हिंदी भाषा और बोलियाँ प्रश्नोतर

हिंदी भाषा एवं बोलियाँ 

✍पश्चिमी हिंदी की कितनी बोलियां हैं ?
पांच
✍पश्चिमी हिंदी की कौन-कौन सी बोलियां हैं ?
खड़ी बोली या कौरवी, ब्रजभाषा, हरियाणी, बुंदेली और कन्नौजी ।
✍पूर्व हिंदी की कितनी बोलियां हैं ?
अवधी, बघेली और छत्तीसगढ़ी ।
✍राजस्थानी हिंदी की कितनी बोलियां हैं ?
मारवाड़ी, जयपुरी, मेवाती, मालवी ।

✍पहाड़ी हिन्दी को कितने भागों में बांटा गया है ?
पश्चिमी पहाड़ी और मध्यवर्ती पहाड़ी (कुमाऊंनी तथा गढ़वाली)
✍बिहारी में हिन्दी की कितनी बोलियां हैं ?
तीन- मगही, भोजपुरी और मैथिली ।
✍भाषा के लिए हिंदी शब्द का प्राचीनतम प्रयोग कहां मिलता है ?
शरफुद्दीन के जफरनामा में
✍हिंदी का वास्तिव आरंभ कब से माना जाता है ?
1000 ई.

✍हिंदी क्षेत्र की बोलियों में सबसे ज्यादा कौन-सी बोली बोली जाती है ?
भोजपुरी
✍साहित्यिक दृषि से हिंदी भाषा की सबसे महत्वपूर्ण बोली कौन-सी है ?
बज्रभाषा
✍ताज्जुबेकिस्तान में कौन सी हिंदी बोली जाती है ?
बज्रभाषा
✍भारत के बाहर सबसे ज्यादा अवधी कहां बोली जाती है ?
फिजी
✍हिंदी का पहला समाचार पत्र कौन था ?
उदंत मार्तण्ड

✍अशोक के समय राजकाज की भाषा क्या थी ?
पाली
✍मुहम्मद गोरी से लेकर अकबर तक राजकाज की भाषा क्या थी ?
हिंदी
✍अकबर के शासन काल में मंत्री टोडरमल के आदेश से किस भाषा को हिंदी की जगह पर राजभाषा बनाया गया ?
फारसी
✍ईस्ट इंडिया कंपनी ने कब तक फारसी को राजभाषा बनाए रखा ?
1833 ई. तक
✍संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा बनाने का प्रस्ताव किसने प्रस्तुत किया था ?
गोपाल स्वामी आयंगर

✍भारतीय संविधान में हिंदी को राजभाषा के रुप में कब मान्यता मिली ?
14 सितंबर, 1949
✍संविधान के किस अनुच्छेद में हिंदी को संघ की भाषा और देवनागरी को लिपि कहा गया है ?
अनुच्छेद 343
✍राजभाषा आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे ?
बालगंगाधर खरे
✍संविधान के किस सूची में भाषा को सम्मिलित किया गया है ?
आठवीं अनुसूची

✍आठवीं अनुसूची में कितनी भाषाओं को शामिल किया गया है ?
25
✍जनसंख्या की दृष्टि से सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में हिन्दी का कौन-सा स्थान है ?
तीसरा
✍भारतीय लिपियों में सर्वश्रेष्ठ लिपि किसे मानी गई है ?
ब्राह्मी लिपि
✍हिंदी के उद्भव का सही क्रम है ?
पालि, प्राकृत,अपभ्रंश, अवहट्ट
✍हिंदी का संबंध किससे है ?
शौरसेनी अपभ्रंश

✍अपभ्रंश को पुरानी हिंदी किसने कहा ?
चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’
✍शौरसेनी अपभ्रंश में किस उपभाषा का विकास हुआ ?
राजस्थानी
✍साहित्यिक अपभ्रंश को पुरानी हिंदी किसने कहा था ?
आचार्य रामचंद्र शुक्ल
✍खड़ी बोली हिंदी में सर्वप्रथम रचना करने वाले कवि किसे माना गया है ?
अमीर खुसरो
✍चंद्रधर शर्मा गुलेरी ने किसको पुरानी हिंदी का प्रथम कवि माना है ?
राजामुंज

✍देवनागरी लिपि की उत्पत्ति किसके हुई ?
ब्राह्मी
✍तुलसी रचित विनय पत्रिका की क्या भाषा है ?
ब्रज
✍मैथिली का विकास किस अपभ्रंश से माना जाता है ?
मागधी अपभ्रंश
✍फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना कहां हुई ?
कोलकाता
✍कचहरियों में हिंदी प्रवेश आंदोलन का मुखपत्र किस पत्र को कहा जाता है ?
भारत-मित्र
✍नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना कब हुई ?
1893 ई.

