भारतेन्दु युग पार्ट 1

भारतेन्दु युग

आज हम भारतेन्दु युग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी ले कर आए है 

1. भारतेंदु की राजभक्ति परक कविता *भारत शिक्षा* है

2.सर सैयद अहमद खां ने हिंदी को गंवारू बोली कहकर उर्दू की हिमायत की

3.रीतिकाल का अंतिम चरण सन 1843 ईस्वी और भारतेन्दु के आगमन 1868 ईस्वी के बीच 25 वर्ष के समय को *सक्रांति काल* कहा गया ।

महत्वपूर्ण

1. “हमारे मत में हिंदी और उर्दू दो बोली न्यारी – न्यारी है” यह कथन किस लेखक का है
⇒राजा लक्ष्मण सिंह⇒

2. “चूरन साहब लोग जो खाता ! सारा देश हजम कर जाता” यह पंक्ति किस कवि की है
⇒भारतेंदु जी⇒

3. “तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए” पंक्ति किस कवि की है
⇒भारतेंदु जी⇒

4. “यह ब्यारि तबै बदलेगी कछू पपीहा जब पूछि है पीव कहां” यह पंक्ति किस कवि की है
⇒प्रताप नारायण मिश्र⇒

5. “भीतर-भीतर सब रस चूसै हँसि-हँसि के तन मन धन मूसै” यह पंक्ति किस कवि की है
⇒भारतेंदु जी⇒

4.आयुक्रम की दृष्टि से भारतेन्दु मण्डल के सबसे वरिष्ठ सदस्य बालकृष्ण भट्ट थे।

5.निबन्ध लेखन के क्षेत्र में आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने बालकृष्ण ओर प्रतापनारायण मिश्र को हिंदी का स्टील और एडिसन कहा है।

6.लल्लू लाल जी का सर्वाधिक प्रसिद्ध ग्रन्थ *प्रेमसागर* है

7.तदीय समाज के संस्थापक थे–भारतेन्दु।

8.मयंक महिमा रचना है–प्रेमघन।

9.भारतेन्दु काल मे प्रकृति चित्रण में प्रकृति को आलम्बन रूप में प्रधानता से दिखाया गया है।

10.’हरिश्चंद्र चंद्रिका’ में हिंदी गद्य का ठीक परिष्कृत रूप सबसे पहले मिलता है।

11. स्वतंत्र रूप से प्रकृति चित्रण की दृष्टि से भारतेंदु युग के प्रमुख कवि है —-ठाकुर जगमोहन सिंह

12. ‘हर गंगा’ रचना किसकी है— प्रताप नारायण मिश्र

13. भारतेंदु युग के किस कवि ने अतुकांत काव्य रचना की पद्धति अपना कर एक नया प्रयोग किया—- अंबिकादत्त व्यास

14.’हिंदी हिन्दू हिंदुस्तान’ नारा किसने दिया था—- प्रताप नारायण मिश्र

15. प्रताप नारायण मिश्र की प्रतिनिधि कविताएं किस कृति में संकलित है—– प्रताप लहरी

16. भारतेंदु उर्दू में किस उपनाम से कविताएं लिखते थे –रसा

17.पैरोडी,स्यापा, और गाली के रूप में कविताएं किसने लिखी—–भारतेन्दु

लेखक काल क्रमानुसार

भारतेन्दु मण्डल लेखक 

बालकृष्ण भटट्(1844-1914)
भारतेंदु हरिश्चंद्र(1850-1885)
श्रीनिवास दास(1850 -1907)
सुधाकर द्विवेदी(1855 -1910)
बदरीनाथ प्रेमघन(1855 -1923)
प्रताप नारायण मिश्र (1856 -1894)
ठाकुर जगमोहन सिंह (1857- 1899)
अम्बिका दत्त (1858-1900)
राधाचरण गोस्वामी (1859-1925)
राधाकृष्ण दास (1865-1907)

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द्विवेदी मण्डल के लेखक 

1-श्री धर पाठक (1859-1928ई०)
2-नाथूराम शर्मा (1859-1932)
3-महावीर प्रसाद द्विवेदी(1864-1938)
4-बालमुकुन्द गुप्त(1865-1907)
5-अयोध्या सिंह उपाध्याय(1865-1947)
6-लाला भगवान दीन(1866-1930)
7-रायदेवीप्रसाद ‘पूर्ण'(1868-1915)
8-रामचरित उपाध्याय(1872-1938)
9-गयाप्रसाद शुक्ल’सनेही'(1883-1972)
10-रूप नारायण पाण्डेय(1884)
11-मैथिलीशरण गुप्त(1886-1964ई०)
12-रामनरेश त्रिपाठी(1889-1962)
13-ठाकुर गोपाल शरण सिह(1891-1960)
14-मुकुटधर पाण्डेय(1895-1984ई०)

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