हिंदी साहित्य वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर PDF | Hindi Sahitya MCQ with Answers
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यदि आप हिंदी साहित्य और व्याकरण से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UGC NET, TGT, PGT, RPSC, KVS या बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो अपनी तैयारी को परखने के लिए हिंदी साहित्य वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Hindi Sahitya MCQ) का अभ्यास करना सबसे बेहतरीन तरीका है। इस मास्टर पेज पर आपको आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक के सभी महत्वपूर्ण हिंदी साहित्य प्रश्नोत्तरी (Objective Questions with Answers) एक ही स्थान पर मिलेंगे। परीक्षा की दृष्टि से छात्रों की सुविधा के लिए यहाँ 1000+ हिंदी साहित्य का इतिहास वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी के सभी कालों, युगों और गद्य-पद्य विधाओं के बहुविकल्पीय प्रश्नों को बहुत ही व्यवस्थित रूप से संकलित किया गया है, जिन्हें आसानी से पढ़ा जा सकता है। अपनी तैयारी को और अधिक धार देने के लिए परीक्षार्थी अक्सर TGT PGT हिंदी साहित्य महत्वपूर्ण प्रश्न, Class 12 Hindi Sahitya और UGC NET हिंदी साहित्य ऑनलाइन टेस्ट जैसे माध्यमों की तलाश करते हैं, जिनका एक बेहतरीन और संपूर्ण संग्रह आपको यहाँ मिलेगा। साथ ही, अपनी तैयारी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए आप इस संपूर्ण संग्रह को PDF Format में भी डाउनलोड कर सकते हैं, जिसकी सुविधा इस लेख के अंत में दी गई है।
“यदि आप कक्षा 12 के छात्र हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो यहाँ आपको hindi sahitya mcq question answer और ऑनलाइन hindi sahitya mcq test की बेहतरीन श्रृंखला मिलेगी…”
1. आदिकाल (Hindi Literature MCQ For UGC NET, TGT, PGT, RPSC, KVS)
हिंदी साहित्य के आरंभिक काल यानी आदिकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, रासो काव्य, जैन साहित्य और नाथ-सिद्ध साहित्य से जुड़े महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न।
📖 विस्तृत अध्ययन पढ़ें: आदिकाल की प्रमुख विशेषताएँ, प्रवृत्तियाँ एवं नामकरण
📝 मुख्य प्रश्नोत्तरी हल करें: आदिकाल से संबंधित महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी
आदिकाल टेस्ट सीरीज और महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी (Adikal Quiz & Test Series)
यदि आपने आदिकाल का विस्तृत अध्ययन कर लिया है, तो अपनी तैयारी को परखने और परीक्षा में सफलता सुनिश्चित करने के लिए नीचे दी गई सभी ऑनलाइन टेस्ट सीरीज और क्विज़ को एक-एक करके जरूर हल करें:
🔥 आदिकाल स्पेशल: क्रैक करें ये चैलेंजिंग टेस्ट सीरीज और प्रैक्टिस सेट
यदि आपने आदिकाल का थ्योरी पाठ पढ़ लिया है, तो अपनी तैयारी को परफेक्शन देने के लिए नीचे दी गई सभी सुपर सीरीज और क्विज़ को एक-एक करके जरूर हल करें:
- 🎯 क्विज 01: आदिकाल वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी – पार्ट 1
