शब्द समूह के लिए एक शब्द

1.जंगल में फैलनेवाली आग – दावाग्नि
2.समुद्र में लगने वाली आग – बड़वानल
3.जो सपना दिन में देखा जाए – दिवास्वप्न
4.जिसे कठिनाई से जाना जा सके – दुर्ज्ञेय
5.जो कठिनाई से समझ में आता हो – दुर्बोध
6.अर्द्धरात्रि का समय – निशीथ
7.रंगमंच पर पर्दे के पीछे का स्थान – नेपथ्य
8.आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लेने वाला – नैष्ठिक
9.नाटक का पर्दा गिरना – पटाक्षेप
10.रंगमंच का पर्दा – यवनिका

11.जो उत्तर न दे सके – निरुत्तर
12.केवल दूध पर जीवित रहने वाला – पयोहारी
13.शरणागत की रक्षा करने वाला – प्रणतपाल
14.एक बार कही हुई बात को दोहराते रहना – पिष्टपेषण
15.जो पूछने योग्य हो – पृष्टव्य
16.प्रमाण द्वारा सिद्ध करने योग्य – प्रमेय
17.रात का भोजन – ब्यालू/ रात्रिभोज
18.जिसकी आंखें मगर जैसी हो – मकराक्ष
19.जिस स्त्री की आंखें मछली के समान हो – मीनाक्षी
20.जिस पुरुष की आंखें मछली के समान हो – मीनाक्ष

21.हरिण के नेत्रों-सी आंखों वाली – मृगनयनी
22.मोक्ष प्राप्त करने की इच्छा – मुमुक्षा
23.मरने की इच्छा – मुमूर्षा
24.युद्ध करने की इच्छा – युयुत्सा
25.सृजन करने की इच्छा – सिसृक्षा
26.खुले हाथ से दान देने वाला – मुक्तहस्त
27.माता की हत्या करने वाला – मातृहन्ता
28.जिसने मृत्यु को जीत लिया हो – मृत्युंजय
29.वह कन्या जिसका विवाह करने का वचन दे दिया गया हो – वाग्दत्ता
30.व्याकरण का ज्ञाता – वैयाकरण

31.शत्रु का नाश करने वाला – शत्रुघ्न
32.जिसका कोई आदि और अंत न हो – शाश्वत
33.जो सब कुछ जानता हो – सर्वज्ञ
34.सब कुछ पाने वाला – सर्वलब्ध
35.जो गुप्त रूप से निवास करता हो – छद्मवासी
37.दिन और रात के बीच का समय – गोधूलि वेला
38.जिसका अर्थ स्वयं ही सिद्ध है – सिद्धार्थ
39.वह व्यक्ति जिसका ज्ञान अपने ही स्थान तक सीमित है – कूपमंडूक
40.भोजन करने के बाद का बचा हुआ अन्न/जूठन – उच्छिष्ट

41.जिसे सूँघा न जा सके – आघ्रेय
42.वह कवि जो तत्काल कविता कर सके – आशुकवि
43.जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो – अजातशत्रु
44.जो इंद्रियों (गो) द्वारा न जाना जा सके – अगोचर
45.किसी बात को अत्यधिक बढाकर कहना – अतिशयोक्ति
46.जिसे बुलाया न गया हो – अनाहूत
47.जो सबके मन की बात जनता हो – अंतर्यामी
48.जो मापा न जा सके – अपरिमेय
49. किसी वस्तु को प्राप्त करने की तीव्र इच्छा – अभीप्सा
50.आवश्यकता से अधिक धन का ग्रहण न करना – अपरिग्रह

51.मार्ग में खाने के लिए भोजन – पाथेय
52.जो भोजन रोगी के लिए उचित हो – पथ्य
53.जो भोजन रोगी के लिए निषिद्ध हो – अपथ्य
54.अविवाहित महिला – अनूढा
55.वह स्त्री जिसके पति ने दूसरी शादी कर ली हो – अध्यूढ़ा
56.वह स्त्री जिसका पति परदेश से लौटा हो – आगतपतिका
57.वह स्त्री जिसका पति अन्य स्त्री के साथ रात को रहकर प्रातः लौटे – खंडिता
58.वह स्त्री जिसका पति दूर स्थान पर गया हो – प्रोषितपतिका
59.वह स्त्री जिसके हाल ही शिशु उत्पन्न हुआ हो – प्रसूता
60.पति द्वारा छोड़ दी गयी पत्नी – परित्यक्ता

61.जिस स्त्री का विवाह अभी हुआ हो – नवोढ़ा
62.जानने की इच्छा – जिज्ञासा
63.जीतने,दमन करने की इच्छा – जिगीषा
64.किसी को मारने की इच्छा – जिघांसा
65.भोजन करने (खाने) की इच्छा – जिघत्सा/बुभुक्षा
66.ग्रहण करने,पकड़ने की इच्छा – जिघृक्षा
67.ज़िंदा रहने(जीने) की इच्छा – जिजीविषा
68.तैर कर पार करने/तर जाने की इच्छा – तितीर्षा
69.सांसारिक वस्तुओं को प्राप्त करने की इच्छा – एषणा
70.जो दूसरों में केवल दोषों को ही खोजता हो – छिद्रान्वेषी

71.जिसे खरीद/मोल लिया गया हो – क्रीत
72.पर्वत के नीचे तलहटी की भूमि – उपत्यका
73.उत्तर और पूर्व के बीच की दिशा – ईशान/ईशान्य
74.जिसने अपना ऋण पूरा चुका दिया हो – उऋण
75जहाँ धरती और आकाश मिलते दिखाई देते हैं – क्षितिज ।

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