अंतिम संशोधित (Last Updated): August 27, 2026
हिंदी संस्मरण का विकास और प्रमुख संस्मरण ग्रंथ (Hindi Sansmaran ka Vikas)
Table of Contents
हिंदी गद्य विधाओं में ‘संस्मरण’ (Memoir) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय है। जब लेखक अपने जीवन में घटित किसी घटना, विशिष्ट व्यक्ति या अनुभव को अपनी स्मृति के आधार पर कलात्मक ढंग से प्रस्तुत करता है, तो उसे संस्मरण कहते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UGC NET, TGT, PGT, RPSC, KVS) की दृष्टि से हिंदी संस्मरण के विकास और उनके प्रकाशन वर्षों का इतिहास बेहद स्कोरिंग टॉपिक है।
आज के इस आर्टिकल में हम भारतेन्दु युग से लेकर आधुनिक काल तक के प्रमुख हिंदी संस्मरणों और उनके कालक्रम को व्यवस्थित रूप से जानेंगे।
📜 हिंदी संस्मरण का कालक्रमानुसार विकास और प्रमुख कृतियाँ (1905 से 2013)
हिंदी में संस्मरण लेखन की शुरुआत द्विवेदी युग से मानी जाती है। यहाँ प्रमुख संस्मरणों की पूरी सूची दी गई है:
1905: अनुमोदन का अन्त, अतीत स्मृति — (महावीरप्रसाद द्विवेदी)
1907: इंग्लैंड के देहात में महाराज बनारस का कुआं — (काशीप्रसाद जायसवाल)
1907: सभा की सभ्यता — (महावीरप्रसाद द्विवेदी)
1908: लन्दन का फाग या कुहरा — (प्यारेलाल मिश्र)
1909: मेरी नई दुनिया सम्बन्धिनी रामकहानी — (भोलदत्त पांडेय)
1911: अमेरिका में आनेवाले विद्यार्थियों की सूचना — (जगन्नाथ खन्ना)
1913: मेरी छुट्टियों का प्रथम सप्ताह — (जगदीश बिहारी सेठ)
1913: वाशिंगटन महाविद्यालय का संस्थापन दिनोत्सव — (पांडुरंग खानखोजे)
1918: इधर-उधर की बातें — (रामकुमार खेमका)
1921: कुछ संस्मरण — (वृन्दालाल वर्मा)
1921: मेरे प्राथमिक जीवन की स्मृतियां — (इलाचन्द्र जोशी)
1932: मदन मोहन के सम्बन्ध की कुछ पुरानी स्मृतियां — (शिवराम पांडेय)
1937: क्रान्तियुग के संस्मरण — (मन्मथनाथ गुप्त)
1937: बोलती प्रतिमा — (श्रीराम शर्मा – इस संकलन का सर्वश्रेष्ठ संस्मरण ‘भाई जगन्नाथ’ है)
1937: साहित्यिकों के संस्मरण — (ज्योतिलाल भार्गव)
1938: झलक — (शिवनारायण टंडन)
1940: टूटा तारा — (राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह)
1942: गोर्की के संस्मरण — (इलाचन्द्र जोशी)
1942: तीस दिन मालवीय जी के साथ — (रामनरेश त्रिपाठी)
1946: पंच चिह्न — (शांतिप्रसाद द्विवेदी)
1946: वे दिन वे लोग — (शिवपूजन सहाय)
1947: पुरानी स्मृतियां और नए स्केच / मिट्टी के पुतले — (प्रकाशचन्द्र गुप्त)
1947: स्मृति की रेखाएं — (महादेवी वर्मा)
1948: सन् बयालीस के संस्मरण — (श्रीराम शर्मा)
1949: एलबम — (सत्यजीवन वर्मा ‘भारतीय’)
1949: ज़्यादा अपनी, कम पराई — (उपेन्द्रनाथ अश्क)
