काव्यशास्त्र

काव्यशास्त्र के सिद्धांत और विषय: रस, अलंकार, छंद, शब्दशक्ति, काव्य हेतु, काव्य गुण, रीति, वक्रोक्ति और ध्वनि। हिंदी आलोचना, पाश्चात्य काव्यशास्त्र और परीक्षा के प्रश्नोत्तर।

अलंकार उदाहरण – Alankar Ke Udaharan || Hindi Sahitya

अलंकार और उनके उदाहरण

आइए दोस्तों आज हम कुछ अलंकार और उनके उदाहरण से रूबरू करवाते है अलंकार – Alankar अलंकार शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है- आभूषण। काव्य रूपी काया की शोभा बढ़ाने वाले अवयव को अलंकार कहते हैं। दुसरे शब्दों में जिस प्रकार आभूषण शरीर की शोभा बढ़ते हैं, उसी प्रकार अलंकार साहित्य या काव्य को सुंदर […]

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पाश्चात्य काव्यशास्त्र पार्ट 2: Pashchatya Kavya Shastra MCQ & Notes

पाश्चात्य काव्यशास्त्र (Pashchatya Kavya Shastra Part 2) – महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर एवं वस्तुनिष्ठ नोट्स एक नजर में (Quick Overview): क्या आप पाश्चात्य काव्यशास्त्र (Pashchatya Kavya Shastra) के महत्वपूर्ण सिद्धांतों, विचारकों और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की तलाश में हैं? यदि आप UGC NET, TGT, PGT, RPSC या हिंदी साहित्य से जुड़ी किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर

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हिंदी आलोचना प्रमुख कथन || Hindi Sahitya || परीक्षापयोगी

आज की पोस्ट में परीक्षापयोगी तथ्य हिंदी आलोचना से लिए गए है हिंदी आलोचना से जुड़े महत्वपूर्ण कथन दिए गए है   हिंदी आलोचना(Hindi Aalochna)से संबंधित प्रमुख कथन ⇒ ’’चीटीं से लेकर हाथी पर्यन्त पशु, भिक्षुक से लेकर राजा पर्यन्त मनुष्य, बिन्दु से लेकर समुद्र पर्यन्त जल, अनन्त आकाश, अनन्त पृथ्वी, अनन्त पर्वत सभी पर कविता

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वर्ड्सवर्थ का काव्यभाषा सिद्धान्त: अर्थ, विशेषताएँ और निष्कर्ष | Wordsworth Theory of Poetic Diction

वर्ड्सवर्थ का काव्यभाषा सिद्धान्त

वर्ड्सवर्थ का काव्यभाषा सिद्धान्त: परिचय, प्रमुख मान्यताएँ और निष्कर्ष 19वीं शताब्दी के प्रमुख समीक्षकों में गिने जाने वाले विलियम वर्ड्सवर्थ (William Wordsworth) ने अपने समय के साहित्य को कृत्रिम और परंपरावादी पाकर उसमें सुधार के लिए कुछ बुनियादी सिद्धांत प्रस्तुत किए। उनका मानना था कि कविता के द्वारा हमारे भावों को शक्ति मिलनी चाहिए और

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व्यतिरेक अलंकार – Vyatirek Alankar || काव्यशास्त्र

व्यतिरेक अलंकार

आज की पोस्ट में हम हिंदी काव्यशास्त्र में अलंकारों के अंतर्गत व्यतिरेक अलंकार(Vyatirek Alankar) को महत्त्वपूर्ण उदाहरणों की सहायता से समझेंगे। व्यतिरेक अलंकार – Vyatirek Alankar व्यतिरेक अलंकार की परिभाषा – Vyatirek Alankar ki paribhasha ‘व्यतिरेक’ का शाब्दिक अर्थ है- ‘आधिक्य’। व्यतिरेक अलंकार में कारण का होना अनिवार्य है। जब किसी पद में उपमान की

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अनुप्रास अलंकार – अर्थ | परिभाषा | उदाहरण | Anupras Alankar

अनुप्रास अलंकार

आज के आर्टिकल में हम अनुप्रास अलंकार (Anupras Alankar) के बारे में बात करेंगे। इसके अंतर्गत अनुप्रास अलंकार का अर्थ (Anupras alankar ka arth) ,अनुप्रास अलंकार की परिभाषा(Anupras alankar ki paribhasha),अनुप्रास अलंकार के भेद (Anupras alankar ke bhed) अनुप्रास अलंकार के उदाहरण (Anupras alankar ke Udaharan), Anupras alankar in hindi – अच्छे से समझेंगे। अनुप्रास

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प्रमुख आलोचक – हिंदी साहित्य

प्रमुख आलोचक

आज के आर्टिकल में हम आलोचना विधा में प्रमुख आलोचक व इनके बारे में महत्त्वपूर्ण तथ्यों को जानेंगे ,आप इन्हें अच्छे से तैयार करें प्रमुख आलोचक रामचन्द्र शुक्ल – हिन्दी आलोचना को गम्भीर और तर्क विश्लेषण से युक्त कर समृद्ध करने का सर्वप्रथम श्रेय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल को जाता है, शुक्लजी की आलोचना पद्धति वैज्ञानिक

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भ्रांतिमान अलंकार || Bhrantiman Alankar || हिंदी काव्यशास्त्र

Bhrantiman Alankar

दोस्तो आज के आर्टिकल में हम काव्यशास्त्र के अंतर्गत भ्रांतिमान अलंकार (Bhrantiman Alankar) को अच्छे से पढेंगे और परीक्षोपयोगी उदाहरणों को भी समझेंगे । भ्रांतिमान अलंकार – Bhrantiman Alankar भ्रांतिमान अलंकार किसे कहते हैं ? परिभाषा – जब किसी पद में किसी सादृश्य विशेष के कारण उपमेय (जिसकी तुलना की जाए) में उपमान (जिससे तुलना

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दीपक अलंकार – परिभाषा , उदाहरण | Deepak Alankar

दीपक अलंकार(Deepak Alankar)

दीपक अलंकार:  जिस अलंकार में  एक ही साधारण धर्म द्वारा उपमेय या उपमान को इंगित किया जाए , वहाँ दीपक अलंकार(Deepak Alankar) होता है अर्थात प्रस्तुत और अप्रस्तुत में साधारण धर्म एक ही प्रयुक्त होता है। यह एक अर्थालंकार है। आज की पोस्ट में हम अलंकारों की कड़ी में दीपक अलंकार(Deepak Alankar) की विस्तार से

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विरोधाभास अलंकार – Virodhabhas Alankar || काव्यशास्त्र

Virodhabhas Alankar

आज की पोस्ट में हमे काव्यशास्त्र के तहत अलंकारों के टॉपिक में विरोधाभास अलंकार(Virodhabhas Alankar) के बारे में अच्छे से पढेंगे । विरोधाभास अलंकार – Virodhabhas Alankar विरोधाभास अलंकार की परिभाषा – Virodhabhas Alankar ki Paribhasha ’विरोधाभास’ शब्द ’विरोध+आभास’ के योग से बना है, अर्थात् जब किसी पद में वास्तविकता में तो विरोध वाली कोई

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