- 🎯 क्विज 02: आदिकाल वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी – पार्ट 2
- 🎯 क्विज 03: आदिकाल वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी – पार्ट 3
- 🚀 सुपर सीरीज 01: आदिकाल सुपर 100 प्रश्नोत्तरी सीरीज – भाग 1
- 🚀 सुपर सीरीज 02: आदिकाल सुपर 100 प्रश्नोत्तरी सीरीज – भाग 2 (प्रश्न 101 से 200)
- 📚 विशेष टेस्ट सीरीज: आदिकाल महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज (प्रश्न 201 से 250 तक)
- 📚 विशेष प्रश्नोत्तरी: आदिकाल महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी सीरीज (प्रश्न 251 से 300 तक)
- 🏆 विशेष मूल्यांकन: हिंदी साहित्य आदिकाल विशेष टेस्ट सीरीज (क्विज 16)
2. भक्तिकाल (Bhaktikal: Sant, Sufi, Ram & Krishan Bhakti MCQ)
भक्ति आंदोलन के उदय, निर्गुण (संत और सूफी काव्य) तथा सगुण (रामभक्ति और कृष्णभक्ति शाखा) धाराओं के बहुविकल्पीय प्रश्न और उत्तर।
📖 विस्तृत अध्ययन पढ़ें: भक्तिकाल की प्रमुख धाराएँ और संतों का योगदान
📝 प्रश्नोत्तरी हल करें: भक्तिकाल वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी (MCQs with Answers)
🌟 भक्तिकाल स्पेशल: टॉप 10 चुनिंदा टेस्ट सीरीज एवं प्रश्नोत्तरी संग्रह
संत काव्य, सूफी काव्य और सगुण भक्तियों से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण और परीक्षा उपयोगी टॉप 10 टेस्ट यहाँ पढ़ें:
- 🎯 मेगा टेस्ट 01: हिंदी साहित्य Quiz-45 || सम्पूर्ण भक्तिकाल मेगा टेस्ट
- 🎯 ऑब्जेक्टिव स्पेशल 02: हिंदी साहित्य Objective Question Quiz 8 || सम्पूर्ण भक्तिकाल
- 🚀 प्रैक्टिस सेट 03: हिंदी साहित्य Quiz-34 || भक्तिकाल महत्वपूर्ण प्रश्न
- 🚀 प्रैक्टिस सेट 04: हिंदी साहित्य Quiz-35 || भक्तिकाल प्रैक्टिस सेट
- 📚 विशेष सीरीज 05: हिंदी साहित्य Quiz-42 || भक्तिकाल स्पेशल सीरीज़
- 📚 विशेष सीरीज 06: हिंदी साहित्य Quiz-39 || भक्तिकाल महत्वपूर्ण क्विज़
- ⭐ महत्वपूर्ण टेस्ट 07: हिंदी साहित्य Quiz-26 || भक्तिकाल प्रश्नोत्तरी
- ⭐ महत्वपूर्ण टेस्ट 08: हिंदी साहित्य Quiz-17 || भक्तिकाल अभ्यास सेट
- 🏆 प्रारंभिक सेट 09: हिंदी साहित्य Quiz-14 || भक्तिकाल प्रश्न उत्तर
- 🏆 प्रारंभिक सेट 10: भक्तिकाल साहित्य क्विज प्रश्नोतर 1
3. रीतिकाल (Ritikal: Reetibaddh, Reetisiddha, Reetimukt MCQ)
रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त काव्यधारा के प्रमुख कवियों (बिहारी, केशव, घनानंद आदि) की रचनाओं और काव्यगत विशेषताओं पर आधारित प्रश्न।
📖 विस्तृत अध्ययन पढ़ें: रीतिकाल का नामकरण, परिस्थितियां एवं प्रमुख कवि
📝 प्रश्नोत्तरी हल करें: रीतिकाल के प्रमुख कवियों की वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी
🌟 रीतिकाल स्पेशल: टॉप टेस्ट सीरीज एवं महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी संग्रह
रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त काव्यधारा से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण और परीक्षा उपयोगी टेस्ट यहाँ हल करें:
