राजा शिवप्रसाद सितारे हिंद

दोस्तों आज हम राजा शिवप्रसाद सितारे ‘हिंद ‘के बारे में जानेंगे इनका जन्म 1824 ईसवी में हुआ था दोस्तों प्रारंभिक खड़ी बोली के विकास में योगदान की बात होती है तो राजा शिवप्रसाद सितारे हिंद को याद किया जाता है उन्होंने खड़ी बोली व नागरी लिपि के अस्तित्व की लड़ाई Read more…

विलोम शब्द vilom shbad

विलोम शब्द

दोस्तो आज हम महत्वपूर्ण विलोम शब्दों को जानेंगे निम्नलिखित शब्द विपरीतार्थक है, क्योंकि ये अपने सामनेवाले शब्द के सर्वदा विपरीत अर्थ प्रकट करते हैं। यहाँ ध्यान देने की बात यह है कि संज्ञाशब्द का विपरीतार्थक संज्ञा हो और विशेषण का विपरीतार्थक विशेंषण। शब्द – विपरीतार्थक शब्द अनाथ -सनाथअवनति –उन्नतिअंतरंग —बहिरंगअल्पज्ञ Read more…

हिंदी निबन्ध प्रश्नोतर

निबंध प्रश्नोत्तरी ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ 1.’ गांधी नीति’ निबंध के लेखक कौन हैं – बनारसी दास चतुर्वेदी महादेवी वर्मा जैनेंद्र √√ संपूर्णानंद 2.’ हमारा देश और राष्ट्र भाषा’ निबंध के रचनाकार कौन हैं महादेवी वर्मा √√ जयशंकर प्रसाद संपूर्णानंद श्यामसुंदर दास 3.’ काव्य भाषा और काव्योत्तर भाषा’ किस लेखक का निबंध है? Read more…

भारतेन्दु हरिश्चंद्र जीवन परिचय

भारतेन्दु हरिश्चंद्र जन्मकाल – 9 सितम्बर 1850 ई. (1907 वि.) जन्मस्थान – काशी (एक सम्पन्न वैश्य परिवार में ) मृत्युकाल – 6 जनवरी 1885 ई. (1942 वि.) नोट:- मात्र 35 वर्ष की अल्पायु में इनका निधन हो गया था। पिता का नाम – बाबू गोपालचन्द्र गिरिधरदास (ये इतिहास प्रसिद्ध सेठ Read more…

हिन्दी सतसई परंपरा क्या है

दोस्तो आज हम सतसई परंपरा के बारे मे जानेंगे मुक्तक काव्य की एक विशिष्ट विधा है। इसके अंतर्गत कविगण सात सौ या सात सौ से अधिक दोहे लिखकर एक ग्रंथ के रूप में संकलित करते हैं। “सतसई” शब्द “सत” और “सई” से बना है, “सत” का अर्थ सात और सई Read more…

कृष्णा सोबती जीवन परिचय

कृष्णासोबती जीवन परिचय जन्म – 18 फरवरी 1925 ई० जन्म स्थान – गुजरात ( अब पाकिस्तान में ) मृत्यु -25 जनवरी 2019 संयमित अभिव्यक्ति और सुथरी रचनात्मकता से अपने लेखन का सृजन करने वाली कृष्णा सोबती का जन्म पाकिस्तान के गुजरात प्रांत में 18 फरवरी 1925 ई० को हुआ था Read more…

काव्य हेतु (काव्यशास्त्र)

काव्य हेतु काव्यशास्त्र

                       काव्य हेतु ’हेतु’ का शाब्दिक अर्थ है कारण, अतः ’काव्य हेतु’ का अर्थ हुआ काव्य की उत्पत्ति का कारण। किसी व्यक्ति में काव्य रचना की सामर्थ्य उत्पन्न कर देने वाले कारण काव्य हेतु कहलाते हैं। चलो थोड़ा और समझते Read more…

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