Hindi Varnamala || हिंदी वर्णमाला || Hindi Grammar

Hindi Varnamala

दोस्तो आज की पोस्ट में हिंदी व्याकरण के अंतर्गत हम हिंदी वर्णमाला(Hindi Varnamala), हिंदी वर्णमाला चार्ट(Hindi varnamala chart), हिंदी अल्फाबेट चार्ट (Hindi alphabet chart), हिंदी व्यंजन(Hindi vyanjan), हिन्दी वर्णमाला(Hindi varnmala), हिंदी स्वर (Hindi swar), हिंदी अक्षरमाला(Hindi aksharmala),वर्णमाला इन हिंदी(Varnmala in hindi), हिंदी वर्णमाला शब्द (Hindi varnamala words), हिंदी वर्णमाला वर्कशीट(Hindi varnamala Worksheets), को पढेंगे और […]

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एक कहानी यह भी || आत्मकथा || मन्नू भंडारी || सारांश व प्रश्नोतर

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दोस्तो आज की पोस्ट में मन्नू भंडारी द्वारा  रचित आत्मकथा एक कहानी यह भी का सारांश व महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर भी दिए गए है , जो किसी भी परीक्षा के लिए उपयोगी साबित होंगे एक कहानी यह भी (आत्मकथा)-मन्नू भंडारी  पाठ का सारांश आलोच्य आत्मकथा मन्नू भंडारी के बचपन और युवावस्था के जीवन के पारिवारिक व

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बाजार दर्शन जैनेन्द्र कुमार – निबंध का सार और महत्वपूर्ण नोट्स | Bazar Darshan Summary

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बाजार दर्शन (जैनेन्द्र कुमार): निबंध का सार, मुख्य बिंदु और संपूर्ण नोट्स (Bazar Darshan Summary in Hindi) हिंदी गद्य साहित्य और जैनेंद्र कुमार के वैचारिक निबंधों में ‘बाजार दर्शन’ एक अत्यंत चर्चित और लोकप्रिय निबंध है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे REET, RPSC, TGT, PGT, और हिंदी साहित्य से जुड़ी अन्य परीक्षाओं) की दृष्टि से इस निबंध

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मजदूरी और प्रेम सरदार पूर्ण सिंह – निबंध का सार और महत्वपूर्ण नोट्स | Mazduri aur Prem

मजदूरी और प्रेम

मजदूरी और प्रेम (सरदार पूर्ण सिंह): निबंध का सार और महत्वपूर्ण नोट्स (Mazduri aur Prem Summary in Hindi) हिंदी गद्य साहित्य और द्विवेदी युग के निबंधकारों में सरदार पूर्ण सिंह के वैचारिक व कलात्मक निबंधों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उनका प्रसिद्ध निबंध ‘मजदूरी और प्रेम’ श्रम, कृषक जीवन, और प्रेम की महत्ता को समर्पित

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संधि – परिभाषा, भेद ,उदाहरण | Sandhi Kise Kahate Hain

संधि किसे कहते हैं

आज के आर्टिकल में हम हिंदी व्याकरण में हिंदी संधि (Sandhi in hindi) को पढेंगे। इसमें हम संधि किसे कहते है (Sandhi kise kahate hain), संधि का अर्थ (Sandhi ka arth), संधि की परिभाषा (Sandhi ki paribhasha), संधि के प्रकार(Sandhi ke prakar), संधि के उदाहरण(Sandhi ke udaharan), संधि के प्रश्न(Sandhi ke prashn), स्वर संधि(Swar sandhi),

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Ugc Net hindi answer key june 2019 || हल प्रश्न पत्र जून 2019

दोस्तों आपके द्वारा काफी दिन की मेहनत के बाद आपका एग्जाम हुआ ,हमें यही आशा है कि वाकई में आपने सच्चे मन से मेहनत की होगी तो आपका एग्जाम भी अच्छा हुआ होगा  प्रश्न पत्र हल करने में सावधानी रखी गई है फिर भी कोई त्रुटी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरुर बताएं   

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आधुनिक हिंदी की प्रमुख रचनाएँ || hindi sahitya

दोस्तों आज की पोस्ट में हम आधुनिक हिंदी की प्रमुख रचनाएँ के बारे में चर्चा करने वाले है,ये रचनाएँ परीक्षा के लिए उपयोगी साबित होने वाली है ,आप अच्छे से इसे तैयार करें | आधुनिक हिंदी की प्रमुख रचनाएँ ⇒सन् 1900 ई० बेगुनाह का खून (उपन्यास) – गोपालराम गहमरी ⇒सन् 1901 ई० काजर की कोठरी

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भ्रमरगीत परम्परा क्या है || Bhaktikaal || कृष्णकाव्य धारा || hindi sahitya

भ्रमरगीत परम्परा

भ्रमरगीत परम्परा (Bhramar Geet ) अब उस काव्य के लिए रूढ़ हो गया है जिसमें उद्धव-गोपी संवाद होता है। भ्रमरगीत का तात्पर्य उस उपालम्भ काव्य से हैं जिसमें नायक की निष्ठुरता एवं लम्पटता के साथ-साथ नायिका की मूक व्यथा, विरह वेदना का मार्मिक चित्रण करते हुए नायक के प्रति नायिका के उपालम्भों का चित्रण किया

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हिंदी कविता || इकाई 5 || net jrf hindi hindi sahitya question answer

इकाई- 5 (कविता) (net jrf hindi most important question) महत्त्वपूर्ण प्रश्न – इस post में इकाई 5 के आधुनिक काव्य रचनाओं से संबंधित महत्त्वपूर्ण प्रश्न दिए गए है – hindi sahitya question answer 1. पृथ्वीराज रासो के रेवा तट कौनसा समय है ? उ. 27 समय 2. ’छोटे निराला’ किसे कहा गया है – उ.

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सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जीवन परिचय, रचनाएँ और चतुरी चमार- Suryakant Tripathi Nirala

Suryakant Tripathi Nirala ka Jeevan Parichay

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का जीवन परिचय, रचनाएँ, ‘चतुरी चमार’ और साहित्यिक योगदान (Suryakant Tripathi Nirala Jivan Parichay) हिंदी साहित्य के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक, मुक्तछंद के प्रवर्तक और ‘महाप्राण’ के रूप में प्रतिष्ठित सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का आधुनिक हिंदी साहित्य में अद्वितीय और क्रांतिकारी स्थान है। उनका संपूर्ण जीवन संघर्ष,

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