आदिकाल महत्वपूर्ण 100 प्रश्न उत्तर (MCQs) | आदिकाल सुपर 100 सीरीज़

अंतिम संशोधित (Last Updated): September 6, 2026

हिंदी साहित्य सुपर 100 सीरीज़ – 1: आदिकाल महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (MCQs & One-Liners)

यदि आप UGC NET, TGT, PGT, LT ग्रेड या विभिन्न राज्य स्तरीय हिंदी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी साहित्य के आदिकाल के इन चुनिंदा 100 प्रश्नों पर पकड़ मजबूत करना बेहद जरूरी है। इस लेख में हम आपके लिए लेकर आए हैं हिंदी साहित्य एमसीक्यू (Hindi Sahitya MCQ) की विशेष सीरीज, जिसमें आदिकाल (प्रश्न 1 से 100 तक) के अति महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ और वन-लाइनर प्रश्न उत्तर सहित शामिल हैं। परीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण इन प्रश्नों का अभ्यास करके आप अपनी तैयारी को परख सकते हैं। यदि आप आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक के संपूर्ण 5000+ हिंदी साहित्य MCQs की पीडीएफ चाहते हैं, तो हमारे मुख्य पिलर आर्टिकल और स्टोर पर विजिट कर सकते हैं।

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आदिकाल सुपर 100 सीरीज़ – 1 (प्रश्न 1 से 100)

  • प्रश्न 1. आचार्य शुक्ल ने आदिकाल में देशभाषा काव्य में कितनी पुस्तकों की संख्या मानी है?

    • उत्तर: 8

  • प्रश्न 2. “जनता की चित्तवृत्ति का संचित प्रतिबिंब ही साहित्य हैं” यह किसने माना है?

    • उत्तर: आचार्य रामचंद्र शुक्ल

  • प्रश्न 3. “भाषा सर्वेक्षण” के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: जॉर्ज ग्रियर्सन

  • प्रश्न 4. पृथ्वीराज रासो कितने प्रकार के छंदों में लिखा गया है?

    • उत्तर: 68

  • प्रश्न 5. उपदेश रसायन रास के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: जिनदत्त सूरी

  • प्रश्न 6. पृथ्वीराज रासो काव्य किस कोटि का है?

    • उत्तर: वीरगाथा महाकाव्य

  • प्रश्न 7. “हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास” ग्रंथ के लेखक कौन हैं?

    • उत्तर: रामकुमार वर्मा

  • प्रश्न 8. इतिहास लेखन की सबसे विकसित पद्धति कौन सी है?

    • उत्तर: विधेयवादी पद्धति

  • प्रश्न 9. विद्यापति ने कीर्तिलता को किस संवाद रूप में लिखा है?

    • उत्तर: भृंग-भृंगी

  • प्रश्न 10. “राठौड़ा री ख्यात” के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: दयालदास

  • प्रश्न 11. नाथों में “रसायनी” कौन थे?

    • उत्तर: नागार्जुन

  • प्रश्न 12. कविराज श्यामलदास तथा काशी प्रसाद जायसवाल ने रासो की उत्पत्ति किससे मानी है?

    • उत्तर: रहस्य से

  • प्रश्न 13. “आध्यात्मिक रंग के चश्मे आजकल बहुत सस्ते हो गए हैं…” यह पंक्ति किसकी है?

    • उत्तर: आचार्य शुक्ल

  • प्रश्न 14. काफिर बोध, पंचअग्नि, दयाबोध, अष्ट चक्र व रसराह ग्रंथ किसके हैं?

    • उत्तर: गोरखनाथ

  • प्रश्न 15. कयमास वध किस रचना का खंड है?

    • उत्तर: पृथ्वीराज रासो

  • प्रश्न 16. उक्ति व्यक्ति प्रकरण के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: दामोदर शर्मा

  • प्रश्न 17. “मनहुं कला ससीभान कला सोलह सो बनिय” – पंक्ति किसकी है?

    • उत्तर: चंदबरदाई

  • प्रश्न 18. “राउलबेल” श्रृंगार परक चंपू काव्य के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: रोडा कवि

  • प्रश्न 19. अपभ्रंश भाषा का प्रथम कवि किसे माना जाता है?

    • उत्तर: स्वयंभू

  • प्रश्न 20. स्वयं को ‘अभिमान मेरु’ कौन कहा करते थे?

    • उत्तर: पुष्पदंत

  • प्रश्न 21. आदिकाल को संधिकाल एवं चारण काल किसने कहा?

    • उत्तर: रामकुमार वर्मा

  • प्रश्न 22. बौद्ध सिद्धों के पदों और दोहों को ‘बौद्धगान ओ दोहा’ नाम से बांग्ला भाषा में किसने प्रकाशित किया?