✍नागरी प्रचारिणी सभा के संस्थापकों में कौन शामिल थे ?
शिवकुमार सिंह और बाबू श्यामसुंदर दास
✍रामचरितमानस किस भाषा में लिखा गया है ?
अवधी
✍खड़ी बोली का प्रयोग सबसे पहले किस किताब में हुआ ?
प्रेमसागर
✍ब्रजभाषा किस अपभ्रंश से विकसित हुआ है ?
शौरसेनी

✍पश्चिमी हिंदी की सबसे प्रमुख बोली कौन है ?
ब्रजभाषा
✍पश्चिमी हिंदी किस अपभ्रंश से विकसित हुई है ?
शौरसेनी
✍किस क्षेत्र की बोली को काशिका कहा गया है ?
बनारस
✍शकुन्तला नाटक का खड़ी बोली में अनुवाद किसे किया ?
राज लक्ष्मण सिंह
✍अवधी की उत्पति किस अपभ्रंश से हुई है ?
अर्धमागधी

✍किस बोली में कृष्ण काव्य और रीतिकालीन साहित्य का सृजन हुआ ?
ब्रजभाषा
अहीरवाटी का संबंध किससे है ?
उत्तरी राजस्थानी
✍ भाषा की उत्पति किस अपभ्रंश से हुई है ?
ब्राचड़ अपभ्रंश
✍बिहारी, बंगला, उड़िया और असमिया का उद्भव किस अपभ्रंश से हुआ है ?
मागधी

प्रमुख कथन

 

💐हमारी हिन्दी को कामधेनु बनाना है। – चंद्रबली पांडेय

 

💐भारत के विभिन्न प्रदेशों के बीच हिन्दी प्रचार द्वारा एकता स्थापित करने वाले सच्चे भारत बंधु हैं। – अरविंद

 

💐मेरा आग्रहपूर्वक कथन है कि अपनी सारी मानसिक शक्ति हिन्दी के अध्ययन में लगावें। -विनोबा भावे

 

हिन्दी द्वारा सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है। – स्वामी दयानंद

 

💐जैसे-जैसे हमारे देश में राष्ट्रीयता का भाव बढ़ता जाएगा वैसे ही वैसे हिन्दी की राष्ट्रीय सत्ता भी बढ़ेगी। – श्रीमती लोकसुन्दरी रामन

 

 

💐जीवित भाषा बहती नदी है जिसकी धारा नित्य एक ही मार्ग से प्रवाहित नहीं होती। – बाबूराव विष्णु पराड़कर

 

💐हिन्दी उन सभी गुणों से अलंकृत है जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषाओं की अगली श्रेणी में सभासीन हो सकती है। – मैथिलीशरण गुप्त

 

💐हिन्दी भाषा और साहित्य ने तो जन्म से ही अपने पैरों पर खड़ा होना सीखा है। – धीरेन्द्र वर्मा

 

💐बिना मातृभाषा की उन्नति के देश का गौरव कदापि वृद्धि को प्राप्त नहीं हो सकता। – गोविन्द शास्त्री दुगवेकर

 

💐राष्ट्रभाषा के बिना आजादी बेकार है। – अवनींद्रकुमार विद्यालंकार

 

💐हिन्दी का काम देश का काम है, समूचे राष्ट्रनिर्माण का प्रश्न है। – बाबूराम सक्सेना

 

💐समस्त भारतीय भाषाओं के लिए यदि कोई एक लिपि आवश्यक हो तो वह देवनागरी ही हो सकती है। – (जस्टिस) कृष्णस्वामी अय्यर

 

💐हिन्दी का पौधा दक्षिणवालों ने त्याग से सींचा है। – शंकरराव कप्पीकेरी

 

💐राष्ट्रभाषा हिन्दी का किसी क्षेत्रीय भाषा से कोई संघर्ष नहीं है। – अनंत गोपाल शेवड़े

 

💐हिन्दी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती है। – वी. कृष्णस्वामी अय्यर

