आज की पोस्ट में हम हिंदी साहित्य की विधा के अंतर्गत परीक्षापयोगी यात्रा वृतान्त पढेंगे ,इस विषयवस्तु को ध्यानपूर्वक पढ़ें
यात्रा-वृतान्त(yaatra-vrtaant)
यात्रा-वृतान्त, ’यात्रा-वृत्त’ हिन्दी गद्य की एक रोचक विधा है। जीवन दृष्टि और भाषा पर अधिकार-यात्रा वृतान्त लेखक के दो महत्त्वपूर्ण गुण है।
राहुल सांकृत्यायन ने घुमक्कड़ी को धर्म का दर्जा दिया है। वे लिखते है – ’’मेरी समझ में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वस्तु है घूमक्कड़ी । घुमक्कड़ से बढ़कर व्यक्ति और समाज के लिए कोई हितकारी नहीं हो सकता। मनुष्य स्थावर वृक्ष नहीं है, वह जंगम प्राणी है। चलना मनुष्य का धर्म है, जिसने इसे छोङा, वह मनुष्य होने का अधिकारी नहीं है।’’
हिन्दी साहित्य में भाषा-वृतान्त लिखने की परम्परा का सूत्रपात भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से माना जाता है। भारतेन्दु ने सरयूपार की यात्रा, मेहदावल की यात्रा, लखनऊ की यात्रा आदि शीर्षकों में यात्रा का बङा ही रोचक और सजीव वर्णन किया है।
हिन्दी के प्रमुख यात्रा-वृतान्त(yaatra-vrtaant) एवं लेखक
| लेखक | यात्रा-वृतान्त |
| पं. दामोदर शास्त्री | मेरी पूर्व दिग्यात्रा (1885 ई.) |
| देवी प्रसाद खत्री | (1) रामेश्वर यात्रा (1893 ई.) (2) बदरिकाश्रम यात्रा (1902) |
| शिवप्रसाद गुप्त | (1) पृथिवी प्रदक्षिणा (1914 ई.) |
| सत्यदेव परिव्राजक | (1) मेरी कैलाश यात्रा (1915 ई.) (2) मेरी जर्मन यात्रा (1926) |
| कन्हैयालाल मिश्र ’प्रभाकर’ | (1) हमारी जापान यात्रा (1931 ई.) |
| रामनारायण मिश्र | (1) यूरोप यात्रा में छः मास (1932 ई.) |
| राहुल सांकृत्यायन | (1) मेरी तिब्बत यात्रा (1937 ई.), (2) मेरी लद्दाख यात्रा (1939 ई.), (3) किन्नर देश में (1948 ई.), (4) धुम्मकङ शास्त्र (1948 ई.), (5) राहुल यात्रावली (1949 ई.), (6) यात्रा के पन्ने (1952 ई.), (7) एशिया के दुर्गम खण्ड (1956 ई.) (8) चीन में कम्यून (1959 ई.), (9) चीन में क्या देखा (1960 ई.), (10) रूस में 25 मास (1952 ई.) |
| रामवृक्ष बेनीपुरी | (1) पैरों में पंख बाँधकर (1952 ई.) (2) उङते चलो उङते चलो (1954 ई.) |
| भगवत शरण उपाध्याय | (1) वह दुनिया में (1952 ई.), (2) कलकत्ता से पेकिंग (1955 ई.) |
| सत्यनारायण | (1) आवारे की यूरोप यात्रा (1940 ई.) (2) यूरोप के झरोखे में (3) युद्धयात्रा (1940 ई.) |
| सेठ गोविन्ददास | (1) सुदूर दक्षिण पूर्व (1951 ई.), (2) पृथ्वी परिक्रमा (1954 ई.) |
| यशपाल | (1) लोहे की दीवार के दोनों ओर (1953 ई.), (2) राह बीती (1956 ई.) |
| काका कालेलकर | (1) हिमालय की यात्रा (1948 ई.), (2) सूर्योदय का देश (1955 ई.) |
| अज्ञेय | (1) अरे यायावर रहेगा याद (1953 ई.), (2) एक बूँद सहसा उछली (1960 ई.) |
| मोहन राकेश | (1) आखिरी चट्टान तक (1953 ई.) |
| डाॅ. भगवतशरण उपाध्याय | (1) कलकत्ता से पेकिंग (1955 ई.), (2) सागर की लहरों पर (1959 ई.) |
| विमला कपूर | (1) अनजाने देश में (1955 ई.) |