1952: संस्मरण — (बनारसीदास चतुर्वेदी)
1954: गांधी कुछ स्मृतियां / ये और वे — (जैनेन्द्र कुमार)
1955: मुझे याद है — (रामवृक्ष बेनीपुरी)
1955: बचपन की स्मृतियां — (राहुल सांकृत्यायन)
1955: मैं भूल नहीं सकता — (कैलाशनाथ काटजू)
1956: मील के पत्थर — (रामवृक्ष बेनीपुरी)
1956: जिनका मैं कृतज्ञ, मेरे असहयोग के साथी — (राहुल सांकृत्यायन)
1956: मंटो मेरा दुश्मन — (उपेन्द्रनाथ अश्क)
1957: जंजीरें और दीवारें — (रामवृक्ष बेनीपुरी)
1957: वे जीते कैसे हैं — (श्रीराम शर्मा)
1959: कुछ मैं कुछ वे — (रामवृक्ष बेनीपुरी)
1959: मैं इनका ऋणी हूं — (इन्द्र विद्यावाचस्पति)
1959: स्मृति-कण — (सेठ गोविन्ददास)
1960: प्रसाद और उनके समकालीन — (विनोद शंकर व्यास)
1962: अतीत की परछाइयां — (अमृता प्रीतम)
1962: कुछ स्मृतियां और स्फुट विचार — (डॉ. सम्पूर्णानन्द)
1962: जाने-अनजाने — (विष्णु प्रभाकर)
1962: नए-पुराने झरोखे — (हरिवंशराय बच्चन)
1962: समय के पांव — (माखनलाल चतुर्वेदी)
1963: जैसा हमने देखा — (क्षेमचन्द्र सुमन)
1963: दस तस्वीरें — (जगदीशचन्द्र माथुर)
1963: साठ वर्ष : एक रेखांकन — (सुमित्रानन्दन पन्त)
1965: कुछ शब्द : कुछ रेखाएं — (विष्णु प्रभाकर)
1965: जवाहर भाई : उनकी आत्मीयता और सहृदयता — (रायकृष्ण दास)
1965: मेरे हृदय देव — (हरिभाऊ उपाध्याय)
1965: लोकदेव नेहरू — (रामधारीसिंह दिनकर)
1966: चेहरे जाने-पहचाने — (सेठ गोविन्ददास)
1966: स्मृतियां और कृतियां — (शान्तिप्रय द्विवेदी)
1967: चेतना के बिम्ब — (डॉ. नगेन्द्र)
1968: गांधी संस्मरण और विचार — (काका साहेब कालेलकर)
1968: घेरे के भीतर और बाहर — (डॉ. हरगुलाल)
1968: बच्चन निकट से — (अजित कुमार एवं ओंकारनाथ श्रीवास्तव)
1968: स्मृति के वातायन — (जानकीवल्लभ शास्त्री)
1969: चांद — (पद्मिनी मेनन)
1969: संस्मरण और श्रद्धांजलियां — (रामधारी सिंह दिनकर)
1970: व्यक्तित्व की झांकियां — (लक्ष्मीनारायण सुधांशु)
1971: जिन्होंने जीना जाना — (जगदीशचन्द्र माथुर)
1971: स्मारिका — (महादेवी वर्मा)
1972: अन्तिम अध्याय — (पदुमलाल पुन्नालाल बख़्शी)
1973: जिनके साथ जिया — (अमृतलाल नागर)
1974: स्मृति की त्रिवेणिका — (लक्ष्मी शंकर व्यास)
1975: मेरा हमदम मेरा दोस्त — (कमलेश्वर)
1975: रेखाएं और संस्मरण — (क्षेमचन्द्र सुमन)
1975: चन्द सतरें और — (अनीता राकेश)
1976: बीती यादें — (परिपूर्णानन्द)
1976: मैंने स्मृति के दीप जलाए — (रामनाथ सुमन)
1977: मेरे क्रान्तिकारी साथी — (भगतसिंह)
1977: हम हशमत (भाग-1) — (कृष्णा सोबती)
1978: कुछ ख़्वाबों में कुछ ख़यालों में — (शंकर दयाल सिंह)
1978: संस्मरण को पाथेय बनने दो — (विष्णुकान्त शास्त्री)