- 🎯 मेगा टेस्ट 01: Hindi Sahitya Objective Question Quiz 11 || सम्पूर्ण रीतिकाल
- 🚀 प्रैक्टिस सेट 02: Ritikaal Objective Questions-14 || रीतिकाल
- 🚀 प्रैक्टिस सेट 03: Ritikaal Objective Questions-11 || रीतिकाल
- 📚 विशेष सीरीज 04: Ritikaal Objective Questions-6 || रीतिकाल
- 📚 विशेष सीरीज 05: Ritikaal Objective Questions-5 || रीतिकाल
- ⭐ महत्वपूर्ण टेस्ट 06: Ritikaal Objective Questions-4 || रीतिकाल
- ⭐ महत्वपूर्ण टेस्ट 07: Ritikaal Objective Questions-3 || रीतिकाल
- 🏆 प्रारंभिक सेट 08: Ritikaal Objective Questions-2 || रीतिकाल
4. आधुनिक काल (Aadhunik Kaal Hindi sahitya MCQ with Answers PDF)
गद्य के उदय और विकास का यह काल हिंदी साहित्य का स्वर्णकाल माना जाता है। इसे और अधिक स्पष्टता से समझने के लिए इसके प्रमुख युगों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न नीचे दिए गए हैं:
(क) भारतेंदु युग (Bharatendu Yug)
हिंदी पत्रकारिता और गद्य के सूत्रपात से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न।
📖 विस्तृत अध्ययन पढ़ें: भारतेंदु युग की काव्यगत विशेषताएँ एवं निबंधकार
📝 प्रश्नोत्तरी हल करें: भारतेंदु युग वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी
(ख) द्विवेदी युग (Dwivedi Yug)
महावीर प्रसाद द्विवेदी के संपादन और खड़ीबोली के परिष्कार से संबंधित प्रश्न।
📖 विस्तृत अध्ययन पढ़ें: द्विवेदी युग की प्रवृत्तियाँ और प्रमुख कवि
📝 प्रश्नोत्तरी हल करें: द्विवेदी युग वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी
(ग) छायावाद (Chhayavaad)
मानवीय संवेदना, प्रकृति प्रेम और रहस्यवाद से ओतप्रोत छायावादी कवियों (जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा आदि) के प्रश्न।
📖 विस्तृत अध्ययन पढ़ें: छायावाद का अर्थ, विशेषताएँ और प्रमुख स्तंभ
📝 प्रश्नोत्तरी हल करें: छायावाद और महादेवी वर्मा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी
(घ) प्रगतिवाद, प्रयोगवाद और नई कविता (Pragativad, Prayogvad & Nai Kavita Objective Questions)
स्वतंत्रतापूर्व और स्वातंत्र्योत्तर हिंदी कविता के नए प्रयोग और सामाजिक यथार्थ पर आधारित प्रश्न।
📖 विस्तृत अध्ययन पढ़ें: प्रगतिवाद, प्रयोगवाद और नई कविता की प्रमुख प्रवृत्तियाँ
📝 प्रश्नोत्तरी हल करें: आधुनिक काल (प्रगतिवाद और प्रयोगवाद) वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी
5. हिंदी गद्य विधाएँ (Hindi Gadya Upanyas,Kahani,Natak MCQ)
नाटक, उपन्यास, कहानी, आत्मकथा, संस्मरण और रेखाचित्र जैसी हिंदी गद्य की प्रमुख विधाओं के रचनाकारों और उनकी रचनाओं के बहुविकल्पीय प्रश्न।
📖 विस्तृत अध्ययन पढ़ें: हिंदी गद्य विधाओं का विकास (नाटक, उपन्यास, कहानी आदि)
📝 प्रश्नोत्तरी हल करें: हिंदी गद्य विधाओं से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी
6. भारतीय एवं पाश्चात्य काव्यशास्त्र (Kavya Shastra MCQ)
काव्यशास्त्र के अंतर्गत काव्य लक्षण, काव्य प्रयोजन, काव्य हेतु, काव्य दोष, शब्द-शक्तियाँ और रस-छंद के वैचारिक सिद्धांत और उनके प्रश्न(MCQ)।
