Hindi Ekanki ka Vikas: हिंदी एकांकी का विकास, प्रमुख एकांकीकार और रचनाएँ

अंतिम संशोधित (Last Updated): September 11, 2026

हिंदी एकांकी का विकास, प्रमुख एकांकीकार और उनकी रचनाएँ (Hindi Ekanki ka Vikas)

हिंदी साहित्य के अध्ययन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UGC NET, TGT, PGT, RPSC, KVS, NVS) की दृष्टि से हिंदी एकांकी एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधा है। रंगमंच और अभिनय की दृष्टि से छोटे आकार के नाटकों को एकांकी कहा जाता है। आज के इस विस्तृत आलेख में हम हिंदी एकांकी का उद्भव, विकास क्रम, प्रमुख एकांकीकार, उनकी रचनाओं और परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्यों को व्यवस्थित रूप से समझेंगे।

एक नजर में (Quick Overview)

  • विषय: हिंदी एकांकी का विकास, परिभाषा, प्रथम एकांकी और प्रमुख एकांकीकार

  • मुख्य फोकस कीवर्ड: हिंदी एकांकी का विकास (Hindi Ekanki ka Vikas), हिंदी के प्रमुख एकांकीकार और रचनाएँ

  • प्रमुख एकांकीकार: डॉ. रामकुमार वर्मा, भुवनेश्वर प्रसाद, उपेंद्रनाथ ‘अश्क’, उदयशंकर भट्ट, जगदीश चंद्र माथुर आदि

  • उपयोगी परीक्षाएँ: UGC NET, TGT, PGT, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी

हिंदी एकांकी का परिचय एवं परिभाषा

एकांकी नाटक के समान ही अभिनय से संबंधित एक प्रमुख दृश्य-दृश्य विधा है, जिसमें जीवन के किसी एक ही सत्य, घटना, समस्या या पक्ष को एक ही अंक में पूरी प्रभावशीलता के साथ प्रस्तुत किया जाता है।

  • शाब्दिक अर्थ: ‘एक अंक वाला’ नाटक, जो अंग्रेजी के ‘वन एक्ट प्ले’ (One Act Play) की तर्ज पर विकसित हुआ है।

  • संस्कृत में एकांकी का सार्थक शब्द: ‘गोष्ठी’

  • एकांकी के अन्य नाम: छोटा नाटक, लघु नाटक, नाटिका

  • रूपक से संबंध: एकांकी का निर्माण रूपक के ‘अंक’ भेद से माना जाता है, जबकि इसके समकक्ष रूपक के अन्य भेद भाण, व्यायोग, वीथी और प्रहसन हैं।

हिंदी के प्रथम एकांकी और विद्वानों के मत

हिंदी का प्रथम एकांकी किसे माना जाए, इसको लेकर विद्वानों में अलग-अलग मत रहे हैं। विभिन्न रचनाकारों और उनकी प्रथम एकांकी का विवरण नीचे दिया गया है:

रचनाकारप्रथम एकांकी / रचनावर्ष
भारतेंदु हरिश्चंद्रबसंतपूजा1872 ई.
जयशंकर प्रसादएक घूँट1928 ई.
डॉ. रामकुमार वर्माबादल की मृत्यु1930 ई.
भुवनेश्वर प्रसादकारवाँ1935 ई.

हिंदी के प्रमुख एकांकीकार और उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ

हिंदी एकांकी के विकास में कई रचनाकारों का योगदान रहा है। यहाँ प्रमुख एकांकीकारों और उनकी बहुचर्चित रचनाओं की सूची दी गई है:

1. डॉ. रामकुमार वर्मा (हिंदी एकांकी के जनक/आधारस्तंभ)

