आज की पोस्ट में मोहन राकेश(Mohan Rakesh ka Jivan Parichay) जी के बारें में पढेंगे ,लगभग एग्जाम में एक -दो प्रश्न जरुर आते है ,जानकारी आपको अच्छी लगे तो शेयर करने में संकोंच न करें।
मोहन राकेश – Mohan Rakesh ka Jivan Parichay
Table of Contents
जीवन परिचय –
| पूरा नाम | मोहन राकेश |
| जन्म | 8 जनवरी 1925 ई. |
| जन्म स्थान | अमृतसर, पंजाब |
| व्यवसाय | नाटककार, उपन्यासकार |
| प्रमुख नाटक | आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, ‘आधे अधूरे’ |
| प्रमुख उपन्यासकार | अँधेरे बंद कमरे, अन्तराल |
| राष्ट्रीयता | भारत |
| मृत्यु | 3 दिसम्बर, 1972 ई. |
⇒ पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी व अंग्रेजी में एम.ए.।
प्रमुख रचनाएँ
नाटक –
| 1. 1958 ई. – आषाढ़ का एक दिन |
| 2. 1963 ई. – लहरों के राजहंस |
| 3. 1969 ई. – आधे-अधूरे |
| 4. पैरों तले की जमीन |
नोट – ‘पैरों तले की जमीन’ नाटक – (अधुरे नाटक को कमलेश्वर ने पूरा किया) |
⇒ 1959 ई. में आषाढ़ का एक दिन वर्ष का सर्वश्रेष्ठ नाटक |
⇒1968 ई. में आषाढ़ का एक दिन एवं आधे-अधूरे नाटक के लिए संगीत नाटक अकादमी ने इन्हें पुरस्कार किया।
⇒ 1979 ई. में फिल्म निर्मित, ’संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार’ |
कहानी संग्रह –
| 1. इंसान के खण्डहर |
| 2. नये बादल |
| 3. जानवर और जानवर |
| 4. एक और जिन्दगी |
| 5. आज के साये |
| 6. फौलाद का आकाश |
| 7. डाॅक्टर |
| 8. क्वार्टर तथा अन्य कहानियाँ |
| 9. पहचान तथा अन्य कहानियाँ |
| 10. वारिस तथा अन्य कहानियाँ |
निबंध संग्रह –
| परिवेश |
अनुवाद –
| 1. मृच्छकटिकम |
| 2. शांकुतलम |
नोट – ‘शांकुतलम’ अनुवाद – 1968 ई. संगीत नाटक अकादमी से पुरस्कृत
उपन्यास –
| 1. अंधेरे बंद कमरे |
| 2. न आने वाला कल |
| 3. अंतराल |
| 4. बाकलमा खुदा |
⇒ मोहन राकेश ’नयी कहानी’ आंदोलन के जनक माने जाते है।
⇒ ’सारिका’ पत्रिका का एक वर्ष तक सम्पादन किया।
प्रमुख कहानियाँ –
| 1. मलबे का मालिक (भारत-विभाजन पर आधारित) |
| 2. एक और जिन्दगी |
| 3. जख्म |
| 4. ठहरा हुआ चाकू |
| 5. जानवर और जानवर |
| 6. आर्द्रा |
| 7. फौलाद का आकाश |
| 8. अपरिचित |
| 9. मिसपाल |
| 10. परमात्मा का कुत्ता |
| 11. वासना की छाया में। |
⇒ ’लहरों के राजहंस’- अश्वघोष के संस्कृत नाटक ’सौन्दरानंद’ पर आधारित है। गौतम बुद्ध के सौतले भाई ’नंद’।
एकांकी –
| अण्डे के छिलके |
यात्रा साहित्य –
| 1953 ई. – आखिरी चट्टान तक। |
इससे पीछे की पोस्ट हमने कवि निराला जी के बारें में लिखी थी ,पाठको ने इसे पसंद भी खूब किया
आप भी निराला जी की पोस्ट को पढ़ें


जी आप यहीं पढ़ लेवें