हिंदी साहित्य नोट्स-1

काव्य रचनाओं सम्बन्धी विशेष जानकारी

जायसी ( पदमावत—56 -57 खंड)

नरपति नाल्ह ( बीसलदेव रासो—4 खंड)

चंदबरदाई ( पृथ्वीराज रासो— 69 समय)

सूरदास (सूरसागर —12 स्कन्ध)

ज्योतिरीश्वर ठाकुर ( वर्ण रत्नाकर—8 कल्लोल)

तुलसीदास ( रामचरितमानस —7 कांड )

केशवदास ( रामचन्द्रिका —39 प्रकाश )

बिहारी (बिहारी सतसई—713 दोहे)

सेनापति (कवित्त रत्नाकर—5 तरंग 394 छंद)

हरिऔध ( प्रियप्रवास —17 सर्ग )

हरिऔध (वैदेही वनवास—18 सर्ग)

मैथिलीशरण गुप्त (साकेत—12 सर्ग)

जयशंकर प्रसाद (कामायनी—15 सर्ग)

मुक्तिबोध (अँधेरे में—8 खंड 71 बन्ध)

साहित्यकारों का जन्मकाल व जन्मस्थान परिचय*

*साहित्यकार — जन्म स्थान/वर्ष

1 महादेवी वर्मा —फर्रुखाबाद (उ.प्र)—1907

2.जैनेन्द्र कुमार — अलीगढ (ग़ाँव-कोङीयागंज)-1905

3.धर्मवीर भारती — इलाहाबाद,1926
मृत्यु-1997

4.फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ — औराही हिंगना,
जिला – पूर्णिया ( वर्तमान- अररिया )
 बिहार 4 ,मार्च 1921
मृत्य-11, अप्रैल -1977 (पटना)

5.विष्णु खरे — छिंदवारा (म.प्र.)-1940

6. हज़ारी प्रसाद द्विवेदी- आरत दुबे का छपरा ,जिला बलिया (उ.प्र.)1907
निधन-1979 (दिल्ली)

7.मुंशी प्रेमचन्द– लमही,बनारस , 31जुलाई ,1880
निधन-8 अक्टूबर,1936

8.संजीव– बांगरकलाँ , जिला-सुल्तानपुर -1947

9.विश्वनाथ त्रिपाठी -बिस्कोहर, जिला-बस्ती (सिद्धार्थ नगर, UP)-1931

10.आ.रामचन्द्र शुक्ल–अगोना गाँव ,
जिला-बस्ती -1884
निधन-1941(काशी)

11. चन्द्र धर शर्मा गुलेरी (इतिहास दिवाकर)-पुरानी बस्ती ,जयपुर-1922

12. ब्रजमोहन व्यास– इलाहाबाद – 1886,
निधन – 1963

13.भीष्म साहनी –रावलपिंडी
(पाकिस्तान)-1915
निधन-2003

*****आधुनिक काल –गद्य काल(राम चन्द्र शुक्ल) मह्त्वपूर्ण बिंदू******–

*आधुनिक काल हिन्दी साहित्य के इतिहास का दूसरा स्वर्ण युग कहा जाता है

*जनचेतना व जागरूकता का सशक्त स्वर–बादशाह दर्पण ,काश्मीर कुसुम इतिहास ग्रन्थो की रचना
– भारतेंदु

*खड़ी बोली हिंदी के प्रथम प्रतिष्ठित कवि -खुसरो

*खड़ी बोली गद्य की प्रथम रचना ‘चन्द छंद बरनन की महिमा ‘–गंग

*शुद्ध एवम् परिमार्जित खड़ी बोली की प्रथम रचना ‘भाषा योग वशिष्ठ’– राम प्रसाद निरंजनी (1741)

*रीतिकाल का अंतिम चरण (1843) भारतेंदु का आगमन (1868) के बीच का 25 वर्ष का समय-संक्रांति काल

*लेखक चतुष्ठ्य *

(इंशाअल्ला लल्लू सदा रहे सदल )

*इंशाअल्ला खां – रानी केतकी की कहानी (वीरभान चरित)

*लल्लू लाल – प्रेमसागर

*सदासुख लाल ‘नियाज़’- सुखसागर
(मानक हिन्दी के अधिक निकट)

*पंडित सदल मिश्र —  नासिकेतोपाख्यान

 ( चन्द्रावती)

*नवजागरण के अग्रदूत -राजा राममोहन राय

*”निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति को मूल “-भारतेंदु

*साहित्य जनसमूह के हृदय का विकास है –बालकृष्ण भट्ट

*भारतेंदु युग में भाषा गढ़ने की टकसाल कहा जाने वाला पत्र -बंगवासी पत्र

*हिन्दी आलोचना की आधारशिला — भारतेंदु लिखित ‘ नाटक’ शीर्षक  निबंध

*भारतेंदु का प्रथम अनूदित रचना (नाटक)– विद्यासुंदर नाटक(1868)

*भारतेंदु रचित खड़ी बोली में कवितायेँ ‘फूलों का गुच्छा’

*दशरथ विलाप कविता -भारतेंदु (खड़ी बोली में)

*हिन्दी प्रदीप ‘पत्र का सम्पादन -बालकृष्ण भट्ट

*निबंध लेखन क्षेत्र में आ. राम चन्द्र शुक्ल ने हिन्दी का बालकृष्णभट्ट को ‘स्टील’ एवं प्रताप नारायण मिश्र को ‘एडिसन’कहा |

*काव्य में ‘खड़ी बोली के पक्ष में आंदोलन ‘चलाया -अयोध्या प्र.खत्री (1888)

*राजा लक्ष्मण सिंह हिन्दी के समर्थक थे जबकि राजा शिवप्रसाद सितार -ए- हिन्द उर्दू के |

*पंजाब में हिन्दी का समर्थन करने वाले विद्वान – श्रद्धाराम फुल्लोरी व नवीन चन्द्र राय।

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