    • उत्तर: पंडित हरप्रसाद शास्त्री

  • प्रश्न 23. किरान-उस-सादेन किसकी रचना है?

    • उत्तर: अमीर खुसरो

  • प्रश्न 24. ‘पुरुष परीक्षा’ संस्कृत में रचित रचना किसकी है?

    • उत्तर: विद्यापति

  • प्रश्न 25. रिठेमणि चरिउ के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: स्वयंभू

  • प्रश्न 26. कीर्तिलता की भाषा क्या है?

    • उत्तर: अवहट्ट

  • प्रश्न 27. भू-परिक्रमा के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: विद्यापति

  • प्रश्न 28. जयमयंक जस चंद्रिका के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: मधुकर कवि

  • प्रश्न 29. इयाश्रय काव्य की रचना किसने की है?

    • उत्तर: हेमचंद्र

  • प्रश्न 30. ‘कुमारपाल प्रतिबोध’ गद्य पद्य में प्राकृत काव्य किसने लिखा है?

    • उत्तर: सोमप्रभ सुरि

  • प्रश्न 31. गोरखनाथ ने किसके योग का सहारा लेकर ‘हठयोग’ का प्रवर्तन किया?

    • उत्तर: पतंजलि

  • प्रश्न 32. ‘रत्नाकर जोपम कथा’ किस संप्रदाय का मानक ग्रंथ है?

    • उत्तर: सिद्धों का

  • प्रश्न 33. “जिमि लोण बिलिज्जई पाणी एहि तिमि धरणी लई चित्त” कथन किसका है?

    • उत्तर: कणहप्पा

  • प्रश्न 34. “गंगा जऊना माझे बहई रे नाइ” उक्ति किसकी है?

    • उत्तर: डोम्भीपा

  • प्रश्न 35. “काआ तरुवर पंच बिड़ाल” उक्ति किसकी है?

    • उत्तर: लुइपा

  • प्रश्न 36. सिद्धों में सबसे पुराने किसे माना जाता है?

    • उत्तर: सरहपा

  • प्रश्न 37. अपभ्रंश नाम पहले-पहल किसके शिलालेख में मिलता है?

    • उत्तर: वल्लभी राजा धारसेन द्वितीय

  • प्रश्न 38. “उस समय जैसे ‘गाथा’ या ‘गाहा’ कहने से प्राकृत का बोध होता था…” कथन के लेखक कौन हैं?

    • उत्तर: रामचंद्र शुक्ल

  • प्रश्न 39. ‘देशी नाममाला’ किसकी रचना है?

    • उत्तर: हेमचंद्र

  • प्रश्न 40. हजारी प्रसाद द्विवेदी, विश्वनाथ प्रसाद मिश्र तथा चंद्रबली पांडेय ने रासो की उत्पत्ति किससे मानी है?

    • उत्तर: रासक

  • प्रश्न 41. हरप्रसाद शास्त्री ने रासो की उत्पत्ति किससे मानी है?

    • उत्तर: राजयश

  • प्रश्न 42. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने रासो की उत्पत्ति किससे मानी है?

    • उत्तर: रसायण

  • प्रश्न 43. पृथ्वीराज रासो की रचना विधान में सर्वाधिक विवादास्पद पक्ष क्या है?

    • उत्तर: ऐतिहासिकता

  • प्रश्न 44. ‘कन कंड चरिउ’ के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: कनकामर मुनि

  • प्रश्न 45. ‘प्राकृत प्रकाश’ के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: वररुचि

  • प्रश्न 46. ढोला मारु रा दुहा के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: कुशललाभ

  • प्रश्न 47. सबसे पहले बारहमासा वर्णन किस रचना में मिलता है?

    • उत्तर: बीसलदेव रासो

  • प्रश्न 48. आदिकाल को अपभ्रंश काल किसने कहा?

    • उत्तर: धीरेंद्र वर्मा

  • प्रश्न 49. “बारह बरीस लौ कूकर जीवे…” उक्त पंक्ति किसकी है?

    • उत्तर: जगनिक

  • प्रश्न 50. आदिकाल को ‘बीजवपन काल’ किसने कहा है?

    • उत्तर: महावीर प्रसाद द्विवेदी

  • प्रश्न 51. दोहाकोश किसकी रचना है?

    • उत्तर: सरहपा

  • प्रश्न 52. मैथिल कोकिल किसे कहे जाते हैं?

    • उत्तर: विद्यापति

  • प्रश्न 53. रणमल छंद की रचना किसने की?

    • उत्तर: श्रीधर

  • प्रश्न 54. आल्हाखंड नाम से कौन सी रचना प्रसिद्ध है?

    • उत्तर: परमाल रासो

  • प्रश्न 55. “पद्मावती समय” किस रचना का खंड है?

