काव्यशास्त्र

काव्यशास्त्र के सिद्धांत और विषय: रस, अलंकार, छंद, शब्दशक्ति, काव्य हेतु, काव्य गुण, रीति, वक्रोक्ति और ध्वनि। हिंदी आलोचना, पाश्चात्य काव्यशास्त्र और परीक्षा के प्रश्नोत्तर।

कोलरिज़ का कल्पना सिद्धांत (Coleridge’s Theory of Imagination) में हिंदी नोट्स

कल्पना सिद्धान्त- कॉलरीज

कोलरिज़ का कल्पना सिद्धांत (Coleridge’s Theory of Imagination): अर्थ, स्वरूप और मान्यताएँ पाश्चात्य काव्यशास्त्र और आलोचना जगत में एस.टी. कोलरिज़ (Samuel Taylor Coleridge – 1772–1834 ई.) के कल्पना सिद्धांत (Theory of Imagination) का अत्यंत महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी स्थान है। आज के इस आलेख में हम कोलरिज़ के कल्पना संबंधी विचारों, उसकी कोटियों और महत्वपूर्ण तथ्यों […]

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हिंदी आलोचना विकास प्रश्नोतरी

हिंदी आलोचना विकास प्रश्नोतरी

दोस्तो आज की पोस्ट में हिंदी साहित्य के इतिहास में हिंदी आलोचना विकास की प्रश्नोत्तरी दी गयी है जो आपकी जानकारी के लिए महत्त्वपूर्ण साबित होगी हिंदी आलोचना विकास प्रश्नोतरी   हिंदी आलोचना का विकास 1. हिंदी आलोचना की पहली पुस्तक कौन सी मानी जाती है 1. नाटक ✔ 2. हिंदी में कालिदास की आलोचना

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फैण्टेसी क्या है | हिंदी साहित्य | काव्यशास्त्र | Fantasy in Hindi

फैण्टेसी क्या है

काव्यशास्त्र में प्रचलित ’फैण्टेसी’(Fantasy in Hindi) शब्द एक अंग्रेजी शब्द है जो यूनानी शब्द ’फैण्टेसिया’ से निर्मित है। यूनानी शब्द कैण्टेसिया का अभिप्राय है मनुष्य की वह क्षमता जो संभाव्य संसार की सर्जना करती है। फैण्टेसी – Fantasy in Hindi फैण्टेसी का अर्थ इस प्रकार फैण्टेसी का अर्थ होता है-स्वप्नचित्र रचना-प्रक्रिया अथवा सृजनशीलता में रचनाकार

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छंद क्या है – परिभाषा, प्रकार || छंद का अर्थ, उदाहरण

छंद क्या है

आज की पोस्ट में काव्यशास्त्र के अंतर्गत छंद क्या है(Chhand kya hota hai)  छंद की परिभाषा(chhand ki paribhasha),छंद के भेद(chhand ke bhed),छंद के उदाहरण(chhand ke udaharan), Chhand in Hindi  के बारे में  विस्तारपूर्वक चर्चा की गई है तथा उसके प्रकारों का भी विस्तार से विवेचन किया गया है। महत्वपूर्ण उदाहरण भी इसमें सम्मिलित है। आपकी

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रस : अर्थ, भेद, उदाहरण | Ras in Hindi (All Ras Example)

रस के भेद

रस : अर्थ, भेद, उदाहरण | Ras in Hindi (All Ras Example) इस आर्टिकल में हम रस के बारे में और रस के भेद (Ras in Hindi) की सामान्य जानकारी प्राप्त करते हैं, रस के उदाहरणों (All Ras Example, Ras ka Easy Example) को समझेंगे। इस पोस्ट के बाद हम आज तक हुई परीक्षाओं में

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उपमा अलंकार – परिभाषा, भेद, पूर्णोपमा, लुप्तोपमा, मालोपमा, उपमेयोपमा, रशनोपमा | पहचान | 10 उदाहरण | Upma Alankar

Upma Alankar

उपमा अलंकार: उपमा में किसी एक वस्तु को दूसरी वस्तु के समान बताया जाता है, या दूसरे शब्दों में कहें तो एक वस्तु की तुलना किसी दूसरी वस्तु से की जाती है। जैसे – ’मुख कमल के समान सुन्दर है’ – कथन में ’मुख’ (एक वस्तु) की समानता (तुलना) दूसरी वस्तु ’कमल’ से की गयी

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शब्दशक्ति प्रश्नोतरी -1

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आज पोस्ट में हम शब्दशक्ति के महत्त्वपूर्ण प्रश्नों के बारे में पढ़ेंगे। जो परीक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। इन प्रश्नों को पढ़ने से परीक्षा में हमें कोई तकलीफ नहीं होगीं। शब्दशक्ति प्रश्नोतरी   1. जब वाक्य या कविता में कोई शब्द अपने मुख्य अर्थ यह शब्दकोशीय अर्थ प्रकट करता है तो वहां कौन सी

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रामविलास शर्मा – मार्क्सवाद समीक्षा – Hindi Sahitya

रामविलास शर्मा - मार्क्सवाद समीक्षा

आज के आर्टिकल में हम रामविलास शर्मा – मार्क्सवाद समीक्षा(Ram Vilas Sharma) विषय पर चर्चा करने वाले है ,हम आशा करतें है कि आज का आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित होगा । रामविलास शर्मा: मार्क्सवाद समीक्षा रामविलास शर्मा ने मार्क्सवादी दृष्टिकोण के आधार पर साहित्य की व्याख्या की। सामंतवाद, पूंजीवाद व्यापारिक पूंजीवाद, औद्योगिक पूंजीवाद, महाजनी

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रस व उसके भेद # काव्य शास्त्र || Kavy shastr

Ras in hindi

दोस्तो आज पोस्ट मे रस का अर्थ, रस व उसके भेद को सविस्तार  पढ़ेंगे.आप इस विषयवस्तु  को अच्छे से तैयार करें   रस का अर्थ व भेद   ⇒ भारतीय काव्यशास्त्र के विभिन्न सम्प्रदायों में रस सिद्धान्त सबसे प्राचीन सिद्धान्त है। रस सिद्धान्त का विशद एवं प्रामाणिक विवेचन भरत मुनि के नाट्यशास्त्र में ही सर्वप्रथम उपलब्ध

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संदेह अलंकार – परिभाषा ,उदाहरण || Sandeh Alankar

संदेह अलंकार

आज के आर्टिकल में हम काव्यशास्त्र के अंतर्गत संदेह अलंकार(Sandeh Alankar) को विस्तार से पढेंगे ,इससे जुड़ें महत्त्वपूर्ण उदाहरणों को भी पढेंगे। संदेह अलंकार – Sandeh Alankar संदेह अलंकार की परिभाषा – Sandeh Alankar ki Paribhasha जब किसी पद में समानता के कारण उपमेय में उपमान का संदेह उत्पन्न हो जाता है और यह संदेह

संदेह अलंकार – परिभाषा ,उदाहरण || Sandeh Alankar Read More »

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