Author: केवल कृष्ण घोड़ेला

रामधारी सिंह दिनकर || Ramdhari Singh Dinkar || हिन्दी साहित्य

दोस्तो आज की पोस्ट में हम रामधारी सिंह दिनकर के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे रामधारी सिंह दिनकर जन्म: 23 सितंबर 1908, बेगूसराय, बिहार मृत्यु: 24 अप्रैल 1974, बिहार कविता संग्रह प्राणभंग 1929 ई. रेणुका 1935 ई. हुंकार 1939 ई. रसवन्ती 1940 ई. द्वन्द्वगीत 1940 ई. कुरुक्षेत्र (प्रंबध काव्य) 1946 ई. धूपछाँह 1946 ई. सामधेनी

लहरों के राजहंस || नाटक || मोहन राकेश || हिन्दी साहित्य

दोस्तो आज हम मोहन राकेश के चर्चित नाटक लहरों के राजहंस के महत्वपूर्ण प्रश्नों को पढ़ेंगे,जो आपके लिए उपयोगी साबित होने वाले है लहरों के राजहंस   नाटक के प्रमुख पात्र एवं उनका परिचयः ⇒ नंदः     नाटक का केन्द्रीय पात्र नंद गौतम बुद्ध का सौतेला भाई था। यह नाटक उनके मानसिक द्वन्द्व के इर्द-गिर्दं

नवगीत परंपरा || हिन्दी साहित्य || आधुनिक काल

नवगीत परंपरा(navgeet parmpra) हिन्दी में नवगीत की विशुद्ध चर्चा पहली बार राजेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा संपादित गीतांगिनी (1950) में हुई। इन्हें ही ’नवगीत’ की संज्ञा दी जानी चाहिए। गीतांगिनी के संपादकीय को नवगीत का घोषणा-पत्र माना जाना चाहिए। केदारनाथ अग्रवाल तथा ठाकुर प्रसाद सिंह को नवगीत के आरंभकर्ता का श्रेय दिया जाता है। नवगीत के

हिन्दी रिपोर्ताज का विकास || Development of Hindi Reportage || हिन्दी साहित्य

हिन्दी रिपोर्ताज का विकास (Hindi Reportage)   आज की पोस्ट में हम हिन्दी रिपोर्ताज़ के विकास क्रम को पढ़ेंगे ,इसमें महत्वपूर्ण रिपोर्ताज को ही शामिल किया गया है ⇒यह शब्द ’रिपोर्ताज’ फ्रांसीसी  है। गद्य विधा के रूप में इसका आविर्भाव द्वितीय विश्वयुद्ध के आसपास हुआ। ⇔ ’रिपोर्ताज’ के जनक के रूप में रूसी साहित्यकार इलिया

हिन्दी जीवनी || hindi sahitya ka itihaas || हिन्दी साहित्य

हिन्दी जीवनी(hindi jeevni) आज के विषय हिन्दी जीवनी में हिन्दी की प्रमुख जीवनियाँ एवं जीवनीकार का संकलन किया गया है जो परीक्षा के लिए उपयोगी साबित होंगे | आप अच्छे से इसे तैयार करें  लेखक  वर्ष जीवनी गोपाल शर्मा शास्त्री 1881   दयानन्द दिग्विजय बाबू राधाकृष्णदास  1904 भारतेन्दु बाबू हरिश्चन्द्र का जीवन चरित्र शिवनन्दन  1905

वाच्य का अर्थ || वाच्य के भेद || Vachya

वाच्य (Vachya) वाच्य से यह पता चलता है कि वाक्य में कर्ता , कर्म और भाव में से किसकी प्रधानता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया के लिंग, वचन तथा पुरुष कर्ता , कर्म या भाव में से किसके अनुसार है। वाच्य की परिभाषा(vachya ki pribhasha) वाच्य क्रिया के उस

hindi sahitya || हिन्दी साहित्य प्रमुख पत्र-पत्रिकाएँ || hindi literature

हिन्दी साहित्य प्रमुख पत्र-पत्रिकाएँ (hindi sahity pramukh patr-patrikaen)   इस पोस्ट में हिंदी साहित्य की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं को बताया गया है जो हर परीक्षा में पूछा जाता है   पत्र-पत्रिकाएँ विवरण 1. बंगाल गजट भारत का प्रथम समाचारपत्र (अंग्रेजी में) 2. उदंत मार्तण्ड साप्ताहिक, प्रथम हिंदी पत्र, कलकत्ते से प्रकाशित (30 मई, 1826, संपादक पं.
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