माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन परिचय, रचनाएँ और कविताएँ | Makhanlal Chaturvedi Jivan Parichay

अंतिम संशोधित (Last Updated): September 3, 2026

कवि माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन परिचय (Makhanlal Chaturvedi Jivan Parichay)

हिंदी साहित्य के महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और ‘एक भारतीय आत्मा’ के रूप में प्रसिद्ध माखनलाल चतुर्वेदी का आधुनिक हिंदी साहित्य में अद्वितीय स्थान है। उनकी कविताएँ राष्ट्रप्रेम, ओज, त्याग और बलिदान की भावना से ओतप्रोत होती थीं। UGC NET/JRF, KVS, NVS, EMRS, UP/MP TGT-PGT, RPSC, BPSC, DSSSB तथा देश भर की विभिन्न हिंदी साहित्य प्रतियोगी परीक्षाओं और अकादमिक अध्ययन की दृष्टि से माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन परिचय, उनकी प्रमुख रचनाएँ और कविताएँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस विस्तृत आलेख में हम उनके संपूर्ण साहित्यिक सफर का अध्ययन करेंगे।

📌 माखनलाल चतुर्वेदी का संक्षिप्त जीवन परिचय (Quick Facts)

  • पूरा नाम: माखनलाल चतुर्वेदी

  • जन्मतिथि: 4 अप्रैल, 1889 ई.

  • जन्म स्थान: होशंगाबाद जिले का बाबई नामक ग्राम (मध्य प्रदेश)।

  • उपनाम: ‘एक भारतीय आत्मा’ के रूप में प्रसिद्ध, साहित्यकारों में ‘ददा’ के नाम से भी विख्यात।

  • पिता का नाम: नंदलाल चतुर्वेदी।

  • निधन: 30 जनवरी, 1968 ई.

  • विशेष योग्यता: माखनलाल जी ने स्वाध्याय से बांग्ला, गुजराती, मराठी, अंग्रेजी आदि भाषाओं का ज्ञान प्राप्त किया था। इन पर कांग्रेस व गांधी के आंदोलनों का गहरा प्रभाव था, जिसके चलते इन्होंने अनेक बार जेल यात्राएँ भी कीं।

Makhanlal Chaturvedi in hindi
Makhanlal Chaturvedi in hindi

 

📚 माखनलाल चतुर्वेदी की प्रमुख रचनाएँ

माखनलाल चतुर्वेदी ने पद्य और गद्य दोनों विधाओं में उच्च कोटि का साहित्य सृजन किया है। उनकी प्रमुख रचनाओं का वर्गीकरण निम्नलिखित है:

1. प्रमुख काव्य संग्रह

  • हिमकिरीटनी (1943 ई.) — इसके लिए इन्हें ‘देव पुरस्कार’ प्राप्त हुआ।

  • हिमतरंगिणी (1949 ई.) — इसी रचना के लिए इन्हें प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार (सन् 1955 ई.) से सम्मानित किया गया।

  • माता (1951 ई.)

  • समर्पण (1956 ई.)

  • युगचरण (1956 ई.)

  • वेणु लो गूंजें धरा (1960 ई.)

  • मरण ज्वार (1963 ई.)

  • बिजुरी काजल आँज रही है (1964 ई.)

  • धुम्रवलय (1981 ई.)

  • माखनलाल चतुर्वेदी रचनावली (10 खण्डों में विभक्त)

2. गद्य साहित्य, नाटक एवं अन्य विधाएँ

  • गद्य काव्य: साहित्य देवता (1942 ई.)

  • निबंध: अमीर इरादे, गरीब इरादे (1960 ई.)

  • भाषण: चिंतक की लाचारी (1963 ई.)

  • संस्मरण: समय के पाँव (1962 ई.)

  • नाटक: कृष्णार्जुन युद्ध (1918 ई.)

  • कहानी संग्रह: कला का अनुवाद, वनवासी

  • अनुवाद: शिशुपाल वध

📰 संपादन कार्य और पत्रकारिता

माखनलाल चतुर्वेदी एक उत्कृष्ट पत्रकार भी थे। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना जगाने के लिए कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया:

  • प्रभा (1913 ई.)

  • कर्मवीर (साप्ताहिक, खंडवा से प्रकाशित, 1919 ई.) — कर्मवीर का शासन पर इतना प्रभाव था कि कुछ देशी राजाओं ने इस पर प्रतिबंध तक लगा दिया था।

  • प्रताप (कानपुर से प्रकाशित, 1924 ई.)

