Category: कृष्णकाव्य धारा

सूरदास का जीवन परिचय और रचनाएँ || Surdas

आज की पोस्ट में हम भक्तिकाल में कृष्णकाव्य में कृष्णकाव्य धारा के प्रतिनिधि कवि सूरदास का जीवन परिचय और रचनाएँ पढेंगे  सूरदास का जीवन परिचय और रचनाएँ (Surdas in Hindi) जन्मकाल – 1478 ई. (1535 वि.)  जन्मस्थान – 1. डाॅ. नगेन्द्र...

Surdas ki Kavygat Vieshtayen || सूरदास की काव्यगत विशेषताएँ

दोस्तो आज के आर्टिकल में हम भक्तिकाल के अंतर्गत सूरदास की काव्यगत विशेषताएँ व भ्रमरगीत प्रसंग (Surdas ki Kavygat Vieshtayen)को विस्तार से पढेंगे । सूरदास की काव्यगत विशेषताएँ महाकवि सूरदास हिन्दी की कृष्ण भक्ति शाखा के सबसे पहले और सर्वश्रेष्ठ कवि हैं।...

कृष्ण काव्य की प्रवृत्तियाँ -हिंदी साहित्य का इतिहास || भक्तिकाल

आज के आर्टिकल हम भक्तिकाल में ’कृष्ण काव्य की प्रवृत्तियाँ’ पढ़ेंगे। जो परीक्षा के लिए उपयोगी साबित होगा। कृष्ण काव्य की प्रवृत्तियाँ राधा-कृष्ण की लीलाओं का वर्णन- कृष्ण भक्त कवियों ने अपने काव्य में राधा-कृष्ण की लीलाओं का वर्णन विशेष रूप...

रसखान के सवैये  – व्याख्या सहित – हिंदी साहित्य

आज की पोस्ट में हम ’रसखान के सवैये’ (Raskhan ke Savaiye) को पढेंगे। रसखान के  उन महत्त्वपूूर्ण सवैयों  को पढ़ेंगे, जो परीक्षा में अक्सर पूछे जाते है। एक बार अभ्यास जरुर करें । रसखान के सवैये मानुष हौं तो वही रसखानि...