केवल कृष्ण घोड़ेला

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सूफ़ीकाव्य महत्वपूर्ण तथ्य – हिंदी साहित्य

सूफ़ीकाव्य महत्वपूर्ण तथ्य 1 आचार्य शुक्ल ने नूर मोहम्मद कृत इंद्रावती को सूफी आख्यान काव्यों की अखंडित परंपरा की समाप्ति माना है नूर मुहम्मद ने अनुराग बांसुरी में चौपाइयों के बीच बीच में इन्होंने दोहे न रखकर बरवै रखें है पद्मावत का नागमती वियोग खंड हिंदी साहित्य की अनुपम निधि है मलिक मुहम्मद जायसी की […]

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वर्ण किसे कहते है – Varn Kise Kahate Hain

Varn Kise Kahate Hain

दोस्तो आज के आर्टिकल में हम पढ़ेंगे , वर्ण किसे कहते हैं (परिभाषा, भेद और उदाहरण),Varn Kise Kahate Hain । यह आर्टिकल सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। इस टॉपिक से सम्बंधित प्रश्न लगभग हर एग्जाम में पूछे जाते है । वर्ण की परिभाषा – Varn ki Paribhasha दोस्तो अगर आसान तरीके से

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उपन्यास के तत्त्व (Upanyas ke Tatva in Hindi): उपन्यास के 6 प्रमुख तत्व और विस्तार से जानकारी

उपन्यास के तत्व

उपन्यास के तत्त्व (Upanyas ke Tatva in Hindi) दोस्तों, आज की पोस्ट में हम साहित्य की एक विशेष विधा उपन्यास के तत्त्व (Upanyas ke Tatva) के बारे में विस्तार से जानेंगे। उपन्यास गद्य साहित्य की एक अत्यंत लोकप्रिय और सशक्त विधा है, जिसके माध्यम से मानव जीवन के यथार्थ, समाज, और उसकी भावनाओं का गहरा

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हिंदी ट्रिक 1

हिंदी ट्रिक 1 आचार्य शुक्ल ने 12 पुस्तकों के आधार पर वीरगाथा काल का नामकरण किया साहित्यिक पुस्तकें केवल चार मानी हैं और देश भाषा काव्य की 8 पुस्तकें मानी है साहित्यिक पुस्तकें चार जो निम्नलिखित है 1*विजयपाल रासो 2. हमीर रासो 3.कीर्तिलता 4.कीर्तिपताका ************ देश भाषा काव्य की 8 पुस्तकें निम्नलिखित मानी है 1.खुमान

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Viram Chinh in Hindi – विराम चिह्न क्या है | Top 300+ उदाहरण

Viram chinh

हिंदी लेखन और व्याकरण में भावों, विचारों और स्पष्ट अर्थ को व्यक्त करने के लिए विराम चिह्नों(Viram Chinh) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। वाक्य के बीच में रुकने, भावों को उभारने या अर्थ के भ्रम को दूर करने के लिए जिन संकेतों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें विराम चिह्न कहते हैं। यदि आप हिंदी

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पटाक्षेप नहीं होगा – डा. हेतु भारद्वाज || कहानी

पटाक्षेप नहीं होगा

इस आर्टिकल में डा. हेतु भारद्वाज की चर्चित कहानी पटाक्षेप नहीं होगा की चर्चा करेंगे। पटाक्षेप नहीं होगा – डा. हेतु भारद्वाज पटाक्षेप नहीं होगा कहानी देश की आजादी से शुरु होती है, जिसमें देश के साथ ही रामनेर गांव की आजादी की बात से कथाकार पूरे माहौल की रचना करता है। गांव का ठाकुर

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पथिक कविता – रामनरेश त्रिपाठी – व्याख्या || हिंदी साहित्य

पथिक कविता

पथिक कविता: रामनरेश त्रिपाठी की रचना का सारांश और परिचय हिंदी साहित्य के छायावाद-पूर्व युग (द्विवेदी युग) के प्रमुख कवि, स्वतंत्रता सेनानी और लोक-संस्कृति के अनूठे चितेरे रामनरेश त्रिपाठी का आधुनिक हिंदी साहित्य में अत्यंत गौरवशाली स्थान है। उनकी रचनाओं में जहाँ एक ओर देशप्रेम, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना की प्रखर भावना दिखाई देती है,

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टी एस ईलियट के काव्य सिद्धांत: निर्वैयक्तिकता और परंपरा का सिद्धांत

टी.एस. ईलियट के काव्य सिद्धांत - निर्वैयक्तिकता और परंपरा का सिद्धांत

टी एस ईलियट के काव्य सिद्धांत: निर्वैयक्तिकता, वस्तुनिष्ठ सहसम्बन्ध और परंपरा का सिद्धांत आधुनिक काल के पाश्चात्य समीक्षकों में टी.एस. ईलियट (Thomas Stearns Eliot – 1888–1965 ई.) का नाम अत्यंत महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी है। उनका जन्म सेंट लुई (अमेरिका) में हुआ, किंतु उनकी शिक्षा पेरिस और लंदन में हुई और बाद में वे लंदन में

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हरबर्टीय पाठ योजना विधि क्या है? पंचपदी के 5 सोपान और विशेषताएँ | Herbartian Approach

हरबर्टीय विधि

हरबर्टीय पाठ योजना विधि: सोपान, विशेषताएँ और संपूर्ण नोट्स (Herbartian Approach in Hindi) हिन्दी शिक्षण विधियों और शिक्षाशास्त्र में पाठ योजना (Lesson Plan) का अत्यधिक महत्व है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे REET, RPSC, TGT, PGT, और अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं) की दृष्टि से हरबर्ट की पंचपदी प्रणाली से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। आज के

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वाच्य : परिभाषा, भेद और उदाहरण || Vachya

वाच्य का अर्थ

हिंदी व्याकरण और वाक्य रचना में क्रिया के उस रूप को ‘वाच्य’ कहा जाता है जिससे यह पता चलता है कि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया का मुख्य संबंध कर्ता, कर्म या भाव में से किससे है। भाषा को अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली बनाने के लिए वाक्य में वाच्य का सही प्रयोग अत्यंत आवश्यक है। यदि

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