| रामधारी सिंह ’दिनकर’ | (1) देश-विदेश (1957 ई.), (2) मेरी यात्राएँ (1970 ई.) |
| ब्रजकिशोर नारायण | (1) नन्दन से लंदन (1957 ई.) |
| प्रभाकर द्विवेदी | (1) पार उतरि कहँ जइहौं (1958 ई.) |
| भुवनेश्वर प्रसाद ’भुवन’ | (1) आँखों देखा यूरोप (1958 ई.) |
| यशपाल जैन | (1) रूस के छियालीस दिन (1960 ई.) |
| गोपाल प्रसाद व्यास | (1) अरबों के देश में (1960 ई.) |
| प्रभाकर माचवे | (1) गोरी नजरों में हम (1964 ई.) |
| डाॅ. रघुवंश | (1) हरी घाटी (1963 ई.) |
| धर्मवीर भारती | (1) यादें यूरोप की (2) यात्रा चक्र (1995 ई.), (3) ठेले पर हिमालय |
| निर्मल वर्मा | (1) चीङों पर चाँदनी (1964 ई.) |
| विष्णु प्रभाकर | (1) हँसते निर्झर: दहकती भट्टी (1966 ई.) (2) ज्योतिपुंज हिमालय (1952 ई.) (3) हमसफर मिलते रहें (1996 ई.) |
| डाॅ. नगेन्द्र | (1) तंत्रालोक से यंत्रालोक तक (1968 ई.) (2) अप्रवासी की यात्राएँ (1972 ई.) |
| बलराज सहानी | (1) रूसी सफरनामा (1971 ई.) |
| शंकरदयाल सिंह | (1) गाँधी के देश से लेनिन के देश में (1973 ई.) |
| श्रीकान्त वर्मा | (1) अपोलो का रथ (1975 ई.) |
| राजेन्द्र अवस्थी | (1) सैलानी की डायरी (1977 ई.) (2) हवा में तैरते हुए (1986 ई.) |
| कमलेश्वर | (1) खण्डित यात्राएँ (1975 ई.), (2) कश्मीर रात के बाद (1997 ई.) (3) आँखों देखा पाकिस्तान (2006 ई.) |
| गोविन्द मिश्र | (1) धुँध भरी सुर्खी (1979 ई.) (2) दरख्तों के पार शाम (1980 ई.) (3) झूलती जङे (1990 ई.) (4) परतों के बीच (1997 ई.) (5) यात्राएँ (2005 ई.) |
| शिवानी | (1) यात्रिक (1980 ई.) |
| कन्हैया लाल नंदन | (1) धरती लाल गुलाबी चेहरे (1982 ई.) |
| कृष्णनाथ | (1) स्फीतियों में बारिश (1982 ई.) (2) किन्नर धर्मलोक (1983 ई.) (3) लद्दाख में राग विराग (1983 ई.) |
| अजित कुमार | (1) सफरी झोले में (1985 ई.) (2) यहाँ से कहीं भी (1997 ई.) (3) सफरी झोले में कुछ और (2011 ई.) |
| इन्दु जैन | (1) पत्रों की तरह चुप (1987 ई.) |
| अमृतलाल बेगङ | (1) सौन्दर्य की नदी नर्मदा (1992 ई.) (2) अमृतस्य नर्मदा (2000 ई.) |
| रामदरश मिश्र | (1) तना हुआ इन्द्रधनुष (1990 ई.) (2) भोर का सपना (1993 ई.) (3) पङौस की खुशबू (1999 ई.) (4) घर से घर तक (2008 ई.) |
| शिव प्रसाद सिंह | (1) साब्जा पत्र कथा कहे (1996 ई.) |
| कर्णसिंह चौहान | (1) यूरोप में अन्तर्यात्रायें (1996 ई.) |
| मंगलेश डबराल | (1) एक बार आयोबा 1996 (ई.) |
| सीतेश आलोक | (1) लिबर्टी के देश में (1997 ई.) |
| वल्लभ डोभाल | (1) आधी रात का सफर (1998 ई.) |
| हिमांशु जोशी | (1) यातना शिविर में (1998 ई.) |
| विश्वनाथप्रसाद तिवारी | (1) आत्मा की धरती (1909 ई.) (2) अंतहीन आकाश (2005 ई.) (3) अमेरिका और यूरोप में एक भारतीय मन (2012 ई. ) (4) एक नाव के यात्री |
| रमेशचंद शाह | (1) एक लम्बी छाँह (2000 ई.) |
| प्रयाग शुक्ल | (1) समय पर सूर्यास्त (2002 ई.) |
| डाॅ. कृष्णदत्त पालीवाल | (1) जापान में कुछ दिन (2003 ई.) |