  • प्रमुख एकांकी संग्रह व रचनाएँ: बादल की मृत्यु (1930), पृथ्वीराज की आँखें (1937), रेशमी टाई (1949), चारुमित्र (1943), विभूति, सप्तकिरण, रूपरंग, कौमुदी महोत्सव, ध्रुर्वतारिका, ऋतुराज, रजतरश्मि, दीपदान (1954), कामकन्दला, कपूर, इन्द्रधनुष, रिमझिम, औरंगजेब की आखिरी रात, दस मिनट, मयूरपंख, बापू, विजयपर्व, कङा और कृपाण, नाना फडनवीस, महाराणा प्रताप, शिवाजी, अशोक का शोक, जौहर की ज्योति, अग्निशिखा, जयादित्य, संत तुलसीदास, जय वर्द्धमान, भगवान बुद्ध, समुद्रगुप्त, पराक्रमांक, सम्राट कनिष्क, स्वयंवरा, वत्सराज उदयन, महामेघवाहन खारवेल, जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर।

2. भुवनेश्वर प्रसाद (आधुनिक एवं असंगत शैली के एकांकीकार)

  • प्रमुख एकांकी संग्रह व रचनाएँ: कारवाँ (1935), श्यामा (1938), एक साम्यहीन साम्यवादी (1934), सवा आठ बजे (1938), आदमखोर (1938), शैतान, प्रतिभा का विवाह (1936), स्ट्राइक, रहस्य रोमांच, मृत्यु (1936), लाॅटरी (1935), सीकों की गाङी (1950), चंगेजखाँ, ऊसर, पतिता (1944), ताँबे के कीङे (1946), अकबर (1950), इतिहास की केंचुल (1948), फोटोग्राफ के सामने (1945), रोशनी और आग (1941), सिकन्दर (1950), आजादी की नींद (1948)।

3. उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’

  • प्रमुख एकांकी संग्रह व रचनाएँ: देवताओं की छाया में, चरवाहे, तूफान से पहले, मोहब्बत, कासवर्ड पहेली, आपस का समझौता, विवाह के दिन, जोंक, चिलम, खिङकी, जीवनसाथी, चुम्बक, मैमना, चमत्कार, अंधीगली, आदिमार्ग, अंजो दीदी, कैसा साब-कैसी आया, बतसिया, समाना मालिक, कैद और उङान, अधिकार का रक्षक, स्वर्ग की झलक, साहब को जुकाम है, जोंक, पर्दा उठाओं: पर्दा गिराओ, सूखी डाली, भँवर, लक्ष्मी का स्वागत, पापी (1937)।

4. उदयशंकर भट्ट

  • प्रमुख एकांकी संग्रह व रचनाएँ: एक ही कब्र में (1936), आदिम युग, दुर्गा, नेता, नकली और असली, बङे आदमी की मृत्यु, विष की पुङिया, मुंशी अनोखेलाल, प्रथम विवाह, मनु और मानव, कुमार संभव, गिरती दीवारें, पिशाचों का नाच, बीमार का इलाज, आत्म प्रदान, जीवन, वापसी, मंदिर के द्वार पर दो अतिथि, अघटित, अंधकार, नये मेहमान, नया नाटक, विस्फोट, बाबूजी, धूम्रशिखा, महस्वतंत्रता का युग, मायोपिया, अपनी-अपनी खाट पर, वार्गेन, गृहदशा, गांधीजी का रामराज्य, धर्म परम्परा, एकला चलो रे, अमर अर्चना, मालती-माधव, वन महोत्सव, मदन-दहन, विश्वमित्र, मत्स्यगंधा समस्या का अन्त, आज का आदमी, वर निर्वाचन, स्त्री का हृदय, पर्दे के पीछे, दस हजार, सेठ भालचन्द।

5. जगदीश चन्द्र माथुर

  • प्रमुख एकांकी संग्रह व रचनाएँ: मेरी बाँसुरी (1936), भोर का तारा, घोंसले, भाषण, बंदी, शारदीया, कलिंग विजय, रीढ़ की हड्डी, मकङी का जाला, खण्डहर, कबूतर-खाना, ओ मेरे सपने, खिङकी की राह।

