखित प्रश्नों द्वारा)।
इकाई प्रस्तुतीकरण (Presentation): इकाई के ज्ञान को भाषण, कहानी, प्रश्नोत्तर या सहायक सामग्रियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।
आत्मीकरण (Assimilation): बालकों द्वारा पढ़े गए ज्ञान को स्व-अध्ययन, चर्चा और प्रयोगशाला अध्ययन के माध्यम से आत्मसात किया जाता है। (मॉरीसन ने इस पद पर सबसे अधिक बल दिया है)।
सुव्यवस्थीकरण (Organization): बालकों के विचारों में क्रमबद्धता बनाए रखने के लिए पढ़ाई गई विषय-वस्तु पर लेख तैयार करवाया जाता है।
सामाजिक अभिव्यक्तिकरण (Recitation): बालक पढ़ी गई इकाई के ज्ञान को कक्षा के समक्ष रखता है और सभी छात्र उस पर चर्चा करते हैं।
✨ इकाई योजना के गुण एवं विशेषताएँ
इसके द्वारा प्रत्येक अध्याय को छोटी-छोटी इकाइयों में बाँटकर पढ़ाया जाता है जिससे छात्र विषय-वस्तु को आसानी से ग्रहण कर लेते हैं।
इससे छात्रों में सहयोग, विनम्रता, नेतृत्व, सहकारिता, धैर्य और उत्तरदायित्वपूर्ण कार्य करने की भावना का विकास होता है।
यह कक्षा-कार्य को अधिक रोचक, सक्रिय और साभिप्राययुक्त बनाती है।
यह छात्रों में स्वाध्याय की आदत का निर्माण करती है और उन्हें योजना विधि की तरह क्रियाशील रखती है।
⚠️ इकाई योजना के दोष या सीमाएँ
पाठ्यक्रम को एक निश्चित अवधि में पूरा करना कभी-कभी कठिन हो जाता है।
सभी प्रकार की विषय-वस्तु को सुचारू रूप से इकाइयों में विभक्त करके पढ़ाना संभव नहीं होता।
कई बार प्रकरण से संबंधित विभिन्न इकाइयों का निर्माण ठीक से नहीं हो पाता जिससे अंतःक्रमिकता का अभाव हो जाता है।
📌 निष्कर्ष (Conclusion)
संक्षेप में कहा जा सकता है कि इकाई योजना (Unit Plan) आधुनिक शिक्षा प्रणाली का एक अत्यंत प्रभावी उपकरण है। यह छात्रों को रटने की प्रवृत्ति से दूर रखकर समग्र पाठ्यक्रम का तार्किक और मनोवैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए प्रेरित करती है।
🔗 शिक्षण विधियाँ: महत्वपूर्ण आर्टिकल्स की सूची
| क्र.सं. | शिक्षण विधि का नाम | मुख्य विशेषता / क्षेत्र | डायरेक्ट लिंक (URL) |
| 1. | अभिक्रमित अनुदेशन विधि (Programmed Instruction) | छोटे-छोटे पदों में विभाजित करके स्व-अधिगम कराना | क्लिक करके पढ़ें |
| 2. | अनुकरण शिक्षण विधि (Simulation / Imitation Method) | शिक्षक या आदर्श व्यक्ति के व्यवहार का अनुकरण करके सीखना | क्लिक करके पढ़ें |
| 3. | पर्यवेक्षित अध्ययन विधि (Supervised Study Method) | शिक्षक के मार्गदर्शन और देखरेख में छात्रों द्वारा अध्ययन | क्लिक करके पढ़ें |
| 4. | सूक्ष्म शिक्षण विधि (Micro-Teaching) | शिक्षण कौशलों के विकास की लघु एवं प्रायोगिक विधि | क्लिक करके पढ़ें |
| 5. | इकाई शिक्षण विधि (Unit Approach Method) | संपूर्ण पाठ्यक्रम को सार्थक इकाइयों में बाँटकर पढ़ाना | क्लिक करके पढ़ें |