 

राष्ट्रीय एकता की कड़ी हिन्दी ही जोड़ सकती है। – बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’

 

💐विदेशी भाषा का किसी स्वतंत्र राष्ट्र के राजकाज और शिक्षा की भाषा होना सांस्कृतिक दासता है। – वाल्टर चेनिंग

 

💐हिन्दी को तुरंत शिक्षा का माध्यम बनाइये। – बेरिस कल्यएव

 

अंग्रेजी सर पर ढोना डूब मरने के बराबर है। – सम्पूर्णानंद

 

💐देश को एक सूत्र में बांधे रखने के लिए एक भाषा की आवश्यकता है और वह भाषा है हिन्दी। – सेठ गोविंददास

 

💐इस विशाल प्रदेश के हर भाग में शिक्षित-अशिक्षित, नागरिक और ग्रामीण सभी हिन्दी को समझते हैं। – राहुल सांकृत्यायन

 

💐समस्त आर्यावर्त या ठेठ हिंदुस्तान की राष्ट्र तथा शिष्ट भाषा हिन्दी या हिन्दुस्तानी है। -सर जार्ज ग्रियर्सन

 

💐मुस्लिम शासन में हिन्दी फारसी के साथ-साथ चलती रही पर कंपनी सरकार ने एक ओर फारसी पर हाथ साफ किया तो दूसरी ओर हिन्दी पर। – चंद्रबली पांडेय

 

💐भारत की परंपरागत राष्ट्रभाषा हिन्दी है। – नलिनविलोचन शर्मा

 

💐जब से हमने अपनी भाषा का समादर करना छोड़ा तभी से हमारा अपमान और अवनति होने लगी। – (राजा) राधिकारमण प्रसाद सिंह

 

💐यदि पक्षपात की दृष्टि से न देखा जाये तो उर्दू भी हिन्दी का ही एक रूप है। – शिवनंदन सहाय

 

💐अपनी सरलता के कारण हिन्दी स्वयं ही राष्ट्रभाषा हो गई है। – भवानीदयाल संन्यासी

 

💐यह कैसे संभव हो सकता है कि अंग्रेजी भाषा समस्त भारत की मातृभाषा के समान हो जाए? – चंद्रशेखर मिश्र

 

💐भारतीय एकता के लक्ष्य का साधन हिन्दी भाषा का प्रचार है। – टी. माधवराव

 

💐हिन्दी हिन्द की, हम सबकी भाषा है। – र. रा. दिवाकर

 

💐यह संदेह निर्मूल है कि हिन्दी वाले उर्दू का नाश चाहते हैं। – डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

 

💐शिक्षा के प्रसार के लिए नागरी लिपि का सर्वत्र प्रचार आवश्यक है। – शिवप्रसाद सितारेहिंद

 

💐हमारी हिन्दी भाषा का साहित्य किसी भी दूसरी भारतीय भाषा से किसी अंश से कम नहीं है। – (रायबहादुर) रामरणविजय सिंह

 

💐वही भाषा जीवित और जाग्रत रह सकती है जो जनता का ठीक-ठीक प्रतिनिधित्व कर सके। और हिन्दी इसमें समर्थ  है – पीर मुहम्मद मूनिस

 

💐भारतेंदु और द्विवेदी ने हिन्दी की जड़ें पाताल तक पहुँचा दी है, उसे उखाड़ने का जो दुस्साहस करेगा वह निश्चय ही भूकंपध्वस्त होगा। – शिवपूजन सहाय

 

💐यह निर्विवाद है कि हिन्दी भाषियों को उर्दू भाषा से कभी द्वेष नहीं रहा। – ब्रजनंदन दास

 

💐हिन्दी भाषा अपनी अनेक धाराओं के साथ प्रशस्त क्षेत्र में प्रखर गति से प्रकाशित हो रही है। – छविनाथ पांडेय

 

💐देवनागरी ध्वनिशास्त्र की दृष्टि से अत्यंत वैज्ञानिक लिपि है। – रविशंकर शुक्ल

 

💐हमारी नागरी दुनिया की सबसे अधिक वैज्ञानिक लिपि है। – राहुल सांकृत्यायन

 

💐नागरी प्रचार देश उन्नति का द्वार है। – गोपाललाल खत्री

 

💐अंग्रेजी से भारत की रक्षा नहीं हो सकती। – पं. कृ. पिल्लयार

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