📖 विस्तृत अध्ययन पढ़ें: सम्पूर्ण काव्य शास्त्र की संपूर्ण जानकारी
📝 प्रश्नोत्तरी हल करें: काव्यशास्त्र वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी (MCQs)
7. हिंदी व्याकरण (Hindi Vyakaran MCQ)
प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण नियम, समास, संधि, उपसर्ग-प्रत्यय और अलंकार के वस्तुनिष्ठ प्रश्न।
📖 विस्तृत अध्ययन पढ़ें: हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण नियम एवं अवधारणाएँ
📝 प्रश्नोत्तरी हल करें: हिंदी व्याकरण से जुड़े महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न
निष्कर्ष (Conclusion):
“संक्षेप में कहें तो, आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक के इन सभी हिंदी साहित्य का इतिहास वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी और बहुविकल्पीय प्रश्नों का यह संग्रह आपकी तैयारी को एक नई दिशा देगा। चाहे आप TGT PGT हिंदी साहित्य महत्वपूर्ण प्रश्न ढूंढ रहे हों या अपनी क्षमता परखने के लिए UGC NET हिंदी साहित्य ऑनलाइन टेस्ट जैसा अभ्यास करना चाहते हों, यह मास्टर पिलर पेज आपके लिए एक संपूर्ण समाधान है। नियमित अभ्यास करें और अंत में दिए गए डाउनलोड बटन से पीडीएफ प्राप्त कर अपनी सफलता सुनिश्चित करें!”
📌 महत्वपूर्ण सूचना: यूजीसी नेट (UGC NET), उत्तराखंड एलटी परीक्षाओं और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए UGC NET Hindi Sahitya MCQ with Answers सहित संपूर्ण Hindi Sahitya MCQ PDF with Answers आर्टिकल के बिल्कुल अंत में दिए गए लिंक से डाउनलोड करें!
❓ अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQ’s) – हिंदी साहित्य इतिहास
📌 आदिकाल से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Adikal FAQ)
Q1: हिंदी साहित्य का आदिकाल किसे कहा जाता है और इसकी समयसीमा क्या है?
उत्तर: आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने संवत 1050 से 1375 विक्रमी (लगभग 7वीं शताब्दी के मध्य से 14वीं शताब्दी के मध्य तक) के कालखंड को ‘वीरगाथा काल’ या आदिकाल नाम दिया है। इस काल में मुख्य रूप से रासो ग्रंथ, नाथ-सिद्ध साहित्य और जैन साहित्य की रचना हुई थी।
Q2: हिंदी के प्रथम कवि और उनकी रचना किसे माना जाता है?
उत्तर: डॉ. राहुल सांकृत्यायन ने सिद्ध कवि ‘पापड़/सरहपा’ (सरहशत) को हिंदी का प्रथम कवि माना है, जिनकी रचना ‘दोहाकोश’ प्रसिद्ध है। वहीं शिवसिंह सेंगर ने ‘पुष्पदंड’ को और रामचंद्र शुक्ल ने राजा भोज के समय को आदिकाल की शुरुआत माना है।
Q3: आदिकाल का नामकरण ‘वीरगाथा काल’ किसने और क्यों किया?
उत्तर: आदिकाल का नाम ‘वीरगाथा काल’ आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने किया था। इसके पीछे उनका तर्क था कि इस काल में वीरगाथात्मक रचनाओं (जैसे रासो ग्रंथ) की प्रधानता थी और उस समय के साहित्य में युद्धों और वीरता का सजीव वर्णन मिलता है।
Q4: पृथ्वीराज रासो किस काल का ग्रंथ है और इसके रचयिता कौन हैं?