  • नोट: माखनलाल चतुर्वेदी की प्रथम रचना ‘रसिक मित्र’ पत्रिका में प्रकाशित हुई थी।

🏆 सम्मान एवं प्रमुख पुरस्कार

  • देव पुरस्कार (1943 ई.) – हिमकिरीटनी के लिए।

  • प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार (1955 ई.) – हिमतरंगिणी के लिए।

  • पद्म भूषण (1963 ई.) – साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में योगदान हेतु।

  • विशेष तथ्य: सन् 1967 ई. में राजभाषा हिंदी पर आघात करने वाले ‘राजभाषा संविधान संशोधन विधेयक’ के विरोध में माखनलाल चतुर्वेदी ने अपना पद्म भूषण सम्मान सरकार को लौटा दिया था।

📜 माखनलाल चतुर्वेदी की प्रसिद्ध कविताएँ और अंश

उनकी कविताएँ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और श्रमिकों के अधिकारों की प्रबल समर्थक थीं। उनकी कुछ अत्यंत चर्चित पंक्तियाँ और कविताएँ निम्नलिखित हैं:

1. पुष्प की अभिलाषा

चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ,
मुझे तोङ लेना वनमाली उस पथ पर देना तुम फेंक!
मातृ भूमि पर शीश चढ़ाने, जिस पथ पर जावें वीर अनेक।

2. कैदी और कोकिला

क्या? देख न सकतीं जंजीरों का गहना?
हथकड़ियाँ क्यों? यह ब्रिटिश राज्य का गहना।।
कोल्हू की चर्रक चूँ? जीवन की तान।
मिट्टी पर लिखे अंगुलियों ने क्या गान?
हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जूआ।
खाली करता हूँ ब्रिटिश अकड़ का कूआ।।

3. दीप से दीप जले

सुलग-सुलग री जोत दीप से दीप मिलें
कर-कंकण बज उठे, भूमि पर प्राण फलें।
लक्ष्मी खेतों फली अटल वीराने में
लक्ष्मी बँट-बँट बढ़ती आने-जाने में
लक्ष्मी का आगमन अँधेरी रातों में
लक्ष्मी श्रम के साथ घात-प्रतिघातों में

FAQ (प्रश्नोत्तर)

माखनलाल चतुर्वेदी को किस उपनाम से जाना जाता है?
माखनलाल चतुर्वेदी को मुख्य रूप से ‘एक भारतीय आत्मा’ और साहित्य जगत में ‘ददा’ के उपनाम से जाना जाता है।
प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार किसे और किस रचना के लिए मिला?
प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार (1955 ई.) माखनलाल चतुर्वेदी को उनकी प्रसिद्ध काव्यकृति ‘हिमतरंगिणी’ के लिए दिया गया था।
माखनलाल चतुर्वेदी ने कौन सा प्रसिद्ध साप्ताहिक पत्र निकाला था?
इन्होंने खंडवा से ‘कर्मवीर’ साप्ताहिक पत्र का संपादन किया था, जिसके प्रभाव से डरकर कई देशी राजाओं ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।
माखनलाल चतुर्वेदी ने पद्म भूषण सम्मान क्यों लौटा दिया था?
सन् 1967 ई. में राजभाषा हिंदी के विरुद्ध लाए गए ‘संविधान संशोधन विधेयक’ के विरोध में उन्होंने पद्म भूषण सम्मान वापस लौटा दिया था।

निष्कर्ष

माखनलाल चतुर्वेदी केवल एक कवि या लेखक नहीं थे, बल्कि वे भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय स्वाभिमान और जन-संघर्ष के प्रखर पुरोधा थे। उनकी रचनाओं में जहाँ एक ओर देशप्रेम की हुंकार है, वहीं दूसरी ओर शोषितों और पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना भी है। ‘एक भारतीय आत्मा’ के रूप में उनका संपूर्ण जीवन और साहित्य आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।

🔗 हिंदी साहित्य के 10 चर्चित लेखक और कवि

क्र.सं.लेखक / कवि का नाममुख्य विशेषता / कालइंटरनल लिंक (URL)
1.भारतेंदु हरिश्चंद्रआधुनिक हिंदी गद्य के जनक / भारतेंदु युगलिंक देखें(उदाहरण यूआरएल)
2.महावीर प्रसाद द्विवेदीद्विवेदी युग के मार्गदर्शक और निबंधकारलिंक देखें
3.जयशंकर प्रसादछायावाद के प्रमुख स्तंभ और नाटककारलिंक देखें
4.सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’छायावाद के मुक्तछंद के प्रणेतालिंक देखें
5.सुमित्रानंदन पंतप्रकृति के सुकुमार कवि / छायावादलिंक देखें
6.महादेवी वर्माआधुनिक मीरा / छायावाद की प्रमुख कवयित्रीलिंक देखें
7.प्रेमचंद (धनपत राय)उपन्यास सम्राट / कथा साहित्य के शिखर पुरुषलिंक देखें
8.अज्ञेय (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन)प्रयोगवाद और नई कविता के प्रवर्तकलिंक देखें
9.रामधारी सिंह ‘दिनकर’राष्ट्रकवि / ओज और विद्रोह के कविलिंक देखें
10.कृष्णा सोबतीआधुनिक कथा साहित्य और स्त्री-विमर्श की सशक्त हस्ताक्षरलिंक देखें

1 thought on “माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन परिचय, रचनाएँ और कविताएँ | Makhanlal Chaturvedi Jivan Parichay”

  1. Abhinav pratap singh

    Kya hume rasik mitra Patrika k bare me kuch jankari prapt ho sakti hai mahoday?
    8931878090.

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