Siyaram Sharan Gupt – सियाराम शरण गुप्त

आज की पोस्ट में हम चर्चित कवि सियाराम शरण गुप्त (Siyaram Sharan Gupt) के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे ,इनसे जुड़े महत्त्वपूर्ण तथ्य जानने का प्रयास करेंगे |

Siyaram Sharan Gupt

  • जन्मकाल- 1895 ई.
  • मृत्युकाल- 1963 ई.
  • जन्मस्थान- चिरगाँव (झाँसी)

प्रमुख रचनाएँ-

1. मौर्य विजय- 1913 ई. 2. अनाथ- 1917 ई. 3. दूर्वादल- 1924 ई.
4. विषाद- 1925 ई. 5. आर्द्रा- 1927 ई. 6. आत्मोत्सर्ग- 1931 ई.
7. पाथेय- 1933 ई. 8. मृण्मयी- 1936 ई. 9. बापू- 1937 ई.
10. उन्मुक्त- 1940 ई. 11. दैनिकी- 1942 ई. 12. नकुल- 1946 ई.
13. नोआखली- 1946 ई. 14. जयहिंद- 1948 ई. 15. गीता-संवाद- 1948 ई.

नोटः इनमें से ’मौर्य विजय’, ’अनाथ’, ’आत्मोत्सर्ग’ एवं ’नकुल’ तो इनके प्रबंधकाव्य माने जाते हैं एवं शेष रचनाएँ उनकी लघु कविताओं के संग्रह हैं।

विशेष तथ्य(Siyaram Sharan Gupt)

1. ये मैथिलीशरण गुप्त के अनुज (10 वर्ष छोटे) थे।
2. ’मौर्य विजय’ रचना में सेल्यूकस एवं चन्द्रगुप्त मौर्य के ऐतिहासिक द्वन्द्व को राष्ट्रीय भावों से ओत-प्रोत करके प्रस्तुत किया गया है।
3. ’अनाथ’ में काल्पनिक कथा के आधार पर ग्रामीण जीवन का चित्रण करते हुए जमींदारों के अत्याचार, शोषण एवं पुलिस की क्रूरता पर प्रकाश डाला गया है।
4. ’आत्मोत्सर्ग’ में अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी के बलिदान की गाथा उदात्त शैली में प्रस्तुत की गयी है।
5. ’नकुल’ में पाण्डवों में सबसे उपेक्षणीय नकुल को नया व्यक्तित्व प्रदान किया गया है।
6. इस शैली में छायावादी एवं विचारधारा में गाँधीवादी माने जाते है।
7. इन्होंने माखन लाल चतुर्वेदी की ’पुष्प की अभिलाषा’ कविता का अनुकरण करके ’एक फूल की चाह’ कविता लिखी थी।
8. ’उन्मुक्त’ रचना में ’कुसुमद्वीप’ एक शांतिप्रिय नगर है, परंतु ’लौहद्वीप’ के लोग उसे युद्ध करने पर मजबूर करते है।

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