    • उत्तर: पृथ्वीराज रासो

  • प्रश्न 56. राजमती और बीसलदेव की कथा किस ग्रंथ में है?

    • उत्तर: बीसलदेव रासो

  • प्रश्न 57. वर्ण रत्नाकर ग्रंथ के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: ज्योतिरीश्वर

  • प्रश्न 58. नाथ-संप्रदाय के संदर्भ में प्रणेता कौन माने जाते हैं? (या नाथ साहित्य के प्रवर्तक)

    • उत्तर: गोरखनाथ (नोट: हजारी प्रसाद द्विवेदी ने नाथपंथ का आरंभ मत्स्येन्द्रनाथ से माना है)

  • प्रश्न 59. शिलांकित चंपू गेय काव्य रचना कौन सी है?

    • उत्तर: राउलबेल

  • प्रश्न 60. दो सुखने, खलिकबारी आदि रचनाएं किसकी हैं?

    • उत्तर: अमीर खुसरो

  • प्रश्न 61. प्राण-संकली, सबदी, नरवैबोध, आत्मबोध और पंचमात्रा रचनाएं किसकी हैं?

    • उत्तर: गोरखनाथ

  • प्रश्न 62. गोरखनाथ की रचनाओं को ‘गोरखबानी’ नाम से किसने संपादित किया?

    • उत्तर: पीतांबर दत्त बड़थ्वाल

  • प्रश्न 63. “पुस्तक जल्हण हत्थ दै, चलि गज़्ज़न नृज काज” पंक्ति किसकी है?

    • उत्तर: जल्हण

  • प्रश्न 64. ‘चन्द हिंदी के प्रथम महाकवि माने जाते हैं…’ कथन के लेखक कौन हैं?

    • उत्तर: आचार्य शुक्ल

  • प्रश्न 65. ‘पृथ्वीराज रासो’ को प्रामाणिक कौन-कौन मानते हैं?

    • उत्तर: डॉ. श्यामसुंदर दास, मोहनलाल विष्णु लाल पंड्या, मिश्र बंधु एवं कर्नल टॉड

  • प्रश्न 66. ‘पृथ्वीराज रासो’ को अर्धप्रमाणिक कौन मानते हैं?

    • उत्तर: हजारी प्रसाद द्विवेदी, मुनि जिन विजय, सुनीति कुमार चटर्जी आदि

  • प्रश्न 67. पृथ्वीराज रासो में कितने सर्ग या समय हैं?

    • उत्तर: 69

  • प्रश्न 68. “बज़्ज़िय घोर निसान रान चौहान चहुँ दिसि” पंक्ति किसकी है?

    • उत्तर: चंदबरदई

  • प्रश्न 69. संदेश रासक किस प्रकार का काव्य है?

    • उत्तर: खंडकाव्य

  • प्रश्न 70. पृथ्वीराज रासो को किसने पूरा किया था?

    • उत्तर: जल्हण ने

  • प्रश्न 71. ‘परमात्म-प्रकाश’ और ‘योगसार’ किसकी रचना है?

    • उत्तर: जोइंदु (योगिंदु)

  • प्रश्न 72. पाहुड़दोहा के रचयिता कौन हैं?

    • उत्तर: मुनि रामसिंह

  • प्रश्न 73. सरहपाद, सरोजवज्र व राहुलभद्र आदि नामों से किसे जाना जाता है?

    • उत्तर: सरहपा

  • प्रश्न 74. अक्षरद्विकोपदेश, डोम्बिगीतिका व योगचार्य किसकी रचनाएं हैं?

    • उत्तर: डोम्बिपा

  • प्रश्न 75. ‘श्रावकाचार’, ‘दब्ब-सहाव-पयास’, ‘लघुनयचक्र’ और ‘दर्शनसार’ ग्रंथ किसके हैं?

    • उत्तर: देवसेन

  • प्रश्न 76. भरतेश्वर-बाहुबली रास खंड काव्य ग्रंथ किसने लिखा?

    • उत्तर: शालिभद्र सूरी

  • प्रश्न 77. ‘स्थूलीभद्र रास’ किसकी रचना है?

    • उत्तर: जिनधर्म सुरि

  • प्रश्न 78. रेवंतगिरी रास किसकी रचना है?

    • उत्तर: विजयसेन सुरि

  • प्रश्न 79. ‘नेमिनाथ रास’ नामक ग्रंथ की 58 छंदों में रचना किसने की?

    • उत्तर: सुमतिगणि

  • प्रश्न 80. नाथ संप्रदाय को ‘अवधूत संप्रदाय’, ‘योग संप्रदाय’ किसने कहा है?

    • उत्तर: हजारी प्रसाद द्विवेदी

  • प्रश्न 81. डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा किस रचना में हिंदी साहित्य को अखिल भारतीय साहित्य से सम्बद्ध करने का प्रयास हुआ है?

