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इस वेबसाइट पर हिंदी साहित्य की  महत्वपूर्ण सामग्री को शेयर किया गया है जो हिंदी अभ्यर्थियों के लिए वरदान साबित होगी  हम आशा करते है कि आप यहाँ सामग्री का अध्ययन कर सफलता को प्राप्त करोगे

हिंदी भाषा को पढने के लिए हमें लम्बा प्रयास करना होगा तभी हम इसकी गहराई  में जा सकेंगे अपने अध्ययन में निरन्तरता रखे दुनिया कि कोई ताकत नही कि आपको हरा सके

हाँ ये जरुर है कि कई बार असफलता मिलती है पर हर असफलता के पीछे सफलता की परछाई छुपी होती है सफलता का कोई शोर्टकट नही होता है बस दिमाक में एक ही बात फिक्स रखे कि हमे सफल बनकर रहना है

आपकी सोच साकारात्मक होगी तो आपको सफलता अवश्य मिलेगी

कबीरदास जी ने सही बताया  है 

कबीरा ते नर अन्ध है, गुरु को कहते और ।
हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रुठै नहीं ठौर ॥

***** संत कबीर दास जी कहते हैं कि जो मनुष्य जो गुरु के महत्व को नहीं समझते हुए गुरु का अनादर करता है वह नेत्र होते हुए भी नेत्रहीन के सामान ही है, क्योंकि यदि ईश्वर आपका साथ नहीं देते हैं तो गुरु आपको राह दिखा कर उस परिस्थिति से निकाल सकते हैं परंतु यदि गुरु ने ही साथ छोड़ दिया तो इस पृथ्वी पर और कोई सहारा नहीं मिल सकता।

“एक शब्द सुख खानि है, एक शब्द दुःख रासि ।
एक शब्द बंधन कटे, एक शब्द गल फांसि ॥”

संत कबीर दास जी कहते हैं कि हमारे द्वारा कहे गए एक शब्द किसी के लिए सुखों का सागर बन सकता है तो वही एक शब्द ही किसी को दुःख देने के लिए भी पर्याप्त है । किसी के द्वारा कहे गए मात्र एक शब्द se ही किसी के सभी कष्ट एवं बंधन काट जाते हैं तो कभी एक ही शब्द किसी के लिए जीवन भर का कष्ट हो जाता है अतः व्यक्ति को हर शब्द को बोलने से पहले विचार कर लेना चाहिए ।

 

केवल कृष्ण घोड़ेला

एम . ए .बीएड नेट (हिंदी )

श्री गंगानगर (राजस्थान )

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