केवल कृष्ण घोड़ेला

आप सभी का हिंदी साहित्य की इस वेबसाइट पर स्वागत है l यहाँ पर आपको हिंदी से सम्बंधित सभी जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी l हम अपने विद्यार्थियों के पठन हेतु सतर्क है l और हम आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते है l धन्यवाद !

शृंगार रस की परिभाषा, भेद (संयोग और वियोग) और उदाहरण | Shringar Ras in Hindi

शृंगार रस की परिभाषा, भेद, उदाहरण और संपूर्ण व्याख्या | Shringar Ras in Hindi हिंदी काव्यशास्त्र में ‘शृंगार रस’ को सभी रसों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, इसीलिए इसे ‘रसराज’ (रसों का राजा) कहा जाता है। आइए शृंगार रस के स्वरूप, उसके अंगों, भेदों और सुंदर उदाहरणों का विस्तार से अध्ययन करते हैं। 1. शृंगार […]

शृंगार रस की परिभाषा, भेद (संयोग और वियोग) और उदाहरण | Shringar Ras in Hindi Read More »

व्याजस्तुति अलंकार की परिभाषा, भेद और उदाहरण | Byajstuti Alankar

व्याजस्तुति अलंकार (Byajstuti Alankar): परिभाषा, भेद और बेहतरीन उदाहरण हिंदी व्याकरण में अलंकारों का बहुत बड़ा महत्व है। काव्य की शोभा बढ़ाने वाले धर्मों को अलंकार कहते हैं, और अर्थालंकारों में ‘व्याजस्तुति अलंकार’ का एक विशेष स्थान है। इस लेख में हम व्याजस्तुति अलंकार की परिभाषा, इसके चारों भेदों और सभी प्रसिद्ध उदाहरणों को विस्तार

व्याजस्तुति अलंकार की परिभाषा, भेद और उदाहरण | Byajstuti Alankar Read More »

उत्साह निबंध – रामचंद्र शुक्ल | सारांश, प्रश्नोत्तर | चिंतामणि भाग -1

आज के आर्टिकल में  रामचंद्र शुक्ल जी के चर्चित उत्साह निबंध(Utsah Nibandh) के बारे में पढेंगे। इस निबंध को मूल रूप में पढेंगे और महत्त्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी भी आपको दी जाएगी। उत्साह निबंध – रामचंद्र शुक्ल केंद्रीय भावः- उत्साह निबंध आचार्य रामचंद्र शुक्ल के निबंध- संग्रह ‘चिंतामणि – भाग-1’ से लिया गया है। ‘उत्साह’ आचार्य

उत्साह निबंध – रामचंद्र शुक्ल | सारांश, प्रश्नोत्तर | चिंतामणि भाग -1 Read More »

फोर्ट विलियम कॉलेज: स्थापना, संस्थापक, भाषा मुंशी व महत्वपूर्ण तथ्य | Fort William College

फोर्ट विलियम कॉलेज(Fort William College)

फोर्ट विलियम कॉलेज (Fort William College): इसकी स्थापना कोलकाता में 10 जुलाई, 1800 ई. को हुई। इसकी स्थापना गवर्नर लॉर्ड वेलेजली ने करवाई। इस संस्था का पूर्व नाम ऑरिएंटल सेमिनरी था। इसके पहले हिंदी विभाग के प्रोफ़ेसर जॉन गिलक्राइस्ट थे। यहाँ भाषा मुंशी के पद पर लल्लूलाल जी व सदल मिश्र थे। फोर्ट विलियम कॉलेज

फोर्ट विलियम कॉलेज: स्थापना, संस्थापक, भाषा मुंशी व महत्वपूर्ण तथ्य | Fort William College Read More »

चिंतामणि त्रिपाठी का जीवन परिचय और रचनाएँ | Chintamani Ka Jiwan Parichay

चिंतामणि त्रिपाठी का जीवन परिचय

रीतिबद्ध कवि चिंतामणि त्रिपाठी का जीवन परिचय, रचनाएँ और महत्वपूर्ण नोट्स (Chintamani Ka Jiwan Parichay) हिंदी रीतिकाल और गद्य साहित्य के इतिहास में आचार्य चिंतामणि त्रिपाठी का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे REET, RPSC, TGT, PGT, और हिंदी साहित्य से जुड़ी अन्य परीक्षाओं) की दृष्टि से रीतिकाल के प्रवर्तक कवि चिंतामणि त्रिपाठी का