    • उत्तर: हिंदी साहित्य की भूमिका

  • प्रश्न 82. ‘आधुनिक हिंदी साहित्य का विकास’ किसके द्वारा लिखित है?

    • उत्तर: श्री कृष्णलाल

  • प्रश्न 83. ‘हिंदी पुस्तक साहित्य’ को आधुनिक साहित्य संपत्ति का बीजक किसने कहा है?

    • उत्तर: डॉ. माता प्रसाद गुप्त

  • प्रश्न 84. ‘हिंदी साहित्य और संवेदना का विकास’ किसने लिखा है?

    • उत्तर: डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी

  • प्रश्न 85. ‘हिंदी साहित्य का वैज्ञानिक इतिहास’ में संपूर्ण इतिहास को डॉ. गणपति चंद्र गुप्त ने कितने काल खंडों में विभाजित किया है?

    • उत्तर: आदिकाल, मध्यकाल और आधुनिक काल

  • प्रश्न 86. हिंदी साहित्य का सर्वाधिक व्यवस्थित और प्रथम इतिहास कौन सा है?

    • उत्तर: हिंदी साहित्य का इतिहास (शुक्ल)

  • प्रश्न 87. अपभ्रंश साहित्य को हिंदी साहित्य से अलग मानकर उसे पूर्व पीठिका के रूप में किसने प्रस्तुत किया?

    • उत्तर: आचार्य शुक्ल

  • प्रश्न 88. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने काल विभाजन का प्रधान आधार क्या माना?

    • उत्तर: जनता की चित्तवृत्ति के परिवर्तन को

  • प्रश्न 89. शुक्ल कृत हिंदी साहित्य का इतिहास में आदिकाल का वह नाम जो सर्वाधिक विवादास्पद रहा?

    • उत्तर: वीरगाथाकाल

  • प्रश्न 90. ‘हिंदी के मुसलमान कवि’ नामक पुस्तक के लेखक कौन हैं?

    • उत्तर: गंगा प्रसाद सिंह

  • प्रश्न 91. हिंदी साहित्य का कौन सा इतिहास ग्रंथ एक पुस्तक के रूप में सबसे बड़ा है?

    • उत्तर: हिंदी साहित्य का इतिहास (रमाशंकर शुक्ल रसाल)

  • प्रश्न 92. राजस्थानी साहित्य की रूपरेखा के लेखक कौन हैं?

    • उत्तर: मोतीलाल मेनारिया

  • प्रश्न 93. हिंदी साहित्य इतिहास में दोहरे नामकरण की प्रवृत्ति का आरंभ किसने किया?

    • उत्तर: आचार्य शुक्ल

  • प्रश्न 94. हजारी प्रसाद द्विवेदी का कौन सा ग्रंथ एक व्याख्यान ग्रंथ है?

    • उत्तर: हिंदी साहित्य का आदिकाल

  • प्रश्न 95. अपभ्रंश को पुरानी हिंदी किसने माना?

    • उत्तर: चंद्रधर शर्मा गुलेरी

  • प्रश्न 96. आचार्य शुक्ल ने आदिकाल के कितने ग्रंथों को प्रामाणिक माना है?

    • उत्तर: 12

  • प्रश्न 97. ‘द मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान’ किसके द्वारा रचित है जिसमें केवल हिंदी कवियों का उल्लेख है?

    • उत्तर: ग्रियर्सन

  • प्रश्न 98. ‘द मार्डन वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान’ सन 1888 में किसकी पत्रिका के रूप में प्रकाशित हुआ?

    • उत्तर: एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल

  • प्रश्न 99. हिंदी साहित्य के इतिहास में काल विभाजन का सर्वप्रथम प्रयास किसने किया?

    • उत्तर: ग्रियर्सन

  • प्रश्न 100. ‘तज़किरा-ई-शुअराई हिंदी’ किसके द्वारा रचित इतिहास ग्रंथ है?

    • उत्तर: मौलवी करीमुद्दीन

निष्कर्ष (Conclusion)

समापन के तौर पर कहा जा सकता है कि हिंदी साहित्य के आदिकाल के इन सुपर 100 महत्वपूर्ण प्रश्नों का यह अभ्यास टेस्ट आपकी परीक्षा की तैयारी में मील का पत्थर साबित होगा। ऐसे ही अन्य महत्वपूर्ण टेस्ट और हिंदी साहित्य MCQ PDF के लिए हमारी वेबसाइट के साथ जुड़े रहें।

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4 thoughts on “आदिकाल महत्वपूर्ण 100 प्रश्न उत्तर (MCQs) | आदिकाल सुपर 100 सीरीज़”

  1. डॉ शक्तिदान चारण

    वास्तव मे सुपर लिखा है।

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