उत्तर: ‘पृथ्वीराज रासो’ हिंदी साहित्य के आदिकाल का सबसे प्रसिद्ध और प्रामाणिक-अप्रामाणिक विवादित महाकाव्य है। इसके रचयिता महाकवि चंद्रवरदाई हैं, जो अजमेर और दिल्ली के सम्राट पृथ्वीराज चौहान के मित्र और राजकवि थे।
Q5: आदिकाल की प्रमुख काव्य प्रवृत्तियाँ या विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर: आदिकाल की मुख्य प्रवृत्तियों में आश्रयदाता राजाओं की अतिशयोक्तिपूर्ण प्रशंसा, युद्धों का सजीव और यथार्थवादी वर्णन, संदिग्ध प्रामाणिकता वाले रासो ग्रंथ, डिंगल-पिंगल भाषा का प्रयोग और राष्ट्रीयता की भावना का अभाव प्रमुख रूप से शामिल है।
📌 भक्तिकाल से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Bhaktikal FAQ)
Q1: हिंदी साहित्य में ‘भक्तिकाल’ को स्वर्णकाल क्यों कहा जाता है?
उत्तर: भक्तिकाल (संवत 1375 से 1700 विक्रमी) को हिंदी साहित्य का स्वर्णकाल कहा जाता है क्योंकि इस काल में उच्च कोटि के दार्शनिक, मानवतावादी और श्रेष्ठ साहित्यिक ग्रंथों (जैसे रामचरितमानस, सूरसागर) की रचना हुई, जिसने समाज को एक नई दिशा दी।
Q2: भक्तिकाल की मुख्य शाखाएँ या धाराएँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर: भक्तिकाल मुख्य रूप से दो धाराओं में विभाजित है— निर्गुण भक्ति धारा और सगुण भक्ति धारा। निर्गुण के अंतर्गत ‘संत काव्य (ज्ञानात्मक)’ और ‘सूफी काव्य (प्रेममार्गी)’ आते हैं, जबकि सगुण के अंतर्गत ‘रामभक्ति शाखा’ और ‘कृष्णभक्ति शाखा’ आती है।
Q3: संत काव्यधारा के प्रमुख कवि और उनकी रचना कौन सी है?
उत्तर: संत काव्यधारा (निर्गुण शाखा) के सबसे प्रमुख कवि कबीरदास हैं, जिनके शिष्यों द्वारा उनकी वाणी का संग्रह ‘बीजक’ नाम से किया गया है। इसके अलावा रैदास, गुरु नानक और दादू दयाल भी इस धारा के महत्वपूर्ण संत कवि हैं।
Q4: सूफी प्रेममार्गी शाखा के प्रतिनिधि कवि किसे माना जाता है?
उत्तर: सूफी काव्यधारा (प्रेममार्गी शाखा) के सर्वोत्कृष्ट और प्रतिनिधि कवि मलिक मुहम्मद जायसी हैं। उनकी महाकाव्य रचना ‘पद्मावत’ (1540 ई.) इस धारा का सबसे प्रामाणिक और श्रेष्ठ ग्रंथ मानी जाती है।
Q5: गोस्वामी तुलसीदास किस शाखा के कवि हैं और उनकी रचनाओं के नाम बताएँ?
उत्तर: गोस्वामी तुलसीदास सगुण भक्ति धारा की ‘रामभक्ति शाखा’ के सर्वोच्च कवि हैं। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में ‘रामचरितमानस’, ‘विनय पत्रिका’, ‘कवितावली’ और ‘गीतावली’ विश्व प्रसिद्ध हैं।
📌 रीतिकाल से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Ritikaal FAQ)
Q1: रीतिकाल का समय कब से कब तक माना जाता है?
उत्तर: हिंदी साहित्य में रीतिकाल की समयसीमा संवत 1700 से 1900 विक्रमी (लगभग 17वीं शताब्दी के मध्य से 19वीं शताब्दी के मध्य तक) निर्धारित की गई है। इस काल को ‘उत्तर मध्यकाल’ भी कहा जाता है।
Q2: रीतिकाल को किन तीन प्रमुख धाराओं में बाँटा गया है?
