Category: काव्यशास्त्र

क्रोचे का अभिव्यंजनावाद – काव्यशास्त्र – Hindi Sahitya

आज के इस आर्टिकल में क्रोचे का अभिव्यंजनावाद (kroche ka abhivyanjnavad) और इसके संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियाँ आपके साथ शेयर की जा रही है। आप इस टाॅपिक को अच्छे से पढ़े। क्रोचे का अभिव्यंजनावाद  अभिव्यंजनावाद का प्रारम्भ पाश्चात्य देशों में हुआ है।...

रस के प्रकार – हिंदी काव्यशास्त्र

आज के आर्टिकल में हम काव्यशास्त्र के अंतर्गत हम रस के प्रकार (Ras ke Parkar) विषय पर चर्चा करेंगे ,आप इस टॉपिक को अच्छे से तैयार करें । वीर रस दोस्तो वीर रस सभी रसों में प्रधान माना जाता है। इस...

अरस्तू का विरेचन सिद्धान्त – हिंदी साहित्य – काव्यशास्त्र

आज के आर्टिकल में हम काव्यशास्त्र के अंन्तर्गत अरस्तू का विरेचन सिद्धान्त (Arastu ka virechan Siddhant) विस्तार से पढेंगे । अरस्तू का विरेचन सिद्धान्त (Arastu ka virechan Siddhant) प्लेटो ने काव्य पर आरोप लगाया था कि काव्य हमारी वासनाओं का दमन...

छंद क्या है – परिभाषा, प्रकार || छंद का अर्थ, उदाहरण

आज की पोस्ट में काव्यशास्त्र के अंतर्गत छंद क्या है(Chhand kya hota hai)  छंद की परिभाषा(chhand ki paribhasha),छंद के भेद(chhand ke bhed),छंद के उदाहरण(chhand ke udaharan), Chhand in Hindi  के बारे में  विस्तारपूर्वक चर्चा की गई है तथा उसके प्रकारों का...