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हिंदी  साहित्य  की  प्रसिद्ध  पंक्तियां  व  उनके  कवि

1.  ” लोठा  तुलसीदास  का  लाख  टका  सो  मोल ”
यह  पंक्ति  किसकी  है  ?

नाभादास
प्रियदास
होलराय  ✔✔✔
तुलसीदास

2.  कोई  भी  जगह  नहीं  रही रहने  लायक ” न  मै आत्महत्या  कर  सकता हूं  न  औरो  का  खून ।।

श्रीकांत  वर्मा  ✔✔✔
रघुवीर सहाय
धूमिल
मुक्तिबोध

3.  ” संसद  एक  मन्दिर  है  ”  जहां  किसी  को  द्रोही  नहीं  कहां  जा  सकता  ”

यह  पंक्ति  किसकी  है  ?

धूमिल
शमशेर बहादुर
रघुवीर सहाय  ✔✔✔
निराला

4.   मेरे  लिए  हर  आदमी  एक  जोड़ी  जूता  है ”

यह  पंक्ति  किसकी  है  ?

रघुवीर  सहाय
धूमिल  ✔✔✔
अरुणकमल
भारत भूषण अग्रवाल

5.  दिवसावसान  का  समय  मेघमय  आसमान  से  उतर  रही ”  वह  संध्या  सुंदरी परी – सी  धीरे – धीरे  ”

उक्त  पंक्ति  किसकी  है  ?

हरिऔध
प्रसाद
पंत
निराला ✔✔✔

6.  छोड़  द्रूमो  की  मृदुमाया  तोड़  प्रकृति से  भी  माया ”

यह  पंक्ति  किसकी  है ?

निराला
पंत  ✔✔✔
प्रसाद
महादेवी

7.  तजि  तीरथ , हरि – राधिका , तन  द्युती  कर  अनुराग ”
जीहिं  ब्रज – केलि   निकुंज  मग , पग – पग  होत  प्रयाग ”  ।।

यह  पंक्ति  किस  रीतिकालीन  कवि  की  है  ?

सेनापति
देव
केशवदास
बिहारी  ✔✔✔

8.  आगे  के  सुकवि  रीझि  है  तो  कविताइ , न  तू  राधिका  कन्हाई  सुमिरन  को  बहानों  है ”

सेनापति
देव
केशवदास
भिखारीदास  ✔✔✔

9.  किधों  सूर  को  सर  लग्यो  , किधों  सूर को  पीर ”
किधों  सूर को पद सुन्यो ,  तन – मन  धुनत सरीर  ।।

यह  पंक्ति  किसकी  है  ?

तानसेन  ✔✔✔
नाभादास
वल्लभाचार्य
विट्ठलनाथ

10.  ”  संवत्   सोरहा  सो  असी  ,  असी  गंग  के  तीर ।
सावन  शुक्ला  सप्तमी ,  तुलसी  तजो  शरीर  ।

उक्त  पंक्ति  किस  महाकवि   निधन  के  सम्बन्ध  में  है  ?

सूरदास
तुलसीदास  ✔✔✔
कबीरदास
रहीमदास

11.   ”  राम  तुम्हारा  चरित  ,  स्वयं  ही  काव्य  है  ”   कोई  कवि  बन  जाय  ,  सहज  समभाव्य  है ”

उक्त  पंक्ति  किस  कवि  की  है  ?

तुलसीदास
मैथिलीशरण गुप्त👍👍
निराला
हरिऔध

12.  ”  गोद  लिए हुलसी  फिरे  ,  तुलसी  सो  सुत  होय  ”

उक्त  पंक्ति  किसकी  है  ?

रहीमदास  ✔✔✔
तुलसीदास
नाभादास
लालदास

13.    तुलसी  गंग  दू  भयो  सुकवि   ने  के  सरदार  ”

यह  पंक्ति  किसकी  है  ?

रहीमदास
गंग कवि
तुलसीदास
भिखारीदास  ✔✔✔

14.   शिव  द्रोही  मम  दास  कहावा ”
सो  नर  सननेहु  मोहि  न  पावा  ”  ।।

उक्त  पंक्ति  किसकी  है ?

तुलसीदास  ✔✔✔
रहीमदास
नाभादास
ध्रुवदास

15.    ”  खोई  गई  बुधि , सोय गई सुधि  ”  रोय  हंसे  उन्माद  जग्यो  हैं  ”

उक्त पंक्ति  किस  रीतिकालीन  कवि  की  है ?

बोधा
घनानंद  ✔✔✔
आलम
द्विजदेव

16.  अमिय  हलाहल  मद  भरे  ,  श्वेत श्याम  रतनार ”
जियत  मरत झुकि – झुकि  परत ,  जिहि  चितवन इक बार ”

उक्त  पंक्ति  किसकी  है  ?

रसनिधि
रसलीन  ✔✔✔
द्विजदेव
आलम

17.  खरी  पातरी  कान  की  कोन  बहाऊ  बानि
आक  कली  न  रली  करें अली – अली  जिय  जानि   ।।

यह  पंक्ति  किसकी  है ?

बिहारी  ✔✔✔
देव
सेनापति
द्विजदेव

18.   जदपि  सुजाति  सुलछनी  सुबरन  सरस  सुवृत्त  ।
भूषण  बिनु  न  बिराजहि  , कवित्ता  बनित्ता  मित्त । ।

यह  पंक्ति  किस  आचार्य  की  है  ?

मतिराम
चिंतामणि
भिखारीदास
केशवदास  ✔✔✔

19.  हरि  तुम  हरों  जन  की  पीर  ”

यह  पंक्ति  किसकी  है  ?

कबीरदास
रैदास
मीरां बाई  ✔✔✔
सूरदास

20.   जाका  गुरु  भी  अंधला  चैला  गना  निरंध ”

यह  पंक्ति  किस  कवि  की  है  ?

रैदास
कबीरदास  ✔✔✔
तुलसीदास
सुंदरदास

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