चिंतामणि त्रिपाठी का जीवन परिचय और रचनाएँ | Chintamani Ka Jiwan Parichay Read More »

सरस्वती पत्रिका | सम्पूर्ण जानकारी | द्विवेदी युग | Saraswati Patrika

सरस्वती पत्रिका

इस आर्टिकल में द्विवेदी युग की चर्चित पत्रिका सरस्वती पत्रिका(Saraswati Patrika) के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले है सरस्वती पत्रिका – Saraswati Patrika हिन्दी की पहली मासिक पत्रिका। जनवरी माह 1900 ई० में इंडियन प्रेस के संस्थापक बाबू चिंतामणी घोष द्वारा स्थापित और मई 1976 में अंतिम अंक प्रकाशित हुआ। सम्पादक: श्यामसुन्दर दास

सरस्वती पत्रिका | सम्पूर्ण जानकारी | द्विवेदी युग | Saraswati Patrika Read More »

शब्द शक्ति – अभिधा, लक्षणा और व्यंजना | उदाहरणों सहित

शब्द शक्ति

हिंदी व्याकरण और काव्य शास्त्र में अर्थबोध की प्रक्रिया को भली-भांति समझने के लिए शब्द शक्ति((Shabd Shakti) का अध्ययन करना बेहद आवश्यक है। शब्दों के माध्यम से उनके आंतरिक मर्म, वाच्यार्थ, लक्ष्यार्थ और व्यंग्यार्थ को स्पष्ट करने में शब्द शक्तियों (अभिधा, लक्षणा और व्यंजना) की मुख्य भूमिका होती है। यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UGC

शब्द शक्ति – अभिधा, लक्षणा और व्यंजना | उदाहरणों सहित Read More »

अ की मात्रा वाले शब्द – A ki Matra Wale Shabd

A ki Matra Wale Shabd

आज के आर्टिकल में हम अ की मात्रा वाले शब्द(A ki Matra Wale Shabd) की पूरी जानकारी आपको देंगे। आप आर्टिकल को अच्छे से पढ़ें। अ की मात्रा वाले शब्द – A ki Matra Wale Shabd दोस्तो अगर आप हिंदी सीखनें को उत्सुक हो , तो सही जगह हो आपको इस आर्टिकल में अ की

अ की मात्रा वाले शब्द – A ki Matra Wale Shabd Read More »

#1 नाथ साहित्य – अर्थ , प्रमुख ग्रन्थ , विशेषताएँ | हिंदी साहित्य | Best Notes(2024)

नाथ साहित्य

नाथ साहित्य :  महायान से सहजयान और सहजयान से नाथ सम्प्रदाय का विकास हुआ। सिद्धों की वाममार्गी भोगप्रधान योगसाधना की प्रतिक्रिया के रूप में आदिकाल में नाथ पन्थियों की हठयोग साधना आरम्भ हुई। राहुल सांकृत्यायन नाथपंथ को सिद्धों की परम्परा का ही विकसित रूप मानते हैं। इस पंथ को चलाने वाले मत्स्येन्द्रनाथ तथा गोरखनाथ माने

#1 नाथ साहित्य – अर्थ , प्रमुख ग्रन्थ , विशेषताएँ | हिंदी साहित्य | Best Notes(2024) Read More »

पाठ प्रस्तावना कौशल – अर्थ, परिभाषा, प्रस्तावना, लक्षण, मूल्यांकन

पाठ प्रस्तावना कौशल

इस आर्टिकल में हम पाठ प्रस्तावना कौशल(Path Prastavana Kaushal)  के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले है ,उम्मीद है आपको इस टॉपिक पर सब क्लियर हो जाएगा। प्रस्तावना कौशल – Path Prastavana Kaushal पाठ प्रस्तावना कौशल अर्थ (Skill of Introducing a Lesson) प्रस्तावना कौशल शिक्षण प्रक्रिया की नींव हैं, क्योंकि किसी भी प्रकरण की

पाठ प्रस्तावना कौशल – अर्थ, परिभाषा, प्रस्तावना, लक्षण, मूल्यांकन Read More »

Scroll to Top