| नरेश मेहता | (1) कितना अकेला आकाश (2003 ई.) |
| नासिरा शर्मा | (1) जहाँ फव्वारे लहू रोते हैं (2003 ई.) |
| महेश कटारे | (1) पहिये पर रात-दिन (2005 ई. ) |
| मनोहर श्याम जोशी | (1) क्या हाल है चीन के (2006 ई.) (2) पश्चिमी जर्मनी पर उङती नजर (2006 ई.) |
| विनोदिनी श्रीवास्तव | (1) जीवन एक यात्रा (2007 ई.) |
| मृदुला गर्ग | (1) कुछ अटके कुछ भटके (2007 ई.) |
| ललित सुरजन | (1) शरणार्थी शिविर में विवाह गीत (2007 ई.) (2) दक्षिण के आकाश पर ध्रुवतारा (2010 ई.) (3) नील नदी की सावित्री (2011 ई.) |
| आलोक मेहता | (1) सफर सुहाना दुनिया का (2007 ई.) |
| रमणिका गुप्ता | (1) लहरों की लय (2008 ई.) |
| असगर वजाहत | (1) चलते तो अच्छा था (2008 ई.) (2) रास्ते की तलाश में (2012 ई.) (3) पाकिस्तान का मतलब क्या (2012 ई.) |
| डाॅ. पूरन चन्द जोशी | (1) यादों में रची यात्रा (2009 ई.) |
| महेश दर्पण | (1) पुश्किन के देश में (2010 ई.) |
| रामशरण जोशी | (1) अपनों से पास अपनों से दूर (2010 ई.) |
| ओम थानवी | (1) मुअनजोदङो (2011 ई.) |
| अशोक अग्रवाल | (1) किसी वक्त किसी जगह (2011 ई.) |
| आलोक सेठी | (1) दुनिया रंग-बिरंगी (2011 ई.) |
| राजेन्द्र उपाध्याय | (1) वहाँ मलय सागर तक (2011 ई.) |
| पंकज विष्ट | (1) खरामा-खरामा (2012 ई.) |
| अनिल यादव | (1) वह भी कोई देश है महाराज (2012 ई.) |
| कुसुम खेमानी | (1) कहानी सुनाती यात्राएँ (2012 ई.) |
| शिवेन्द्र कुमार सिंह | (1) ये जो पाकिस्तान (2012 ई.) |
| मृदुला झा | (1) अनुभूतियों का इन्द्रधनुष (2012 ई.) |
| अमृतलाल मदान | (1) एक भारत से दूसरे भारत की ओर (2012 ई.) |
| गगन गिल | (1) अवाक्: कैलाश मानसरोवर एक अंतर्यात्रा (2012 ई.) |
| सत्यकाम | (1) वितुशा की छाँव में (2012 ई.) |
| सोमेश शेखर | (1) कुदरत का अद्भुत करिश्मा अमरीका के कैनियन (2013 ई.) (2) स्वर्ग जहाँ आदमी बसता है (2013 ई.) |
| कर्मेन्दु शिशिर | (1) लो, हम भी घूम आये (2013 ई.) |
| पुरुषोत्तम अग्रवाल | (1) हिन्दी सराय: अस्त्राखान वाया मेरेवाल (2013 ई.) |
| प्रताप सहगल | (1) हर बार मुसाफिर होता है (2013 ई.) |
| सूर्यबाला | (1) अलविदा अन्ना (2013 ई.) |
| कमलेश भट्ट | (1) देवदार के साये में (2013 ई.) |
| कृष्ण सोबती | (1) लो, हम भी घूम आए (2013 ई.) (2) बुद्ध का मण्डल: लद्दाख (2014 ई.) |
| राजेश जैन | (1) पैर पहिये और पंख (2014 ई.) |
| राकेश तिवारी | (1) सफर एक डोगी में डगमग (2014 ई.) |
| मधु कांकरिया | (1) बादलों में बारूद (2014 ई.) |
| एकांत श्रीवास्तव | (1) चल हंसा वा देश (2014 ई.) |
| रश्मि झां | (1) चीन के दिन (2014 ई.) |
| मीरा सीकरी | (1) एक रंग होता है नीला (2015 ई.) |
| अखिलेश झा | (1) कटाम राज: एक भूली-बिसरी दास्तान (2015 ई.) |
| संतोष श्रीवास्तव | (1) नीले पानी की शायराना हरारत (2015 ई.) |
| अनुराधा बेनीवाल | (1) आजादी मेरा ब्राण्ड (2016 ई.) |
| ओम शर्मा | (1) अन्तः यात्राएँ वाया वियना (2016 ई. ) |
| ज्ञानरंजन | कबाङखाना |