उत्तर: रीतिकाल को मुख्य रूप से तीन धाराओं में विभाजित किया गया है— (1) रीतिबद्ध काव्य (जिन्होंने लक्षण ग्रंथों की रचना की), (2) रीतिसिद्ध काव्य (जिन्होंने लक्षण ग्रंथ तो नहीं लिखे पर रीति की पूरी जानकारी थी, जैसे बिहारी), और (3) रीतिमुक्त काव्य (जो रीति के बंधनों से स्वतंत्र थे, जैसे घनानंद)।
Q3: रीतिकाल के प्रवर्तक आचार्य को लेकर विद्वानों में क्या मतभेद है?
उत्तर: डॉ. नगेंद्र रीतिकाल का प्रवर्तक ‘केशवदास’ को मानते हैं, जबकि आचार्य रामचंद्र शुक्ल चिंतामणि त्रिपाठी को रीतिकाल का प्रवर्तक मानते हैं क्योंकि उन्होंने रीतिकाल की परंपरा को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया।
Q4: ‘बिहारी सतसई’ किस काल की रचना है और इसकी क्या विशेषता है?
उत्तर: ‘बिहारी सतसई’ रीतिकाल के रीतिसिद्ध कवि बिहारी लाल की एकमात्र अद्भुत रचना है जिसमें लगभग 719 दोहे हैं। यह मुक्तक काव्य गागर में सागर भरने के लिए हिंदी साहित्य में विश्वविख्यात है।
Q5: रीतिमुक्त काव्यधारा के प्रमुख कवियों के नाम बताइए।
उत्तर: रीतिमुक्त काव्यधारा के प्रमुख और सिरमौर कवि घनानंद हैं। इसके अलावा बोधा, आलम, और ठाकुर भी इसी धारा के प्रसिद्ध प्रेम के पीर कवि माने जाते हैं जिन्होंने दरबारी संस्कृति से हटकर स्वच्छंद प्रेम की अभिव्यक्ति की।
📌 आधुनिक काल से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Aadhunik Kaal FAQ)
Q1: हिंदी साहित्य में आधुनिक काल की शुरुआत कब से मानी जाती है?
उत्तर: आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने आधुनिक काल (गद्य काल) की शुरुआत संवत 1900 विक्रमी (सन 1850 ईस्वी) से मानी है। इस काल में पद्य के साथ-साथ गद्य विधाओं (नाटक, उपन्यास, कहानी आदि) का अभूतपूर्व विकास हुआ।
Q2: भारतेंदु युग को आधुनिक हिंदी साहित्य का प्रवेश द्वार क्यों कहते हैं?
उत्तर: भारतेंदु हरिश्चंद्र के नेतृत्व वाले भारतेंदु युग (1850-1900 ई.) से ही हिंदी साहित्य में जनसाधारण की भाषा (खड़ीबोली गद्य) का प्रयोग शुरू हुआ और सामाजिक-राजनीतिक चेतना का संचार हुआ, इसलिए इसे आधुनिकता का प्रवेश द्वार कहा जाता है।
Q3: छायावाद के ‘चार प्रमुख स्तंभ’ कौन-कौन से हैं?
उत्तर: आधुनिक काल के छायावादी युग (लगभग 1918 से 1936 ई.) के चार प्रमुख स्तंभ कवि जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा हैं।
Q4: प्रगतिवाद और प्रयोगवाद की शुरुआत कब हुई?
उत्तर: छायावाद के बाद सन 1936 ई. के आसपास मार्क्सवाद से प्रभावित ‘प्रगतिवाद’ का उदय हुआ। इसके बाद सन 1943 में अज्ञेय द्वारा ‘तार सप्तक’ के प्रकाशन के साथ ‘प्रयोगवाद’ की शुरुआत हुई।
Q5: हिंदी का प्रथम मौलिक उपन्यास किसे माना जाता है?
उत्तर: आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार लाला श्रीनिवास दास द्वारा लिखित उपन्यास **’परीक्षा गुरु’** (प्रकाश वर्ष 1882 ई.) को हिंदी का प्रथम मौलिक उपन्यास माना जाता है।
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