1979: अतीत के गर्त से — (भगवतीचरण वर्मा)
1979: पुनः — (सुलोचना रांगेय राघव)
1979: श्रद्धांजलि संस्मरण — (मैथिलीशरण गुप्त)
1980: यादों के झरोखे — (कुंवर सुरेश सिंह)
1980: लीक-अलीक — (भारतभूषण अग्रवाल)
1981: औरों के बहाने — (राजेन्द्र यादव)
1981: यादों की तीर्थयात्रा — (विष्णु प्रभाकर)
1981: सृजन का सुख-दुख — (प्रतिभा अग्रवाल)
1982: संस्मरणों के सुमन — (रामकुमार वर्मा)
1982: स्मृति-लेखा — (अज्ञेय)
1982: आदमी से आदमी तक — (भीमसेन त्यागी)
1983: निराला जीवन और संघर्ष के मूर्तिमान रूप — (डॉ. ये. पे. चेलीशेव)
1983: मेरे अग्रज : मेरे मीत — (विष्णु प्रभाकर)
1983: युगपुरुष — (रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’)
1984: बन तुलसी की गन्ध — (फणीश्वरनाथ रेणु)
1984: दीवान ख़ाना — (पद्मा सचदेव)
1986: रस गगन गुफा में — (भगवतीशरण उपाध्याय)
1988: हज़ारीप्रसाद द्विवेदी : कुछ संस्मरण — (कमल किशोर गोयनका)
1989: भारत भूषण अग्रवाल : कुछ यादें, कुछ चर्चाएं — (बिन्दु अग्रवाल)
1990: सृजन के सेतु — (विष्णु प्रभाकर)
1992: जिनकी याद हमेशा रहेगी — (अमृत राय)
1992: निकट मन में — (अजित कुमार)
1992: याद हो कि न याद हो — (काशीनाथ सिंह)
1992: सुधियां उस चन्दन के वन की — (विष्णुकान्त शास्त्री)
1994: लाहौर से लखनऊ तक — (प्रकाशवती पाल)
1994: सप्तवर्णी — (गिरिराज किशोर)
1995: अग्निजीवी — (प्रफुल्लचन्द्र ओझा)
1995: मितवा घर — (पद्मा सचदेव)
1995: लौट आ ओ धार — (दूधनाथ सिंह)
1995: स्मृतियों के छंद — (रामदरश मिश्र)
1996: अभिन्न — (विष्णुचन्द्र शर्मा)
1996: सृजन के सहयात्री — (रवीन्द्र कालिया)
1998: यादें और बातें — (बिन्दु अग्रवाल)
1998: हम हशमत (भाग-2) — (कृष्णा सोबती)
2000: अमराई — (पद्मा सचदेव)
2000: नेपथ्य नायक लक्ष्मीचन्द्र जैन — (मोहनकिशोर दीवान)
2000: याद आते हैं — (रमानाथ अवस्थी)
2000: यादों के काफिले — (देवेन्द्र सत्यार्थी)
2000: वे देवता नहीं हैं — (राजेन्द्र यादव)
2001: अंतरंग संस्मरणों में प्रसाद — (संपादक: पुरुषोत्तमदास मोदी)
2001: एक नाव के यात्री — (विश्वनाथप्रसाद तिवारी)
2001: प्रदक्षिणा अपने समय की — (नरेश मेहता)
2001: अपने-अपने रास्ते — (रामदरश मिश्र)
2002: काशी का अस्सी — (काशीनाथ सिंह)
2002: नेह के नाते अनेक — (कृष्णविहारी मिश्र)
2002: लखनऊ मेरा लखनऊ — (मनोहर श्याम जोशी)
2002: स्मृतियों का शुक्ल पक्ष — (डॉ. रामकमल राय)
2002: चिडि़या रैन बसेरा — (विद्यानिवास मिश्र)
2002: लौट कर आना नहीं होगा — (कान्तिकुमार जैन)
2003: आंगन के वंदनवार — (विवेकी राय)
2003: रघुवीर सहाय : रचनाओं के बहाने एक संस्मरण — (मनोहर श्याम जोशी)