6. अन्य महत्वपूर्ण एकांकीकार और उनकी रचनाएँ

एकांकीकारप्रमुख एकांकी / रचनाएँ
सेठ गोविन्ददासस्पर्धा (1935), बुद्ध की एक शिष्या, नानक की नमाज, तेगबहादुर की भविष्यवाणी, परमहंस का पत्नीप्रेम, कृषियज्ञ, बुद्ध के सच्चे सनेही कौन?, मानवमन मैत्री, ईद और होली, हंगर-स्ट्राइक, सच्चा कांग्रेसी कौन?, बन्द नोट, जाति उत्थान, वह मरा क्यों?
लक्ष्मीनारायण लालमङवे का भोर, अन्धा कुआँ, ताजमहल के आँसू, पर्वत के पीछे, नाटक बहुरंगी और दूसरा दरवाजा
विष्णु प्रभाकरस्वाधीनता संग्राम, लिपस्टिक की मुस्कान, दृष्टि खोज, प्रकाश और परछाईं, ऊँचा पर्वत, ये रेखाएँ – ये दायरे, अशोक, मैं मानव हूँ, मैं तुम्हें क्षमा करूँगा, बीमार, गहरा सागर, तीसरा आदमी, डरे हुए लोग, अभया
वृन्दावन लाल वर्मालो भाई पंचो लो, कश्मीर का काँटा
भगवती चरण वर्माचौपाल, सबसे बङा आदमी
नरेश मेहतासुबह के घण्टे
जैनेन्द्र कुमारटकराहट
हरिकृष्ण ‘प्रेमी’मातृ मन्दिर, राष्ट्रमन्दिर, न्यायमन्दिर, वाणी मन्दिर
विनोद रस्तोगीपुरुष का पाप, पत्नी का परित्याग, साम्राज्य और सुहागरात, सौंदर्य का प्रायश्चित, आज मेरा विवाह है, दो चाँद, प्यास और प्यास, काला दाग, कसम कुरान की, सोना और मिट्टी, रथके पाहिए, पैसा, जनसेवा और लङकी, मुन्ना मर गया, मंगल मानव और मशीन
प्रभाकर माचवेगली की मोङ पर, पागलखाने में, पंचकन्या, पर्वतश्री, रामगिरि, संकट पर संकट, वधू चाहिए, गाँधी की राह पर
धर्मवीर भारतीनदी प्यासी थी
मोहन राकेशअण्डे के छिलके
मार्कण्डेयपत्थर और परछाइयाँ
गोविन्द बल्लभ पंतअंगूर की बेटी, विषकन्या, व्यथित हृदय

📌 🎯 परीक्षार्थियों के लिए विशेष टिप्स (Exam Tips for Students)

यदि आप UGC NET, TGT, PGT या असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी की तैयारी कर रहे हैं, तो एकांकी टॉपिक को तैयार करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

  • प्रथम एकांकी पर फोकस करें: परीक्षाओं में अक्सर ‘हिंदी का प्रथम एकांकी’ और उसके रचनाकार (जैसे रामकुमार वर्मा का ‘बादल की मृत्यु’ या जयशंकर प्रसाद का ‘एक घूँट’) से जुड़ा एक प्रश्न जरूर पूछा जाता है, इसलिए इन्हें क्रमानुसार याद रखें।

  • प्रमुख पात्र और विषयवस्तु: भुवनेश्वर के ‘ताँबे के कीड़े’ या उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ की ‘अंजो दीदी’ जैसे चर्चित एकांकियों के मुख्य विषय और उनके लेखन का उद्देश्य क्या था, इसे कीवर्ड के रूप में नोट करें।

  • मिलान वाले प्रश्न (Matching Questions): नेट (NET) जैसी परीक्षाओं में एकांकीकारों और उनकी रचनाओं के नाम सुमेलित करने के लिए आते हैं, इसलिए रामकुमार वर्मा और उदयशंकर भट्ट जैसी लंबी सूचियों के सन और रचनाओं को दो-तीन बार लिखकर अभ्यास जरूर करें।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाली पंक्तियाँ एवं प्रश्न)

