भारतेन्दु युग परिचय

भारतेन्दु काल या नवजागरण काल (1869 से 1900)–हिंदी साहित्य के आधुनिक काल के संक्राति काल के दो पक्ष हैं। इस समय के दरम्यान एक और प्राचीन परिपाटी में काव्य रचना होती रही और दूसरी ओर सामाजिक राजनीतिक क्षेत्रों में जो सक्रियता बढ़ रही थी और परिस्थितियों के बदलाव के कारण Read more…

Second grade result यहाँ सबसे पहले

साथियो सेकंड ग्रेड रिजल्ट सोमवार या मंगलवार को जारी हो सकता हैसबसे पहले ओर तेज़ रिजल्ट इस लिंक पर देख सकते हैRPSC 2nd Grade Result 2017 @rpsc.rajasthan.gov.in- Declared soonRpsc  second grade result cutt of marks Dekhen is  link se. https://rpsc.rajasthan.gov.in/results https://rpsc.rajasthan.gov.in/results

तुलसीदास जी के महत्वपूर्ण तथ्य

तुलसीदास जी के महत्वपूर्ण तथ्य तुलसीदास की पंक्तियाँ 1: ठुमुक चलत रामचन्द्र बाजत पैजनिया 2: जाके प्रिय न राम विदेही। तजिये ताहि 3: मंगल भवन अमंगल हारी 4: अरथ न धरम न कम रुचि, गति न चाहूँन निरबान 5: अब लौ नसानी अब न नसैहों 6: गिरा अनयन नयन बिनु Read more…

काव्यशास्त्र महत्वपूर्ण प्रश्न भाग-2

काव्यशास्त्र महत्वपूर्ण प्रश्न भाग-2 भारतीय काव्य शास्त्र==महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर  1 वास्तविक काव्यलक्षण का प्रारंभ किस आचार्य से होता है जिन्होंने शब्द और अर्थ के सहभाव (शब्दार्थो सहितौ  काव्यम )को काव्य की संज्ञा दी है == भामह से 2  शब्द अर्थ संगम सहित भरे चमत्कृत भाय।  जग अद्भुत में अद्भुतहिँ ,सुखदा काव्य Read more…

तार सप्तक कवि ट्रिक

                                          तार सप्तक (1943) के कवि          प्रभाकर माचवे, भारत भूषण अग्रवाल, गिरिजा कुमार माथुर, रामविलास शर्मा, गजानन माधव मुक्तिबोध, नेमिचंद्र जैन, सच्चिदानंद वात्स्यायन अज्ञेय           Read more…

काव्यशास्त्र महत्वपूर्ण प्रश्न

काव्यशास्त्र महत्वपूर्ण प्रश्न 1.  काव्य के तत्व माने गए है -दो 2.  महाकाव्य के उदाहरण है -रामचरित मानस, रामायण, साकेत, महाभारत, पदमावत, कामायनी, उर्वशी, लोकायतन, एकलव्य आदि 3.  मुक्तक काव्य के उदाहरण है-मीरा के पद, रमैनियां, सप्तशति 4.  काव्य कहते है -दोष रहित, सगुण एवं रमणियार्थ प्रतिपादक युगल रचना को Read more…

निबन्ध क्या है ?

निबन्ध के प्रकार- निबन्ध के तीन प्रकार है। भावात्मक, विचारात्मक , वर्णनात्मक। भावात्मक- भावात्मक निबंध में भाव की प्रधानता होती है। और विचारात्मक निबंध में विचार की, यहां प्रधानता शब्द ध्यान देने योग्य है।कोई भी निबंधकार केवल भाव या विचार के सहारे नहीं चलता, वह अपने साथ भाव और विचार Read more…

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