2004: तुम्हारा परसाई — (कान्तिकुमार जैन)
2004: पर साथ-साथ चली रही याद — (विष्णुकान्त शास्त्री)
2004: आछे दिन पाछे गए — (काशीनाथ सिंह)
2004: नंगा तलाई का गांव — (डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी)
2004: लाई हयात आए — (लक्ष्मीधर मालवीय)
2005: मेरे सुहृद : मेरे श्रद्धेय — (विवेकी राय)
2005: सुमिरन को बहानो — (केशवचन्द्र वर्मा)
2006: घर का जोगी जोगड़ा — (काशीनाथ सिंह)
2006: जो कहूंगा सच कहूंगा — (डॉ. कान्ति कुमार जैन)
2006: ये जो आईना है — (मधुरेश)
2007: अब तो बात फैल गई — (कान्तिकुमार जैन)
2007: एक दुनिया अपनी — (डॉ. रामदरश मिश्र)
2009: कविवर बच्चन के साथ — (अजीत कुमार)
2009: कालातीत — (मुद्राराक्षस)
2009: कितने शहरों में कितनी बार — (ममता कालिया)
2009: कुछ यादें : कुछ बातें — (अमरकान्त)
2009: दिल्ली शहर दर शहर — (डॉ. निर्मला जैन)
2009: मेरे भोजपत्र — (चन्द्रकान्ता)
2009: हाशिए की इबारतें — (चन्द्रकान्ता)
2010: अ से लेकर ह तक — (डॉ. वीरेन्द्र सक्सेना)
2010: अंधेरे में जुगनू — (अजीत कुमार)
2010: जे.एन.यू. में नामवर सिंह — (संपादक: सुमन केशरी)
2010: बैकुंठ में बचपन — (कान्तिकुमार जैन)
2011: अतीत राग — (नन्द चतुर्वेदी)
2011: कल परसों बरसों — (ममता कालिया)
2011: स्मृति में रहेंगे वे — (शेखर जोशी)
2012: हम हशमत (भाग-3) — (कृष्णा सोबती)
2012: अपने-अपने अज्ञेय (दो खंड) — (ओम थानवी)
2012: आलोचक का आकाश — (मधुरेश)
2012: गंगा स्नान करने चलोगे — (डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी)
2012: माफ़ करना यार — (बलराम)
2012: यादों का सफ़र — (प्रकाश मनु)
2012: स्मृतियों के गलियारे से — (नरेन्द्र कोहली)
2013: मेरी यादों का पहाड़ — (देवेंद्र मेवाड़ी)
हरिऔधजी के संस्मरण — (बालमुकुन्द गुप्त)
📌 निष्कर्ष (Conclusion)
हिंदी साहित्य में ‘संस्मरण’ विधा ने लेखकों के वैयक्तिक अनुभवों को सार्वजनिक और ऐतिहासिक धरोहर में बदलने का अद्भुत कार्य किया है। महावीरप्रसाद द्विवेदी से शुरू हुई यह यात्रा महादेवी वर्मा, बनारसीदास चतुर्वेदी, रामवृक्ष बेनीपुरी, अज्ञेय और कृष्णा सोबती जैसे महान रचनाकारों के हाथों से होती हुई आधुनिक काल तक अत्यंत समृद्ध हुई है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे TGT, PGT, UGC NET) की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए संस्मरण ग्रंथों और उनके प्रकाशन वर्षों का यह कालक्रम याद रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि परीक्षा में अक्सर रचना और रचनाकार के जोड़े या क्रम से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
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