Q1. हिंदी का प्रथम एकांकी किसे माना जाता है और इसके रचनाकार कौन हैं?
हिंदी का प्रथम एकांकी डॉ. रामकुमार वर्मा द्वारा रचित ‘बादल की मृत्यु’ (1930 ई.) को माना जाता है, हालाँकि कुछ विद्वान जयशंकर प्रसाद के ‘एक घूँट’ (1928 ई.) और भारतेंदु हरिश्चंद्र की ‘बसंतपूजा’ (1872 ई.) को भी प्रथम एकांकी की मान्यता देते हैं।

Q2. 'पृथ्वीराज की आँखें' और 'दीपदान' जैसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक एकांकी किसने लिखे हैं?
यह दोनों प्रसिद्ध और बहुचर्चित ऐतिहासिक एकांकी हिंदी एकांकी के जनक माने जाने वाले डॉ. रामकुमार वर्मा की रचनाएँ हैं।

Q3. 'भोर का तारा' और 'रीढ़ की हड्डी' एकांकी के लेखक कौन हैं?
‘भोर का तारा’ और सामाजिक समस्याओं पर आधारित ‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी के प्रसिद्ध रचनाकार जगदीश चंद्र माथुर हैं।

Q4. हिंदी में असंगत या आधुनिक बोध के एकांकी लेखन की शुरुआत किसने की थी?
हिंदी में पारंपरिक शैली से हटकर आधुनिक और असंगत (Absurd) बोध के एकांकी लेखन की शुरुआत भुवनेश्वर प्रसाद ने अपने प्रसिद्ध संग्रह ‘कारवाँ’ (1935) और ‘ताँबे के कीड़े’ के माध्यम से की थी।

Q5. एकांकी शब्द का मूल रूप किस अंग्रेजी विधा से प्रभावित है?
एकांकी का अभिप्राय ‘एक अंक वाला’ नाटक से है, जो मुख्य रूप से अंग्रेजी साहित्य के ‘वन एक्ट प्ले’ (One Act Play) की अवधारणा से विकसित हुआ है।

निष्कर्ष (Conclusion)

संक्षेप में कहें तो हिंदी साहित्य की यह लघु विधा ‘एकांकी’ केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जीवन की किसी एक गंभीर समस्या, विचार या घटना को प्रखरता से प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम है। भारतेंदु युग से शुरू होकर आधुनिक काल तक आते-आते एकांकी ने वैचारिक गहराई और रंगमंचीय विविधता हासिल की है। डॉ. रामकुमार वर्मा, भुवनेश्वर, और जगदीश चंद्र माथुर जैसे रचनाकारों ने इसे जो ऊँचाइयाँ दीं, वे आज भी हिंदी जगत के लिए धरोहर हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एकांकीकारों के नाम, उनकी मुख्य रचनाएँ और प्रकाशन वर्ष याद रखना स्कोरिंग के लिहाज से बेहद मददगार साबित होता है।

🔗 हिंदी साहित्य के 10 चर्चित लेखक और कवि

क्र.सं.लेखक / कवि का नाममुख्य विशेषता / कालइंटरनल लिंक (URL)
1.भारतेंदु हरिश्चंद्रआधुनिक हिंदी गद्य के जनक / भारतेंदु युगलिंक देखें
2.महावीर प्रसाद द्विवेदीद्विवेदी युग के मार्गदर्शक और निबंधकारलिंक देखें
3.जयशंकर प्रसादछायावाद के प्रमुख स्तंभ और नाटककारलिंक देखें
4.सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’छायावाद के मुक्तछंद के प्रणेतालिंक देखें
5.सुमित्रानंदन पंतप्रकृति के सुकुमार कवि / छायावादलिंक देखें
6.महादेवी वर्माआधुनिक मीरा / छायावाद की प्रमुख कवयित्रीलिंक देखें
7.प्रेमचंद (धनपत राय)उपन्यास सम्राट / कथा साहित्य के शिखर पुरुषलिंक देखें
8.अज्ञेय (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन)प्रयोगवाद और नई कविता के प्रवर्तकलिंक देखें
9.रामधारी सिंह ‘दिनकर’राष्ट्रकवि / ओज और विद्रोह के कविलिंक देखें
10.कृष्णा सोबतीआधुनिक कथा साहित्य और स्त्री-विमर्श की सशक्त हस्ताक्षरलिंक देखें

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